कापू पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, डीएनए रिपोर्ट से खुला राज, पत्नी की गला दबाकर हत्या के बाद शव को आंगन में जलाया, हड्डियों को दफन कर पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट,सब्जी नहीं बनाने की मामूली बात पर हुआ था विवाद, पति ने पत्नी की हत्या कर छिपाया शव रायगढ़ । कापू पुलिस ने हत्या के एक पेचीदा मामले को सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया, हड्डियों के अवशेषों को जमीन में दबा दिया और इसके बाद थाने पहुंचकर पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस की बारीकी से की गई जांच, संदेह के आधार पर पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का सच सामने आया। बरामद हड्डियों के अवशेष का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें मृतिका की पहचान गुम महिला चमेली सिदार उम्र 26 वर्ष के रूप में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। गुमशुदगी की रिपोर्ट ने ही खोला हत्या का रास्ता जानकारी के अनुसार दिनांक 28 अप्रैल 2026 को ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार पिता मनबोध राम उम्र 39 वर्ष थाना कापू पहुंचा और अपनी पत्नी चमेली सिदार के दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 8 बजे घर से बिना बताए कहीं चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान महिला के पति देवानंद सिदार के बयानों एवं उसके व्यवहार में पुलिस को विरोधाभास नजर आया। पुलिस ने गुम महिला के परिजनों एवं अन्य लोगों से बारीकी से पूछताछ की, जिसके बाद संदेह की दिशा महिला के पति की ओर मजबूत होती गई। जांच में सामने आया कि चमेली कहीं गुम नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या कर दी गई थी और हत्या के बाद आरोपी पति ने पूरे मामले को गुमशुदगी का रूप देने का प्रयास किया था। चार साल पहले प्रेम विवाह, नहीं थी कोई संतान मृतिका के पिता बालसाय सिदार उम्र 65 वर्ष निवासी मिर्जापुर (मक्कापुर), थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार वर्ष पूर्व प्रेम संबंध के चलते देवानंद सिदार उसे अपने साथ कुमा ले गया था और पत्नी के रूप में साथ रखता था। दोनों की कोई संतान नहीं थी। परिजनों के अनुसार घटना के बाद दिनांक 18 अप्रैल 2026 को देवानंद उनके घर मक्कापुर आया और चमेली के वहां आने के संबंध में पूछताछ की थी। परिवार ने जब बताया कि चमेली वहां नहीं आई है तो वह वापस चला गया। इसके बाद दिनांक 28 अप्रैल 2026 को एक अन्य स्थान पर दशकर्म कार्यक्रम के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि चमेली की हत्या कर उसके पति ने शव जला दिया है। परिजन तत्काल कुमा स्थित देवानंद के घर पहुंचे और उससे पूछताछ की। “सब्जी नहीं बनाई” तो गुस्से में पत्नी की हत्या पूछताछ में आरोपी देवानंद ने पुलिस एवं परिजनों के समक्ष बताया कि दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात भाजी की सब्जी बनाने की बात को लेकर पत्नी चमेली से उसका विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली के गले को मरोड़कर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने घटना का राज छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया और हड्डियों के अवशेषों को जमीन में गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। *वैज्ञानिक जांच ने खोला पूरा राज* मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मर्ग क्रमांक 45/2026, धारा 194 BNSS के तहत जांच प्रारंभ की गई। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण मं तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा शव उत्खनन की विधिवत अनुमति प्राप्त कर एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। मृतिका के शव के अवशेषों का पंचनामा, बरामदगी एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के साथ डॉक्टर द्वारा प्रिजर्व किए गए हड्डी के नमूने का डीएनए परीक्षण कराया गया। डीएनए रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष गुम महिला चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। वैज्ञानिक साक्ष्य से हत्या की पुष्टि होने के बाद दिनांक 23 अगस्त 2026 को आरोपी देवानंद सिदार के विरुद्ध थाना कापू में अपराध क्रमांक 140/2026, धारा 103(1), 238(ए) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। *तीन दिन गांव से बाहर कैम्प कर पुलिस ने दबोचा आरोपी* अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने लगातार तीन दिनों तक गांव के बाहर कैम्प कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा। लगातार प्रयास के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या का अपराध स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
कापू पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, डीएनए रिपोर्ट से खुला राज, पत्नी की गला दबाकर हत्या के बाद शव को आंगन में जलाया, हड्डियों को दफन कर पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट,सब्जी नहीं बनाने की मामूली बात पर हुआ था विवाद, पति ने पत्नी की हत्या कर छिपाया शव रायगढ़ । कापू पुलिस ने हत्या के एक पेचीदा मामले को सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया, हड्डियों के अवशेषों को जमीन में दबा दिया और इसके बाद थाने पहुंचकर पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस की बारीकी से की गई जांच, संदेह के आधार पर पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का सच सामने आया। बरामद हड्डियों के अवशेष का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें मृतिका की पहचान गुम महिला चमेली सिदार उम्र 26 वर्ष के रूप में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। गुमशुदगी की रिपोर्ट ने ही खोला हत्या का रास्ता जानकारी के अनुसार दिनांक 28 अप्रैल 2026 को ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार
पिता मनबोध राम उम्र 39 वर्ष थाना कापू पहुंचा और अपनी पत्नी चमेली सिदार के दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 8 बजे घर से बिना बताए कहीं चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान महिला के पति देवानंद सिदार के बयानों एवं उसके व्यवहार में पुलिस को विरोधाभास नजर आया। पुलिस ने गुम महिला के परिजनों एवं अन्य लोगों से बारीकी से पूछताछ की, जिसके बाद संदेह की दिशा महिला के पति की ओर मजबूत होती गई। जांच में सामने आया कि चमेली कहीं गुम नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या कर दी गई थी और हत्या के बाद आरोपी पति ने पूरे मामले को गुमशुदगी का रूप देने का प्रयास किया था। चार साल पहले प्रेम विवाह, नहीं थी कोई संतान मृतिका के पिता बालसाय सिदार उम्र 65 वर्ष निवासी मिर्जापुर (मक्कापुर), थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार वर्ष पूर्व प्रेम संबंध के चलते देवानंद सिदार उसे अपने साथ कुमा ले गया था और पत्नी के रूप में साथ रखता था। दोनों की कोई संतान नहीं थी। परिजनों के अनुसार घटना के बाद दिनांक 18 अप्रैल 2026 को देवानंद उनके
घर मक्कापुर आया और चमेली के वहां आने के संबंध में पूछताछ की थी। परिवार ने जब बताया कि चमेली वहां नहीं आई है तो वह वापस चला गया। इसके बाद दिनांक 28 अप्रैल 2026 को एक अन्य स्थान पर दशकर्म कार्यक्रम के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि चमेली की हत्या कर उसके पति ने शव जला दिया है। परिजन तत्काल कुमा स्थित देवानंद के घर पहुंचे और उससे पूछताछ की। “सब्जी नहीं बनाई” तो गुस्से में पत्नी की हत्या पूछताछ में आरोपी देवानंद ने पुलिस एवं परिजनों के समक्ष बताया कि दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात भाजी की सब्जी बनाने की बात को लेकर पत्नी चमेली से उसका विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली के गले को मरोड़कर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने घटना का राज छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया और हड्डियों के अवशेषों को जमीन में गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। *वैज्ञानिक जांच ने खोला पूरा राज* मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मर्ग क्रमांक 45/2026, धारा 194 BNSS के तहत जांच प्रारंभ की गई। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण मं
तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा शव उत्खनन की विधिवत अनुमति प्राप्त कर एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। मृतिका के शव के अवशेषों का पंचनामा, बरामदगी एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के साथ डॉक्टर द्वारा प्रिजर्व किए गए हड्डी के नमूने का डीएनए परीक्षण कराया गया। डीएनए रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष गुम महिला चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। वैज्ञानिक साक्ष्य से हत्या की पुष्टि होने के बाद दिनांक 23 अगस्त 2026 को आरोपी देवानंद सिदार के विरुद्ध थाना कापू में अपराध क्रमांक 140/2026, धारा 103(1), 238(ए) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। *तीन दिन गांव से बाहर कैम्प कर पुलिस ने दबोचा आरोपी* अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने लगातार तीन दिनों तक गांव के बाहर कैम्प कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा। लगातार प्रयास के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या का अपराध स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
- Post by Raigarh Chhattisgarh1
- #गौ_सुरक्षा_अभियान खरक-भैंसी: ₹12 लाख का John Deere 4×4 ट्रैक्टर भेंट गौशाला: अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला, रोहतक, हरियाणा 🔹 करीब ₹11–12 लाख मूल्य का नया ट्रैक्टर गौशाला को दिया गया। 🔹 चारा प्रबंधन व भारी गौ-सेवा कार्यों में सुविधा मिलेगी। Sant Rampal Ji Maharaj #गौ_सुरक्षा_अभियान खरक-भैंसी: ₹12 लाख का John Deere 4×4 ट्रैक्टर भेंट गौशाला: अखिल भारतीय महर्षि दयानंद गौशाला, रोहतक, हरियाणा 🔹 करीब ₹11–12 लाख मूल्य का नया ट्रैक्टर गौशाला को दिया गया। 🔹 चारा प्रबंधन व भारी गौ-सेवा कार्यों में सुविधा मिलेगी। Sant Rampal Ji Maharaj1
- नवपदस्थ कलेक्टर जयश्री जैन सख्त, 10 बजे उपस्थिति अनिवार्य, जनदर्शन में 67 आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश, नवपदस्थ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती जयश्री जैन ने सोमवार को साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक और जनदर्शन में अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों की सुबह 10 बजे कार्यालय में अनिवार्य उपस्थिति, ई-ऑफिस का स्वयं संचालन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु एप और लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया। समय-सीमा बैठक में मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन, जलजनित रोगों की रोकथाम, राजस्व प्रकरण, पीएम आवास, आयुष्मान, पीएम सूर्यघर योजना, स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट और स्व-सहायता समूहों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके बाद आयोजित जनदर्शन में जिलेभर से आए लोगों की समस्याएं सुनी गईं, जहां कुल 67 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें आंगनबाड़ी भवन तोड़ने की शिकायत, आर्थिक सहायता, शिक्षक व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि विवाद और तालाब लीज जैसी समस्याएं शामिल रहीं। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आवेदनों का गंभीरता और नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।1
- नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,जनदर्शन के आवेदनों का पूरी गंभीरता से निराकरण करने विभागीय अधिकारीयों कलेक्टर ने दिए निर्देश वहीं आज जनदर्शन में कुल 67 आवेदन हुए प्राप्त। नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की विभिन्न समस्याएं,जनदर्शन के आवेदनों का पूरी गंभीरता से निराकरण करने विभागीय अधिकारीयों कलेक्टर ने दिए निर्देश वहीं आज जनदर्शन में कुल 67 आवेदन हुए प्राप्त।1
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के नाम पर तेल का खेल, पुलिस ने दी ठिकानों पर दबिश1
- परसदा-केराझर वाटरफॉल में लोगों के जाने पर रोक रायगढ़ कलेक्टर ने जारी किया आदेश,जाने वाले रास्तों पर होगी बैरिकेडिंग।1
- कापू पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, डीएनए रिपोर्ट से खुला राज, पत्नी की गला दबाकर हत्या के बाद शव को आंगन में जलाया, हड्डियों को दफन कर पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट,सब्जी नहीं बनाने की मामूली बात पर हुआ था विवाद, पति ने पत्नी की हत्या कर छिपाया शव रायगढ़ । कापू पुलिस ने हत्या के एक पेचीदा मामले को सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया, हड्डियों के अवशेषों को जमीन में दबा दिया और इसके बाद थाने पहुंचकर पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस की बारीकी से की गई जांच, संदेह के आधार पर पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का सच सामने आया। बरामद हड्डियों के अवशेष का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें मृतिका की पहचान गुम महिला चमेली सिदार उम्र 26 वर्ष के रूप में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। गुमशुदगी की रिपोर्ट ने ही खोला हत्या का रास्ता जानकारी के अनुसार दिनांक 28 अप्रैल 2026 को ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार पिता मनबोध राम उम्र 39 वर्ष थाना कापू पहुंचा और अपनी पत्नी चमेली सिदार के दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 8 बजे घर से बिना बताए कहीं चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान महिला के पति देवानंद सिदार के बयानों एवं उसके व्यवहार में पुलिस को विरोधाभास नजर आया। पुलिस ने गुम महिला के परिजनों एवं अन्य लोगों से बारीकी से पूछताछ की, जिसके बाद संदेह की दिशा महिला के पति की ओर मजबूत होती गई। जांच में सामने आया कि चमेली कहीं गुम नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या कर दी गई थी और हत्या के बाद आरोपी पति ने पूरे मामले को गुमशुदगी का रूप देने का प्रयास किया था। चार साल पहले प्रेम विवाह, नहीं थी कोई संतान मृतिका के पिता बालसाय सिदार उम्र 65 वर्ष निवासी मिर्जापुर (मक्कापुर), थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार वर्ष पूर्व प्रेम संबंध के चलते देवानंद सिदार उसे अपने साथ कुमा ले गया था और पत्नी के रूप में साथ रखता था। दोनों की कोई संतान नहीं थी। परिजनों के अनुसार घटना के बाद दिनांक 18 अप्रैल 2026 को देवानंद उनके घर मक्कापुर आया और चमेली के वहां आने के संबंध में पूछताछ की थी। परिवार ने जब बताया कि चमेली वहां नहीं आई है तो वह वापस चला गया। इसके बाद दिनांक 28 अप्रैल 2026 को एक अन्य स्थान पर दशकर्म कार्यक्रम के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि चमेली की हत्या कर उसके पति ने शव जला दिया है। परिजन तत्काल कुमा स्थित देवानंद के घर पहुंचे और उससे पूछताछ की। “सब्जी नहीं बनाई” तो गुस्से में पत्नी की हत्या पूछताछ में आरोपी देवानंद ने पुलिस एवं परिजनों के समक्ष बताया कि दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात भाजी की सब्जी बनाने की बात को लेकर पत्नी चमेली से उसका विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली के गले को मरोड़कर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने घटना का राज छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया और हड्डियों के अवशेषों को जमीन में गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। *वैज्ञानिक जांच ने खोला पूरा राज* मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मर्ग क्रमांक 45/2026, धारा 194 BNSS के तहत जांच प्रारंभ की गई। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण मं तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा शव उत्खनन की विधिवत अनुमति प्राप्त कर एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। मृतिका के शव के अवशेषों का पंचनामा, बरामदगी एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के साथ डॉक्टर द्वारा प्रिजर्व किए गए हड्डी के नमूने का डीएनए परीक्षण कराया गया। डीएनए रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष गुम महिला चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। वैज्ञानिक साक्ष्य से हत्या की पुष्टि होने के बाद दिनांक 23 अगस्त 2026 को आरोपी देवानंद सिदार के विरुद्ध थाना कापू में अपराध क्रमांक 140/2026, धारा 103(1), 238(ए) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। *तीन दिन गांव से बाहर कैम्प कर पुलिस ने दबोचा आरोपी* अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने लगातार तीन दिनों तक गांव के बाहर कैम्प कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा। लगातार प्रयास के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या का अपराध स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।4
- *शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार* 🚨 *खरसिया पुलिस ने आरोपी युवक को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में भेजा न्यायिक रिमांड पर* *25 अगस्त, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत खरसिया पुलिस ने युवती को शादी का प्रलोभन देकर लगातार शारीरिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक हरिनारायण उर्फ करण श्रीवास (21 वर्ष), खरसिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। *शादी का झांसा देकर बनाया शारीरिक संबंध* युवती (19 साल) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2022 से गांव के हरिनारायण श्रीवास से जान-पहचान थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। युवती के अनुसार, जब वह नाबालिग थी, 18 जनवरी 2024 को वह आरोपी के घर गई थी, जहां आरोपी ने उससे प्रेम करने और शादी करने का वादा करते हुए जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद वर्ष 2025 में आरोपी उसे सोनबरसा क्षेत्र के जंगल में घुमाने के बहाने ले गया और वहां भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती के मुताबिक, 14 जून 2026 को आरोपी शादी का झांसा देकर उसे अपने रिस्तेदार के घर झारसुगुड़ा, ओडिशा ले गया, जहां भी उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद 28 जुलाई 2026 को आरोपी युवती को रायगढ़ लेकर आया और किराये के मकान में रखा कुछ दिनों बाद आरोपी ने युवती से शादी करने से इनकार करते हुए उसकी जाति को लेकर अपशब्द कहे और मारपीट की। इसके बाद युवती 15 अगस्त 2026 को अपने गांव वापस आ गई। युवती ने डर के कारण घटना की जानकारी तत्काल अपनी मां को नहीं दी। 23 अगस्त 2026 को मां द्वारा पूछे जाने पर उसने पूरी घटना बताई और थाना खरसिया पहुंचकर आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। *रिपोर्ट मिलते ही आरोपी की तलाश में दी दबिश* युवती की रिपोर्ट पर थाना खरसिया में अपराध क्रमांक 445/2026, धारा 642(ड) एवं 65(1) बीएनएस एवं 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने उसके गांव में दबिश दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाना लाया, जहां पूछताछ के दौरान उसके द्वारा अपराध स्वीकार किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। *इनकी रही अहम भूमिका* एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन पर महिला संबंधी अपराध में त्वरित कार्य कर आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई में थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, उप निरीक्षक संध्या कोका, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2