बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अपने भ्रमण के दौरान एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए शिक्षक की भूमिका निभाई और उन्हें रोचक तरीके से जल चक्र व पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता का आकलन भी किया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे बच्चों को कहानी आधारित पद्धति से पढ़ाएं और दैनिक रूप से सामान्य ज्ञान साझा करें। विद्यालय निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्वच्छता, रनिंग वाटर की उपलब्धता, रसोईघर और पुस्तकालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, साथ ही भोजन की गुणवत्ता और मक्खियों से बचाव के लिए छिड़काव करने के निर्देश दिए। ग्राम नरेरा के आंगनबाड़ी केंद्र में निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने छत से पानी टपकने की समस्या को लेकर तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने वहां गर्भवती महिला सोनम पति श्रीराम की रक्त जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी और एएनएम को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आयरन-फोलिक एसिड की दवाओं और संतुलित आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान बाउंड्री वॉल में दरार मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण, 108 एंबुलेंस सेवा और आवश्यक दवाओं के स्टॉक की समीक्षा की। उन्होंने बीएमओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में बंद पड़े बोर को तुरंत ठीक करवाकर पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए।
बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अपने भ्रमण के दौरान एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए शिक्षक की भूमिका निभाई और उन्हें रोचक तरीके से जल चक्र व पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता का आकलन भी किया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे बच्चों को कहानी आधारित पद्धति से पढ़ाएं और दैनिक रूप से सामान्य ज्ञान साझा करें। विद्यालय निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्वच्छता, रनिंग वाटर की उपलब्धता, रसोईघर और पुस्तकालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, साथ ही भोजन की गुणवत्ता और मक्खियों से बचाव के लिए छिड़काव करने के निर्देश दिए। ग्राम नरेरा के आंगनबाड़ी केंद्र में निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने छत से पानी टपकने की समस्या को लेकर तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने वहां गर्भवती महिला सोनम पति श्रीराम की रक्त जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी और एएनएम को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आयरन-फोलिक एसिड की दवाओं और संतुलित आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान बाउंड्री वॉल में दरार मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण, 108 एंबुलेंस सेवा और आवश्यक दवाओं के स्टॉक की समीक्षा की। उन्होंने बीएमओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में बंद पड़े बोर को तुरंत ठीक करवाकर पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए।
- बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और गर्भपात का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और मुलताई थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टर और अन्य शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।1
- बैतूल जिले के आमला जनपद में शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने भ्रमण के दौरान ग्राम देहलवाड़ा में ग्रामीणों की शिकायत पर शासकीय स्कूल भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन की जर्जर और क्षतिग्रस्त स्थिति को देखकर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, कलेक्टर ने संबंधित सरपंच को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा-40 के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने संबंधित सचिव के विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। भविष्य में बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए बीआरसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल के नवीन भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द प्रस्तुत करें। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।4
- बैतूल के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे शुक्रवार को आमला विकासखंड के दौरे के दौरान एक अनोखे अंदाज में दिखाई दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं एक शिक्षक की भूमिका संभाली और कक्षा में विद्यार्थियों को जल चक्र तथा पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया।2
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में ससाबड-अंधारिया मार्ग पर स्थित एक बड़ी नदी पर चल रहे पुलिया निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पुलिया निर्माण के दौरान हुई पहली ही बारिश में अप्रोच मार्ग बह गया, जिससे पिछले 8 दिनों से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। इस स्थिति के चलते स्कूली बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई थीं। प्रशासन और विभाग पर दबाव के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा अप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण कर दिया गया है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। फिलहाल, पुलिया का शेष निर्माण कार्य बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद ही पूरा किया जाएगा। आवागमन की स्थिति को देखते हुए, बड़े वाहनों को अभी भी नाहिया और देय्यत बाबा के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से ही गुजरना होगा।1
- बैतूल जिले के आठनेर के पास स्थित धमोरी गांव में एक किसान के खेत में किंग कोबरा देखा गया है। यह दुर्लभ सांप खेत में रखी एक सूखी लकड़ी पर बैठा हुआ पाया गया, जिसने आसपास के लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर दिया है।1
- बैतूल जिले के आठनेर मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर ग्राम धामोरी में उस समय अफरातफरी मच गई जब मुख्य बस स्टैंड पर एक किंग कोबरा सांप दिखाई दिया। सड़क किनारे नजर आए इस विशालकाय सांप को देखकर मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। जैसे ही सांप खेतों की ओर जाने लगा, लोगों ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद कोबरा अत्यधिक आक्रोशित हो गया। गुस्साए किंग कोबरा ने बचाव की मुद्रा अपनाते हुए लकड़ी पर फन फैलाकर जोर-जोर से फुंकार भरनी शुरू कर दी। सांप का यह आक्रामक रूप देखकर वहां मौजूद लोगों की सांसें फूलने लगीं। घंटों तक चले इस घटनाक्रम के दौरान कोबरा लगातार लोगों को डराता रहा और खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास करता रहा। अंततः लोगों की भीड़ को वहां से हटाया गया, जिसके बाद वह सांप वापस खेतों की तरफ निकल गया। इस घटना के बाद जानकार लोगों ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि इस तरह के जहरीले जीवों को न छेड़ें।1
- पांढुर्णा में जिला किसान कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में खाद की कमी, ई-टोकन व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, कर्ज और जर्जर सड़कों की समस्याओं को लेकर सरकार से तत्काल राहत की मांग की है। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरनाम सिंह सेंगर ने स्पष्ट किया कि खाद वितरण में लागू ई-टोकन प्रणाली के चलते किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे बुवाई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इस ई-टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद कर पुरानी वितरण प्रणाली को बहाल किया जाए। ज्ञापन में कई अन्य प्रमुख मांगें भी शामिल की गईं, जिनमें खेती के दौरान दुर्घटना या आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मृत्यु होने पर परिवार को ₹5 लाख की सहायता देना और साठ वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए ₹2,000 की मासिक पेंशन योजना शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, रात के समय खेतों के लिए सिंगल फेज बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, नकली कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाने और कृषि सामग्री पर पक्का बिल अनिवार्य करने की मांग की गई। साथ ही, कृषि ऋण माफी और खस्ताहाल सड़कों, विशेषकर पांढुर्णा-वरुड राजमार्ग की मरम्मत पर जोर दिया गया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उइके, विधायक विजय चौरे, विधायक नीलेश उइके समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- भारत विकास परिषद माँ ताप्ती शाखा, मुलताई ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर शासकीय नवीन हाईस्कूल परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। हरित भारत के संकल्प के साथ शुरू हुए इस आयोजन में परिषद के सदस्यों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। इस दौरान सदस्यों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि भारत विकास परिषद सेवा, संस्कार, सहयोग, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों के लिए सदैव सक्रिय है। इस पहल का उद्देश्य समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य नीलिमा गार्गव के साथ-साथ परिषद के अध्यक्ष प्रशांत भार्गव, कोषाध्यक्ष संदीप भार्गव, प्रान्त सेवा प्रमुख अभिषेक खंडेलवाल, तपन खंडेलवाल, गजानन कवड़कर, मुकेश जैन, देवेंद्र जैन, रवि प्रकाश जैन, प्रवीण जैन, संदीप तारे, गिरीश मगरदे, महेश खत्री, पवन सोनी, राजा सोनी, मनोज उइके, राहुल भार्गव समेत अन्य सदस्य और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने पौधों की सुरक्षा और देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने की बात कही।1