बागपत के रमाला थाना क्षेत्र में स्थित बिराल गांव के ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिसों के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी उनके 70 साल पुराने मकानों को अवैध बताकर उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है, जिससे लगभग 120 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे की इस जमीन पर रह रहे हैं, जिनमें कुछ पुश्तैनी जमीनें हैं और कुछ पर कानूनी रूप से घर बनाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गांव पहुंचे और जमीन की नाप-तौल की। इसके तुरंत बाद, उन्हें उनके घरों को अवैध घोषित करते हुए नोटिस जारी किए गए। ग्रामीण इस अचानक हुई कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्हें डर है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया जाएगा और वे सवाल उठा रहे हैं कि तीन पीढ़ियों से बसे अपने घरों को उजाड़े जाने पर वे कहां जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्हें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा सहित अन्य किसान नेताओं का समर्थन मिला। प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों और किसान नेताओं ने अधिकारियों से मामले का तुरंत संज्ञान लेने और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की मांग की है। वे बागपत के जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील कर रहे हैं।
बागपत के रमाला थाना क्षेत्र में स्थित बिराल गांव के ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिसों के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी उनके 70 साल पुराने मकानों को अवैध बताकर उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है, जिससे लगभग 120 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे की इस जमीन पर रह रहे हैं, जिनमें कुछ पुश्तैनी जमीनें हैं और कुछ पर कानूनी रूप से घर बनाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गांव पहुंचे और जमीन की नाप-तौल की। इसके तुरंत बाद, उन्हें उनके घरों को अवैध घोषित करते हुए नोटिस जारी किए गए। ग्रामीण इस अचानक हुई कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्हें डर है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया जाएगा और वे सवाल उठा रहे हैं कि तीन पीढ़ियों से बसे अपने घरों को उजाड़े जाने पर वे कहां जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्हें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा सहित अन्य किसान नेताओं का समर्थन मिला। प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों और किसान नेताओं ने अधिकारियों से मामले का तुरंत संज्ञान लेने और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की मांग की है। वे बागपत के जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील कर रहे हैं।
- बागपत के पिलाना क्षेत्र में हुई एक दुर्घटना में 20 वर्षीय युवक शोएब घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस सेवा तुरंत हरकत में आई और एम्बुलेंस संख्या UP32FG2217 कुछ ही समय में मौके पर पहुंच गई। एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी राहुल कुमार और पायलट रोमित ने घायल युवक को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया। उन्होंने पल्स ऑक्सीमीटर की सहायता से मरीज की स्थिति का आकलन किया और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उसे डाइक्लोफेनाक और रैनिटिडीन के इंजेक्शन दिए। प्राथमिक उपचार के बाद, शोएब को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका आगे का उपचार जारी है। समय पर मिली इस चिकित्सा सहायता ने एक बार फिर 108 एम्बुलेंस सेवा की तत्परता और जनसेवा के प्रति उसके समर्पण को साबित किया। स्थानीय लोगों ने टीम के इस त्वरित और सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाकर एक मिसाल कायम की है।5
- स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय तालाब में गंदगी वाला पानी चलाया जाता है। यह प्रक्रिया हर रात शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 6 बजे तक जारी रहती है।1
- बागपत की माता कॉलोनी में एक मकान के भीतर डेयरी का संचालन किया जा रहा है। इस डेयरी के कारण कॉलोनीवासियों का जीवन मुश्किल हो गया है।1
- हरियाणा के सोनीपत जिले की ग्राम पंचायत अटेरना में सरपंच और ग्राम सचिव पर पंचायत फंड के गबन का आरोप लगा है। यह गबन पंचों के पंचायत कार्रवाई रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर कर किया गया। आरोप है कि सरपंच और ग्राम सचिव ने मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।1
- 3 मई 2006 को किशनपुर बराल क्षेत्र में एक बहुत तेज़ तूफान आया। इस दौरान आंधी तूफान के साथ-साथ बहुत तेज़ बारिश भी हुई।1
- दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर अग्निकांड पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जहाँ उन्होंने प्रशासन की तरफ से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्री सूद ने कहा कि इस दुखद घटना के बाद प्रशासन ने उन सभी इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है जिनके पास आवश्यक दस्तावेज और परमिट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिस इमारत में यह अग्निकांड हुआ, उसे 2024 में छह कमरों वाला BnB चलाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसके पास जरूरी परमिट नहीं थे। इस निर्णय के तहत, सरकार ने घोषित किया है कि उचित NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के बिना संचालित सभी इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों को दी गई अनुमतियाँ भी रद्द कर दी जाएंगी। मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों, विशेष रूप से नियमों का उल्लंघन करने वाले इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा। वर्तमान में, जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में डीसी, एसडीएम और बिजली विभाग की टीमें मिलकर ऐसी सभी इमारतों का निरीक्षण कर रही हैं, जिन्हें बिना किसी देरी के सील किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन रिहायशी इमारतों के लिए जिन्हें 'फायर NOC' की आवश्यकता नहीं होती, प्रशासन एक जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को सुरक्षा नियमों के बारे में शिक्षित और तैयार करना है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को टाला जा सके।1
- किराड़ी, दिल्ली की वर्तमान स्थिति को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है। यह पूछा जा रहा है कि आखिर कौन है जो जानबूझकर किराड़ी को बरबाद कर रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह दुर्दशा किसी दुर्घटना का नहीं, बल्कि सोचे-समझे प्रयासों का परिणाम है।2
- दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मालवीय नगर अग्निकांड को “बहुत दुखद” बताया है, आरोप लगाया कि यह दिल्ली में पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले तीन महीने में ऐसी चौथी घटना है जिसमें लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके लिए उन्होंने दिल्ली के फायर डिपार्टमेंट और कॉर्पोरेशन को जिम्मेदार ठहराया। यादव ने आरोप लगाया कि इन्हीं के संरक्षण में कहीं न कहीं इस तरह की अवैध कार्रवाई होती है, जिसके कारण 22 लोगों की मौत हो जाती है, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या 22 लोगों की जान जाने के बाद उनका यहां आना फर्ज नहीं था और कहा कि मुख्यमंत्री आराम फरमा रही हैं। देवेंद्र यादव ने रेखा गुप्ता पर भी बड़ी-बड़ी बातें करने, लेकिन धरातल पर उनका असर न दिखने का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि ये लोग अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आ रहे हैं।1