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हंडिया क्षेत्र में डीजल की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। कोलीपुरा टप्पर पर स्थित गीता फ्यूल पेट्रोल पंप के संचालक द्वारा ट्रैक्टर चालकों को लाइन में लगाकर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पंप संचालक ने बताया कि यह लाइन सिस्टम पंप पर व्यवस्था बनाए रखने और सभी को समान रूप से डीजल मिल सके, यह सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। ट्रैक्टर चालकों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। शासन के आदेशों के अनुसार, केवल वाहनों में ही डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है और प्लास्टिक की बोतलों या केन में डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, शुरुआत में कुछ लोगों को इस नई व्यवस्था के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
Mohanlal Nagle
हंडिया क्षेत्र में डीजल की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। कोलीपुरा टप्पर पर स्थित गीता फ्यूल पेट्रोल पंप के संचालक द्वारा ट्रैक्टर चालकों को लाइन में लगाकर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पंप संचालक ने बताया कि यह लाइन सिस्टम पंप पर व्यवस्था बनाए रखने और सभी को समान रूप से डीजल मिल सके, यह सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। ट्रैक्टर चालकों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। शासन के आदेशों के अनुसार, केवल वाहनों में ही डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है और प्लास्टिक की बोतलों या केन में डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, शुरुआत में कुछ लोगों को इस नई व्यवस्था के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
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- हंडिया क्षेत्र में डीजल की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। कोलीपुरा टप्पर पर स्थित गीता फ्यूल पेट्रोल पंप के संचालक द्वारा ट्रैक्टर चालकों को लाइन में लगाकर डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पंप संचालक ने बताया कि यह लाइन सिस्टम पंप पर व्यवस्था बनाए रखने और सभी को समान रूप से डीजल मिल सके, यह सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। ट्रैक्टर चालकों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। शासन के आदेशों के अनुसार, केवल वाहनों में ही डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है और प्लास्टिक की बोतलों या केन में डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, शुरुआत में कुछ लोगों को इस नई व्यवस्था के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।1
- हर्डा जिले के ग्राम बेदी में किसानों के आवागमन के लिए बनाई गई सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसमें कई गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। आशंका जताई गई है कि बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से किसानों को आने-जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। इस स्थिति के मद्देनजर, संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया गया है कि लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में फैली इस महत्वपूर्ण सड़क की तुरंत मरम्मत करवाई जाए। इसके साथ ही, ग्राम बैड़ी में सड़क के किनारे मिट्टी न डालने का भी आग्रह किया गया है, ताकि किसानों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो और सड़क सुगम बनी रहे।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सिहोनिया गांव में स्थित लगभग 1000 वर्ष पुराना ककनमठ मंदिर आज भी अपने रहस्यों और अद्भुत वास्तुकला के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 11वीं शताब्दी में कच्छपघात वंश के राजा कीर्तिराज द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण में पत्थरों को जोड़ने के लिए न तो सीमेंट का उपयोग किया गया और न ही चूने का। इसके बजाय, विशाल पत्थरों को एक-दूसरे के ऊपर इस तरह संतुलित किया गया है कि सदियों बाद भी यह संरचना मजबूती से खड़ी हुई है। मंदिर के निर्माण को लेकर स्थानीय मान्यताओं में कहा जाता है कि इसे एक ही रात में भूत-प्रेतों द्वारा बनाया गया था, जबकि इतिहासकार इसे प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना मानते हैं। समय के साथ मंदिर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, लेकिन इसकी मुख्य संरचना आज भी लोगों को आकर्षित करती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित यह रहस्यमयी धरोहर पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को दूर-दूर से अपनी ओर खींचती है, और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।1
- देवास जिले के खातेगांव स्थित बैंक ऑफ़ बड़ोदा के सामने नाले का निर्माण कार्य पिछले 15 दिन से भी अधिक समय से बेहद धीमी गति से चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कार्य 'कछुए की चाल' से आगे बढ़ रहा है, जिससे परियोजना की प्रगति न के बराबर है। इस सुस्त रफ्तार के कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आवागमन में लगातार बाधाएँ आ रही हैं। आरोप है कि इस गंभीर समस्या और जन-परेशानी पर उच्च अधिकारियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिसके चलते नाले का निर्माण कार्य लगातार अधर में लटका हुआ है।1
- किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक संगठन सड़कों पर उतरने वाला है। यह संगठन 25 जून को किसानों के मुद्दों को उजागर करने के उद्देश्य से एक विशाल ट्रैक्टर-वाहन रैली का आयोजन करेगा।1
- मां नर्मदा नाभि प्रखंड के नगर खातेगांव में जिले के पहले विश्व स्तरीय इस्कॉन मंदिर का निर्माण कार्य तेज गति से प्रारंभ हो गया है। यह श्री राधा कृष्ण मंदिर लगभग सात हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में आकार ले रहा है, जिसके निर्माण से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। अब लगभग 80 देशों सहित भारत के मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों और बड़े नगरों में संचालित इस्कॉन मंदिरों की विशाल श्रृंखला में छोटे से कस्बे खातेगांव का नाम भी जुड़ने जा रहा है।4
- नर्मदापुरम के पचमढ़ी मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ दो कारों के बीच सीधी टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में एक व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। लोगों से अपील की गई है कि वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और सुरक्षित रहें।1