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बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और गर्भपात का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और मुलताई थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टर और अन्य शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
M. Afsar khan
बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और गर्भपात का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और मुलताई थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टर और अन्य शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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- बैतूल जिले के आमला स्थित देहलवाड़ा स्कूल में 75 बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल की बदहाली का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। इस निरीक्षण के बाद जिम्मेदार लोगों पर गाज गिरी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती गई लापरवाही के चलते प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की है।2
- मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने भाई नानकराम पटवारी को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने अपने भाई से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की भैंसदेही विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत कोरडी के सालईढाना गांव में आजादी के 78 साल बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव की विडंबना यह है कि यहां से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर पवन चक्कियां बिजली उत्पादन कर रही हैं, लेकिन सालईढाना के 150 से अधिक ग्रामीण आज भी बिजली की रोशनी से दूर हैं। गांव में आज तक बिजली का एक भी खंभा नहीं लगा है और पिछले 5 वर्षों से निवासी एसबीआई द्वारा मिले सोलर पैनलों के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं। सूरज ढलते ही गांव में अंधेरा छा जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। पेयजल और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की स्थिति भी बदहाल है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने आज तक नल नहीं देखे हैं और वे गंदे नाले का पानी छानकर पीने के लिए मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य का खतरा बना रहता है। आवागमन के लिए भी कोई पक्का रास्ता नहीं है; बारिश के दौरान गांव का संपर्क कट जाता है और जरूरी कार्यों के लिए ग्रामीणों को या तो 10-12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है या 4 किलोमीटर का जोखिम भरा रास्ता चुनना पड़ता है जिसमें पहाड़ियां और बड़ी नदियां पार करनी होती हैं। शिक्षा के मामले में भी गांव में केवल कक्षा 1 से 5 तक ही स्कूल है, जिसके बाद आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई अक्सर बीच में ही छूट जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनवाड़ी सेवाएं भी ठप हैं और सरकारी अधिकारियों को गांव की स्थिति का अंदाजा तक नहीं है। जब वे अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों के चक्कर काटते हैं, तो जिम्मेदारों को नक्शा देखकर गांव की स्थिति समझनी पड़ती है। इस लगातार उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आगामी पंचायत चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। यदि बिजली, सड़क, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हुईं, तो पूरा गांव चुनाव प्रक्रिया से दूर रहेगा।4
- छिंदवाड़ा नगर पालिक निगम के महापौर विक्रम अहके और आयुक्त सी.पी. राय के निर्देशन में शुक्रवार सुबह 11 बजे वार्ड नंबर 41 में 'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ' अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत फुव्वारा चौक से दीनदयाल पार्क तक के क्षेत्र में विशेष श्रमदान और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिद्धि विनायक वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर दीपक राज जैन, स्वच्छता चैंपियन शैलेश उज्जवला व मीरा पराड़कर, वृक्ष मित्र रविंद्र कुशवाहा और समाजसेविका आराधना पवार ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। इस दौरान नागरिकों को कचरा न फैलाने, कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने के कड़े निर्देश दिए गए, ताकि मौसमी बीमारियों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।1
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शिक्षक मसब जी नशे की हालत में शिक्षा के मंदिर माने जाने वाले स्कूल में पहुंचे हुए दिखाई दे रहे हैं। शिक्षा के संस्थान में शिक्षक के इस तरह के आचरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- छिंदवाड़ा के परासिया रोड स्थित आधार फाउंडेशन में रिमझिम बारिश के बीच सर्वोदय अहिंसा की टीम और अहिंसा प्रेमी जैन बंधुओं ने वात्सल्य महोत्सव का आयोजन किया। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों के साथ खुशियां बांटी गईं और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। समारोह की शुरुआत रिबन खोलकर की गई, जिसके बाद सक्षम के जिला अध्यक्ष इंजीनियर महेश किन्थ और आधार फाउंडेशन के स्टाफ ने अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में सर्वोदय अहिंसा के प्रदेश संयोजक एवं नगर पालिक निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर दीपक राज जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ श्रीमती सविता शैलेन्द्र जैन, डॉक्टर कविता, इंजीनियर पराग जैन, बेबी श्रेष्ठी जैन और अविष्का जैन विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित रहीं। इस दौरान दिव्यांग बेटियों ने नृत्यगान के साथ मंगलाचरण किया और दिव्यांग बच्चों ने नशा मुक्त भारत का संदेश देती हुई प्रस्तुति दी। दीपक राज जैन ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की शपथ दिलाई। महोत्सव के दौरान अहिंसा प्रेमियों ने 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण किया और दिव्यांग बच्चों को स्वादिष्ट भोजन कराया।1
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अपने भ्रमण के दौरान एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए शिक्षक की भूमिका निभाई और उन्हें रोचक तरीके से जल चक्र व पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता का आकलन भी किया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे बच्चों को कहानी आधारित पद्धति से पढ़ाएं और दैनिक रूप से सामान्य ज्ञान साझा करें। विद्यालय निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्वच्छता, रनिंग वाटर की उपलब्धता, रसोईघर और पुस्तकालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, साथ ही भोजन की गुणवत्ता और मक्खियों से बचाव के लिए छिड़काव करने के निर्देश दिए। ग्राम नरेरा के आंगनबाड़ी केंद्र में निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने छत से पानी टपकने की समस्या को लेकर तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने वहां गर्भवती महिला सोनम पति श्रीराम की रक्त जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी और एएनएम को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आयरन-फोलिक एसिड की दवाओं और संतुलित आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान बाउंड्री वॉल में दरार मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण, 108 एंबुलेंस सेवा और आवश्यक दवाओं के स्टॉक की समीक्षा की। उन्होंने बीएमओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में बंद पड़े बोर को तुरंत ठीक करवाकर पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए।1
- बैतूल जिले के पाथाखेड़ा स्थित शास्त्री नगर निवासी जितेन्द्र, जो कि पिता जियालाल विश्वकर्मा का पुत्र है, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जितेन्द्र के खिलाफ कुल 11 मामले पहले से ही पंजीबद्ध हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।1
- भैंसदेही के सतपुड़ा के जंगलों के बीच कुकरू के कसई गांव में वर्ष 2005 में स्थापित देश का पहला ‘विलेज एनर्जी सिक्योरिटी’ मॉडल अब सरकारी उपेक्षा के कारण पूरी तरह विफल हो चुका है। तत्कालीन गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत मंत्रालय और मध्यप्रदेश वन विभाग के सहयोग से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ग्रामीण ऊर्जा क्रांति के प्रतीक के रूप में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य बायोमास गैसीफायर तकनीक के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाना था। परियोजना के तहत दो 10 किलोवाट क्षमता के बायोमास गैसीफायर स्थापित किए गए थे, जिनसे घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जल पंप और आटा चक्की जैसी सुविधाएं देने का लक्ष्य था। बायोमास की निरंतर उपलब्धता के लिए विशेष वृक्षारोपण भी किया गया था। हालांकि, 20 साल बाद आज यह प्लांट केवल एक खंडहर बनकर रह गया है, जहां उपकरण जंग खा चुके हैं या गायब हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रखरखाव के अभाव और तकनीकी सहायता न मिलने के कारण यह सिस्टम धीरे-धीरे बंद हो गया। आज जब सरकारें हरित ऊर्जा और जैव ऊर्जा पर जोर दे रही हैं, तब इस परियोजना की विफलता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण और विशेषज्ञ इस बात की जवाबदेही मांग रहे हैं कि प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी कमियों के कारण करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियां क्यों बर्बाद हो गईं। स्थानीय लोग अब इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के तकनीकी मूल्यांकन और पुनरुद्धार की मांग कर रहे हैं, ताकि बीस साल से अधूरे पड़े इस वादे को पूरा कर ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।3