कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा रुलही गांव में फील्ड डे का सफल आयोजन ।। कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा रुलही गांव में सीएफएलडी (तिलहन) कार्यक्रम के तहत एक भव्य फील्ड डे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 165 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में केवीके के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, केवीके के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। डॉ. हर्षा बी.आर. ने वैज्ञानिक तरीके से राई की खेती के उन्नत तरीकों, बेहतर बीज चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग और उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों पर जानकारी दी। डॉ. चेलपुरी रामलू ने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने के महत्व और लाभों के बारे में बताया। डॉ. जगपाल ने राई की खेती की उन्नत विधियों, समय पर बुवाई, उचित दूरी बनाए रखने और अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला उद्यान पदाधिकारी श्री राजू राउत ने किसानों को तिलहन फसलों के विस्तार, उन्नत किस्मों के उपयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। आत्मा के उपनिदेशक श्री भारत भूषण ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से राई की खेती करने से देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता को कम किया जा सकता है। केवीके प्रमुख डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन और एकीकृत कृषि प्रणाली पर प्रकाश डाला और किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह फील्ड डे किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ, जिससे तिलहन उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया ।
कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा रुलही गांव में फील्ड डे का सफल आयोजन ।। कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा रुलही गांव में सीएफएलडी (तिलहन) कार्यक्रम के तहत एक भव्य फील्ड डे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 165 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में केवीके के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, केवीके के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। डॉ. हर्षा बी.आर. ने वैज्ञानिक तरीके से राई की खेती के उन्नत तरीकों, बेहतर बीज चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग और उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों पर जानकारी दी। डॉ. चेलपुरी रामलू ने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने के महत्व और लाभों के बारे में बताया। डॉ. जगपाल ने राई की खेती की उन्नत विधियों, समय पर बुवाई, उचित दूरी बनाए रखने और अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला उद्यान पदाधिकारी श्री राजू राउत ने किसानों को तिलहन फसलों के विस्तार, उन्नत किस्मों के उपयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। आत्मा के उपनिदेशक श्री भारत भूषण ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से राई की खेती करने से देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता को कम किया जा सकता है। केवीके प्रमुख डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन और एकीकृत कृषि प्रणाली पर प्रकाश डाला और किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह फील्ड डे किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ, जिससे तिलहन उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया ।
- सुभवंती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत हाइ-टेक पॉलिटेक्निक कॉलेज में नेशनल साइंस डे के अवसर पर 28 फरवरी 2026 को भव्य प्रोजेक्ट एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने-अपने तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया। एग्जीबिशन में विभिन्न ब्रांच के छात्रों ने नवाचार, तकनीकी मॉडल और आधुनिक विज्ञान पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों एवं आमंत्रित अतिथियों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नेशनल साइंस डे के इस विशेष अवसर पर आयोजित यह प्रोजेक्ट प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए सीखने, नवाचार को बढ़ावा देने और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।1
- श्रवण कुमार ने जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पोशाक आंगनबाड़ी बच्चों को वितरित कीं। बेतिया। माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार जी ने पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-01 प्रखंड के चखनी पंचायत में आंगनबाड़ी केन्द्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पोशाक आंगनबाड़ी बच्चों को अपने कर कमलों से वितरित किया। इस अवसर पर मंत्री जी ने कहा, "आज का दिन जीविका दीदियों के लिए गर्व का दिन है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इन वस्त्रों को बनाया है।" मंत्री जी ने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य प्रतिबद्ध हैं। इस योजना के माध्यम से महिलाएँ न केवल अपनी आजीविका संवर्धन रही हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज के विकास में भी योगदान दे रही हैं।" कार्यक्रम में मंत्री जी ने जीविका दीदियों के साथ बातचीत की और उनके अनुभव सुने। इस कार्यक्रम में उपस्थित माननीय विधायक श्री राम सिंह जी ने भी जीविका दीदियों को सम्बोधित किया और राज्य के विकास में उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर स्थानीय श्री लाल बाबू उर्फ रविरंजन यादव सहित अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- Post by Sadhana national News1
- बिहार के पश्चिमी चंपारण जिला में नरकटियागंज–बेतिया रेलखंड पर कुमारबाग रेलवे स्टेशन के पास चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे रेल पटरी टूट गई। झटका महसूस होते ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। रेलवे टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच के बाद अस्थायी मरम्मत की और ट्रेन को आगे रवाना किया। घटना में सभी यात्री सुरक्षित हैं।1
- पश्चिम चम्पारण जिले के बगहा -02 प्रखंड अंतर्गत बाल्मीकि नगर स्थित बाल्मीकि सभागार में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 01.03.2026.1
- कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा रुलही गांव में सीएफएलडी (तिलहन) कार्यक्रम के तहत एक भव्य फील्ड डे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 165 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में केवीके के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, केवीके के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। डॉ. हर्षा बी.आर. ने वैज्ञानिक तरीके से राई की खेती के उन्नत तरीकों, बेहतर बीज चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग और उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों पर जानकारी दी। डॉ. चेलपुरी रामलू ने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने के महत्व और लाभों के बारे में बताया। डॉ. जगपाल ने राई की खेती की उन्नत विधियों, समय पर बुवाई, उचित दूरी बनाए रखने और अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला उद्यान पदाधिकारी श्री राजू राउत ने किसानों को तिलहन फसलों के विस्तार, उन्नत किस्मों के उपयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। आत्मा के उपनिदेशक श्री भारत भूषण ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से राई की खेती करने से देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता को कम किया जा सकता है। केवीके प्रमुख डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित कीट प्रबंधन और एकीकृत कृषि प्रणाली पर प्रकाश डाला और किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह फील्ड डे किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ, जिससे तिलहन उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया ।1
- रविवार की सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यालय पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिकारी कार्यकर्ता और सैकड़ो की संख्या मे आम जन ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगो ने फगुआ और होली गीतों का जमकर आनंद उठाया।1
- डुमरिया के युवक की लुधियाना में फंदे से लटकता मिला शव गांव में शोक की लहर बैरिया थाना क्षेत्र के पखनाहा डुमरिया पंचायत के वार्ड संख्या 11 निवासी बिंदा यादव के पुत्र अमिताभ यादव (30) ने पंजाब के लुधियाना जिला के हेबोआल थाना क्षेत्र के जगपुरी पुलिस चौकी अंतर्गत कुंज बिहार में फंदे से लटकता हुआ शव बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।घटना शनिवार के साम की करीब चार बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार अमिताभ यादव पंजाब में कंप्यूटर कढ़ाई का व्यवसाय करता था। उसने अपनी खुद की मशीन खरीदकर कारीगरों को रखा था और वहीं अपना मकान भी बना लिया था। वह अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के साथ पंजाब में ही रह रहा था।बताया जाता है कि घटना वाले दिन तड़के सुबह अमिताभ ने अपनी पत्नी और तीनों बच्चों को ट्रेन से गांव भेज दिया था और खुद अगले दिन आने की बात कही थी। पत्नी के गांव रवाना होने के बाद, फैक्ट्री में कार्यरत कारीगरों ने देखा कि अमिताभ फांसी के फंदे पर लटका हुआ था।इसके बाद तुरंत पंजाब पुलिस को सूचना दी गई।सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया फिलहाल परिजन शव को पंजाब से गांव लाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। ईधर परिजनों ने हत्या कर शव लटकाने का बात कह रहे है। अमिताभ के शरीर पर कई जगह चोट का निशान है। इस दुखद घटना से पूरे डुमरिया गांव में मातम पसरा हुआ है। उल्लेखनीय है कि करीब 10-15 वर्ष पूर्व मृतक के बड़े भाई ने भी पारिवारिक कलह के चलते आत्महत्या कर ली थी, जिससे परिवार पहले से ही सदमे में है।1