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स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय तालाब में गंदगी वाला पानी चलाया जाता है। यह प्रक्रिया हर रात शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 6 बजे तक जारी रहती है।

3 hrs ago
user_Deepak Kumar
Deepak Kumar
बागपत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय तालाब में गंदगी वाला पानी चलाया जाता है। यह प्रक्रिया हर रात शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 6 बजे तक जारी रहती है।

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  • स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय तालाब में गंदगी वाला पानी चलाया जाता है। यह प्रक्रिया हर रात शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 6 बजे तक जारी रहती है।
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    स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय तालाब में गंदगी वाला पानी चलाया जाता है। यह प्रक्रिया हर रात शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 6 बजे तक जारी रहती है।
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    बागपत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बागपत की माता कॉलोनी में एक मकान के भीतर डेयरी का संचालन किया जा रहा है। इस डेयरी के कारण कॉलोनीवासियों का जीवन मुश्किल हो गया है।
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    बागपत की माता कॉलोनी में एक मकान के भीतर डेयरी का संचालन किया जा रहा है। इस डेयरी के कारण कॉलोनीवासियों का जीवन मुश्किल हो गया है।
    user_Khurshed
    Khurshed
    बागपत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बागपत के रमाला थाना क्षेत्र में स्थित बिराल गांव के ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिस के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी उनके लगभग 70 साल पुराने घरों को अवैध बताकर हटाने की तैयारी कर रहा है, जिसके चलते उन्हें अपने आशियानों के उजड़ने का डर सता रहा है। इस प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का भी समर्थन मिला है। ग्रामीणों के अनुसार, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे की इस जमीन पर लगभग 120 परिवारों के मकान हैं और वे पिछले 70 वर्षों से यहीं निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ जमीनें पुश्तैनी हैं, जबकि कुछ पर उन्होंने कानूनी रूप से घर बनाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सोमवार शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अचानक गांव पहुंचे, जमीन की नाप-तौल की और फिर उनके घरों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी कर दिए, जबकि इससे पहले ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्हें आशंका है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया जाएगा, और तीन पीढ़ियों से बसे अपने घरों को उजाड़े जाने पर वे कहां जाएंगे, यह सवाल उठा रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्हें भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा सहित अन्य किसान नेताओं का पूरा समर्थन मिला। प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परिवार के खिलाफ कार्रवाई की गई तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेकर तुरंत राहत देने की मांग की है और बागपत के जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। फिलहाल, ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन जारी है।
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    बागपत के रमाला थाना क्षेत्र में स्थित बिराल गांव के ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिस के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी उनके लगभग 70 साल पुराने घरों को अवैध बताकर हटाने की तैयारी कर रहा है, जिसके चलते उन्हें अपने आशियानों के उजड़ने का डर सता रहा है। इस प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का भी समर्थन मिला है।

ग्रामीणों के अनुसार, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे की इस जमीन पर लगभग 120 परिवारों के मकान हैं और वे पिछले 70 वर्षों से यहीं निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ जमीनें पुश्तैनी हैं, जबकि कुछ पर उन्होंने कानूनी रूप से घर बनाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सोमवार शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अचानक गांव पहुंचे, जमीन की नाप-तौल की और फिर उनके घरों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी कर दिए, जबकि इससे पहले ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्हें आशंका है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया जाएगा, और तीन पीढ़ियों से बसे अपने घरों को उजाड़े जाने पर वे कहां जाएंगे, यह सवाल उठा रहे हैं।

सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्हें भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा सहित अन्य किसान नेताओं का पूरा समर्थन मिला। प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परिवार के खिलाफ कार्रवाई की गई तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेकर तुरंत राहत देने की मांग की है और बागपत के जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। फिलहाल, ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन जारी है।
    user_Instant News 24Hr
    Instant News 24Hr
    पत्रकार Baghpat, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • 3 मई 2006 को किशनपुर बराल क्षेत्र में एक बहुत तेज़ तूफान आया। इस दौरान आंधी तूफान के साथ-साथ बहुत तेज़ बारिश भी हुई।
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    3 मई 2006 को किशनपुर बराल क्षेत्र में एक बहुत तेज़ तूफान आया। इस दौरान आंधी तूफान के साथ-साथ बहुत तेज़ बारिश भी हुई।
    user_Sagar Khokhar
    Sagar Khokhar
    बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर अग्निकांड पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जहाँ उन्होंने प्रशासन की तरफ से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्री सूद ने कहा कि इस दुखद घटना के बाद प्रशासन ने उन सभी इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है जिनके पास आवश्यक दस्तावेज और परमिट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिस इमारत में यह अग्निकांड हुआ, उसे 2024 में छह कमरों वाला BnB चलाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसके पास जरूरी परमिट नहीं थे। इस निर्णय के तहत, सरकार ने घोषित किया है कि उचित NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के बिना संचालित सभी इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों को दी गई अनुमतियाँ भी रद्द कर दी जाएंगी। मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों, विशेष रूप से नियमों का उल्लंघन करने वाले इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा। वर्तमान में, जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में डीसी, एसडीएम और बिजली विभाग की टीमें मिलकर ऐसी सभी इमारतों का निरीक्षण कर रही हैं, जिन्हें बिना किसी देरी के सील किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन रिहायशी इमारतों के लिए जिन्हें 'फायर NOC' की आवश्यकता नहीं होती, प्रशासन एक जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को सुरक्षा नियमों के बारे में शिक्षित और तैयार करना है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
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    दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर अग्निकांड पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जहाँ उन्होंने प्रशासन की तरफ से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्री सूद ने कहा कि इस दुखद घटना के बाद प्रशासन ने उन सभी इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है जिनके पास आवश्यक दस्तावेज और परमिट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिस इमारत में यह अग्निकांड हुआ, उसे 2024 में छह कमरों वाला BnB चलाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसके पास जरूरी परमिट नहीं थे।

इस निर्णय के तहत, सरकार ने घोषित किया है कि उचित NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के बिना संचालित सभी इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों को दी गई अनुमतियाँ भी रद्द कर दी जाएंगी। मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों, विशेष रूप से नियमों का उल्लंघन करने वाले इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा। वर्तमान में, जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में डीसी, एसडीएम और बिजली विभाग की टीमें मिलकर ऐसी सभी इमारतों का निरीक्षण कर रही हैं, जिन्हें बिना किसी देरी के सील किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उन रिहायशी इमारतों के लिए जिन्हें 'फायर NOC' की आवश्यकता नहीं होती, प्रशासन एक जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को सुरक्षा नियमों के बारे में शिक्षित और तैयार करना है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
    user_VACC 24 News
    VACC 24 News
    Media company अलीपुर, उत्तरी दिल्ली, दिल्ली•
    9 hrs ago
  • डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही परमेश्वर उपमुख्यमंत्री पद पर नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट लिस्ट में पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे के नाम भी मंत्री पद के लिए शामिल हैं।
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    डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही परमेश्वर उपमुख्यमंत्री पद पर नियुक्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट लिस्ट में पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे के नाम भी मंत्री पद के लिए शामिल हैं।
    user_Amit mishra
    Amit mishra
    Local News Reporter Rohini, North West Delhi•
    4 hrs ago
  • दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड में कुल 21 लोगों की जान चली गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि इन बेगुनाह लोगों की मौत का असली जिम्मेदार आखिर कौन है।
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    दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड में कुल 21 लोगों की जान चली गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि इन बेगुनाह लोगों की मौत का असली जिम्मेदार आखिर कौन है।
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • बागपत के रमाला थाना क्षेत्र में स्थित बिराल गांव के ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिसों के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी उनके 70 साल पुराने मकानों को अवैध बताकर उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है, जिससे लगभग 120 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे की इस जमीन पर रह रहे हैं, जिनमें कुछ पुश्तैनी जमीनें हैं और कुछ पर कानूनी रूप से घर बनाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गांव पहुंचे और जमीन की नाप-तौल की। इसके तुरंत बाद, उन्हें उनके घरों को अवैध घोषित करते हुए नोटिस जारी किए गए। ग्रामीण इस अचानक हुई कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्हें डर है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया जाएगा और वे सवाल उठा रहे हैं कि तीन पीढ़ियों से बसे अपने घरों को उजाड़े जाने पर वे कहां जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्हें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा सहित अन्य किसान नेताओं का समर्थन मिला। प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों और किसान नेताओं ने अधिकारियों से मामले का तुरंत संज्ञान लेने और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की मांग की है। वे बागपत के जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील कर रहे हैं।
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    बागपत के रमाला थाना क्षेत्र में स्थित बिराल गांव के ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिसों के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी उनके 70 साल पुराने मकानों को अवैध बताकर उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है, जिससे लगभग 120 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे की इस जमीन पर रह रहे हैं, जिनमें कुछ पुश्तैनी जमीनें हैं और कुछ पर कानूनी रूप से घर बनाए गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार शाम को पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गांव पहुंचे और जमीन की नाप-तौल की। इसके तुरंत बाद, उन्हें उनके घरों को अवैध घोषित करते हुए नोटिस जारी किए गए। ग्रामीण इस अचानक हुई कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्हें डर है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया जाएगा और वे सवाल उठा रहे हैं कि तीन पीढ़ियों से बसे अपने घरों को उजाड़े जाने पर वे कहां जाएंगे।

सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्हें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा सहित अन्य किसान नेताओं का समर्थन मिला। प्रदीप धामा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों और किसान नेताओं ने अधिकारियों से मामले का तुरंत संज्ञान लेने और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की मांग की है। वे बागपत के जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील कर रहे हैं।
    user_Instant News 24Hr
    Instant News 24Hr
    पत्रकार Baghpat, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
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