काला मोतिया में आंखों की रोशनी धीरे-धीरे बिना किसी दर्द के चली जाती है... प्राचार्य डॉ हरिओम सिंह मेडिकल कॉलेज कौशांबी मे विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर हुआ रैली का आयोजन ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशाम्बी...स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के तत्वावधान में सोमवार को विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अंतर्गत जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनमानस को काला मोतिया के प्रति सचेत करना और समय पर जांच के महत्व को समझाना रहा जागरूकता रैली कार्यक्रम की शुरुआत चिकित्सालय परिसर में एक जागरूकता रैली के साथ हुई। एम0बी0बी0एस0 छात्रों और स्टाफ ने बैनर और पोस्टरों के माध्यम से लोगों को दृष्टि के मूक चोर (ग्लूकोमा) के लक्षणों के बारे में जानकारी दी। रैली ने पूरे परिसर का भ्रमण कर मरीजों और उनके तीमारदारों को नियमित नेत्र परीक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। रैली के पश्चात कॉलेज के लेक्चर थिएटर-2 में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बताया कि काला मोतिया दृष्टि का मूक चोर है। इसमें आंखों की रोशनी धीरे-धीरे बिना किसी दर्द के चली जाती है, इसलिए 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए। इसके पश्चात विशेषज्ञों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ग्लूकोमा के वैज्ञानिक पहलुओं और इससे बचाव के आधुनिक तरीकों पर चर्चा की।नेत्र रोग विशेषज्ञ डा0 मृदुला रंजन ने बताया कि काला मोतिया के लक्षण शुरुआत में महसूस नहीं होते। जब तक व्यक्ति को दृष्टि कम होने का एहसास होता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। इसलिए समय-समय पर आंखों के दबाव की जांच कराना अनिवार्य है एवं जिन लोगों को मधुमेह,उच्च रक्तचाप है या जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रहा है,उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथही यह भी बताया गया कि काला मोतिया से होने वाला नुकसान लाइलाज है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से बची हुई रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है। अंधापन रोकने के लिए प्रारंभिक जांच ही एकमात्र उपाय है।कार्यक्रम में आचार्य, डा0 सरस्वती जयसवाल यादव, वरिष्ठ परामर्शदाता,डा0 सुरभि प्रकाश, सह आचार्य, डा0 राकेश कुमार शक्ला, डा0 अरिन्दम् चक्रवर्ती, डा0 रविरंजन सिंह, डा0 शारदा सिंह, डा0 हेमलता द्विवेदी, सहायक आचार्य, डा0 अंकित कुमार तिवारी, डा0 शिवम् बिश्नोई, डा0 संतोष कुमार, डा0 आत्मिक सिंह, डा0 संदीप कुमार डा0 पंकज तिवारी, डा0 अरूण पाण्डेय एवं सीनियर व जूनियर रेजीडेन्ट तथा एम0बी0बी0एस0 प्रथम व द्वितीय बैच के समस्त छात्र छात्राऐं उपस्थित रहे।
काला मोतिया में आंखों की रोशनी धीरे-धीरे बिना किसी दर्द के चली जाती है... प्राचार्य डॉ हरिओम सिंह मेडिकल कॉलेज कौशांबी मे विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर हुआ रैली का आयोजन ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशाम्बी...स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के तत्वावधान में सोमवार को विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अंतर्गत जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनमानस को काला मोतिया के प्रति सचेत करना और समय पर जांच के महत्व को समझाना रहा जागरूकता रैली कार्यक्रम की शुरुआत चिकित्सालय परिसर में एक जागरूकता रैली के साथ हुई। एम0बी0बी0एस0 छात्रों और स्टाफ ने बैनर और पोस्टरों के माध्यम से लोगों को दृष्टि के मूक चोर (ग्लूकोमा) के लक्षणों के बारे में जानकारी दी। रैली ने पूरे परिसर का भ्रमण कर मरीजों और उनके तीमारदारों को नियमित नेत्र परीक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। रैली के पश्चात कॉलेज के लेक्चर थिएटर-2 में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बताया कि काला मोतिया दृष्टि का मूक चोर है। इसमें आंखों की रोशनी धीरे-धीरे बिना किसी दर्द के चली जाती है, इसलिए 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए। इसके पश्चात विशेषज्ञों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ग्लूकोमा के वैज्ञानिक पहलुओं और इससे बचाव के आधुनिक तरीकों पर चर्चा की।नेत्र रोग विशेषज्ञ डा0 मृदुला रंजन ने बताया कि काला मोतिया के लक्षण शुरुआत में महसूस नहीं होते। जब तक व्यक्ति को दृष्टि कम होने का एहसास होता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। इसलिए समय-समय पर आंखों के दबाव की जांच कराना अनिवार्य है एवं जिन लोगों को मधुमेह,उच्च रक्तचाप है या जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रहा है,उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथही यह भी बताया गया कि काला मोतिया से होने वाला नुकसान लाइलाज है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से बची हुई रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है। अंधापन रोकने के लिए प्रारंभिक जांच ही एकमात्र उपाय है।कार्यक्रम में आचार्य, डा0 सरस्वती जयसवाल यादव, वरिष्ठ परामर्शदाता,डा0 सुरभि प्रकाश, सह आचार्य, डा0 राकेश कुमार शक्ला, डा0 अरिन्दम् चक्रवर्ती, डा0 रविरंजन सिंह, डा0 शारदा सिंह, डा0 हेमलता द्विवेदी, सहायक आचार्य, डा0 अंकित कुमार तिवारी, डा0 शिवम् बिश्नोई, डा0 संतोष कुमार, डा0 आत्मिक सिंह, डा0 संदीप कुमार डा0 पंकज तिवारी, डा0 अरूण पाण्डेय एवं सीनियर व जूनियर रेजीडेन्ट तथा एम0बी0बी0एस0 प्रथम व द्वितीय बैच के समस्त छात्र छात्राऐं उपस्थित रहे।
- पहले बताया कि लड़की खुद कुएं में कूदी, फिर बताया गया प्रेम प्रसंग था, फिर कहा गया कि किसी ने धक्का दे दिया। और जब इतने से बात नहीं बनी तो पुलिस ने notice जारी किया कि इस मामले पर कोई बात न करे वरना उनपर FIR की जाएगी। अब स्थानीय लोग ही पुलिस की नाक में दम करके रखे हैं! बढ़िया है कम से कम लोग जागरूक तो हो रहे हैं, उन्हें पता तो है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए होती है और उन्हें प्रश्न पूछने का अधिकार है।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- कौशाम्बी जनपद में कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत भरवारी चरवा मार्ग पर रिद्धि सिद्धि कोल्ड स्टोरेज के समीप कल शाम लगभग 6 बजे 2 बाइक आमने-सामने से टकराई जिसमें 2 लोगों की हुई दर्दनाक मौत । गंभीर रूप से घायल हुए लोगों का चल रहा इलाज । कौशाम्बी एवं अपने आसपास के जनपदों की खबर को पाने के लिए हमारे साथ जुड़े अभी सब्सक्राइब करें इंडियन नेशनल न्यूज़ चैनल को । रिंकू राज Rinku Raaz Founder : Indian National News " सच की खोज " ( भारतीय राष्ट्रीय समाचार ) #kaushambinews1
- Post by ओम प्रकाश पत्रकार1
- कौशाम्बी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कौशाम्बी में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अवसर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान काला मोतिया (ग्लूकोमा) जैसी गंभीर नेत्र बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई और विशेषज्ञों ने समय पर जांच कराने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत मेडिकल कॉलेज परिसर में जागरूकता रैली के साथ हुई। एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं और मेडिकल स्टाफ ने बैनर व पोस्टरों के माध्यम से लोगों को “दृष्टि के मूक चोर” कहे जाने वाले ग्लूकोमा के बारे में जानकारी दी। रैली ने पूरे परिसर का भ्रमण करते हुए मरीजों और उनके तीमारदारों को नियमित नेत्र परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया। रैली के बाद कॉलेज के लेक्चर थिएटर-2 में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि काला मोतिया ऐसी बीमारी है जिसमें आंखों की रोशनी धीरे-धीरे बिना किसी दर्द के कम होती जाती है। इसलिए 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मृदुला रंजन ने बताया कि ग्लूकोमा के शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते और जब तक व्यक्ति को इसका एहसास होता है, तब तक आंखों को काफी नुकसान हो चुका होता है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर आंखों के दबाव की जांच बेहद जरूरी है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप या परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रखने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों ने बताया कि काला मोतिया से होने वाला नुकसान पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से बची हुई दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसलिए अंधापन रोकने के लिए नियमित जांच ही सबसे प्रभावी उपाय है। इस अवसर पर आचार्य डॉ. सरस्वती जयसवाल यादव, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सुरभि प्रकाश, सह आचार्य डॉ. राकेश कुमार शुक्ला, डॉ. अरिंदम चक्रवर्ती, डॉ. रविरंजन सिंह, डॉ. शारदा सिंह, डॉ. हेमलता द्विवेदी, सहायक आचार्य डॉ. अंकित कुमार तिवारी, डॉ. शिवम बिश्नोई, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. आत्मिक सिंह, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. अरुण पांडेय सहित सीनियर व जूनियर रेजिडेंट तथा एमबीबीएस प्रथम व द्वितीय बैच के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- क्या ये उस मासूम बेटी की गलती है कि वो सवर्ण समाज से आती है😭😭 उसके बलात्कारी दरिंदे खुले आकाश के तले घूम रहे हैं😡😡,और किसी मे ये दम नही की कोई उनका एनकाउंटर कर पाए😡😡😡1
- महायुद्ध...ईरान की अमेरिका को दो टूक,'हमने सीजफायर की बात नहीं की,हम अपनी रक्षा के लिए तैयार-अराघची1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1