हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अतंर्गत ग्राम कुसुम्भा में दिनांक 24/25.03.26 को मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या की घटना कारित की गई थी जिसमें गठित एस.आई.टी. टीम / पुलिस बल के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल सभी अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। *दिनांक 25.03.2026 को समय सुबह 08.30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना प्राप्त हुई कि कुसुम्बा ग्राम के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है जो बिते रात दिनाक 24.03.2026 को मंगला जुलूस से गायब थी। *इस संबंध में वादिनी रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद सिंह, सा० कुसुम्बा, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के लिखित आवेदन के आधार पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध इनकी नाबालिग बेटी (उम्र 13 वर्ष) की बलात्कर कर हत्या करने के संबंध में काण्ड दर्ज कराया गया जो विष्णुगढ़ थाना काण्ड सं0-42/26 विनाक 25.03.26 धारा- 103 (1)/65(2) बी०एन०एस०एवं 4/6 पोक्सो एक्ट है। काण्ड की गंभीरता को देखते हुए काण्ड के त्वरित उदभेदन एवं काण्ड में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, रांची एवं पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा दिनांक 26.03.2026 को श्री नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु० से०) के नेतृत्व में S.I.T टीम का गठन किया गया। * गठित S.I.T. टीम द्वारा काण्ड के अनुसंधान के क्रम में तकनिकी साक्ष्य एवं आसूचना संकलन कर काण्ड में संदेह के आधार पर भीम राम, मृतिका के परिजनों तथा कुसुम्बा गाँव की शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर से काण्ड के अनुसंधान में अब-तक आये तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर शान्ति देवी उर्फ भगतिनी द्वारा बताया गया कि मृतिका की माँ पिछले एक वर्ष से अपने बेटा सुधीर कुमार सिंह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी को लेकर कई बार इनके पास आते रहती थी तथा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं जैसे की भूमि विवाद के लिए भी भगतिनी के पास जाती थी। * पूर्व में भगतिनी द्वारा इनके घर की तंत्र मंत्र से बांधा भी गया था। भगतिनी द्वारा मृतिका की माँ को बताया गया था कि बेटा की शारिरीक एवं मानसिक परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बली देनी होगी तथा ये भी बताया कि तुम्हारी छोटी बेटी पर माता सवार रहती है, इसका बली देना अच्छा होगा तो इस पर मृतिका की माँ तैयार हो गयी। मृतिका की माँ पिछले तीन महीनों से कई बार भगतिनी के पास आयी थी लेकिन भगतिनी इसके लिए इस बार रामनवमी पर्व के अष्टमी के दिन अपनी कुँवारी लड़की को पूजा के लिए साथ लाने के लिए बोली थी। * भगतिनी द्वारा बताया गया की मंगला जुलूस (अष्टमी) के दिन दिनांक 24.03.2026 को संध्या करीब 07.00 बजे मृतिका की माँ रेशमी देवी अपने तीनों बच्चों को लेकर मंगला जुलूस में शामिल हुई थी और करीब 7-8 बजे अपनी छोटी बेटी (मृतिका) को साथ लेकर पूजा कराने के लिए भगतिनी के घर आयी थी लेकिन भगतिनी के द्वारा बताया गया कि मुझपर रात्रि 09.00 बजे के बाद अच्छा नक्षत्र में देवास आयेगा तो उसी समय एक अन्य पुरुष के साथ छोटी बेटी को लाने की बात बोली थी चूंकि बलि देने के समय धर-पकड़ करने करने लिए आदमी की जरूरत होती है। इसके बाद भगतिनी द्वारा बताये गये तय समय करीब 09.30 बजे मृतिका की माँ गाँव के भीम राम के साथ मृतिका को लेकर भगतिनी के घर आयी और पूजा के लिए 251/- रू0 देना था लेकिन मृतिका कि माँ भगतिनी को मात्र 20/- रू० दी थी। उसके बाद भगतिनी के घर में स्थित मनसा मंदिर में विधिवत तंत्र मंत्र से बच्ची को बैठकार पूजा प्रारम्भ की तथा बच्ची को सिंदूर का टीका एवं काजल वैगरह लगाया गया तथा प्रसाद के रूप मे ईलायची दाना खिलाया गया। * तत्पश्चात भगतिनी के द्वारा अपने भूत बांधने का स्थान बांसवाड़ी में भीम राम एवं रेशमी देवी मृतिका को साथ लेकर गयी जहाँ पर मृतिका को बैठाया गया एवं उसे जमीन पर सोने के लिए बोला गया। कर्म कांड प्रारम्भ करने से पहले भीम राम और रेशमी देवी के द्वारा पूर्व से लाये एक बोरा का सफेद रंग का अंदर का प्लास्टिक को नीचे जमीन पर बिछा दिया गया और उसी पर मृतिका को सुला दिया गया।। भगतिनी के हाथ में बांस का कॉलिंग स्टीक था जिसे भगतिनी के द्वारा मृतिका के शरीर पर लेटी अवस्था में चारों तरफ घुमाया गया और बोला गया कि मुझपर देवास आ गया है हमको इस कुँवारी लड़की का खून चाहिए। इसी पर भीम राम द्वारा बच्ची का गला घोट दिया गया और छटपटाने पर मृतिका की माँ द्वारा उसका दोनो पैर को पकड़ लिया गया। जब उन्हे लगा की बच्ची का मृत्यु हो गयी है तब भगतिनी के द्वारा कॉलिंग स्टीक उसके शरीर पर चारों तरफ घुमाया गया और भगतिनी के इशारे पर उसकी माँ के द्वारा पैंट के कमर से नीचे जांघ तक घिसका दिया गया तथा भगतिनी के द्वारा मंत्र पढ़ते हुए कॉलिंग स्टीक को उसके गुप्तांग में जबरदस्ती प्रवेश करा दिया गया। साथ ही भगतिनी के बोलने पर भीम राम के द्वारा पूजा के लिए खून हेतु अपने साथ लाये पत्थर से सिर पर मारने लगा जिससे सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसी खून से भगतिनी के द्वारा मृत शरीर पर खून से पुताई करते हुए पूजा किया गया एवं खून को अंजूली में भगतिनी के द्वारा ले जाकर अपने मनसा मंदिर के पूजा स्थल पर छिड़का गया। गिरफ्तार अभियुक्तः- 1. भीम राम (उम्र करीब 45 वर्ष) पिता स्व० छेदी भुईयाँ 2. रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद कुमार सिंह 3. शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर तीनों सा० कुसुम्बा, थाना बिष्णुगढ़, जिला हजारीबाग। छापामारी दलः- 1. श्री नागागोजे शुभम भौजाबे (भा0पु0 से0) 2. श्री बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़ 3. श्री अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 4. श्री प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 5. श्री सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़ 6. विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, हजारीबाग। 7. मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना 8. इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया। 9. दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना। 10. दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव 11. मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग। 12. कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा। 13. तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी।
हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अतंर्गत ग्राम कुसुम्भा में दिनांक 24/25.03.26 को मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या की घटना कारित की गई थी जिसमें गठित एस.आई.टी. टीम / पुलिस बल के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल सभी अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। *दिनांक 25.03.2026 को समय सुबह 08.30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना प्राप्त हुई कि कुसुम्बा ग्राम के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है जो बिते रात दिनाक 24.03.2026 को मंगला जुलूस से गायब थी। *इस संबंध में वादिनी रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद सिंह, सा० कुसुम्बा, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के लिखित आवेदन के आधार पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध इनकी नाबालिग बेटी (उम्र 13 वर्ष) की बलात्कर कर हत्या करने के संबंध में काण्ड दर्ज कराया गया जो विष्णुगढ़ थाना काण्ड सं0-42/26 विनाक 25.03.26 धारा- 103 (1)/65(2) बी०एन०एस०एवं 4/6 पोक्सो एक्ट है। काण्ड की गंभीरता को देखते हुए काण्ड के त्वरित उदभेदन एवं काण्ड में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, रांची एवं पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा दिनांक 26.03.2026 को श्री नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु० से०) के नेतृत्व में S.I.T टीम का गठन किया गया। * गठित S.I.T. टीम द्वारा काण्ड के अनुसंधान के क्रम में तकनिकी साक्ष्य एवं आसूचना संकलन कर काण्ड में संदेह के आधार पर भीम राम, मृतिका के परिजनों तथा कुसुम्बा गाँव की शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब
55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर से काण्ड के अनुसंधान में अब-तक आये तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर शान्ति देवी उर्फ भगतिनी द्वारा बताया गया कि मृतिका की माँ पिछले एक वर्ष से अपने बेटा सुधीर कुमार सिंह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी को लेकर कई बार इनके पास आते रहती थी तथा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं जैसे की भूमि विवाद के लिए भी भगतिनी के पास जाती थी। * पूर्व में भगतिनी द्वारा इनके घर की तंत्र मंत्र से बांधा भी गया था। भगतिनी द्वारा मृतिका की माँ को बताया गया था कि बेटा की शारिरीक एवं मानसिक परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बली देनी होगी तथा ये भी बताया कि तुम्हारी छोटी बेटी पर माता सवार रहती है, इसका बली देना अच्छा होगा तो इस पर मृतिका की माँ तैयार हो गयी। मृतिका की माँ पिछले तीन महीनों से कई बार भगतिनी के पास आयी थी लेकिन भगतिनी इसके लिए इस बार रामनवमी पर्व के अष्टमी के दिन अपनी कुँवारी लड़की को पूजा के लिए साथ लाने के लिए बोली थी। * भगतिनी द्वारा बताया गया की मंगला जुलूस (अष्टमी) के दिन दिनांक 24.03.2026 को संध्या करीब 07.00 बजे मृतिका की माँ रेशमी देवी अपने तीनों बच्चों को लेकर मंगला जुलूस में शामिल हुई थी और करीब 7-8 बजे अपनी छोटी बेटी (मृतिका) को साथ लेकर पूजा कराने के लिए भगतिनी के घर आयी थी लेकिन भगतिनी के द्वारा बताया गया कि मुझपर रात्रि 09.00 बजे के बाद अच्छा नक्षत्र में देवास आयेगा तो उसी समय
एक अन्य पुरुष के साथ छोटी बेटी को लाने की बात बोली थी चूंकि बलि देने के समय धर-पकड़ करने करने लिए आदमी की जरूरत होती है। इसके बाद भगतिनी द्वारा बताये गये तय समय करीब 09.30 बजे मृतिका की माँ गाँव के भीम राम के साथ मृतिका को लेकर भगतिनी के घर आयी और पूजा के लिए 251/- रू0 देना था लेकिन मृतिका कि माँ भगतिनी को मात्र 20/- रू० दी थी। उसके बाद भगतिनी के घर में स्थित मनसा मंदिर में विधिवत तंत्र मंत्र से बच्ची को बैठकार पूजा प्रारम्भ की तथा बच्ची को सिंदूर का टीका एवं काजल वैगरह लगाया गया तथा प्रसाद के रूप मे ईलायची दाना खिलाया गया। * तत्पश्चात भगतिनी के द्वारा अपने भूत बांधने का स्थान बांसवाड़ी में भीम राम एवं रेशमी देवी मृतिका को साथ लेकर गयी जहाँ पर मृतिका को बैठाया गया एवं उसे जमीन पर सोने के लिए बोला गया। कर्म कांड प्रारम्भ करने से पहले भीम राम और रेशमी देवी के द्वारा पूर्व से लाये एक बोरा का सफेद रंग का अंदर का प्लास्टिक को नीचे जमीन पर बिछा दिया गया और उसी पर मृतिका को सुला दिया गया।। भगतिनी के हाथ में बांस का कॉलिंग स्टीक था जिसे भगतिनी के द्वारा मृतिका के शरीर पर लेटी अवस्था में चारों तरफ घुमाया गया और बोला गया कि मुझपर देवास आ गया है हमको इस कुँवारी लड़की का खून चाहिए। इसी पर भीम राम द्वारा बच्ची का गला घोट दिया गया और छटपटाने पर मृतिका की माँ द्वारा उसका दोनो पैर को पकड़ लिया गया। जब उन्हे लगा
की बच्ची का मृत्यु हो गयी है तब भगतिनी के द्वारा कॉलिंग स्टीक उसके शरीर पर चारों तरफ घुमाया गया और भगतिनी के इशारे पर उसकी माँ के द्वारा पैंट के कमर से नीचे जांघ तक घिसका दिया गया तथा भगतिनी के द्वारा मंत्र पढ़ते हुए कॉलिंग स्टीक को उसके गुप्तांग में जबरदस्ती प्रवेश करा दिया गया। साथ ही भगतिनी के बोलने पर भीम राम के द्वारा पूजा के लिए खून हेतु अपने साथ लाये पत्थर से सिर पर मारने लगा जिससे सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसी खून से भगतिनी के द्वारा मृत शरीर पर खून से पुताई करते हुए पूजा किया गया एवं खून को अंजूली में भगतिनी के द्वारा ले जाकर अपने मनसा मंदिर के पूजा स्थल पर छिड़का गया। गिरफ्तार अभियुक्तः- 1. भीम राम (उम्र करीब 45 वर्ष) पिता स्व० छेदी भुईयाँ 2. रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद कुमार सिंह 3. शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर तीनों सा० कुसुम्बा, थाना बिष्णुगढ़, जिला हजारीबाग। छापामारी दलः- 1. श्री नागागोजे शुभम भौजाबे (भा0पु0 से0) 2. श्री बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़ 3. श्री अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 4. श्री प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 5. श्री सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़ 6. विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, हजारीबाग। 7. मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना 8. इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया। 9. दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना। 10. दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव 11. मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग। 12. कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा। 13. तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी।
- -- --अंधविश्वास में बेटी की बलि, एसआईटी की त्वरित कार्रवाई से मामला उजागर हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुसुम्भा में बिते 24 मार्च मंगला जुलूस की रात एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य घटना का खुलासा विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्य एवं गहन पूछताछ के आधार पर किया। घटना का पर्दाफाश करते हुए प्रेस वार्ता के दौरान हजारीबाग डीआईजी अंजनी कुमार झा एवं आरक्षी अधीक्षक अंजनी कुमार अंजन ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि 25 मार्च 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना मिली कि कुसुम्भा गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है। मृतका बीती रात 24 मार्च को मंगला जुलूस के दौरान लापता हो गई थी। इस संबंध में मृतका की मां रेशमी देवी के लिखित आवेदन पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध दुष्कर्म एवं हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामला विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 42/26 के तहत धारा 103(1)/65(2) बीएनएस एवं 4/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक एवं हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 26 मार्च 2026 को नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा.पु.से.) के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि मृतका की मां रेशमी देवी अपने बेटे की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं को लेकर गांव की शांति देवी उर्फ भगतिनी के संपर्क में थी। भगतिनी ने अंधविश्वास के तहत समस्या के समाधान के लिए “कुंवारी लड़की की बलि” देने की बात कही, जिस पर मृतका की मां सहमत हो गई। मंगला जुलूस की रात तय योजना के अनुसार बच्ची को बहाने से भक्तिनी के घर ले जाया गया, जहां तथाकथित पूजा-अर्चना के बाद उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर हत्या कर दी गई। इस वारदात में भीम राम ने सहयोग किया। एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में भीम राम (45 वर्ष) रेशमी देवी (35 वर्ष) शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष) शामिल हैं। तीनों आरोपी कुसुम्भा गांव, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के निवासी हैं। एसआईटी टीम में नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु०से०), बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़, अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग, प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग, सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़, विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना, इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया, दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना, दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव, मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग, कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा सहित तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे, जिनके समन्वित प्रयास से इस जघन्य अपराध का शीघ्र उद्भेदन संभव हो सका। यह घटना अंधविश्वास और कुरीतियों के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वासों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।1
- हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अतंर्गत ग्राम कुसुम्भा में दिनांक 24/25.03.26 को मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या की घटना कारित की गई थी जिसमें गठित एस.आई.टी. टीम / पुलिस बल के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल सभी अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। *दिनांक 25.03.2026 को समय सुबह 08.30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना प्राप्त हुई कि कुसुम्बा ग्राम के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है जो बिते रात दिनाक 24.03.2026 को मंगला जुलूस से गायब थी। *इस संबंध में वादिनी रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद सिंह, सा० कुसुम्बा, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के लिखित आवेदन के आधार पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध इनकी नाबालिग बेटी (उम्र 13 वर्ष) की बलात्कर कर हत्या करने के संबंध में काण्ड दर्ज कराया गया जो विष्णुगढ़ थाना काण्ड सं0-42/26 विनाक 25.03.26 धारा- 103 (1)/65(2) बी०एन०एस०एवं 4/6 पोक्सो एक्ट है। काण्ड की गंभीरता को देखते हुए काण्ड के त्वरित उदभेदन एवं काण्ड में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, रांची एवं पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा दिनांक 26.03.2026 को श्री नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु० से०) के नेतृत्व में S.I.T टीम का गठन किया गया। * गठित S.I.T. टीम द्वारा काण्ड के अनुसंधान के क्रम में तकनिकी साक्ष्य एवं आसूचना संकलन कर काण्ड में संदेह के आधार पर भीम राम, मृतिका के परिजनों तथा कुसुम्बा गाँव की शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर से काण्ड के अनुसंधान में अब-तक आये तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर शान्ति देवी उर्फ भगतिनी द्वारा बताया गया कि मृतिका की माँ पिछले एक वर्ष से अपने बेटा सुधीर कुमार सिंह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी को लेकर कई बार इनके पास आते रहती थी तथा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं जैसे की भूमि विवाद के लिए भी भगतिनी के पास जाती थी। * पूर्व में भगतिनी द्वारा इनके घर की तंत्र मंत्र से बांधा भी गया था। भगतिनी द्वारा मृतिका की माँ को बताया गया था कि बेटा की शारिरीक एवं मानसिक परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बली देनी होगी तथा ये भी बताया कि तुम्हारी छोटी बेटी पर माता सवार रहती है, इसका बली देना अच्छा होगा तो इस पर मृतिका की माँ तैयार हो गयी। मृतिका की माँ पिछले तीन महीनों से कई बार भगतिनी के पास आयी थी लेकिन भगतिनी इसके लिए इस बार रामनवमी पर्व के अष्टमी के दिन अपनी कुँवारी लड़की को पूजा के लिए साथ लाने के लिए बोली थी। * भगतिनी द्वारा बताया गया की मंगला जुलूस (अष्टमी) के दिन दिनांक 24.03.2026 को संध्या करीब 07.00 बजे मृतिका की माँ रेशमी देवी अपने तीनों बच्चों को लेकर मंगला जुलूस में शामिल हुई थी और करीब 7-8 बजे अपनी छोटी बेटी (मृतिका) को साथ लेकर पूजा कराने के लिए भगतिनी के घर आयी थी लेकिन भगतिनी के द्वारा बताया गया कि मुझपर रात्रि 09.00 बजे के बाद अच्छा नक्षत्र में देवास आयेगा तो उसी समय एक अन्य पुरुष के साथ छोटी बेटी को लाने की बात बोली थी चूंकि बलि देने के समय धर-पकड़ करने करने लिए आदमी की जरूरत होती है। इसके बाद भगतिनी द्वारा बताये गये तय समय करीब 09.30 बजे मृतिका की माँ गाँव के भीम राम के साथ मृतिका को लेकर भगतिनी के घर आयी और पूजा के लिए 251/- रू0 देना था लेकिन मृतिका कि माँ भगतिनी को मात्र 20/- रू० दी थी। उसके बाद भगतिनी के घर में स्थित मनसा मंदिर में विधिवत तंत्र मंत्र से बच्ची को बैठकार पूजा प्रारम्भ की तथा बच्ची को सिंदूर का टीका एवं काजल वैगरह लगाया गया तथा प्रसाद के रूप मे ईलायची दाना खिलाया गया। * तत्पश्चात भगतिनी के द्वारा अपने भूत बांधने का स्थान बांसवाड़ी में भीम राम एवं रेशमी देवी मृतिका को साथ लेकर गयी जहाँ पर मृतिका को बैठाया गया एवं उसे जमीन पर सोने के लिए बोला गया। कर्म कांड प्रारम्भ करने से पहले भीम राम और रेशमी देवी के द्वारा पूर्व से लाये एक बोरा का सफेद रंग का अंदर का प्लास्टिक को नीचे जमीन पर बिछा दिया गया और उसी पर मृतिका को सुला दिया गया।। भगतिनी के हाथ में बांस का कॉलिंग स्टीक था जिसे भगतिनी के द्वारा मृतिका के शरीर पर लेटी अवस्था में चारों तरफ घुमाया गया और बोला गया कि मुझपर देवास आ गया है हमको इस कुँवारी लड़की का खून चाहिए। इसी पर भीम राम द्वारा बच्ची का गला घोट दिया गया और छटपटाने पर मृतिका की माँ द्वारा उसका दोनो पैर को पकड़ लिया गया। जब उन्हे लगा की बच्ची का मृत्यु हो गयी है तब भगतिनी के द्वारा कॉलिंग स्टीक उसके शरीर पर चारों तरफ घुमाया गया और भगतिनी के इशारे पर उसकी माँ के द्वारा पैंट के कमर से नीचे जांघ तक घिसका दिया गया तथा भगतिनी के द्वारा मंत्र पढ़ते हुए कॉलिंग स्टीक को उसके गुप्तांग में जबरदस्ती प्रवेश करा दिया गया। साथ ही भगतिनी के बोलने पर भीम राम के द्वारा पूजा के लिए खून हेतु अपने साथ लाये पत्थर से सिर पर मारने लगा जिससे सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसी खून से भगतिनी के द्वारा मृत शरीर पर खून से पुताई करते हुए पूजा किया गया एवं खून को अंजूली में भगतिनी के द्वारा ले जाकर अपने मनसा मंदिर के पूजा स्थल पर छिड़का गया। गिरफ्तार अभियुक्तः- 1. भीम राम (उम्र करीब 45 वर्ष) पिता स्व० छेदी भुईयाँ 2. रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद कुमार सिंह 3. शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर तीनों सा० कुसुम्बा, थाना बिष्णुगढ़, जिला हजारीबाग। छापामारी दलः- 1. श्री नागागोजे शुभम भौजाबे (भा0पु0 से0) 2. श्री बैद्यनाथ प्रसाद, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़ 3. श्री अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 4. श्री प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग 5. श्री सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़ 6. विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, हजारीबाग। 7. मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना 8. इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी, टाटीझरिया। 9. दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना। 10. दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव 11. मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग। 12. कुणाल किशोर, पु०अ०नि० तकनिकी शाखा। 13. तकनिकी शाखा के पदाधिकारी एवं कर्मी।4
- हजारीबाग विष्णुगढ़ मामले को लेकर डी आई जी अंजनी झा ने क्या कुछ कहा सुनिए ....1
- *हजारीबाग सहित झारखंड और देश के कई हिस्सों में मानव–हाथी संघर्ष गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।* हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र एवं आसपास के जिलों में हाल के दिनों में हुई जनहानि और उससे जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन पटल पर सरकार के समक्ष मजबूती से रखा। इस समस्या के स्थायी समाधान और जन-सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाना अत्यंत आवश्यक है।1
- Amit Shah के रोड शो से पहले बवाल! बंगाल में बढ़ी सियासी गर्मी?1
- दारू ( हजारीबाग): दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडकुरी पंचायत के मोक्तम्मा गांव में घरेलू जमीनी विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद में उमेश तुरी और उनके पुत्र आर्यन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमेश तुरी और उनके भाई कामेश्वर तुरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मामले के समाधान के लिए पंचायत मुखिया भोला तुरी की उपस्थिति में गांव में बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान कामेश्वर तुरी की पत्नी ने परिवार के सदस्यों के अनुपस्थित रहने का हवाला देते हुए बैठक को 5 अप्रैल तक स्थगित करने की बात कही, जिस पर ग्रामीणों ने सहमति जताई और बैठक समाप्त हो गई। आरोप है कि बैठक खत्म होने के करीब 10 मिनट बाद कामेश्वर तुरी अपने परिवार के साथ पहुंचे और उमेश तुरी व उनके बेटे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दारू थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।3
- यह सफलता हमारी मेडिकल टीम की दक्षता और समर्पण का परिणाम है : जया सिंह हज़ारीबाग शहर के प्रतिष्ठित एचजेडबी आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है। अस्पताल के वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. बी.एन. प्रसाद ने एक ऐसे मरीज का सफल ऑपरेशन किया है, जो बार-बार उभरने वाले जटिल हर्निया से पीड़ित था। इस सफल सर्जरी के बाद मरीज को नई ज़िंदगी मिली है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित मरीज पहले भी दो बार हर्निया की सर्जरी करा चुका था, लेकिन दोनों ही बार यह समस्या पुनः सामने आ गई थी। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से ऐसे मामलों में तीसरी बार सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। जिसमें पहले लगाए गए मेश (जाली) को निकालना पड़ता है। यह प्रक्रिया न केवल जटिल होती है, बल्कि इसमें संक्रमण और अन्य जोखिमों की संभावना भी अधिक रहती है। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. बी.एन. प्रसाद ने पारंपरिक पद्धति से हटकर आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने आई.पी.ओ.एम.तकनीक के माध्यम से इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 15×15 सेंटीमीटर का विशेष मेश मरीज के पेट के अंदर सुरक्षित रूप से लगाया गया, जिससे हर्निया की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सका। डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार की उन्नत लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी हज़ारीबाग़ में पहली बार की गई है। अब तक इस तरह के जटिल मामलों के लिए मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस सफलता के बाद स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध होने की राह और मजबूत हो गई है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी रिकवरी भी संतोषजनक गति से हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लैप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी स्वस्थ होने का लाभ मिलता है। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हज़ारीबाग़ के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल निरंतर नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने इसे पूरी टीम के समर्पण और कुशलता का परिणाम बताते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा, विश्वास और बेहतर उपचार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफल सर्जरी से न केवल अस्पताल की पहचान मजबूत होती है, बल्कि मरीजों का भरोसा भी बढ़ता है। इस सफल ऑपरेशन को न केवल अस्पताल, बल्कि पूरे हज़ारीबाग़ के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में और भी जटिल सर्जरी अब शहर में ही संभव हो पाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।1
- चारों ओर झुमरा पहाड़, घने जंगल और पेड़ों की जड़ों के नीचे प्राकृतिक गुफा इसे और खास बनाते हैं। सुकून भरा मनमोहक स्थान।1