गंडक में बाढ़ की आशंका, भगवानपुर छरकी से तटबंध की ओर पलायन तेज त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद गंडक नदी में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। नौतन के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच डर और चिंता का माहौल है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने लगे हैं। कई परिवार जरूरी सामान लेकर चम्पारण तटबंध पर पहुंच चुके हैं, जहां लोग अपने स्तर से प्लास्टिक की झोपड़ियां तैयार कर रहे हैं। नौतन अंचल के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में गंडक नदी के बढ़ते खतरे की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। त्रिशूल नदी में भूस्खलन की घटना के बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद दियरा क्षेत्र के लोग किसी भी अनहोनी से पहले सुरक्षित स्थान की ओर निकलने लगे हैं। ग्रामीण चम्पारण तटबंध पर पहुंचकर साफ-सफाई करने के साथ अस्थायी आशियाना तैयार कर रहे हैं। कई परिवार अपने साथ जरूरी सामान लेकर तटबंध पर पहुंच चुके हैं और अपने खर्च से प्लास्टिक खरीदकर झुग्गी-झोपड़ी बनाने को मजबूर हैं। इधर, उप प्रमुख अफसर हुसैन सहित पंचायत समिति सदस्यों ने क्षेत्र का भ्रमण कर पलायन कर रहे ग्रामीणों का जायजा लिया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक अंचल प्रशासन की ओर से तटबंध पर रहने वाले लोगों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में लोग अपने स्तर पर रहने और भोजन-पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद उन्हें गंडक में बाढ़ आने की आशंका सता रही है। अगर दियरा क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ता है तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं, उप प्रमुख अफसर हुसैन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को लेकर जल्द ही अंचल प्रशासन से बातचीत की जाएगी। तटबंध पर पलायन कर रहे लोगों के लिए रोशनी, प्लास्टिक और भोजन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। फिलहाल, बाढ़ की आशंका के बीच भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र से ग्रामीणों का तटबंध की ओर पलायन लगातार जारी है और लोगों की नजर अब गंडक नदी के जलस्तर पर टिकी हुई है।
गंडक में बाढ़ की आशंका, भगवानपुर छरकी से तटबंध की ओर पलायन तेज त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद गंडक नदी में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। नौतन के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच डर और चिंता का माहौल है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने लगे हैं। कई परिवार जरूरी सामान लेकर चम्पारण तटबंध पर पहुंच चुके हैं, जहां लोग अपने स्तर से प्लास्टिक की झोपड़ियां तैयार कर रहे हैं। नौतन अंचल के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में गंडक नदी के बढ़ते खतरे की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। त्रिशूल नदी में भूस्खलन की घटना के बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद दियरा क्षेत्र के लोग किसी भी अनहोनी से पहले सुरक्षित स्थान की ओर निकलने लगे हैं। ग्रामीण चम्पारण तटबंध पर पहुंचकर साफ-सफाई करने के साथ अस्थायी आशियाना तैयार कर रहे हैं। कई परिवार अपने साथ जरूरी सामान लेकर तटबंध पर पहुंच चुके हैं और अपने खर्च से प्लास्टिक खरीदकर झुग्गी-झोपड़ी बनाने को मजबूर हैं। इधर, उप प्रमुख अफसर हुसैन सहित पंचायत समिति सदस्यों ने क्षेत्र का भ्रमण कर पलायन कर रहे ग्रामीणों का जायजा लिया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक अंचल प्रशासन की ओर से तटबंध पर रहने वाले लोगों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में लोग अपने स्तर पर रहने और भोजन-पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद उन्हें गंडक में बाढ़ आने की आशंका सता रही है। अगर दियरा क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ता है तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं, उप प्रमुख अफसर हुसैन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को लेकर जल्द ही अंचल प्रशासन से बातचीत की जाएगी। तटबंध पर पलायन कर रहे लोगों के लिए रोशनी, प्लास्टिक और भोजन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। फिलहाल, बाढ़ की आशंका के बीच भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र से ग्रामीणों का तटबंध की ओर पलायन लगातार जारी है और लोगों की नजर अब गंडक नदी के जलस्तर पर टिकी हुई है।
- बेतिया के लाल बाजार चौक पर यातायात हुआ बाधित। 27.08.2026. लाल बाजार चौक, जिला का केन्द्र माना जाता है और यहां धंटो धंटो तक जाम की व्यवस्था बनी रहती है। 27.08.2026.1
- नदी का जलस्तर बढ़ने से राहत-बचाव कार्य तेज, सिंगही में कम्युनिटी किचन का निरीक्षण बैरिया। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित लोगों के बचाव एवं राहत कार्य लगातार जारी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री के साथ भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। इसी क्रम में सिंगही में संचालित कम्युनिटी किचन का प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी एवं अंचलाधिकारी अजय कुमार ने बुधवार के रात निरीक्षण किया। अधिकारियों ने रसोई में तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कर्मियों को निर्देश दिया कि कम्युनिटी किचन में भोजन तैयार करने और वितरण के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बाढ़ प्रभावित किसी भी परिवार को भोजन के लिए परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखने को कहा। प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रही है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।1
- गंडक में बाढ़ की आशंका, भगवानपुर छरकी से तटबंध की ओर पलायन तेज त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद गंडक नदी में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। नौतन के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच डर और चिंता का माहौल है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने लगे हैं। कई परिवार जरूरी सामान लेकर चम्पारण तटबंध पर पहुंच चुके हैं, जहां लोग अपने स्तर से प्लास्टिक की झोपड़ियां तैयार कर रहे हैं। नौतन अंचल के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में गंडक नदी के बढ़ते खतरे की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। त्रिशूल नदी में भूस्खलन की घटना के बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद दियरा क्षेत्र के लोग किसी भी अनहोनी से पहले सुरक्षित स्थान की ओर निकलने लगे हैं। ग्रामीण चम्पारण तटबंध पर पहुंचकर साफ-सफाई करने के साथ अस्थायी आशियाना तैयार कर रहे हैं। कई परिवार अपने साथ जरूरी सामान लेकर तटबंध पर पहुंच चुके हैं और अपने खर्च से प्लास्टिक खरीदकर झुग्गी-झोपड़ी बनाने को मजबूर हैं। इधर, उप प्रमुख अफसर हुसैन सहित पंचायत समिति सदस्यों ने क्षेत्र का भ्रमण कर पलायन कर रहे ग्रामीणों का जायजा लिया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक अंचल प्रशासन की ओर से तटबंध पर रहने वाले लोगों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में लोग अपने स्तर पर रहने और भोजन-पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद उन्हें गंडक में बाढ़ आने की आशंका सता रही है। अगर दियरा क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ता है तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वहीं, उप प्रमुख अफसर हुसैन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को लेकर जल्द ही अंचल प्रशासन से बातचीत की जाएगी। तटबंध पर पलायन कर रहे लोगों के लिए रोशनी, प्लास्टिक और भोजन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। फिलहाल, बाढ़ की आशंका के बीच भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र से ग्रामीणों का तटबंध की ओर पलायन लगातार जारी है और लोगों की नजर अब गंडक नदी के जलस्तर पर टिकी हुई है।1
- नगर निगम बोर्ड की बैठक बार-बार स्थगित होने पर पार्षदों का फूटा गुस्सा महापौर पर विकास कार्य बाधित करने का आरोप, बुनियादी सुविधाओं को लेकर जताई नाराजगी1
- संत रविदास जयंती के अवसर पर समरसता सहयोग शिवीर का आयोजन नौतन पखंड के बैकुन्ठवा पंचायत मे सहयोग शिवीर मे विधायक के दोवारा बिहार सरकार दोवारा चलाए जा रहेशिवीर को गरीबो के लिए कल्याण कारीबताया1
- त्रिशूल नदी में भूस्खलन से गंडक में बाढ़ की आशंका, भगवानपुर छरकी से पलायन तेज नौतन।अंचल के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में गंडक नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह से चम्पारण तटबंध की ओर पलायन शुरू कर दिया।बताया जा रहा है कि त्रिशूल नदी में भूस्खलन की घटना के बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका जताई गई है।इसे लेकर दियरा क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीण चम्पारण तटबंध पर पहुंचकर साफ-सफाई करने के साथ झुग्गी-झोपड़ी बनाने में जुटे हैं। ग्रामीण अपने स्तर से प्लास्टिक खरीदकर अस्थायी आशियाना तैयार कर रहे हैं।कई परिवार जरूरी सामान लेकर तटबंध पर पहुंच गए हैं।इधर,उप प्रमुख अफसर हुसैन सहित पंचायत समिति सदस्यों ने क्षेत्र का भ्रमण कर पलायन कर रहे ग्रामीणों का जायजा लिया। उप प्रमुख ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक अंचल प्रशासन की ओर से तटबंध पर रहने वाले लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण अपने खर्च पर प्लास्टिक खरीदकर झुग्गी-झोपड़ी बनाने को मजबूर हैं।ग्रामीणों ने बताया कि त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद गंडक में बाढ़ की आशंका को लेकर वे पहले से ही सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं। दियरा क्षेत्र में पानी बढ़ने की स्थिति में परेशानी और बढ़ सकती है।उप प्रमुख अफसर हुसैन ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जल्द ही अंचल प्रशासन से बात की जाएगी। तटबंध पर पलायन कर रहे लोगों के लिए रोशनी, प्लास्टिक और भोजन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील किया गया है।4
- सुगौली के नगर क्षेत्र में महावीरी झंडा मेला को लेकर कुछ घंटों के लिए विद्युत आपूर्ति रहेगी बन्द।विभाग ने जारी किया सिड्यूल।1
- गैस लीक के बाद जोरदार धमाका, घर का छाजा उड़ा; ललन शर्मा बुरी तरह झुलसे। मझौलिया के रामनगर बनकट के वार्ड नंबर-3 में बीती रात्रि गैस रिसाव के बाद अचानक जोरदार धमाका होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि ललन शर्मा के घर का छाजा उड़ गया। हादसे के बाद आसपास के लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल कायम हो गया। घटना की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। बताया जा रहा है कि गैस लीक होने के बाद अचानक आग पकड़ ली, जिसकी चपेट में आने से घर में मौजूद ललन शर्मा पूरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद परिजनों और आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग को और फैलने से रोक लिया गया। घटना के बाद झुलसे ललन शर्मा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति को लेकर परिजन चिंतित हैं। वहीं, हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना की जांच कराने और गैस रिसाव से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।1