AIIMS Gorakhpur में लेखाधिकारी न मिलने पर फिर डॉक्टर को सौंपी गई वित्तीय कमान एम्स गोरखपुर में लेखाधिकारी (एओ) पद पर एक भी आवेदन न आने से प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर अस्थायी समाधान के भरोसे चल रही है। संस्थान प्रबंधन ने दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास टीएस को लेखा विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है। इससे पहले यह दायित्व बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. आकाश बंसल निभा रहे थे। पढ़ाई और जांच पर पड़ा था असर डॉ. आकाश बंसल को लेखाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद वे शैक्षणिक और शोध गतिविधियों पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे थे। इसका असर एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई और मरीजों की जांच सेवाओं पर पड़ने लगा था। संस्थान के भीतर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ था। सांसद का दखल, बदली जिम्मेदारी गोरखपुर के सदर सांसद Ravi Kishan ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda से मुलाकात कर एम्स में स्थायी लेखाधिकारी की नियुक्ति की मांग उठाई थी। सांसद के हस्तक्षेप के बाद डॉ. बंसल को वित्तीय जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया, लेकिन स्थायी नियुक्ति न होने के कारण यह दायित्व अब डॉ. श्रीनिवास टीएस को सौंपना पड़ा है। विज्ञापन निकला, पर आवेदन शून्य एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता के अनुसार लेखाधिकारी पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संस्थान के वित्तीय कार्यों को रोकना संभव नहीं है, इसलिए किसी न किसी अधिकारी को यह दायित्व देना ही पड़ता है। प्रतिनियुक्ति (डिपुटेशन) के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक मोर्चे पर भी चुनौती इस बीच एम्स के दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अवकाश पर हैं। एक ने व्यक्तिगत कारण बताए हैं, जबकि दूसरे ने पैर में चोट का हवाला दिया है। हालांकि, परिसर में यह चर्चा है कि दोनों अधिकारियों की अनुपस्थिति के पीछे अंदरूनी असंतोष भी एक कारण हो सकता है।इन हालातों का असर संस्थान के रोजमर्रा के कामकाज और फाइलों की गति पर पड़ रहा है।
AIIMS Gorakhpur में लेखाधिकारी न मिलने पर फिर डॉक्टर को सौंपी गई वित्तीय कमान एम्स गोरखपुर में लेखाधिकारी (एओ) पद पर एक भी आवेदन न आने से प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर अस्थायी समाधान के भरोसे चल रही है। संस्थान प्रबंधन ने दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास टीएस को लेखा विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है। इससे पहले यह दायित्व बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. आकाश बंसल निभा रहे थे। पढ़ाई और जांच पर पड़ा था असर डॉ. आकाश बंसल को लेखाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद वे शैक्षणिक और शोध गतिविधियों पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे थे। इसका असर एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई और मरीजों की जांच सेवाओं पर पड़ने लगा था। संस्थान के भीतर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ था। सांसद का दखल, बदली जिम्मेदारी गोरखपुर के सदर सांसद Ravi Kishan ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda से मुलाकात कर एम्स में स्थायी लेखाधिकारी की नियुक्ति की मांग उठाई थी। सांसद के हस्तक्षेप के बाद डॉ. बंसल को वित्तीय जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया, लेकिन स्थायी नियुक्ति न होने के कारण यह दायित्व अब डॉ. श्रीनिवास टीएस को सौंपना पड़ा है। विज्ञापन निकला, पर आवेदन शून्य एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता के अनुसार लेखाधिकारी पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संस्थान के वित्तीय कार्यों को रोकना संभव नहीं है, इसलिए किसी न किसी अधिकारी को यह दायित्व देना ही पड़ता है। प्रतिनियुक्ति (डिपुटेशन) के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक मोर्चे पर भी चुनौती इस बीच एम्स के दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अवकाश पर हैं। एक ने व्यक्तिगत कारण बताए हैं, जबकि दूसरे ने पैर में चोट का हवाला दिया है। हालांकि, परिसर में यह चर्चा है कि दोनों अधिकारियों की अनुपस्थिति के पीछे अंदरूनी असंतोष भी एक कारण हो सकता है।इन हालातों का असर संस्थान के रोजमर्रा के कामकाज और फाइलों की गति पर पड़ रहा है।
- महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव शिव को चढ़ाया जल और अन्य सामग्री1
- AIIMS Gorakhpur में लेखाधिकारी न मिलने पर फिर डॉक्टर को सौंपी गई वित्तीय कमान एम्स गोरखपुर में लेखाधिकारी (एओ) पद पर एक भी आवेदन न आने से प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर अस्थायी समाधान के भरोसे चल रही है। संस्थान प्रबंधन ने दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास टीएस को लेखा विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है। इससे पहले यह दायित्व बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. आकाश बंसल निभा रहे थे। पढ़ाई और जांच पर पड़ा था असर डॉ. आकाश बंसल को लेखाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद वे शैक्षणिक और शोध गतिविधियों पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे थे। इसका असर एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई और मरीजों की जांच सेवाओं पर पड़ने लगा था। संस्थान के भीतर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ था। सांसद का दखल, बदली जिम्मेदारी गोरखपुर के सदर सांसद Ravi Kishan ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda से मुलाकात कर एम्स में स्थायी लेखाधिकारी की नियुक्ति की मांग उठाई थी। सांसद के हस्तक्षेप के बाद डॉ. बंसल को वित्तीय जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया, लेकिन स्थायी नियुक्ति न होने के कारण यह दायित्व अब डॉ. श्रीनिवास टीएस को सौंपना पड़ा है। विज्ञापन निकला, पर आवेदन शून्य एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता के अनुसार लेखाधिकारी पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि संस्थान के वित्तीय कार्यों को रोकना संभव नहीं है, इसलिए किसी न किसी अधिकारी को यह दायित्व देना ही पड़ता है। प्रतिनियुक्ति (डिपुटेशन) के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक मोर्चे पर भी चुनौती इस बीच एम्स के दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अवकाश पर हैं। एक ने व्यक्तिगत कारण बताए हैं, जबकि दूसरे ने पैर में चोट का हवाला दिया है। हालांकि, परिसर में यह चर्चा है कि दोनों अधिकारियों की अनुपस्थिति के पीछे अंदरूनी असंतोष भी एक कारण हो सकता है।इन हालातों का असर संस्थान के रोजमर्रा के कामकाज और फाइलों की गति पर पड़ रहा है।1
- 15 साल की लड़की को इंस्टा पर हुआ इश्क, बॉयफ्रेंड निकला ‘टाइल्स मिस्त्री’, टेडी डे के दिन खुली पोल गोरखपुर में प्यार की एक अजब-गजब कहानी देखने मिली. यहां एक लड़की को इंस्टाग्राम पर एक लड़के से इश्क हो गया. लड़की 70 किलोमीटर दूर बस्ती जाकर उससे मिलने-जुलने भी लगी. इसी बीच लड़की को पता चला कि बॉयफ्रेंड तो टाइल्स मिस्त्री है.1
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- प्रख्यात समाजसेवी डॉक्टर उदय प्रताप चतुर्वेदी ने किया गुड लक ई-लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन____________________ राघवेंद्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर संत कबीर नगर, 15 फरवरी 2026: करमुआ चौराहे पर शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत "गुड लक ई-लाइब्रेरी" का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने फीता काटकर ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल शिक्षा का है और ऐसी ई-लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस लाइब्रेरी के माध्यम से छात्र-छात्राएं इंटरनेट का सकारात्मक उपयोग कर दुनिया की किसी भी भाषा में अध्ययन कर सकते हैं तथा विभिन्न विषयों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में लाई गई डिजिटल क्रांति का पूरा लाभ अब स्थानीय विद्यार्थियों को भी मिलेगा। उन्होंने लाइब्रेरी संचालक की इस पहल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा बेहतर ढंग से संचालन के लिए आशीर्वाद दिया। लाइब्रेरी संचालक मुमताज अली ने बताया कि "गुड लक ई-लाइब्रेरी" में विद्यार्थियों के लिए डेली न्यूज़ पेपर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही पूरी तरह से एयर कंडीशन हॉल, हाई-स्पीड वाई-फाई, शांत एवं अनुशासित अध्ययन वातावरण तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्र सुरक्षित माहौल में एकाग्र होकर पढ़ाई कर सकें। उन्होंने बताया कि यहां विद्यार्थियों को बिना किसी व्यवधान के अध्ययन की पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए यह स्थान विशेष रूप से लाभकारी रहेगा, जहां वे बेहतर संसाधनों के साथ अपनी तैयारी को नई दिशा दे सकेंगे।उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में इस तरह की आधुनिक लाइब्रेरी की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। "गुड लक ई-लाइब्रेरी" के शुरू होने से अब स्थानीय छात्रों को शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने ही क्षेत्र में उच्च स्तरीय अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर संचालक जाकिर हुसैन, गुड्डू पाल, राज किशोर गुप्ता, कोमल यादव, चंद्रभूषण पांडे, चंद्रप्रकाश पोस्ट मास्टर हरिहरपुर, राणा, वीरेंद्र सभासद, अजय अग्रहरि, केरमुआ प्रधान, ताहिर हुसैन, राणा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।2
- *महाशिवरात्रि पर तामेश्वरनाथ मंदिर का डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा* *विधि-विधान से की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं की सुविधा व भीड़ प्रबंधन को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश* ✍️ *आशु सिंह* संतकबीरनगर। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर जनपद में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी संतकबीरनगर आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र स्थित तामेश्वरनाथ शिव मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और मेला स्थल का भ्रमण कर जलाभिषेक के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा रूट डायवर्जन की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु और सुरक्षित रहे, इसके लिए भीड़ प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान मेला स्थल के आसपास लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मेला आयोजकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से संवाद कर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, पेयजल, भोजन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने मंदिर में विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जनपदवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी खलीलाबाद, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दूबे, पीआरओ पुलिस अधीक्षक पी.के. गुप्ता सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा मेला प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।1
- शादीशुदा लड़की अपने प्रेमी के साथ फरार, लड़की के परिजनों ने लड़के के परिजनों को पीटकर पिता को उतारा मौत के घाट #crime1