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पिपलिया खुर्द में विकास कार्यों की खुली पोल, खस्ताहाल सड़क में फंसी बच्चों से भरी स्कूल बस। बड़ा हादसा हो जाएगा तो इसका कौन जिम्मेदार होगा जैतारण । ग्राम पंचायत पिपलिया खुर्द में विकास कार्यों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब बच्चों से भरी एक स्कूल बस खस्ताहाल सड़क में फंस गई। बस को काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर की सहायता से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के विकास के लिए हर वर्ष लाखों रुपये स्वीकृत होते हैं, लेकिन धरातल पर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिसका खामियाजा आम जनता और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

7 hrs ago
user_धर्मवीर क़ीर
धर्मवीर क़ीर
Advertising Photographer जैतारण, पाली, राजस्थान•
7 hrs ago

पिपलिया खुर्द में विकास कार्यों की खुली पोल, खस्ताहाल सड़क में फंसी बच्चों से भरी स्कूल बस। बड़ा हादसा हो जाएगा तो इसका कौन जिम्मेदार होगा जैतारण । ग्राम पंचायत पिपलिया खुर्द में विकास कार्यों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब बच्चों से भरी एक स्कूल बस खस्ताहाल सड़क में फंस गई। बस को काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर की सहायता से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के विकास के लिए हर वर्ष लाखों रुपये स्वीकृत होते हैं, लेकिन धरातल पर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिसका खामियाजा आम जनता और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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  • पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन
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    पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन
पिसांगन थाना क्षेत्र के पिचौलिया शराब का ठेका, और नूरीयावास पिचौलिया के मध्य चलने वाली अवैध ब्रांच 24 घंटे खुली रहने का मामला आया सामने, सुबह 9:00 बजे मीडिया को मिली शराब की दुकान, पीसांगन थाना अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी, राज्य सरकार के आदेशों के बावजूद भी नहीं हो रहा है नियमों का पालन
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है। खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी। तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा। ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी। कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है। रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है। खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी। तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा। ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी। कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है।
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    रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई।

पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है।

खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी।

तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा।

ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी।

कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है।
रियान बड़ी क्षेत्र में मंगलवार शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। शाम करीब 5 बजे आसमान में काले घने बादल छाने लगे और 6 बजे तक पूरे क्षेत्र में दिन में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई।
पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम में बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ गई थी। गर्मी और चिपचिपाहट से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।
यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन दिनों खरीफ फसलों की बढ़वार का समय है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली वर्षा फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक होती है।
खेतों में खड़ी बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार सहित अन्य फसलों को इस बारिश से पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही, तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना और मजबूत होगी।
तेज बारिश का असर क्षेत्र की लूणी नदी पर भी पड़ सकता है। आसपास के इलाकों में हुई वर्षा से नदी के बहाव में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा।
ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही अच्छी बारिश से तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी।
कुल मिलाकर, मंगलवार शाम हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • राजसमंद के गिलुंड में सबसे ज्यादा 42 मिमी बारिश : गर्मी और उमस से राहत...
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    राजसमंद के गिलुंड में सबसे ज्यादा 42 मिमी बारिश : गर्मी और उमस से राहत...
    user_Prahalad singh
    Prahalad singh
    Local News Reporter भीम, राजसमंद, राजस्थान•
    1 hr ago
  • गौरव दवे की मृत्यु ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) होने के कारण हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) घोषित कर दिया था। इस गहरे दुख की घड़ी में भी गौरव के माता-पिता और परिवार ने एक बेहद हिम्मत और मानवता भरा फैसला लिया। उन्होंने गौरव के अंगों को दान करने की सहमति दी। गौरव के अंगदान से कई ज़रूरतमंद मरीजों को एक नई जिंदगी और उम्मीद मिली है: उनका दिल (Heart) अहमदाबाद के यू. एन. मेहता अस्पताल (U.N. Mehta Hospital) में एक युवक में ट्रांसप्लांट होने के लिए ले जाया गया। गौरव दवे की मृत्यु ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) होने के कारण हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) घोषित कर दिया था। इस गहरे दुख की घड़ी में भी गौरव के माता-पिता और परिवार ने एक बेहद हिम्मत और मानवता भरा फैसला लिया। उन्होंने गौरव के अंगों को दान करने की सहमति दी। गौरव के अंगदान से कई ज़रूरतमंद मरीजों को एक नई जिंदगी और उम्मीद मिली है: उनका दिल (Heart) अहमदाबाद के यू. एन. मेहता अस्पताल (U.N. Mehta Hospital) में एक युवक में ट्रांसप्लांट होने के लिए ले जाया गया।
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    गौरव दवे की मृत्यु ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) होने के कारण हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) घोषित कर दिया था।

इस गहरे दुख की घड़ी में भी गौरव के माता-पिता और परिवार ने एक बेहद हिम्मत और मानवता भरा फैसला लिया। उन्होंने गौरव के अंगों को दान करने की सहमति दी।

गौरव के अंगदान से कई ज़रूरतमंद मरीजों को एक नई जिंदगी और उम्मीद मिली है:

उनका दिल (Heart) अहमदाबाद के यू. एन. मेहता अस्पताल (U.N. Mehta Hospital) में एक युवक में ट्रांसप्लांट होने के लिए ले जाया गया।
गौरव दवे की मृत्यु ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) होने के कारण हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) घोषित कर दिया था।
इस गहरे दुख की घड़ी में भी गौरव के माता-पिता और परिवार ने एक बेहद हिम्मत और मानवता भरा फैसला लिया। उन्होंने गौरव के अंगों को दान करने की सहमति दी।
गौरव के अंगदान से कई ज़रूरतमंद मरीजों को एक नई जिंदगी और उम्मीद मिली है:
उनका दिल (Heart) अहमदाबाद के यू. एन. मेहता अस्पताल (U.N. Mehta Hospital) में एक युवक में ट्रांसप्लांट होने के लिए ले जाया गया।
    user_Gordhan ram
    Gordhan ram
    भोपालगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बोरूंदा मे मुसलाधार बारीश,,,, खेतों में लहलहाती फसल से धरती पुत्रो के चेहरे पर रोनक। लाईव असलम खिलजी। जोधपुर ग्रामीण क्षेत्रों में ईन्द्र देवता मेहरबान होने से मिरगा में भायोड़ी मोती निपजे,,,, वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
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    बोरूंदा मे मुसलाधार बारीश,,,, खेतों में लहलहाती फसल से धरती पुत्रो के चेहरे पर रोनक। लाईव असलम खिलजी।
जोधपुर ग्रामीण क्षेत्रों में ईन्द्र देवता मेहरबान होने से मिरगा में भायोड़ी मोती निपजे,,,, वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
    user_Aslam Khilji
    Aslam Khilji
    Advertising agency भोपालगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु संतों का किया सम्मान गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु-संतों का किया सम्मान अजमेर/पुष्कर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर साधु-संतों का सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और सही मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों का पुष्पमाला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
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    गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु संतों का किया सम्मान
गुरु पूर्णिमा पर कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने साधु-संतों का किया सम्मान
अजमेर/पुष्कर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर साधु-संतों का सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और सही मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों का पुष्पमाला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
    user_GUMAN SINGH RAWAAT LADPURA
    GUMAN SINGH RAWAAT LADPURA
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    53 min ago
  • नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है। नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है। स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
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    नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है।

पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है।

स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
नागौर जिले की थांवला पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लगभग 18 टन अवैध बजरी बरामद की। खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर दो मामले दर्ज किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई थाना प्रभारी उप निरीक्षक उमराव जाट के नेतृत्व में की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है।
पुलिस ने गश्त के दौरान आलनियावास क्षेत्र से दो और थांवला-अजमेर मार्ग से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहनों की जांच में वैध रॉयल्टी या परिवहन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद खनिज विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 303(2) और एमएमआरडी एक्ट की धारा 4/21 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया का सोशल मीडिया नेटवर्क बहुत सक्रिय है। पुलिस या खनन विभाग की गाड़ियों की सूचना मिलते ही अवैध खनन में लगे वाहन तुरंत नदी क्षेत्र से हटा लिए जाते हैं। अधिकारियों के लौटने के बाद खनन फिर से शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, लूणी नदी क्षेत्र में पूरे दिन जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बजरी निकाली जाती है।
स्थानीय किसानों ने अवैध खनन से लूणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप में हो रहे बदलाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो भविष्य में नदी चंबल के बीहड़ों जैसी हो सकती है। किसानों के मुताबिक, अत्यधिक खनन के कारण बारिश का पानी नदी क्षेत्र में रुकने के बजाय तेजी से बह जाता है, जिससे भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के कुओं और ट्यूबवेलों के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी
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    मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी
मांगलियावास हाईवे अर्जुनपुरा खालसा के पास हाईवे अथॉरिटी के सामने किसान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अजमेर के आदेश लिए मिन्नते करता रहा, हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने नहीं माने अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश, किसान ने दी न्यायालय की शरण में जाने और पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की चेतावनी
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • बीकानेर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर NSUI का प्रदर्शन, कई छात्र हिरासत में बीकानेर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर NSUI का प्रदर्शन
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    बीकानेर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर NSUI का प्रदर्शन, कई छात्र हिरासत में
बीकानेर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर NSUI का प्रदर्शन
    user_रमेश सिंह
    रमेश सिंह
    Merta, Nagaur•
    23 hrs ago
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