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CITY NEWS: डीएम ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का किया शुभारंभ
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CITY NEWS: डीएम ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का किया शुभारंभ
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- नवाबगंज थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में सिरोली गांव के दो युवक घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक की हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सिरोली निवासी सौरभ (32 वर्ष) पुत्र राजबहादुर और प्रति मोहन (26 वर्ष) पुत्र सतेंद्र सिंह बुधवार दोपहर नवाबगंज से अपना काम निपटाकर कार से वापस अपने गांव सिरोली लौट रहे थे। नवाबगंज से सिरोली की ओर जाते समय ग्राम बांसमई मोड़ पर उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना नवाबगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाने के एसएसआई राम सिंह अपनी टीम के साथ, जिसमें कमल गंगवार और हर्षित चौहान शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंचे। एम्बुलेंस को भी सूचित किया गया। एम्बुलेंस चालक दल सिंह और ईएमटी रजनीश ने घायलों को नवाबगंज सीएचसी पहुंचाया। वहां फार्मासिस्ट राजीव कुमार ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। प्राथमिक उपचार के बाद प्रति मोहन यादव को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।3
- Post by CITY NEWS1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- “जब भगवान का दरबार ही सुरक्षित नहीं… तो फिर कौन है महफूज?” बाराबंकी से बड़ी खबर सतरिख थाना क्षेत्र के मंजीठा गांव के पास स्थित खाटू श्याम मंदिर में बीती रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। बेखौफ चोर मंदिर में घुसे और दान पेटी को तोड़कर उसमें रखी हजारों रुपये की नकदी साफ कर दी। हद तो तब हो गई जब चोर पुजारी की मेहनत की सैलरी भी लेकर फरार हो गए। सुबह जब पुजारी और श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, तो टूटी दान पेटी और खाली पड़ा स्थान देखकर सभी के होश उड़ गए। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग इसे आस्था पर सीधा हमला मान रहे हैं और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची सतरिख थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अब बड़ा सवाल ये है कि जब भगवान का घर ही सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे तय होगी? पुलिस ने जल्द खुलासा करने का भरोसा दिया है।4
- *खड़ंजे पर अवैध कब्जे से ग्रामीण परेशान,डीएम से लगाई गुहार,दबंगों पर रास्ता घेरने का आरोप,नाली जाम होने से घर तक पहुंचना मुश्किल* जिला क्राइम ब्यूरो रामू राजपूत *फर्रुखाबाद* जिले के राजेपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बनारसीपुर में खड़ंजे पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव निवासी अनुज सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि गांव के कुछ दबंग लोग खड़ंजे पर जानवर बांधकर और अपना सामान रखकर रास्ते को अवरुद्ध कर रहे हैं। इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि खड़ंजे के किनारे बनी नाली भी पूरी तरह जाम हो चुकी है। नाली का गंदा पानी रास्ते पर भर रहा है, जिससे लोगों को घर आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित का आरोप है कि कई बार समझाने के बावजूद दबंग लोग झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह पेशे से अधिवक्ता हैं और फतेहगढ़ जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं, बावजूद इसके उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से खड़ंजे से अवैध कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों को कब तक राहत मिल पाती है।2
- जिला फर्रुखाबाद के थाना अमृतपुर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाले हत्या के मामले का पुलिस ने सफल खुलासा किया है। करीब 9 माह पूर्व लापता हुए युवक का कंकाल बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। *दोस्ती में विश्वासघात, शराब पिलाकर की हत्या* थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुजरपुर पमारान निवासी ओमवीर (26) पुत्र पेशकार राठौर 20 जुलाई 2025 की शाम घर से पत्नी से खाना निकालने को कहकर निकले थे। परिजनों के अनुसार, गांव का ही रामू यादव (25) पुत्र अजय पाल उन्हें अपने साथ बुलाकर ले गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। मामले में पहले मृतक की मां राजेश्वरी ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जबकि बाद में पत्नी धर्मशीला ने 31 अगस्त 2025 को नामजद मुकदमा दर्ज कराया। थाना अमृतपुर इंचार्ज रक्षा सिंह द्वारा मंगलवार और बुधवार की रात को थाना अमृतपुर क्षेत्र से आरोपी रामू को अरेस्ट किया गया। जब थाना इंचार्ज के द्वारा आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। और उसने मौत की पूरी कहानी तोते की तरह रट दी। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रामू यादव ने बताया कि ओमवीर उसका दोस्त था, लेकिन एक घटना के बाद उसने बदला लेने की ठान ली। आरोपी के अनुसार, ओमवीर ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की थी, जिससे वह आक्रोशित था। इसी रंजिश में उसने अपने साथी सुरजीत यादव के साथ मिलकर ओमवीर को खेत पर शराब पीने के बहाने बुलाया और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शव को खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। *मजिस्ट्रेट व फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई, कंकाल बरामद* बुधवार 1 अप्रैल 2026 को आरोपी की निशानदेही पर फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के पास स्थित मक्के के खेत में मजिस्ट्रेट व फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई कराई गई, जहां से ओमवीर का कंकाल बरामद हुआ। मौके से तौलिया, चप्पल और कपड़े भी बरामद किए गए। फॉरेंसिक टीम के सदस्यों रविकांत, सचिन और यशनन्दन ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। *9 महीने तक भटकती रही पत्नी, पुलिस पर उठे सवाल* मृतक की पत्नी धर्मशीला ने अपने पति की तलाश में पिछले 9 महीनों तक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाए। पीड़िता द्वारा अब तक 108 प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने पुलिस पर शुरुआती दौर में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। *पूर्व प्रधान व अन्य पर भी आरोप* पीड़ित परिवार ने सपा नेता व पूर्व प्रधान देवेंद्र यादव पर भी हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया है। मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों में देवेंद्र यादव पुत्र जाहर सिंह, गुलाब सिंह उर्फ तिलक पुत्र फकीरे यादव, सुरजीत यादव पुत्र अजय पाल, श्यामवीर पुत्र कन्हैया लाल तथा बंटी उर्फ रामऔतार पुत्र मलखान शामिल हैं। वहीं, मृतक की पत्नी ने तत्कालीन थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य पर 5 लाख रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया। इस पर मोनू शाक्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एसओजी, सर्विलांस और ड्रोन के माध्यम से जांच कराई गई थी तथा उच्चाधिकारियों को पूरी जानकारी दी गई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित हुईं टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कई टीमों का गठन किया गया था। डीसीआरबी के माध्यम से आसपास के जनपदों में तलाश की गई और मीडिया के जरिए भी प्रचार-प्रसार किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना स्वीकार कर ली। *भारी पुलिस बल तैनात, कानून-व्यवस्था रही कड़ी* घटनास्थल पर कंकाल बरामदगी के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। संवेदनशीलता को देखते हुए थाना अमृतपुर, फतेहगढ़, राजेपुर सहित कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रक्षा सिंह के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक संत कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। परिवार में शोक, न्याय की उम्मीद मृतक ओमवीर की शादी तीन वर्ष पूर्व धर्मशीला से हुई थी। वह साइकिल रिपेयरिंग का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में दो भाई राजवीर व राहुल तथा तीन बहनें हैं, जिनमें दो की शादी हो चुकी है। घटना के खुलासे के बाद जहां परिजनों में शोक और आक्रोश है, वहीं आरोपी की गिरफ्तारी से उन्हें न्याय की उम्मीद भी जगी है। पुलिस का बयान अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। थाना अमृतपुर पुलिस के द्वारा मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की माता राजेश्वरी,पत्नी धर्मशिला सहित पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल है।3
- जनपद में एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जहां 20 जुलाई 2025 को लापता हुए युवक की हत्या कर उसका शव खेत में दफना दिया गया था। करीब 7 माह 3 दिन बाद पुलिस ने शव का कंकाल बरामद कर पूरे मामले से पर्दा उठाया है। जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को राजेश्वरी देवी ने अपने पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लगातार प्रयासों के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाए। पीड़िता 16 फरवरी को मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक पहुंची और लगभग 15 बार पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में गुहार लगाई। हर तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पूर्व थानाध्यक्ष के कार्यकाल में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। यहां तक कि जांच के दौरान मृतक के भाई राजवीर उर्फ लालू को ही हिरासत में ले लिया गया, जिसे बाद में क्षेत्राधिकारी के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया। यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर 7 माह 3 दिन तक पूर्व थानाध्यक्ष क्या करती रहीं। मामले में 24 फरवरी को थानाध्यक्ष का तबादला हुआ और नई थानाध्यक्ष रक्षा सिंह ने कार्यभार संभाला। उनके निर्देशन में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाई और सर्विलांस व एसओजी टीम के सहयोग से जांच तेज की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी रामू यादव पुत्र अजयपाल युवक को अपने घर से बहला-फुसलाकर ले गया, जहां उसके साथ शराब पी गई और फिर अपने ही खेत में उसकी हत्या कर शव को दफना दिया गया। पुलिस ने जेसीबी मशीन से करीब 6 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया। पहली जगह पर कुछ नहीं मिला तो दूसरी जगह खुदाई कराई गई, जहां से कंकाल बरामद हुआ। फॉरेंसिक टीम के रविकांत, सचिन और यशुनंदन ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए। इस मामले में ASP के आदेश पर 31 अगस्त को रामू यादव, अजयपाल, देवेंद्र यादव, जहर सिंह, गुलाब सिंह उर्फ तिलक, फकीरे यादव, सुरजीत यादव, श्यामवीर कन्हैयालाल और बंटी उर्फ रामऔतार पुत्र मलिखान सहित कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक की शादी करीब दो वर्ष पूर्व हुई थी। वह अपने परिवार में तीन भाइयों और तीन बहनों में से एक था। पिता ओमवीर की वर्ष 2015 में सर्पदंश से मृत्यु हो चुकी है। मृतक की पत्नी करिश्मा देवी हैं, जबकि उसकी दो बहनों पूजा और राधा की शादी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।5
- फर्रुखाबाद:- *फर्रुखाबाद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ, जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी* फर्रुखाबाद कलेक्ट्रेट परिसर से आज जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसमें सीडीओ विनोद कुमार गौड़, सीएमओ डॉ अवनींद्र कुमार, बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह, डीएमओ नौशाद अली,नगरपालिका ईओ सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। यह अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक पूरे जनपद में संचालित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान वर्ष 2017 से प्रदेशभर में नियमित रूप से चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मच्छर जनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों से बचाव हेतु जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अपने आसपास साफ-सफाई रखें, जलभराव न होने दें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। यह अभियान केवल सरकारी प्रयास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। आम नागरिकों को स्वच्छता अपनाने, नियमित रूप से सफाई रखने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।2