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मुड़िया गांव में श्मशान घाट के लिए रास्ता नहीं है नेट तीन सेट है ग्राम पर के सरपंच का कहना है
बीना टीवी न्यूज़ 24 विजय चौहान
मुड़िया गांव में श्मशान घाट के लिए रास्ता नहीं है नेट तीन सेट है ग्राम पर के सरपंच का कहना है
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- भारत जागो एवं अयोध्या यात्रा का सातवां दिन: धता गांव में भव्य स्वागत, रायबरेली के लिए रवाना रिपोर्टर राकेश सेन *बीना।* भारत जागो यात्रा एवं अयोध्या यात्रा का कारवां अपने सातवें दिन जन-जन में राष्ट्रभक्ति और रामभक्ति का अलख जगाते हुए आगे बढ़ रहा है। यात्रा का सातवां पड़ाव *कमलपुर जनपद क्षेत्र के धता गांव* में रहा, जहां ग्रामीणों ने यात्रियों का ऐतिहासिक स्वागत किया। धता गांव पहुंचने पर वहां के वरिष्ठ नेता *दिलीप पटेल* के नेतृत्व में ग्रामीणों ने यात्रा के प्रमुख *पी पी नायक एवं सभी यात्रियों का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ गर्मजोशी से स्वागत* किया। इस दौरान भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। इस अवसर पर नेता दिलीप पटेल ने कहा कि भारत जागो यात्रा देश में एक नई चेतना जगा रही है। ऐसी यात्रा से युवाओं में देशभक्ति और संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ता है। हम सभी यात्रियों के उज्जवल भविष्य और यात्रा की सफलता की कामना करते हैं। यात्रा के प्रमुख पी पी नायक ने अपने संबोधन में कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य सोए हुए भारत को जगाना और अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर राष्ट्र के कल्याण की कामना करना है। जगह-जगह मिल रहे अपार जनसमर्थन से हमारा हौसला और बढ़ रहा है। स्वागत समारोह के पश्चात यात्रा ने अपने अगले पड़ाव *रायबरेली के लिए कूच* कर दिया। यात्रा के रायबरेली पहुंचने पर वहां भी भव्य स्वागत की तैयारियां की गई हैं।1
- मुड़िया गांव में श्मशान घाट के लिए रास्ता नहीं है नेट तीन सेट है ग्राम पर के सरपंच का कहना है1
- आखिरी सफर भी आसान नहीं! कीचड पानी और कांटों के बीच शव लेकर मुक्तिधाम पहुंचे ग्राम पंचायत पार के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुड़िया नायक में एक महिला की अंतिम यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। शोकाकुल परिजनों और ग्रामीणों को शव लेकर मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए कीचड़, पानी और कांटों से भरे कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ा। मुख्य मार्ग से मुक्तिधाम की दूरी महज 200 से 300 मीटर है, लेकिन आज तक यहां पक्का रास्ता नहीं बन सका। बारिश के कारण रास्ते में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा था, जिससे अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।1
- कच्चे पुंगों से बनाई 6 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा, 28 हजार से ज्यादा पुंगों का इस्तेमाल चार महीने से ज्यादा समय में तैयार हुई अनोखी इको-फ्रेंडली प्रतिमा, अशोक साहू अब तक बना चुके हैं 39 तरह की पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं लोकल न्यूज़ बीना रिपोट लक्ष्मण सिंह राजपूत कच्चे पुंगों से बनाई 6 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा, 28 हजार से ज्यादा पुंगों का इस्तेमाल चार महीने से ज्यादा समय में तैयार हुई अनोखी इको-फ्रेंडली प्रतिमा, अशोक साहू अब तक बना चुके हैं 39 तरह की पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं बीना। गणेश चतुर्थी के अवसर पर बीना के कटरा वार्ड निवासी मूर्तिकार चौधरी अशोक साहू ने कच्चे पुंगों से 6 फीट ऊंची अनोखी गणेश प्रतिमा तैयार की है। करीब 35 किलो और 28 हजार से अधिक पुंगों से बनी इस प्रतिमा को तैयार करने में चार महीने से ज्यादा समय लगा। अशोक साहू ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल से प्रतिमा बनाना शुरू किया था और 25 अगस्त तक काम पूरा किया। वे पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक सामग्री से गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं और अब तक 39 तरह की इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं तैयार कर चुके हैं। उनकी प्रतिमाओं में मूंगफली, लाई, दाल, मखाना, चना, नारियल, साबूदाना, फूल, माचिस की तीली, मक्का और सोयाबीन सहित कई प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है। उनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना और पीओपी की जगह प्राकृतिक सामग्री से प्रतिमा निर्माण को बढ़ावा देना है। अशोक साहू की इस अनोखी प्रतिमा को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाने की बात कही जा रही है। लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनकी कला की सराहना की है।1
- लोकल न्यूज़ बीना रिपोट लक्ष्मण सिंह राजपूत कच्चे पुंगों से बनाई 6 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा, 28 हजार से ज्यादा पुंगों का इस्तेमाल चार महीने से ज्यादा समय में तैयार हुई अनोखी इको-फ्रेंडली प्रतिमा, अशोक साहू अब तक बना चुके हैं 39 तरह की पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं बीना। गणेश चतुर्थी के अवसर पर बीना के कटरा वार्ड निवासी मूर्तिकार चौधरी अशोक साहू ने कच्चे पुंगों से 6 फीट ऊंची अनोखी गणेश प्रतिमा तैयार की है। करीब 35 किलो और 28 हजार से अधिक पुंगों से बनी इस प्रतिमा को तैयार करने में चार महीने से ज्यादा समय लगा। अशोक साहू ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल से प्रतिमा बनाना शुरू किया था और 25 अगस्त तक काम पूरा किया। वे पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक सामग्री से गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं और अब तक 39 तरह की इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं तैयार कर चुके हैं। उनकी प्रतिमाओं में मूंगफली, लाई, दाल, मखाना, चना, नारियल, साबूदाना, फूल, माचिस की तीली, मक्का और सोयाबीन सहित कई प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है। उनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना और पीओपी की जगह प्राकृतिक सामग्री से प्रतिमा निर्माण को बढ़ावा देना है। अशोक साहू की इस अनोखी प्रतिमा को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाने की बात कही जा रही है। लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनकी कला की सराहना की है।1
- जहरीली शराब कांड के बाद विदिशा पुलिस का एक्शन* *लोकेशन : विदिशा* *रिपोर्टर : रूपेश* *स्लग : जहरीली शराब कांड के बाद विदिशा पुलिस का एक्शन* *लोकेशन : विदिशा* *रिपोर्टर : रूपेश* *एंकर -* सागर में जहरीली शराब से 14 लोगों की मौत के बाद विदिशा पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने गंजबासौदा और शमशाबाद में अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारकर 5 लाख से ज्यादा की अवैध शराब और महुआ लहान को नष्ट किया है। *VO -* एसपी के निर्देश पर 75 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने जिले में दो जगहों पर दबिश दी। पहली कार्रवाई गंजबासौदा में की गई, जहां पुलिस ने 2 देशी शराब की भट्टियां पकड़ीं और करीब 2 हजार लीटर महुआ लहान नष्ट किया। दूसरी कार्रवाई शमशाबाद में हुई, जहां हाथ भट्टी से बनी 10 लीटर कच्ची शराब और 1 क्विंटल महुआ लहान जब्त किया गया। दोनों कार्रवाई में कुल साढ़े 5 लाख रुपए का माल नष्ट किया गया। हालांकि, पुलिस की दबिश से पहले ही आरोपियों को भनक लग गई और वे मौके से फरार हो गए। पुलिस दोनों मामलों में सिर्फ एक आरोपी को ही गिरफ्तार कर पाई है, बाकी की तलाश जारी है। *बाइट - मोनिका तिवारी, एडिशनल एसपी, विदिशा*4
- *प्रेस नोट* *दिनांक : 07 सितंबर 2026* *जिला : विदिशा* *शमशाबाद पुलिस की अवैध शराब निर्माण पर बड़ी कार्रवाई — 10 लीटर कच्ची शराब व 01 क्विंटल महुआ लहान बरामद, कुल अनुमानित कीमत ₹51 हजार* पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में विदिशा जिले में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी एवं एसडीओपी लटेरी श्री अमरीश बोहरे के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी शमशाबाद के नेतृत्व में थाना शमशाबाद पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। *सूचना पर दबिश देकर की गई कार्रवाई:* पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम शाहपुरा कॉलोनी, चौकी सतपाड़ा हाट, थाना शमशाबाद क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से हाथ भट्टी की कच्ची शराब का निर्माण एवं संग्रहण किया जा रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम द्वारा आरोपी के घर के पीछे दबिश दी गई। दबिश के दौरान आरोपी बाला उर्फ गबरू बंजारा पिता लक्ष्मण बंजारा, उम्र 59 वर्ष, निवासी शाहपुरा कॉलोनी, चौकी सतपाड़ा हाट, थाना शमशाबाद के कब्जे से करीब 10 लीटर अवैध हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची शराब, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,000 है, बरामद की गई। *घटनास्थल:* आरोपी के घर के पीछे, ग्राम शाहपुरा कॉलोनी, चौकी सतपाड़ा हाट, थाना शमशाबाद, जिला विदिशा। *गेहूं के नीचे छिपाकर रखा था 01 क्विंटल महुआ लहान:* पुलिस टीम द्वारा मौके पर तलाशी लेने पर शराब निर्माण के लिए तैयार किया गया करीब 01 क्विंटल महुआ लहान भी बरामद हुआ। आरोपी द्वारा महुआ लहान को गेहूं के नीचे छिपाकर रखा गया था। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹50,000 बताई गई है। पुलिस द्वारा महुआ लहान को नियमानुसार मौके पर नष्ट किया गया। उक्त महुआ लहान से बड़ी मात्रा में अवैध कच्ची शराब तैयार किए जाने की संभावना थी। इस कार्रवाई से अवैध शराब निर्माण की संभावित गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाई गई। *कुल बरामदगी:* 👉10 लीटर अवैध हाथ भट्टी की कच्ची शराब — अनुमानित कीमत ₹1,000 👉01 क्विंटल महुआ लहान — अनुमानित कीमत ₹50,000 👉कुल अनुमानित कीमत — ₹51,000 आरोपी के विरुद्ध थाना शमशाबाद में अपराध क्रमांक 342/2026, धारा 34 मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई। *पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका:* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी शमशाबाद निरीक्षक आशुतोष सिंह, उपनिरीक्षक पिंकी खींची, सहायक उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह, प्रधान आरक्षक नंदराम चौधरी, राजेंद्र आर्य, राकेश शर्मा तथा आरक्षक दीपक पाल, दिलीप ठाकुर, रामदीन रावत एवं विष्णु तोमर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थाना शमशाबाद पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।2
- मुड़िया नायक में अंतिम यात्रा बनी परीक्षा: कीचड़ और पानी से होकर मुक्तिधाम पहुँचे ग्रामीण बारिश में हर साल झेलनी पड़ती है परेशानी, 200-300 मीटर के रास्ते ने खोल दी व्यवस्थाओं की पोल बीना। ग्राम पंचायत पार के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुड़िया नायक में एक महिला की अंतिम यात्रा उस समय पीड़ादायक अनुभव में बदल गई, जब शोकाकुल परिजनों और ग्रामीणों को मुक्तिधाम तक पहुँचने के लिए कीचड़, पानी और कांटों से भरे कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ा। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार मुख्य मार्ग से मुक्तिधाम की दूरी महज 200 से 300 मीटर है, लेकिन आज तक यहाँ पक्का रास्ता नहीं बनाया गया। बारिश के कारण पूरे मार्ग में पानी भर गया था और जगह-जगह कीचड़ व फिसलन होने से अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को शव लेकर आगे बढ़ने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों को संभलकर चलना पड़ा ताकि कोई हादसा न हो। करीब 700 से 800 की आबादी वाले मुड़िया नायक के ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष बरसात के मौसम में अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम तक पहुँचना किसी परीक्षा से कम नहीं होता। कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से इस मार्ग के निर्माण की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी परिवार के लिए अंतिम संस्कार बेहद संवेदनशील क्षण होता है, लेकिन बदहाल रास्ते के कारण इस दुख की घड़ी में भी उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि विकास के दावों के बावजूद गाँव की इस बुनियादी समस्या की लगातार अनदेखी की जा रही है। इस मामले में ग्राम पंचायत पार के ऐसे सरपंच को हटाया जाए सरपंच कैलाश ठाकुर ने ग्रामीणों ने बताया है कि कि मुक्तिधाम के पैसे कैलाश ठाकुर के पास आए हुए थे जीर्णोद्धार और मार्ग निर्माण का प्रस्ताव पंचायत से पारित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि दीपावली के तुरंत बाद मुक्तिधाम तक पक्का मार्ग बनाने और विकास कार्य शुरू करने की योजना है, जिससे भविष्य में ग्रामीणों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और पंचायत के उन वादों पर टिकी हैं, जिनके पूरा होने का इंतजार वे वर्षों से कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार दीपावली के बाद वास्तव में निर्माण कार्य शुरू होगा या फिर अगले मानसून में भी अंतिम यात्राएँ इसी तरह कीचड़ और पानी से होकर गुजरने को मजबूर होंगी। इस खबर के लिए प्रभावी हैशटैग (विभाग और संबंधित अधिकारियों को टैग सहित): बीना टीवी न्यूज़ 24 विजय चौहान1