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आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक बार फिर शराब तस्करी के मामले को लेकर सुर्खियों में है। नरकटियागंज रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस ट्रेन के पैंट्रीकार से 62 बोतल ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में पैंट्रीकार मैनेजर अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ ने बगहा निवासी मनीष कुमार द्वारा दी गई सूचना के आधार पर ट्रेन में छापेमारी की थी। आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप के नेतृत्व में की गई तलाशी के दौरान पैंट्रीकार में रखे एक ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। सूचना देने वाले मनीष कुमार ने यह आरोप भी लगाया है कि जानकारी देने के बाद पैंट्रीकार मैनेजर ने उनके साथ मारपीट की। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि कुछ ही दिन पहले भी इसी सप्तक्रांति एक्सप्रेस के पैंट्रीकार से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई थी। उस पिछले मामले में भी पैंट्रीकार मैनेजर समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। लगातार दूसरी बार एक ही ट्रेन से शराब की खेप पकड़े जाने से रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरपीएफ के अनुसार, इस बरामद शराब का मालिक कौन था, इसे कहाँ पहुँचाया जाना था और इस तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी गहन जाँच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इस कार्रवाई को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस और आरपीएफ ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शराब जब्त की और गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। एक ही ट्रेन के पैंट्रीकार से लगातार शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह कोई सामान्य या अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि किसी संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। अब जाँच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुँचने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की है। जब तक तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुँचकर कार्रवाई नहीं होती, तब तक रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल थमने वाले नहीं हैं।

2 hrs ago
user_S9 Bihar
S9 Bihar
News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
2 hrs ago

आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक बार फिर शराब तस्करी के मामले को लेकर सुर्खियों में है। नरकटियागंज रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस ट्रेन के पैंट्रीकार से 62 बोतल ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में पैंट्रीकार मैनेजर अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ ने बगहा निवासी मनीष कुमार द्वारा दी गई सूचना के आधार पर ट्रेन में छापेमारी की थी। आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप के नेतृत्व में की गई तलाशी के दौरान पैंट्रीकार में रखे एक ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। सूचना देने वाले मनीष कुमार ने यह आरोप भी लगाया है कि जानकारी देने के बाद पैंट्रीकार मैनेजर ने उनके साथ मारपीट की। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि कुछ ही दिन पहले भी इसी सप्तक्रांति एक्सप्रेस के पैंट्रीकार से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई थी। उस पिछले मामले में भी पैंट्रीकार मैनेजर समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। लगातार दूसरी बार एक ही ट्रेन से शराब की खेप पकड़े जाने से रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरपीएफ के अनुसार, इस बरामद शराब का मालिक कौन था, इसे कहाँ पहुँचाया जाना था और इस तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी गहन जाँच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इस कार्रवाई को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस और आरपीएफ ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शराब जब्त की और गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। एक ही ट्रेन के पैंट्रीकार से लगातार शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह कोई सामान्य या अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि किसी संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। अब जाँच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुँचने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की है। जब तक तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुँचकर कार्रवाई नहीं होती, तब तक रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल थमने वाले नहीं हैं।

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  • पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित समाहरणालय में लिपिक संवर्ग के स्थानांतरण से संबंधित 27 जून 2026 के आदेश (ज्ञापांक-1018) पर कर्मचारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कर्मचारियों द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतने और कुछ खास कर्मचारियों को उनकी मनचाही पोस्टिंग दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लिपिकों को उनकी पसंद के स्थानों पर, यहाँ तक कि उनके गृह प्रखंड के आसपास ही पदस्थापित कर दिया गया है। वहीं, कई अन्य कर्मचारी वर्षों से अपने स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही, यह भी दावा किया जा रहा है कि समाहरणालय में कुछ लिपिक पिछले 10 से 12 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनका अब तक स्थानांतरण नहीं किया गया है। इन लंबे समय से जमे हुए कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक सुविधाएँ मिलने की भी चर्चा है, जिससे स्थानांतरण नीति के समान रूप से पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले पर जिला पदाधिकारी से स्थानांतरण आदेश की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो आवश्यक संशोधन करने की जोरदार मांग की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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    पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित समाहरणालय में लिपिक संवर्ग के स्थानांतरण से संबंधित 27 जून 2026 के आदेश (ज्ञापांक-1018) पर कर्मचारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कर्मचारियों द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतने और कुछ खास कर्मचारियों को उनकी मनचाही पोस्टिंग दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लिपिकों को उनकी पसंद के स्थानों पर, यहाँ तक कि उनके गृह प्रखंड के आसपास ही पदस्थापित कर दिया गया है। वहीं, कई अन्य कर्मचारी वर्षों से अपने स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही, यह भी दावा किया जा रहा है कि समाहरणालय में कुछ लिपिक पिछले 10 से 12 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनका अब तक स्थानांतरण नहीं किया गया है। इन लंबे समय से जमे हुए कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक सुविधाएँ मिलने की भी चर्चा है, जिससे स्थानांतरण नीति के समान रूप से पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

इस पूरे मामले पर जिला पदाधिकारी से स्थानांतरण आदेश की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो आवश्यक संशोधन करने की जोरदार मांग की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    14 min ago
  • बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक बलिराम भवन के सभागार में जिला अध्यक्ष राजेंद्र साह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत जिले के चर्चित खेत मजदूर नेता स्वर्गीय बांके बैठा की पत्नी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस बैठक में जिले में खेत मजदूर यूनियन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, आगामी 15 जुलाई को पटना में आयोजित विधानसभा मार्च को सफल बनाने के लिए पश्चिम चंपारण से 1000 खेत मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके लिए विभिन्न अंचलों और शाखाओं में लगातार बैठकों और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई है। यूनियन नेताओं ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया और यह तय किया गया कि उनके निबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा, ताकि मजदूरों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने जिले के खेत मजदूरों की दयनीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से खेत मजदूरों को स्थायी रूप से बसाने, उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। क्रांति ने मनरेगा योजना में हो रही अनियमितताओं और छेड़छाड़ पर भी सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की, साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरों को 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस बैठक में जिला सचिव सुबोध मुखिया, अच्छे लाल सहनी, बीरन यादव, पीतांबर शर्मा, शिवनाथ पटेल, धुरी साह, संगीता देवी, रामदेव राम, राबड़ी देवी, शोभा देवी, अजय सहनी एवं रेणु देवी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मजदूरों के अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।
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    बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक बलिराम भवन के सभागार में जिला अध्यक्ष राजेंद्र साह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत जिले के चर्चित खेत मजदूर नेता स्वर्गीय बांके बैठा की पत्नी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

इस बैठक में जिले में खेत मजदूर यूनियन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, आगामी 15 जुलाई को पटना में आयोजित विधानसभा मार्च को सफल बनाने के लिए पश्चिम चंपारण से 1000 खेत मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके लिए विभिन्न अंचलों और शाखाओं में लगातार बैठकों और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई है।

यूनियन नेताओं ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया और यह तय किया गया कि उनके निबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा, ताकि मजदूरों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने जिले के खेत मजदूरों की दयनीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से खेत मजदूरों को स्थायी रूप से बसाने, उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। क्रांति ने मनरेगा योजना में हो रही अनियमितताओं और छेड़छाड़ पर भी सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की, साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरों को 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

इस बैठक में जिला सचिव सुबोध मुखिया, अच्छे लाल सहनी, बीरन यादव, पीतांबर शर्मा, शिवनाथ पटेल, धुरी साह, संगीता देवी, रामदेव राम, राबड़ी देवी, शोभा देवी, अजय सहनी एवं रेणु देवी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मजदूरों के अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में अवैध दवा कारोबार के बेरोकटोक चलने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह पूछा गया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह गैरकानूनी धंधा फल-फूल रहा है और कैसे यह जिले के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँच गया है।
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    जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में अवैध दवा कारोबार के बेरोकटोक चलने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह पूछा गया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह गैरकानूनी धंधा फल-फूल रहा है और कैसे यह जिले के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँच गया है।
    user_Manish Kumar Social Worker
    Manish Kumar Social Worker
    Insurance Agent बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • बेतिया/मझौलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझौलिया में रविवार को उत्सवी माहौल के बीच पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने एक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। अभियान को सफल बनाने के लिए एक दिन पूर्व से ही व्यापक तैयारी की गई थी। सुबह से ही सभी पोलियो बूथों पर आइस पॉट के माध्यम से वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई थी, और ड्यूटी पर तैनात आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने में बढ़-चढ़कर और सक्रिय रूप से जुटी रहीं। प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि मझौलिया प्रखंड के लगभग 38 हजार घरों में रहने वाले 84 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सुपरवाइजर की तैनाती की गई है, और पोलियो की दवा पिलाने के साथ-साथ संबंधित घरों पर निर्धारित चिन्ह भी अंकित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से छूट न सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य प्रबंधक शकील अहमद, बीसीएम राहुल झा, एएनएम संजू कुमारी, प्रधान लिपिक सुशांत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
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    बेतिया/मझौलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझौलिया में रविवार को उत्सवी माहौल के बीच पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने एक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की।

अभियान को सफल बनाने के लिए एक दिन पूर्व से ही व्यापक तैयारी की गई थी। सुबह से ही सभी पोलियो बूथों पर आइस पॉट के माध्यम से वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई थी, और ड्यूटी पर तैनात आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने में बढ़-चढ़कर और सक्रिय रूप से जुटी रहीं।

प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि मझौलिया प्रखंड के लगभग 38 हजार घरों में रहने वाले 84 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सुपरवाइजर की तैनाती की गई है, और पोलियो की दवा पिलाने के साथ-साथ संबंधित घरों पर निर्धारित चिन्ह भी अंकित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से छूट न सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य प्रबंधक शकील अहमद, बीसीएम राहुल झा, एएनएम संजू कुमारी, प्रधान लिपिक सुशांत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
    user_KI India
    KI India
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • आज ही के दिन, 19 जून 2024 को भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बड़ा इतिहास रचते हुए टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। भारत ने यह जीत 17 साल के लंबे अंतराल के बाद हासिल की, जिससे देश में जश्न का माहौल है।
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    आज ही के दिन, 19 जून 2024 को भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बड़ा इतिहास रचते हुए टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। भारत ने यह जीत 17 साल के लंबे अंतराल के बाद हासिल की, जिससे देश में जश्न का माहौल है।
    user_DIPAK D Hub CRICKETER
    DIPAK D Hub CRICKETER
    Cricket club बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बाजार में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ट्रांसफार्मर की इस खराबी के चलते बाजार के लोगों को आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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    पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बाजार में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ट्रांसफार्मर की इस खराबी के चलते बाजार के लोगों को आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Triloki rai
    Triloki rai
    TV News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    10 hrs ago
  • भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।
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    भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।
    user_Chandan Cricket Hub
    Chandan Cricket Hub
    Cricket club Jogapatti, Pashchim Champaran•
    14 hrs ago
  • आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक बार फिर शराब तस्करी के मामले में सुर्खियों में है। बेतिया/नरकटियागंज में नरकटियागंज आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए ट्रेन के पैंट्रीकार से 62 बोतल ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में पैंट्रीकार मैनेजर अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ की यह कार्रवाई बगहा निवासी मनीष कुमार द्वारा दी गई सूचना के आधार पर की गई। आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप ने बताया कि तलाशी के दौरान एक ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग से यह शराब मिली। मनीष कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद पैंट्रीकार मैनेजर ने उनके साथ मारपीट की थी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के पैंट्रीकार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई थी, जिसमें पैंट्रीकार मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद एक ही ट्रेन से लगातार शराब की बरामदगी ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और शराब तस्करी के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरपीएफ के अनुसार, बरामद शराब किसकी थी और इसे किस तक पहुंचाया जाना था, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही पूरे मामले में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को प्रभावित करने की भी कोशिश हुई, लेकिन आरपीएफ ने जब्ती और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी कर ली। लगातार एक ही ट्रेन के पैंट्रीकार से शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच एजेंसियों के सामने इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचकर नेटवर्क का पर्दाफाश करना एक बड़ी चुनौती है।
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    आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक बार फिर शराब तस्करी के मामले में सुर्खियों में है। बेतिया/नरकटियागंज में नरकटियागंज आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए ट्रेन के पैंट्रीकार से 62 बोतल ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में पैंट्रीकार मैनेजर अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

आरपीएफ की यह कार्रवाई बगहा निवासी मनीष कुमार द्वारा दी गई सूचना के आधार पर की गई। आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप ने बताया कि तलाशी के दौरान एक ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग से यह शराब मिली। मनीष कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद पैंट्रीकार मैनेजर ने उनके साथ मारपीट की थी।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के पैंट्रीकार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई थी, जिसमें पैंट्रीकार मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद एक ही ट्रेन से लगातार शराब की बरामदगी ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और शराब तस्करी के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरपीएफ के अनुसार, बरामद शराब किसकी थी और इसे किस तक पहुंचाया जाना था, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही पूरे मामले में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को प्रभावित करने की भी कोशिश हुई, लेकिन आरपीएफ ने जब्ती और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी कर ली। लगातार एक ही ट्रेन के पैंट्रीकार से शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच एजेंसियों के सामने इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचकर नेटवर्क का पर्दाफाश करना एक बड़ी चुनौती है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 min ago
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