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बैतूल जिले के आठनेर के पास स्थित धमोरी गांव में एक किसान के खेत में किंग कोबरा देखा गया है। यह दुर्लभ सांप खेत में रखी एक सूखी लकड़ी पर बैठा हुआ पाया गया, जिसने आसपास के लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर दिया है।
Manohar agrval Agrawal
बैतूल जिले के आठनेर के पास स्थित धमोरी गांव में एक किसान के खेत में किंग कोबरा देखा गया है। यह दुर्लभ सांप खेत में रखी एक सूखी लकड़ी पर बैठा हुआ पाया गया, जिसने आसपास के लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर दिया है।
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- बैतूल जिले के आठनेर के पास स्थित धमोरी गांव में एक किसान के खेत में किंग कोबरा देखा गया है। यह दुर्लभ सांप खेत में रखी एक सूखी लकड़ी पर बैठा हुआ पाया गया, जिसने आसपास के लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर दिया है।1
- बैतूल जिले के आमला जनपद में शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने भ्रमण के दौरान ग्राम देहलवाड़ा में ग्रामीणों की शिकायत पर शासकीय स्कूल भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन की जर्जर और क्षतिग्रस्त स्थिति को देखकर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, कलेक्टर ने संबंधित सरपंच को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा-40 के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने संबंधित सचिव के विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। भविष्य में बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए बीआरसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल के नवीन भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द प्रस्तुत करें। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।4
- बैतूल के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे शुक्रवार को आमला विकासखंड के दौरे के दौरान एक अनोखे अंदाज में दिखाई दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं एक शिक्षक की भूमिका संभाली और कक्षा में विद्यार्थियों को जल चक्र तथा पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया।2
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में ससाबड-अंधारिया मार्ग पर स्थित एक बड़ी नदी पर चल रहे पुलिया निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पुलिया निर्माण के दौरान हुई पहली ही बारिश में अप्रोच मार्ग बह गया, जिससे पिछले 8 दिनों से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। इस स्थिति के चलते स्कूली बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई थीं। प्रशासन और विभाग पर दबाव के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा अप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण कर दिया गया है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। फिलहाल, पुलिया का शेष निर्माण कार्य बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद ही पूरा किया जाएगा। आवागमन की स्थिति को देखते हुए, बड़े वाहनों को अभी भी नाहिया और देय्यत बाबा के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से ही गुजरना होगा।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने भाई नानकराम पटवारी को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने अपने भाई से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी।1
- बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और गर्भपात का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और मुलताई थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टर और अन्य शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।1
- बैतूल जिले के आठनेर मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर ग्राम धामोरी में उस समय अफरातफरी मच गई जब मुख्य बस स्टैंड पर एक किंग कोबरा सांप दिखाई दिया। सड़क किनारे नजर आए इस विशालकाय सांप को देखकर मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। जैसे ही सांप खेतों की ओर जाने लगा, लोगों ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद कोबरा अत्यधिक आक्रोशित हो गया। गुस्साए किंग कोबरा ने बचाव की मुद्रा अपनाते हुए लकड़ी पर फन फैलाकर जोर-जोर से फुंकार भरनी शुरू कर दी। सांप का यह आक्रामक रूप देखकर वहां मौजूद लोगों की सांसें फूलने लगीं। घंटों तक चले इस घटनाक्रम के दौरान कोबरा लगातार लोगों को डराता रहा और खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास करता रहा। अंततः लोगों की भीड़ को वहां से हटाया गया, जिसके बाद वह सांप वापस खेतों की तरफ निकल गया। इस घटना के बाद जानकार लोगों ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि इस तरह के जहरीले जीवों को न छेड़ें।1
- बैतूल जिले के आमला स्थित देहलवाड़ा स्कूल में 75 बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल की बदहाली का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। इस निरीक्षण के बाद जिम्मेदार लोगों पर गाज गिरी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती गई लापरवाही के चलते प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की है।2