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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर एक डंपर ड्राइवर ने RTO चेकिंग से बचने के लिए अपनी गाड़ी को गलत दिशा में दौड़ाया। इस दौरान, ड्राइवर ने किसी को भी पीछे आने से रोकने के उद्देश्य से डंपर का जैक उठाकर उसमें भरे सारे पत्थर सड़क पर गिरा दिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और राजमार्ग से इन पत्थरों को हटाया।
Fast khabar 24
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर एक डंपर ड्राइवर ने RTO चेकिंग से बचने के लिए अपनी गाड़ी को गलत दिशा में दौड़ाया। इस दौरान, ड्राइवर ने किसी को भी पीछे आने से रोकने के उद्देश्य से डंपर का जैक उठाकर उसमें भरे सारे पत्थर सड़क पर गिरा दिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और राजमार्ग से इन पत्थरों को हटाया।
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- उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर एक डंपर चालक ने आरटीओ की चेकिंग से बचने के लिए एक खतरनाक हरकत की। पकड़े जाने के डर से चालक ने न केवल डंपर को रॉन्ग साइड दौड़ाया, बल्कि पीछे आ रहे वाहनों को रोकने के मकसद से चलते डंपर का हाइड्रोलिक जैक उठाकर सारा पत्थर हाईवे पर ही उड़ेल दिया। चालक की इस करतूत के कारण अचानक सड़क पर पत्थर गिरने से पीछे चल रहे वाहनों को आपातकालीन ब्रेक लगाने पड़े, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे से पत्थर हटवाकर यातायात को सुचारू कराया।1
- लखीमपुर खीरी में आगामी मोहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में चौकी कुकरा क्षेत्र में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में सीओ गोला महक शर्मा और नायब तहसीलदार ताहिर परवेज ने क्षेत्र के ताजियेदारों और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद किया। अधिकारियों ने शासन द्वारा जारी गाइडलाइन्स पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि त्योहार के नाम पर किसी भी प्रकार का शक्ति प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि ताजिया जुलूस के दौरान धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कोई भी गतिविधि न हो। डीजे के उपयोग पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा गया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर ही होनी चाहिए और अश्लील या भड़काऊ गीतों का बजना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, मोहर्रम के दौरान रखे जाने वाले ताजिए की ऊंचाई 12 फुट से अधिक नहीं होनी चाहिए, यह सीमा विद्युत लाइनों और अन्य सुरक्षा कारणों से निर्धारित की गई है, ताकि जुलूस के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे। ताजियेदारों ने शासन के सभी निर्देशों को मानकर शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने का भरोसा दिलाया। बैठक के बाद सीओ महक शर्मा, नायब तहसीलदार ताहिर परवेज, प्रभारी निरीक्षक मैलानी बृजेश कुमार मौर्य और चौकी प्रभारी कुकरा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने कस्बे के प्रमुख चौराहों पर पैदल गश्त (फ्लैग मार्च) की। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और आम जनता से मिलकर सुरक्षा का अहसास कराया और उपद्रवियों को कड़ा संदेश दिया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।2
- इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी से इंसान ही नहीं, जंगल में रहने वाले वन्य जीव भी परेशान हैं। इसी बीच दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में एक दुर्लभ नज़ारा देखने को मिला। जंगल के जलाशय में अपने शरीर की गर्मी मिटाते एक भालू को देखकर सैलानियों ने उसका वीडियो बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।1
- हल्द्वानी में निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल,लगातार निजी अस्पतालों की लापरवाही व मनमानी पर उठ रहे सवाल, आखिर कौन लेगा सुध । हल्द्वानी में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जबकि जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित पीएसपी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक 65 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। मृतक की पहचान बागेश्वर जनपद के मंडलसेरा निवासी प्रेम गिरी के रूप में हुई है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान मरीज की हालत बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें मरीज की स्थिति और उपचार प्रक्रिया के बारे में समय पर और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गौरतलब है कि हाल के दिनों में निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान मरीजों की मौत के कई मामलों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद मरीजों और उनके परिजनों को कई बार गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मरीज की मौत चिकित्सा जटिलताओं का परिणाम थी या फिर उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई।3
- पीलीभीत जिला के पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के मुजफ्फरनगर गांव के ग्रामीणों को विकास के तमाम दावों के बावजूद आज तक सुगम आवागमन की सुविधा नहीं मिल पाई है। गांव के मुख्य मार्गों की हालत अत्यंत खराब है, वहीं गांव को आसाम रोड से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग दो दशक पहले जैसी स्थिति थी, वह समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है, जिस पर न तो जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं और न ही संबंधित अधिकारी। ग्रामीणों ने बताया कि खुटार, गोला, पूरनपुर, पीलीभीत और बरेली सहित अन्य क्षेत्रों में आने-जाने के लिए उन्हें इसी खस्ताहाल मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने के बावजूद लंबे समय से इसकी मरम्मत या निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क में करीब 12 मोड़ हैं, जिससे वाहन चालक तेज गति से नहीं चल पाते, और ऊपर से जगह-जगह गड्ढे तथा उबड़-खाबड़ सतह दुर्घटनाओं की आशंका को बढ़ा रही है। बरसात के मौसम में तो जलभराव के कारण आवागमन और भी दूभर हो जाता है। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास योजनाओं का लाभ उनके गांव तक नहीं पहुंचा है, और उन्हें आज भी खराब एवं जर्जर रास्तों पर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। सड़क की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत एवं निर्माण कराकर क्षेत्र के लोगों को राहत दिलाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।3
- लखीमपुर खीरी में एक 17 साल पुराने आत्महत्या के मामले में पुलिस के हैरतअंगेज जवाब ने कोर्ट को सन्न कर दिया है, जहाँ करोड़ों के सोने के ज़ेवरों के गायब होने पर पुलिस ने बारिश में गलने और बंदरों के उठा ले जाने का दावा किया है। यह मामला शहर के कपूरथला मोहल्ला निवासी मुदित अग्रवाल की पत्नी रानी अग्रवाल उर्फ जूली से जुड़ा है, जिन्होंने साल 2007 में दीपावली की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मायके वालों ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम के दौरान महिला के शरीर से नाक की सोने की कील, गले की चेन व लॉकेट, सोने की अंगूठी और 10 सोने की चूड़ियाँ सहित लगभग एक करोड़ रुपये के सोने के गहने उतारकर पुलिस को सौंपे गए थे, जिन्हें सदर कोतवाली के मालखाने में जमा कराने की बात कही गई थी। अब जब कोर्ट ने इन ज़ब्त किए गए जेवरों को ससुराल वालों को वापस सौंपने का आदेश दिया, तो पुलिस ने एक अलग ही कहानी पेश की। पुलिस ने बताया कि कुछ जेवर बारिश में खराब हो गए और बाकी बचे जेवर बंदर उठाकर ले गए। पुलिस की यह दलील सुनकर कोर्ट भी पूरी तरह से सन्न रह गया। इस पूरे घटनाक्रम से पीड़ित परिवार, जो एक साल बाद भी दुखी है, और भी परेशान हो गया है, क्योंकि इस मामले में 'हर बार लड़का गलत नहीं होता' यह बात भी सिद्ध हुई है।1
- लखीमपुर खीरी के चौकी कुकरा क्षेत्र में आगामी मोहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सीओ गोला महक शर्मा और नायब तहसीलदार ताहिर परवेज की अगुवाई में आज पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के ताजियेदारों और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद कर नियमों के पालन की सख्त हिदायत दी गई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने शासन द्वारा जारी गाइडलाइन्स पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि त्योहार के नाम पर किसी भी प्रकार का शक्ति प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित रहेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि ताजिया जुलूस के दौरान धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कोई भी गतिविधि न हो और डीजे के उपयोग को लेकर कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर ही होनी चाहिए, साथ ही अश्लील या भड़काऊ गीतों का बजना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। सीओ महक शर्मा ने ताजिए की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट निर्धारित की, जो विद्युत लाइनों और अन्य सुरक्षा कारणों से है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। ताजियेदारों ने सभी निर्देशों को मानकर शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने का भरोसा दिया। पीस कमेटी की बैठक के बाद, सीओ महक शर्मा, नायब तहसीलदार ताहिर परवेज, प्रभारी निरीक्षक मैलानी बृजेश कुमार मौर्य और चौकी प्रभारी कुकरा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने कस्बे के प्रमुख चौराहों पर पैदल गश्त (फ्लैग मार्च) किया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और आम जनता से मिलकर सुरक्षा का अहसास कराया और उपद्रवियों को कड़ा संदेश दिया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।2
- उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर एक डंपर ड्राइवर ने RTO चेकिंग से बचने के लिए अपनी गाड़ी को गलत दिशा में दौड़ाया। इस दौरान, ड्राइवर ने किसी को भी पीछे आने से रोकने के उद्देश्य से डंपर का जैक उठाकर उसमें भरे सारे पत्थर सड़क पर गिरा दिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और राजमार्ग से इन पत्थरों को हटाया।1