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सिवनी में मासूम बच्चों की पढ़ाई पर गहरा संकट मंडरा रहा है। स्कूल का भवन जर्जर हो जाने के कारण कक्षाएं अब इमारत छोड़कर त्रिपाल की पाठशाला में संचालित की जा रही हैं, जिससे मासूमों के भविष्य और उनकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
BS News Network
सिवनी में मासूम बच्चों की पढ़ाई पर गहरा संकट मंडरा रहा है। स्कूल का भवन जर्जर हो जाने के कारण कक्षाएं अब इमारत छोड़कर त्रिपाल की पाठशाला में संचालित की जा रही हैं, जिससे मासूमों के भविष्य और उनकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
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- सिवनी में कोतवाली पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक हाईटेक चोर गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 26 मामलों के एक हिस्ट्रीशीटर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 25 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस ने तकनीकी जांच, CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से 6 सनसनीखेज चोरी की वारदातों का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई से कई पुराने केस भी खुल गए हैं। आरोपियों को पुलिस रिमांड में लिया जा रहा है और उनसे पूछताछ के दौरान और भी बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी स्थित पी.एम. श्री उत्कृष्ट विद्यालय में 1500 से अधिक छात्र-छात्राओं और NCC कैडेट्स ने मानव श्रृंखला बनाकर "SAY NO TO DRUGS" का संदेश दिया। यह कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय भोपाल के अभियान "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" के तहत एसपी श्री कृष्ण लालचंदानी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों, प्राचार्यों और शिक्षकों की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने "हमारा यही संदेश, नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश" का संकल्प लिया। इस जागरूकता कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।1
- सिवनी में प्रशासन ने स्कूल बसों पर बड़ा एक्शन लिया है। इस दौरान कुल 83 स्कूल बसों की जांच की गई और 8 वाहनों पर कार्रवाई की गई है।1
- सिवनी में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने नगर परिषद की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। जिला मुख्यालय स्थित बुधवारी बाजार पूरी तरह जलमग्न हो गया है। बाजार की गलियों में पानी भर जाने से दुकानों के भीतर तक पानी पहुंच रहा है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं ग्राहकों और राहगीरों को भी आवागमन में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण जहां एक ओर बैनगंगा नदी उफान पर है, वहीं सब्जी मंडी से लेकर बुधवारी बाजार तक हर तरफ जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से बनी हुई है। नगर परिषद समय-समय पर सफाई अभियान तो चलाती है, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था आज तक नहीं की गई, जिसके चलते हर बरसात में बुधवारी बाजार तालाब में तब्दील हो जाता है। इस अव्यवस्था को लेकर नगर परिषद के एक पार्षद एवं कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष ने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षों पुरानी पुलिया पर हुए अतिक्रमण को प्रशासन अब तक नहीं हटा पाया है। इसी कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाती और बुधवारी बाजार में जलभराव की समस्या लगातार बनी रहती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक इस अतिक्रमण को नहीं हटाया जाएगा, तब तक हर बारिश में व्यापारियों और आम लोगों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई क्षेत्र में 'नशे से दूरी है ज़रूरी' का संदेश देते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है। इस संदेश के माध्यम से युवाओं को नशे की आदतों से दूर रहने और एक नशामुक्त जीवन शैली को अपनाने की सीख दी गई है।1
- छिंदवाड़ा जिले में कई दशकों से संचालित कोयला खदानें प्रबंधन की लापरवाही और शासन की नीतियों के कारण धीरे-धीरे बंद हो चुकी हैं। भूमिगत खदानों को बंद कर ओपन कास्ट खदानें शुरू की गईं, जिनसे कोयला निकालने के बाद बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ दिए गए। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर चांदामेटा, छिंदा शिवपुरी, रावणवाड़ा, अंबाला, दमुआ और जामाई जैसे क्षेत्रों की बंद पड़ी खदानों में हजारों हेक्टेयर लीटर पानी जमा पड़ा है। कुछ वर्ष पूर्व आसपास के ग्रामीणों, सरपंच और सचिव ने इस पानी को कृषि और सिंचाई के काम में लाने के लिए जिला कलेक्टर को एक संयुक्त प्रस्ताव दिया था, लेकिन वह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। कोयला कंपनी द्वारा कामगारों के लिए बनाई गई आवासीय कॉलोनियां वर्षों से मरम्मत न होने के कारण जर्जर और ध्वस्त होने की कगार पर हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद भी यहां रह रहे परिवारों को दुर्घटना की आशंका के चलते प्रबंधन लगातार खाली करने का नोटिस दे रहा है। इसके अलावा, कोल इंडिया द्वारा खदान परिसर में बनाए गए मंदिर, रंगमंच और चौपाल भी देखरेख के अभाव में बदहाल हैं। वहीं, सामाजिक दायित्व फंड कहां खर्च हो रहा है, इस पर कोई जवाबदेही नहीं है और मजदूर श्रमिक संगठनों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। खदानें बंद होने और कामगारों के पलायन से क्षेत्र में गहरा रोजगार संकट पैदा हो गया है। इसके चलते जगह-जगह कच्ची शराब का कारोबार, असामाजिक तत्वों का डेरा और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा अनैतिक कामों की ओर रुख कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर और मॉनिटरिंग विभाग से मांग की गई है कि बंद खदानों में एकत्रित पानी का सही उपयोग कर आसपास के कृषि क्षेत्रों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए।4
- छिंदवाड़ा जिले के चंदनगांव स्थित आंचलिक अनुसंधान केंद्र में कृषि आदान विक्रेताओं के एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स 'देशी' (DAESI) का सर्टिफिकेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने की। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री नारायन द्वारा कोर्स के 14वें बैच के 40 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी में एक साल पहले छत गिरने के हादसे में 12 मासूम बच्चे बाल-बाल बच गए थे, लेकिन इस घटना के एक पूरा साल बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग की नींद नहीं टूटी है। मोहित यादव की रिपोर्ट के अनुसार, 12 मासूमों की जान खतरे में पड़ने के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया है और लापरवाही जस की तस बनी हुई है। इतने बड़े हादसे के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई न होने से विभाग के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाचार सिस्टम की इस अनदेखी के बीच अब यही सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर शिक्षा विभाग किस बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है और इस पर कार्रवाई कब होगी।1