लहार एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या का दबोह वृद्धाश्रम में औचक निरीक्षण लहार एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने शुक्रवार को दबोह स्थित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से सीधे संवाद कर उनकी दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। एसडीएम ने यह भी जाना कि आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों को किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है।निरीक्षण के दौरान एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने वृद्धजनों के साथ आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, समय पर मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों की उपलब्धता तथा रहने की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। बुजुर्गों ने आश्रम में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया और किसी विशेष शिकायत से इनकार किया इसके बाद एसडीएम ने आश्रम परिसर का निरीक्षण करते हुए रसोईघर, भोजन कक्ष, आवासीय कक्ष, शौचालय एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश आश्रम प्रबंधन को दिए। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।मीडिया से चर्चा करते हुए एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने बताया कि वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्धजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों द्वारा व्यवस्थाओं को लेकर संतोषजनक प्रतिक्रिया दी गई है। निरीक्षण में भोजन, स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाएं सामान्य रूप से ठीक पाई गई हैं। केवल साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आश्रम प्रबंधक को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।एसडीएम ने कहा कि प्रशासन आमजन से जुड़े संस्थानों की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। वृद्धाश्रम, छात्रावास, अस्पताल तथा अन्य शासकीय संस्थानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाता रहेगा, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहे और जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
लहार एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या का दबोह वृद्धाश्रम में औचक निरीक्षण लहार एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने शुक्रवार को दबोह स्थित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से सीधे संवाद कर उनकी दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। एसडीएम ने यह भी जाना कि आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों को किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है।निरीक्षण के दौरान एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने वृद्धजनों के साथ आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, समय पर मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों की उपलब्धता तथा रहने की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। बुजुर्गों ने आश्रम में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया और किसी विशेष शिकायत से इनकार किया इसके बाद एसडीएम ने आश्रम परिसर का निरीक्षण करते हुए रसोईघर, भोजन कक्ष, आवासीय कक्ष, शौचालय एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश आश्रम प्रबंधन को दिए। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।मीडिया से चर्चा करते हुए एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने बताया कि वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्धजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों द्वारा व्यवस्थाओं को लेकर संतोषजनक प्रतिक्रिया दी गई है। निरीक्षण में भोजन, स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाएं सामान्य रूप से ठीक पाई गई हैं। केवल साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आश्रम प्रबंधक को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।एसडीएम ने कहा कि प्रशासन आमजन से जुड़े संस्थानों की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। वृद्धाश्रम, छात्रावास, अस्पताल तथा अन्य शासकीय संस्थानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाता रहेगा, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहे और जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
- मतदान सम्पन्न होने के बाद झमाझम बारिश,उमस से राहत मिलने की उम्मीद...1
- सावन की भीगी रात में वनराज के शाही दर्शन, बांधवगढ़ में दिखा अद्भुत नज़ारा सावन की भीगी रात में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सामने आया एक अद्भुत और रोमांचक नज़ारा। पारसी ताला गेट क्षेत्र में बाघ बजरंग, बाघिन रां और उसके शावक शाही अंदाज़ में सड़क पार करते कैमरे में कैद हुए। हल्की बारिश, घने जंगल और हेडलाइट की रोशनी ने इस पल को और भी अलौकिक बना दिया। वन्यजीव फोटोग्राफर चेतक घारपुरे ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, शावकों के साथ बाघ का इस तरह खुले क्षेत्र में दिखना बेहद दुर्लभ है। यह नज़ारा एक बार फिर साबित करता है कि बांधवगढ़ सिर्फ बाघों का घर नहीं, बल्कि प्रकृति के अनमोल चमत्कारों का खजाना है1
- जालौन हिंगुटा गांव में दिखे तीन कबर बिज्जू /ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा /सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया* *जालौन आबादी में पहुंचे तीन कबर बिज्जू वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू जालौन में तीन /कबर बिज्जू मिलने से मची अफरा-तफरी सुरक्षित जंगल में छोड़े गए* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *जालौन हिंगुटा गांव में दिखे तीन कबर बिज्जू /ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा /सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया* *जालौन आबादी में पहुंचे तीन कबर बिज्जू वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू जालौन में तीन /कबर बिज्जू मिलने से मची अफरा-तफरी सुरक्षित जंगल में छोड़े गए* जनपद जालौन कोंच तहसील क्षेत्र के हिंगुटा गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के आसपास एक साथ तीन कबर बिज्जू दिखाई दिए अचानक जंगली जीवों के दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया हालांकि लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना किसी नुकसान के तीनों कबर बिज्जुओं को सुरक्षित पकड़ लिया आप को बता दें घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दी गई सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तीनों कबर बिज्जुओं को अपने कब्जे में लेकर उनका निरीक्षण किया इसके बाद वन कर्मियों ने सभी कबर बिज्जुओं को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जिससे उन्होंने प्राकृतिक आवास में वापस लौट सकें वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सतर्कता की सराहना करते हुए अपील की कि यदि भविष्य में कोई जंगली जीव आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने या मारने की कोशिश न करें इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें ताकि वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें कि हाल के दिनों में भोजन और पानी की तलाश में जंगली जीव आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं फिलहाल तीनों कबर बिज्जुओं को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली4
- कोंच के ग्राम हिंगुटा में तीन कबर बिज्जू पकड़े गए, कबर बिज्जू निकलने से ग्रामीणों में मचा हड़कंप जालौन के कोंच तहसील के ग्राम हिंगुटा में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे कबर बिज्जू (हनी बैजर) दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार गांव के प्राथमिक विद्यालय के बगल में स्थित सरमन कुशवाहा के खेत में पिछले तीन दिनों से छह से सात कबर बिज्जू घूमते हुए देखे जा रहे थे। इससे ग्रामीणों, विशेषकर स्कूली बच्चों और अभिभावकों में दहशत का माहौल बना हुआ था। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए इनमें से तीन कबर बिज्जुओ को सुरक्षित पकड़ लिया और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने की प्रतीक्षा की जा रही है, ताकि पकड़े गए वन्यजीवों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि कबर बिज्जू लगातार खेतों और आबादी वाले क्षेत्र में घूम रहे थे तथा बच्चों की ओर भी आक्रामक रुख दिखा रहे थे, जिससे किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी ग्रामीण या बच्चे पर इनके हमले की पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग वन विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। डिप्टी रेंजर अमित शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पकड़े गए तीनों वन विज्जुओं को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित जंगल में छोड़ने की कार्रवाई की गई। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी वन्यजीव को स्वयं पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें।1
- मडोरा में 24 करोड़ की लागत से बन रहा मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय उरई (जालौन)। ग्राम मडोरा में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में काम पूरा कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय का निर्माण यूपीपीसीएल करीब 24 करोड़ दो लाख 49 हजार रुपये की लागत से करा रहा है। इसे अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। डीएम ने भवन, कॉलम समेत अन्य निर्माण कार्यों को देखा और कहा कि निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्य में तेजी लाने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए। विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण संसाधन, मिनी स्टेडियम, खेल मैदान, बहुउद्देशीय गतिविधि कक्ष, पेयजल, आधुनिक शौचालय और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं होंगी। डीएम ने कहा कि विद्यालय शुरू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल और तकनीकी संसाधनों की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और करियर के लिए बेहतर आधार मिलेगा। साथ ही अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्हें महानगरों की ओर भेजने की जरूरत कम होगी। इस दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, बीएसए विकास चौधरी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- दतिया कलेक्टर ने मतदाताओं का जताया आभार, कहा – लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा। दतिया कलेक्टर ने मतदाताओं का जताया आभार, कहा – लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने जिले के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और उत्साहपूर्ण मतदान के लिए जनता, प्रशासन, पुलिस, निर्वाचन कर्मियों और सभी संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद किया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के मतदान के सफल समापन के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने जिलेवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत किया है। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने में सहयोग देने वाले पुलिस प्रशासन, निर्वाचन अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों, मीडिया और सभी मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर ने कहा कि पूरे जिले में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और सभी के सहयोग से निर्वाचन आयोग के निर्देशों का सफलतापूर्वक पालन सुनिश्चित किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े।1
- दतिया विधानसभा उप निर्वाचन 2026 लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक किया मतदान दतिया विधानसभा में लगभग 71.44 प्रतिशत हुआ मतदान दतिया दतिया विधानसभा उप निर्वाचन 2026 के अंतर्गत आज मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं और युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े एवं पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के मार्गदर्शन तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदान की समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई थीं। सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, छाया, चिकित्सा, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर सहित आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। मतदान प्रक्रिया के दौरान प्रशासन एवं पुलिस द्वारा सतत निगरानी रखी गई, जिससे मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। मतदान के दिन जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा विभिन्न मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर निरंतर निगरानी रखी गई। दतिया विधानसभा उप निर्वाचन में कुल मतदान प्रतिशत लगभग 71.44 रहा। विधानसभा क्षेत्र में पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 74.09, महिला मतदाताओं का प्रतिशत 68.48 तथा अन्य मतदाताओं का प्रतिशत 20 प्रतिशत रहा। मतदान समाप्त होने के पश्चात सभी मतदान दल निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईवीएम एवं अन्य निर्वाचन सामग्री के साथ सुरक्षित रूप से प्राप्ति केंद्र पहुंच रहे है जहाँ सामग्री जमा करने की प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भाग लेकर मतदान करने वाले सभी मतदाताओं, निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस बल, केंद्रीय सुरक्षा बल, मीडिया प्रतिनिधियों तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।1
- उरई तहसील की सरकारी गाड़ी पर कथित हाथ साफ करने की कोशिश! चौकीदार ने रोका, युवक पुलिस के हवाले उरई/जालौन। 31 जुलाई की शाम करीब 4 बजे नवीन तहसील परिसर में तहसीलदार की सरकारी गाड़ी को कथित रूप से ले जाने के मामले में नया अपडेट सामने आया है। वायरल जानकारी के अनुसार युवक राजा बाबू पासवान को चौकीदार की सतर्कता से रोक लिया गया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में तहसीलदार के ड्राइवर ने कोतवाली उरई में शिकायती पत्र भी दे दिया है। अब पुलिस युवक से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। गाड़ी में चाबी क्यों छोड़ी गई? युवक सरकारी वाहन तक पहुंचा कैसे? क्या CCTV से पूरा सच सामने आएगा? और आखिर युवक की गाड़ी ले जाने के पीछे क्या मंशा थी? नोट: मामले में पुलिस जांच जारी है। वायरल जानकारी के आधार पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही होगी।1