Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अक्सर कहते हैं कि जहाँ पानी इकट्ठा होता है, वहाँ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, सहारनपुर जिले की नकुड़ तहसील के बाकरपुर गाँव में लोगों को ऐसी ही परिस्थितियों में जीना पड़ रहा है, जहाँ पानी जमा होने से बीमारी फैलने की आशंका है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया है कि आखिर मुख्यमंत्री जी के इन बयानों के बावजूद गाँव के निवासियों को बीमारी की इस 'जड़' में क्यों रहना पड़ रहा है और ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है।
MUKUL KUMAR
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अक्सर कहते हैं कि जहाँ पानी इकट्ठा होता है, वहाँ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, सहारनपुर जिले की नकुड़ तहसील के बाकरपुर गाँव में लोगों को ऐसी ही परिस्थितियों में जीना पड़ रहा है, जहाँ पानी जमा होने से बीमारी फैलने की आशंका है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया है कि आखिर मुख्यमंत्री जी के इन बयानों के बावजूद गाँव के निवासियों को बीमारी की इस 'जड़' में क्यों रहना पड़ रहा है और ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- दिल्ली के मालवीय नगर में एक बहुमंजिला होटल-रेस्टोरेंट इमारत में भीषण आग लगने और उसमें 21 लोगों की मौत की घटना के बाद, सहारनपुर अग्निशमन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। इस गंभीर हादसे के मद्देनज़र, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रताप सिंह ने अपनी टीम के साथ अंबाला रोड स्थित विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों का गहनता से निरीक्षण किया, ताकि उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जाँच की जा सके। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकासी मार्गों की स्थिति, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और कर्मचारियों की इन उपकरणों के उपयोग संबंधी तैयारियों का बारीकी से आकलन किया। सीएफओ ने इस बात पर विशेष बल दिया कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए सभी संस्थानों को फायर सेफ्टी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। उन्होंने संचालकों को निर्देश दिए कि निकासी मार्ग हमेशा खुले रखें और अपने कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का उचित प्रशिक्षण दें। प्रताप सिंह ने यह भी जानकारी दी कि सहारनपुर, देवबंद और गंगोह सहित ज़िले की सभी तहसीलों में एक विशेष फायर ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन भी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार सख़्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य लक्ष्य संभावित आगज़नी के हादसों को समय रहते रोकना और जान-माल के नुकसान से बचाव सुनिश्चित करना है।1
- सहारनपुर जिले के नानौता कस्बे में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब सड़क के बीचो-बीच दो सांड आपस में भिड़ गए। सांडों की इस भीषण टक्कर के कारण तीन बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि एक युवक घायल हो गया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- करनाल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक डॉक्टर पर नाबालिग लड़की के साथ गलत काम करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि इस डॉक्टर ने सरकारी अस्पताल की ओपीडी में लड़की को बार-बार पीड़ित किया और उसके साथ 'रे...प' जैसा घिनौना कृत्य किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को सड़क पर लेकर निकली, जो इस मामले की गंभीरता और सार्वजनिक रोष को दर्शाता है।1
- जगाधरी सिविल लाइन में स्थित अति प्राचीन गोगामेड़ी में वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से आरती का शुभारंभ किया गया है। श्रद्धालुओं की विशेष पहल पर हुई इस शुरुआत के बाद, अब गोगामेड़ी में प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों समय विधि-विधान से आरती की जाएगी। आरती संपन्न होने के उपरांत, भक्तों ने आपस में खीर का प्रसाद वितरित कर अपनी खुशी और उत्साह का प्रदर्शन किया।1
- शामली के झिंझाना में ऊन बाईपास पर एक युवक पर जानलेवा फायरिंग, गाली-गलौज और धमकी देने के चर्चित मामले में झिंझाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद हुई है। यह घटना 1 जून को हुई थी, जब ऊन निवासी अजय अपने साथियों उज्जवल और शुभम के साथ जा रहा था। आरोप है कि ऊन बाईपास स्थित धर्मकांटे के पास स्कॉर्पियो सवार युवकों ने उनका रास्ता रोका, गाली-गलौज की और अवैध हथियारों से फायरिंग करते हुए जानलेवा हमला किया। इस वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर झिंझाना थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देशों पर चलाए जा रहे अभियान के तहत झिंझाना पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने मामले में वांछित दो आरोपियों, बन्तीखेड़ा निवासी बादल पुत्र मुकेश और भाज्जू निवासी हरमिंद्र सिंह उर्फ मच्छी पुत्र राजकुमार को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से एक अवैध तमंचा 315 बोर, दो जिंदा कारतूस, एक अवैध पोनिया 12 बोर और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विपिन मलिक, हेड कांस्टेबल अनुज और कांस्टेबल निशांत की भूमिका महत्वपूर्ण रही।1
- अलीगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिसके चलते तेज हवाएं चलने लगी हैं। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में बारिश की भी संभावना बनी हुई है।1
- सहारनपुर के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में तैनात 93 आउटसोर्सिंग सिक्योरिटी गार्डों ने अपनी सेवा समाप्ति के आदेश के विरोध में गुरुवार को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इन गार्डों ने नौकरी बचाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्ष 2023-24 से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा गार्ड के पदों पर कार्यरत हैं, और उनकी नियुक्ति उत्तर प्रदेश सरकार के जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुसार हुई थी। उन्होंने बताया कि इतने वर्षों से अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है, फिर भी उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। गार्डों का कहना है कि उनमें से अधिकांश गरीब परिवारों से आते हैं और उनके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है, ऐसे में नौकरी जाने से उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। गार्ड प्रतिनिधि दीकेन्द्र कुमार ने प्रशासन और सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सेवा समाप्ति आदेश को वापस लेने की अपील की है। वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया है कि इस मामले की समीक्षा की जाएगी।1
- शामली जिले की झिंझाना नगर पंचायत को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार एक स्थाई अधिशासी अधिकारी मिल गई हैं। डॉ. अनामिका सिंह ने हाल ही में इस महत्वपूर्ण पद का कार्यभार संभाल लिया है।1
- शामली जिले के चौसाना क्षेत्र स्थित दथेड़ा गांव की गौशाला में गोवंशों की देखरेख को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना ने गौशाला में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और गोवंशों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, और एक निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिवसेना के सहारनपुर मंडल महासचिव बलिस्टर छावियान के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी ऊन को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गौशाला परिसर में कई दिनों से कुछ गोवंशों के शव पड़े हुए हैं, जबकि कई अन्य गोवंश अत्यंत गंभीर हालत में जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। संगठन ने बताया कि गौशाला में मृत गोवंशों के अवशेष भी खुले में पड़े मिले हैं, जिससे पशुओं की देखभाल और स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग गए हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि मृत गोवंशों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार नहीं कराया गया और उन्हें उचित तरीके से दफनाने के बजाय घोर लापरवाही बरती गई। शिवसेना पदाधिकारियों ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से संबंधित फोटो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने मांग की है कि ग्राम प्रधान, संबंधित सचिव और पशु चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी पुरजोर मांग उठाई गई। इस पूरे मामले पर, उपजिलाधिकारी ने शिवसेना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दथेड़ा गौशाला से जुड़े इन गंभीर आरोपों को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है, और स्थानीय लोग प्रशासन द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।2