पुनासा और मुंदी में आयोजित एक जनकल्याण शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को संबंधित योजनाओं का लाभ तुरंत प्रदान किया गया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि चंद्रमोहन राठौर ने बताया कि नगर परिषद और पूरे क्षेत्र में करोड़ों रुपए की योजना के कार्य जारी हैं, और 'ट्रिपल इंजन' के सहयोग से कई विकास कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। शिविर में अनेक विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे, जिन्होंने आए हुए हितग्राहियों की समस्याओं को सुना और उनका मौके पर ही तत्काल समाधान किया। योजनाओं का लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। साथ ही, इस जनकल्याण शिविर में वृद्धजनों और वरिष्ठ नागरिकों का विशेष सम्मान भी किया गया।
पुनासा और मुंदी में आयोजित एक जनकल्याण शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को संबंधित योजनाओं का लाभ तुरंत प्रदान किया गया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि चंद्रमोहन राठौर ने बताया कि नगर परिषद और पूरे क्षेत्र में करोड़ों रुपए की योजना के कार्य जारी हैं, और 'ट्रिपल इंजन' के सहयोग से कई विकास कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। शिविर में अनेक विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे, जिन्होंने आए हुए हितग्राहियों की समस्याओं को सुना और उनका मौके पर ही तत्काल समाधान किया। योजनाओं का लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। साथ ही, इस जनकल्याण शिविर में वृद्धजनों और वरिष्ठ नागरिकों का विशेष सम्मान भी किया गया।
- मां नर्मदा नाभि प्रखंड के नगर खातेगांव में जिले के पहले विश्व स्तरीय इस्कॉन मंदिर का निर्माण कार्य तेज गति से प्रारंभ हो गया है। यह श्री राधा कृष्ण मंदिर लगभग सात हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में आकार ले रहा है, जिसके निर्माण से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। अब लगभग 80 देशों सहित भारत के मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों और बड़े नगरों में संचालित इस्कॉन मंदिरों की विशाल श्रृंखला में छोटे से कस्बे खातेगांव का नाम भी जुड़ने जा रहा है।4
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सिहोनिया गांव में स्थित लगभग 1000 वर्ष पुराना ककनमठ मंदिर आज भी अपने रहस्यों और अद्भुत वास्तुकला के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 11वीं शताब्दी में कच्छपघात वंश के राजा कीर्तिराज द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण में पत्थरों को जोड़ने के लिए न तो सीमेंट का उपयोग किया गया और न ही चूने का। इसके बजाय, विशाल पत्थरों को एक-दूसरे के ऊपर इस तरह संतुलित किया गया है कि सदियों बाद भी यह संरचना मजबूती से खड़ी हुई है। मंदिर के निर्माण को लेकर स्थानीय मान्यताओं में कहा जाता है कि इसे एक ही रात में भूत-प्रेतों द्वारा बनाया गया था, जबकि इतिहासकार इसे प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना मानते हैं। समय के साथ मंदिर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, लेकिन इसकी मुख्य संरचना आज भी लोगों को आकर्षित करती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित यह रहस्यमयी धरोहर पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को दूर-दूर से अपनी ओर खींचती है, और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।1
- देवास में 16 जून 2026 को कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति और अंतरविभागीय समन्वय मामलों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती विशाखा देशमुख सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित रहे, जबकि विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए, कहा कि त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को 20 जून को जारी होने वाली प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिले की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करने के लिए चार दिवसीय विशेष अभियान चलाकर लंबित शिकायतों का तुरंत समाधान करने और सभी विभागों को 'ए-ग्रेड' में रहने का लक्ष्य रखने को कहा। साथ ही, सभी विभागीय अधिकारियों को स्वयं शिकायतकर्ता से बात कर संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर श्री सिंह ने आगामी टीएल बैठक के लिए विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अब अलग-अलग स्थानों से ऑनलाइन नहीं जुड़ेंगे, बल्कि सभी तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से एसडीएम कार्यालय में एक साथ उपस्थित होकर ही जिला स्तरीय टीएल बैठक में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी एसडीएम कार्यालय की बजाय किसी अन्य स्थान से जुड़ता पाया गया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि एसडीएम कार्यालय में सभी की मौजूदगी से समन्वय बेहतर होगा और मामलों का मौके पर ही तेजी से निराकरण किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर श्री सिंह ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर मत्स्य पालन अधिकारी श्री एस मंडलोई को दो वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। केसीसी कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सहायक संचालक कृषि श्री लोकेश गंगराड़े को भी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। राज्य शासन के निर्देशानुसार आयोजित जनकल्याण शिविरों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति को लाभ पहुंचाना है, इसलिए अधिक से अधिक नागरिकों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने विभागवार और योजनावार जानकारी ली कि कितने नागरिकों को लाभ मिला है, और यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाए। कलेक्टर ने सभी विभागों से जनकल्याण शिविरों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने और केंद्र व राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविरों के संपादन और आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, और सभी जिला अधिकारियों को 18 जून तक चलने वाले शिविरों की फील्ड में उतरकर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को शत-प्रतिशत किसानों की 'फार्मर आईडी' बनाने की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, ई-विकास प्रणाली में समय पर कार्य करने और 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने तथा उनकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, जिसमें सभी अधिकारी/कर्मचारियों को सहभागिता कर नागरिकों को भी प्रेरित करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि देवास शहर के 1150 नजूल पट्टाधारियों ने पट्टों का नवीनीकरण नहीं कराया है। इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी को एक माह में नवीनीकरण करवाने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि समय-सीमा में नवीनीकरण न कराने पर नजूल कार्यालय द्वारा पट्टे निरस्त कर प्लाट वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा कर तय समय-सीमा में इनका निराकरण करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिले की सभी जनपद पंचायतों और नगर परिषदों में चल रहे ई-केवाईसी कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शत-प्रतिशत ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए, और इस कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने जल स्रोतों के पुनरुद्धार सहित चिन्हित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। सभी एसडीएम को तालाबों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया। कलेक्टर ने वन विभाग द्वारा कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की और अगली टीएल बैठक तक कार्य पूर्ण न होने पर संबंधितों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने वन विभाग को 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा कर ज्यादा से ज्यादा पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। 'लखपति दीदी' और 'लखपति पशुपालक दीदी' योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को दायरे में शामिल करने को कहा। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए सीसीएल के माध्यम से त्वरित ऋण स्वीकृत कराकर गाय खरीदने हेतु प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय तालमेल और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 'लखपति दीदी' योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख या उससे अधिक तक पहुंचाना है, और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल जीवन मिशन अंतर्गत एकल नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सभी प्रगतिरत योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने और हैंडओवर करने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर, कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं में शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, सीवियर एनेमिक गर्भवती महिलाओं और पी.आई.एच. का प्रबंधन, तथा टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंत में, कलेक्टर श्री सिंह ने कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमेन, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना, पीएमएफएमई, पीएम विश्वकर्मा योजना और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, कुसुम बी योजना सहित सभी स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं में अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।4
- देवास जिले के खातेगांव स्थित बैंक ऑफ़ बड़ोदा के सामने नाले का निर्माण कार्य पिछले 15 दिन से भी अधिक समय से बेहद धीमी गति से चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कार्य 'कछुए की चाल' से आगे बढ़ रहा है, जिससे परियोजना की प्रगति न के बराबर है। इस सुस्त रफ्तार के कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आवागमन में लगातार बाधाएँ आ रही हैं। आरोप है कि इस गंभीर समस्या और जन-परेशानी पर उच्च अधिकारियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिसके चलते नाले का निर्माण कार्य लगातार अधर में लटका हुआ है।1
- इंदौर जिले के महू क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुजरखेड़ा अंतर्गत ओली मिल कॉलोनी की एक गली में लंबे समय से कचरे का विशाल ढेर जमा है, जिससे स्थानीय रहवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि इस कचरे के कारण पूरे क्षेत्र में अत्यधिक गंदगी फैल रही है, जो अब बीमारियों का घर बनती जा रही है। कचरे से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के चलते आसपास के घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, इस कचरे के ढेर की वजह से मच्छरों और अन्य कीटों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। निवासियों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए वे ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालय में तीन बार आवेदन दे चुके हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी चार बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत इस कचरे का निस्तारण करने, क्षेत्र की युद्धस्तर पर साफ-सफाई करवाने और भविष्य में नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने की सुनिश्चितता के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।1
- महू के पिगड़म्बर निवासी कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोयल का निःशुल्क पानी वितरण टैंकर बीती रात चोरी हो गया। यह टैंकर महू में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चलाया जा रहा था। तीन अज्ञात व्यक्तियों (चोरों) ने पिगड़म्बर से राऊ की ओर ले जाते हुए इसे चुरा लिया। इस घटना की सूचना पुलिस थाने में दर्ज करा दी गई है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस अभी तक इस मामले में कोई ठोस जानकारी जुटा नहीं पाई है। थाना प्रभारी ने बताया है कि चोरी के संबंध में अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।2
- इंदौर शहर में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि उनके मकानों को बिना किसी पुनर्वास व्यवस्था के तोड़ दिया गया है।1
- देवास जिले की खातेगांव विधानसभा के संदलपुर से इंदौर-बैतूल फोरलेन हाईवे पर सड़क निर्माण में कथित 'महा-घोटाले' और 'जनता की जान से खिलवाड़' का एक गंभीर मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह सर्विस रोड पहली ही बारिश में पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे यह 'स्विंग पूल' या 'मौत का वाटर पार्क' में तब्दील हो गया है। सड़क पर गाड़ियां तैरकर निकलने को मजबूर हैं और चारों तरफ समंदर जैसा खौफनाक मंज़र दिखाई दे रहा है, जिसने विकास के दावों की पोल खोल दी है। इस 'महा-लापरवाही' के कारण लोग अपनी जान हथेली पर रखकर इस 'जलमार्ग' को पार करने को विवश हैं। आरोप है कि टोल कंपनी पूरी ईमानदारी से जनता की जेब से टोल टैक्स वसूल रही है, जिसमें एक सेकंड की भी देरी नहीं की जाती, लेकिन बदले में जनता को 'मौत का रास्ता' मिल रहा है। सड़क पर पानी निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी कमी है, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है। कन्नौद-खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर नेता और पूर्व प्रत्याशी ओम पटेल ने इस गंभीर मामले पर सरकार और भ्रष्ट अफसरों पर सीधे सवाल दागे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब जनता से पूरा टोल टैक्स वसूला जा रहा है, तो उन्हें इस 'नर्क' से क्यों गुजरना पड़ रहा है। ओम पटेल ने जिम्मेदार अफसरों को अपनी एसी केबिन से बाहर निकलने और जिम्मेदारी से भागना बंद करने को कहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर इस 'जानलेवा समस्या' का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो जनता के हक के लिए उन्हें उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा? भ्रष्टाचार की इस सड़क को बनाने वाले ठेकेदार पर कब कार्रवाई होगी? और आखिर इस 'महा-परेशानी' का असली जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार अफसर फिलहाल 'कुंभकर्णी नींद' में चूर बताए जा रहे हैं।1