शामली जिले के चौसाना क्षेत्र स्थित दथेड़ा गांव की गौशाला में गोवंशों की देखरेख को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना ने गौशाला में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और गोवंशों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, और एक निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिवसेना के सहारनपुर मंडल महासचिव बलिस्टर छावियान के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी ऊन को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गौशाला परिसर में कई दिनों से कुछ गोवंशों के शव पड़े हुए हैं, जबकि कई अन्य गोवंश अत्यंत गंभीर हालत में जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। संगठन ने बताया कि गौशाला में मृत गोवंशों के अवशेष भी खुले में पड़े मिले हैं, जिससे पशुओं की देखभाल और स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग गए हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि मृत गोवंशों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार नहीं कराया गया और उन्हें उचित तरीके से दफनाने के बजाय घोर लापरवाही बरती गई। शिवसेना पदाधिकारियों ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से संबंधित फोटो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने मांग की है कि ग्राम प्रधान, संबंधित सचिव और पशु चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी पुरजोर मांग उठाई गई। इस पूरे मामले पर, उपजिलाधिकारी ने शिवसेना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दथेड़ा गौशाला से जुड़े इन गंभीर आरोपों को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है, और स्थानीय लोग प्रशासन द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
शामली जिले के चौसाना क्षेत्र स्थित दथेड़ा गांव की गौशाला में गोवंशों की देखरेख को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना ने गौशाला में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और गोवंशों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, और एक निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिवसेना के सहारनपुर मंडल महासचिव बलिस्टर छावियान के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी ऊन को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गौशाला परिसर में कई दिनों से कुछ गोवंशों के शव पड़े हुए हैं, जबकि कई अन्य गोवंश अत्यंत गंभीर हालत में जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। संगठन ने बताया कि गौशाला में मृत गोवंशों के अवशेष भी खुले में पड़े मिले हैं, जिससे पशुओं की देखभाल और स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग गए हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि मृत गोवंशों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार नहीं कराया
गया और उन्हें उचित तरीके से दफनाने के बजाय घोर लापरवाही बरती गई। शिवसेना पदाधिकारियों ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से संबंधित फोटो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने मांग की है कि ग्राम प्रधान, संबंधित सचिव और पशु चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी पुरजोर मांग उठाई गई। इस पूरे मामले पर, उपजिलाधिकारी ने शिवसेना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दथेड़ा गौशाला से जुड़े इन गंभीर आरोपों को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है, और स्थानीय लोग प्रशासन द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
- अतरौली स्थित बिजौली ब्लॉक प्रमुख के आवास पर कार्यरत एक रसोइये ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।1
- युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कटारिया करनाल पहुँचे। उन्होंने नीट की परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले और अन्य विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।1
- भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने देवबंद में बड़गांव थाना पुलिस द्वारा अंबेहटा मोहन गांव के पांच युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी, जो एसडीएम और सीओ कार्यालय तक पहुंचे थे, ने गिरफ्तार किए गए युवकों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। भाकियू सेवक के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनित त्यागी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि युवकों के खिलाफ धारा 307 के तहत झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और युवकों को राहत दी जाए। त्यागी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संगठन एक बड़ा आंदोलन करेगा।3
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अक्सर कहते हैं कि जहाँ पानी इकट्ठा होता है, वहाँ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, सहारनपुर जिले की नकुड़ तहसील के बाकरपुर गाँव में लोगों को ऐसी ही परिस्थितियों में जीना पड़ रहा है, जहाँ पानी जमा होने से बीमारी फैलने की आशंका है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया है कि आखिर मुख्यमंत्री जी के इन बयानों के बावजूद गाँव के निवासियों को बीमारी की इस 'जड़' में क्यों रहना पड़ रहा है और ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है।1
- युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कटारिया करनाल पहुँचे। उन्होंने नीट की परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले के साथ-साथ अन्य विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।1
- सहारनपुर के अंबेहटा में, कैराना विधायक नाहिद हसन ने पूनम मित्तल हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अपनी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया कि वे न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। विधायक हसन ने प्रशासन से इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने, सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। इस मुलाकात के दौरान, विधायक के स्थानीय समर्थक और अन्य लोग भी मौजूद थे। परिजनों ने भी विधायक से घटना के शीघ्र खुलासे की अपनी मांग दोहराई।1
- मुजफ्फरनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देश पर, थाना प्रभारी सत्य नारायण दहिया के नेतृत्व में चरथावल पुलिस ने रोहाना मोड़ पर एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने दोपहिया और चारपहिया दोनों तरह के वाहनों की गहनता से जांच की, साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की भी पूरी तलाशी ली गई। पुलिस टीम ने वाहन चालकों के आवश्यक दस्तावेज जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट, सीट बेल्ट और नंबर प्लेट की बारीकी से जांच की। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहन चालकों के खिलाफ मौके पर ही चालान की कार्रवाई भी की गई। चेकिंग के दौरान, पुलिस ने आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के सघन चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे।1
- जब विदेश में भारत का अपमान होता है, तो हर भारतीय का सिर शर्म से झुक जाता है। यह मुद्दा केवल भारत विरोधी नारे लगाने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन नीतियों और नेताओं पर भी सवाल उठाता है जिनकी वजह से विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा पर आंच आती है। यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है कि देश किसी भी राजनीतिक दल से बड़ा होता है, और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हर प्रकार की राजनीति से ऊपर है। इस देशभक्तिपूर्ण विचार पर, जहाँ #IndiaFirst और #NationFirst का भाव सर्वोपरि है, नागरिकों से इस विषय पर अपनी राय टिप्पणी में साझा करने की अपील की गई है।1