देवास जिले की खातेगांव विधानसभा के संदलपुर से इंदौर-बैतूल फोरलेन हाईवे पर सड़क निर्माण में कथित 'महा-घोटाले' और 'जनता की जान से खिलवाड़' का एक गंभीर मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह सर्विस रोड पहली ही बारिश में पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे यह 'स्विंग पूल' या 'मौत का वाटर पार्क' में तब्दील हो गया है। सड़क पर गाड़ियां तैरकर निकलने को मजबूर हैं और चारों तरफ समंदर जैसा खौफनाक मंज़र दिखाई दे रहा है, जिसने विकास के दावों की पोल खोल दी है। इस 'महा-लापरवाही' के कारण लोग अपनी जान हथेली पर रखकर इस 'जलमार्ग' को पार करने को विवश हैं। आरोप है कि टोल कंपनी पूरी ईमानदारी से जनता की जेब से टोल टैक्स वसूल रही है, जिसमें एक सेकंड की भी देरी नहीं की जाती, लेकिन बदले में जनता को 'मौत का रास्ता' मिल रहा है। सड़क पर पानी निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी कमी है, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है। कन्नौद-खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर नेता और पूर्व प्रत्याशी ओम पटेल ने इस गंभीर मामले पर सरकार और भ्रष्ट अफसरों पर सीधे सवाल दागे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब जनता से पूरा टोल टैक्स वसूला जा रहा है, तो उन्हें इस 'नर्क' से क्यों गुजरना पड़ रहा है। ओम पटेल ने जिम्मेदार अफसरों को अपनी एसी केबिन से बाहर निकलने और जिम्मेदारी से भागना बंद करने को कहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर इस 'जानलेवा समस्या' का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो जनता के हक के लिए उन्हें उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा? भ्रष्टाचार की इस सड़क को बनाने वाले ठेकेदार पर कब कार्रवाई होगी? और आखिर इस 'महा-परेशानी' का असली जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार अफसर फिलहाल 'कुंभकर्णी नींद' में चूर बताए जा रहे हैं।
देवास जिले की खातेगांव विधानसभा के संदलपुर से इंदौर-बैतूल फोरलेन हाईवे पर सड़क निर्माण में कथित 'महा-घोटाले' और 'जनता की जान से खिलवाड़' का एक गंभीर मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह सर्विस रोड पहली ही बारिश में पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे यह 'स्विंग पूल' या 'मौत का वाटर पार्क' में तब्दील हो गया है। सड़क पर गाड़ियां तैरकर निकलने को मजबूर हैं और चारों तरफ समंदर जैसा खौफनाक मंज़र दिखाई दे रहा है, जिसने विकास के दावों की पोल खोल दी है। इस 'महा-लापरवाही' के कारण लोग अपनी जान हथेली पर रखकर इस 'जलमार्ग' को पार करने को विवश हैं। आरोप है कि टोल कंपनी पूरी ईमानदारी से जनता की जेब से टोल टैक्स वसूल रही है, जिसमें एक सेकंड की भी देरी नहीं की जाती, लेकिन बदले में जनता को 'मौत का रास्ता' मिल रहा है। सड़क पर पानी निकलने की कोई व्यवस्था नहीं है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी कमी है, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है। कन्नौद-खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर नेता और पूर्व प्रत्याशी ओम पटेल ने इस गंभीर मामले पर सरकार और भ्रष्ट अफसरों पर सीधे सवाल दागे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब जनता से पूरा टोल टैक्स वसूला जा रहा है, तो उन्हें इस 'नर्क' से क्यों गुजरना पड़ रहा है। ओम पटेल ने जिम्मेदार अफसरों को अपनी एसी केबिन से बाहर निकलने और जिम्मेदारी से भागना बंद करने को कहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर इस 'जानलेवा समस्या' का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो जनता के हक के लिए उन्हें उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा? भ्रष्टाचार की इस सड़क को बनाने वाले ठेकेदार पर कब कार्रवाई होगी? और आखिर इस 'महा-परेशानी' का असली जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार अफसर फिलहाल 'कुंभकर्णी नींद' में चूर बताए जा रहे हैं।
- सिविल अस्पताल में भर्ती 27 वर्षीय एक विवाहिता की बेहोश अवस्था में आने के बाद मृत्यु हो गई है। इस घटना को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिससे पूरे मामले में तनाव का माहौल है। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टर ने इन आरोपों का खंडन करते हुए अपनी बात रखी है। डॉक्टर के अनुसार, परिजनों ने महिला को बिना किसी को बताए अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया था। बाद में, वे उसे वापस अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।1
- हंडिया क्षेत्र में डीजल की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। कोलीपुरा टप्पर पर स्थित गीता फ्यूल पेट्रोल पंप के संचालक द्वारा ट्रैक्टर चालकों को लाइन में लगाकर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पंप संचालक ने बताया कि यह लाइन सिस्टम पंप पर व्यवस्था बनाए रखने और सभी को समान रूप से डीजल मिल सके, यह सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। ट्रैक्टर चालकों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। शासन के आदेशों के अनुसार, केवल वाहनों में ही डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है और प्लास्टिक की बोतलों या केन में डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, शुरुआत में कुछ लोगों को इस नई व्यवस्था के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।1
- किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक संगठन सड़कों पर उतरने वाला है। यह संगठन 25 जून को किसानों के मुद्दों को उजागर करने के उद्देश्य से एक विशाल ट्रैक्टर-वाहन रैली का आयोजन करेगा।1
- देवास जिले के ग्राम इटावा में भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में प्रभुलाल पिता बाबुलाल ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपकर सुरक्षा की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मनोज पिता नारायणदास मूंदड़ा नामक व्यक्ति द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और न्यायालय में लंबित प्रकरण वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इटावा, तहसील देवास नगर स्थित सर्वे नंबर 79 और 78/2 से संबंधित यह मामला माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में विचाराधीन है, जिसकी द्वितीय अपील क्रमांक 792/2005 और 122/2006 लंबित हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपील के अंतिम निराकरण तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि मनोज मुंदड़ा उन्हें मकान पर बुलडोजर चलवाने, झूठे प्रकरणों में फंसाने और पुलिस कार्रवाई कराने जैसी धमकियां दे रहा है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि आरोपी स्वयं को प्रभावशाली बताकर प्रशासन और पुलिस पर अपनी पकड़ होने की बात कहता है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2022 में भी उनके परिवार के सदस्यों के विरुद्ध असत्य प्रकरण दर्ज कराकर उन्हें परेशान किया गया था, और अब पुनः वैसी ही कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही है। परिवार ने अपनी आर्थिक कमजोरी का हवाला देते हुए कहा है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। प्रभुलाल पिता बाबुलाल ने प्रशासन से मांग की है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित यथास्थिति आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बिना उचित जांच के उनके और परिवार के सदस्यों के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई न की जाए। परिवार ने यह भी गुहार लगाई है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और कथित धमकियों से मुक्त कराया जाए।3
- जिले के भैरूंदा क्षेत्र के ग्राम छीपानेर में प्रशासन ने अवैध रूप से भंडारित 2640 किलोग्राम डीजल जब्त किया है। भैरूंदा एसडीएम श्री सुधीर कुशवाहा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जब ग्राम छीपानेर में एक घर में अवैध डीजल रखे होने की सूचना मिली। नायब तहसीलदार सुश्री आरती सोलंकी ने राजस्व निरीक्षक गोपालपुर और खाद्य विभाग की टीम के साथ मिलकर शिवम गंधवाने पिता रामचन्दर गंधवाने के घर पर जांच की। जांच के दौरान, घर में 12 टंकियों में डीजल भरा हुआ पाया गया, जिसमें प्रत्येक टंकी में लगभग 220 किलोग्राम डीजल था, जिससे कुल 2640 किलोग्राम डीजल का अवैध भंडारण सामने आया। पूछताछ में, शिवम गंधवाने ने बताया कि यह डीजल ग्राहकों को बेचने के उद्देश्य से सीहोर स्थित GRIL इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से खरीदा गया था। प्रशासन ने इस अवैध रूप से भंडारित डीजल को जब्त कर छीपानेर किसान सेवा केंद्र को सुपुर्द कर दिया है।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर स्थित पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल में खाना बनाते समय एक प्रेशर कुकर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे मौके पर मौजूद महिला कर्मचारी गंभीर चोट लगने से बाल-बाल बच गईं। यह खौफनाक हादसा सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसमें कुकर के फटते ही कर्मचारी के घबराकर पीछे हटते हुए देखा जा सकता है। धमाके के कारण महिला कर्मचारी को गर्म भाप और उड़ते ढक्कन से चोटें आईं। इस पूरी घटना का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जो प्रेशर कुकर के इस्तेमाल को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल देता है।1
- देवास के ग्राम इटावा में एक भूमि विवाद को लेकर प्रभुलाल पिता बाबूलाल ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मनोज नामक व्यक्ति द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और न्यायालय में लंबित अपने प्रकरण को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह मामला ग्राम इटावा, तहसील देवास नगर स्थित उनकी भूमि सर्वे नंबर 79 और 78/2 से संबंधित है, जो वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में विचाराधीन है। इसमें द्वितीय अपील क्रमांक 792/2005 और 122/2006 लंबित हैं। उनका कहना है कि उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपील के अंतिम निराकरण तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, बावजूद इसके मनोज उन्हें प्रकरण वापस लेने के लिए दबाव डाल रहा है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि उन्हें मकान पर बुलडोजर चलवाने, झूठे प्रकरणों में फंसाने और पुलिस कार्रवाई कराने की धमकियां मिल रही हैं। आरोपी स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए प्रशासन और पुलिस पर अपनी पकड़ होने का दावा भी करता है। परिवार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में भी उनके सदस्यों के विरुद्ध असत्य प्रकरण दर्ज कराकर उन्हें परेशान किया गया था, और अब ऐसी ही कार्रवाई की पुनः धमकी दी जा रही है। परिवार ने अपनी आर्थिक कमजोरी का हवाला देते हुए कहा है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे भय के माहौल में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए यथास्थिति आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने, बिना उचित जांच के उनके और परिवार के सदस्यों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करने, तथा परिवार को सुरक्षा प्रदान कर इन कथित धमकियों से मुक्त कराने की मांग की है।3
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ लालघाटी स्थित मल्टी केयर अस्पताल से 6 वर्षीय अंश मैना अचानक लापता हो गया है। कोहेफिजा थाना क्षेत्र के इस अस्पताल से लापता हुआ यह बच्चा मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अंश अपनी माँ के इलाज के दौरान अस्पताल परिसर में खेल रहा था, तभी वह नजरों से ओझल हो गया। लापता बालक ने सफेद टी-शर्ट और काली हाफ पैंट पहनी हुई है और वह नंगे पैर है। इस घटना के बाद भोपाल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट जारी कर दिया है और बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को अंश मैना दिखाई दे या उसके बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो वे तुरंत थाना कोहेफिजा अथवा पुलिस के हेल्पलाइन नंबरों 7049104628, 9479990687 और 9425370909 पर सूचना दें। पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करने का भी आग्रह किया गया है ताकि बच्चे का पता लगाने में मदद मिल सके।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को शांत कराने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, घटना ने ऐसा अप्रत्याशित मोड़ ले लिया कि विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम खुद ही इस झगड़े का हिस्सा बन गई। यह घटना लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई है कि आखिर घटनास्थल पर ऐसा क्या हुआ, जिससे सुलह कराने पहुंची टीम ही विवाद में उलझ गई।1