Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजपुर वार्ड क्रमांक 7 दीवान बेड़ी 30 से 35 घर है अभी तक नल कनेक्शन नहीं दिए हैं ना ही सार्वजनिक नल है और हमारे यहां अभी बहुत समस्या है पानी की हम लाते हैं 1 किलोमीटर दूर से पानी डब्बे भर के इस समस्या का निराकरण जल्दी से जल्दी करवाओ
Vijay Sastiya picup fitar
राजपुर वार्ड क्रमांक 7 दीवान बेड़ी 30 से 35 घर है अभी तक नल कनेक्शन नहीं दिए हैं ना ही सार्वजनिक नल है और हमारे यहां अभी बहुत समस्या है पानी की हम लाते हैं 1 किलोमीटर दूर से पानी डब्बे भर के इस समस्या का निराकरण जल्दी से जल्दी करवाओ
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- राजपुर वार्ड क्रमांक 7 दीवान बेड़ी 30 से 35 घर है अभी तक नल कनेक्शन नहीं दिए हैं ना ही सार्वजनिक नल है और हमारे यहां अभी बहुत समस्या है पानी की हम लाते हैं 1 किलोमीटर दूर से पानी डब्बे भर के इस समस्या का निराकरण जल्दी से जल्दी करवाओ8
- बड़वानी।भीषण गर्मी के चलते आमजन का जीवन पहले ही अस्त-व्यस्त हो चुका है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई ने हालात और भी चिंताजनक बना दिए हैं। दिन-ब-दिन बढ़ती गर्मी के बीच हरियाली कम होती जा रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों के अनुसार, लकड़ी माफिया खुलेआम हरे-भरे पेड़ों को काटकर आरा मशीनों में बेखौफ बेच रहे हैं। स्थिति यह है कि इन पर लगाम लगाने में संबंधित विभाग नाकाम नजर आ रहे हैं। वन विभाग राजस्व विभाग पर निर्भर दिखाई दे रहा है, जबकि राजस्व विभाग की ओर से भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते इस अवैध कटाई पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में क्षेत्र पूरी तरह से बंजर हो सकता है। साथ ही गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ेगा, जिससे जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से पेड़ काटने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।2
- बड़वानी 30 अप्रैल 2026 / निमाड़ दस्तक न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट ✍️ बड़वानी शहर के कालका माता मंदिर क्षेत्र में सीवरेज लाइन और पेयजल पाइपलाइन पास-पास होने के कारण घरों में दूषित, गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई होने का गंभीर मामला सामने आया है। इसके विरोध में कांग्रेसी नेताओं और पार्षदों ने सड़क पर मोर्चा संभाला, जिसके बाद नपा प्रशासन और निर्माण कंपनी को लिखित में जवाबदेही तय करनी पड़ी। न्यूज़ के मुख्य बिंदु: लापरवाही से हड़कंप: सीवरेज लाइन लीकेज होकर पेयजल लाइन में मिलने से बुधवार को नलों में गंदा पानी आया। इसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस पार्षदों ने मौके पर पहुंचकर नगरपालिका और सीवरेज कंपनी के खिलाफ 'हाय-हाय' के नारे लगाए। अधिकारियों को घेरा: मौके पर पहुंचे नपा सब-इंजीनियर और एमपीयूडीसी के इंजीनियर चंद्रजीत सिंह को बदबूदार पानी दिखाकर लापरवाही पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। इंजीनियर ने निर्माण कंपनी की गलती मानी और सुधार के निर्देश दिए। जनहानि की लिखित जिम्मेदारी: सीवरेज सुपरविजन कंपनी 'श्रीराम कंस्ट्रक्शन' के एस.ई. चंद्रजीत सिंह ने लिखित में स्वीकार किया है कि दूषित पेयजल के कारण यदि कोई भी जनहानि होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। नपा अभियंता का सुधार प्लान: नपा अभियंता (उपयंत्री) एम. चौहान ने लिखित आश्वासन दिया है कि वार्ड नं. 14 में 4 दिन के भीतर शुद्ध पेयजल सप्लाई शुरू होगी और अन्य वार्डों (16, 13, 06, 11, 17) में 15 दिन में सुधार कार्य पूरा किया जाएगा। विधायक की उपस्थिति: सूचना मिलने पर कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने नपा और एमपीयूडीसी इंजीनियरों से चर्चा कर सीवरेज कंपनी की लापरवाही पर रोष जताया, जिसके बाद तत्काल पाइपलाइन सुधार का काम शुरू किया गया। मौके पर मौजूद रहे: पूर्व जनपद अध्यक्ष मनेंद्र सिंह पटेल (बिट्टू भैया), विधायक प्रतिनिधि सुनील यादव, विष्णु बनडे, नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव, पार्षद बाबू भाई धनगर, हेमंत कुमावत, मुजीब कुरैशी, कैलाश सोलंकी, बलराम यादव, सचिन यादव (लालू) और अरुण यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और रहवासी उपस्थित रहे।1
- 🔥 EXCLUSIVE BREAKING: निवाली में आग का तांडव, पहाड़ियों पर लगा 'मिनी जंगल' जलकर खाक, हजारों पेड़ों का नुकसान निवाली | 30 अप्रैल (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) बड़वानी जिले के निवाली विकासखंड से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ की ग्राम पंचायत कानपुरी के वरलियापानी गांव में स्थित दो पहाड़ियों पर फैला एक हरा-भरा 'निजी जंगल' अज्ञात शरारती तत्वों की भेंट चढ़ गया। शरारती तत्वों द्वारा लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण और किसान को भारी क्षति पहुँची है। 📍 मुख्य बिंदु: क्या हुआ और कितना नुकसान? हजारों पेड़ों की आहुति: करीब 3 एकड़ क्षेत्र में फैले इस बगीचे में लगे 2500 से 3000 पेड़ पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। फलदार पौधों का विनाश: किसान लक्ष्मण सेनानी के अनुसार, 7-8 वर्षों की कड़ी मेहनत से तैयार किए गए 300 आम के पेड़, सीताफल, आंवला, अमरूद और जामुन जैसे कीमती फलदार पेड़ स्वाहा हो गए। पर्यावरण की क्षति: फलदार पेड़ों के साथ-साथ नीम, करंज और पलाश जैसे जंगली पेड़ भी इस आग की चपेट में आ गए। लाखों का आर्थिक नुकसान: इस घटना में किसान को लगभग 7 से 8 लाख रुपये का प्रत्यक्ष नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 🚒 फायर ब्रिगेड ने पाया काबू आग की लपटें देख वरलियापानी गांव के ग्रामीण उसे बुझाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग पहाड़ियों पर होने के कारण अनियंत्रित हो गई। नगर परिषद निवाली को सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया। दमकल विभाग के कर्मचारी राजेश सिसोदिया और सागर सोलंकी ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया, जिससे आसपास के अन्य क्षेत्रों को जलने से बचा लिया गया। 📢 साजिश की आशंका पीड़ित लक्ष्मण सेनानी ने आशंका जताई है कि यह आग प्राकृतिक नहीं, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जानबूझकर लगाई गई है। 8 साल की मेहनत के इस तरह राख होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी रोष है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। रिपोर्ट: सुनील सोनी, निवाली2
- tahshil zirniya grm Panchayat saka me pani ki samasiya se jhulaj rahi he gramin gav se pani la rahe he mahillaye la rahi he1
- बड़वानी कोतवाली क्षेत्र में लव जिहाद का मामला सामने आया है जिसमें आरोपी अमन उर्फ किट्टू ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए और धर्मांतरण का दबाव भी बनाया।1
- धार जिले के पीथमपुर के पास भाटखेड़ी ग्राम पंचायत में कॉलोनियों के बीच शराब दुकान खोले जाने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं दुकान के सामने धरने पर बैठ गईं और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले लिखित में भरोसा दिया गया था कि दुकान नहीं खुलेगी, लेकिन अब रातों-रात कंटेनर रखकर बिक्री शुरू कर दी गई। महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि रिहायशी इलाके में शराब दुकान से सुरक्षा और शांति खतरे में पड़ जाएगी। वहीं व्यापारी पक्ष का कहना है कि दुकान पूरी तरह लाइसेंस के तहत और नियमों के अनुसार है। अब यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जहां एक तरफ कानून का हवाला है तो दूसरी तरफ महिलाओं की सुरक्षा और विरोध।1
- बड़वानी कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक शिकायती आवेदन लेकर बालकुवा निवासी पहुंचा जिसने अतिक्रमण के आरोप लगाते हुए जांच कर कार्यवाही की मांग की है।1