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#कौशाम्बी आज सुबह चरवा थाना क्षेत्र के चिल्ला शहबाजी के चलती ट्रेन से गिरकर युवक की मौत में सोशल मीडिया पर मौत का हुआ खुलासा। धक्का देने वाला युवक का बताया जा रहा है। विडियो वायरल होने के पुलिस मामले की जांच में जुटी।
प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
#कौशाम्बी आज सुबह चरवा थाना क्षेत्र के चिल्ला शहबाजी के चलती ट्रेन से गिरकर युवक की मौत में सोशल मीडिया पर मौत का हुआ खुलासा। धक्का देने वाला युवक का बताया जा रहा है। विडियो वायरल होने के पुलिस मामले की जांच में जुटी।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कौशांबी – अजुहा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 में भावुक माहौल1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- कौशाम्बी जनपद के परिषदीय विद्यालयों में नवीन शैक्षिक सत्र के शुभारंभ के साथ ही स्कूल चलो अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार को पहले ही दिन विद्यालयों में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर न सिर्फ नव प्रवेशी बच्चों का स्वागत किया, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक भी किया। कड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर परसखी में नव प्रवेश लेने वाले बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- गंगा मे अचानक आया पानी,लाखों की फसल बर्बाद, उज्जिनी हसनपुर के किसान आए भुखमरी के कगार पर ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS चायल/कौशाम्बी ...गंगा में अचानक पानी छोड़े जाने से सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। किसानों ने मेहनत से तरबूज, खीरा, ककड़ी की खेती की थी, जो अब बर्बाद हो गई है। बिना सूचना के पानी छोड़ने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और वे कर्जदार हो गए हैं।अचानक गंगा के पानी आने की वजह से सैकड़ों बीघा कछार की तरबूज, हिरमिंजी, खीरा, ककड़ी की फसल डूब गई। इससे किसानों की मेहनत के साथ लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। किसान पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र के तराई इलाके में बसे उज्जिनी हसनपुर , चक ताजपुर सहित कई गांवों के लोगों ने गंगा के कछार में हर वर्ष की तरह अबकी बार भी नकदी खेती की तैयारी पूरी मेहनत व लागत के साथ की थी।हिरमिंजी, खीरा, ककड़ी के अलावा बड़े पैमाने पर तरबूज की खेती तैयार की गई थी। इतना ही नहीं कई इलाकों में लोगों ने करेला की भी खेती तैयार कर ली थी। सामान्य स्थिति होने के कारण किसान अपने-अपने घर चले आए थे। कुछ लोग ही अपने मचान पर सो रहे थे। लेकिन दो दिन पहले गंगा नदी में पानी बढ़ना शुरू हुआ और अब तक कछार में तैयार फसल डूब गई। मचान से उतरे किसानों ने गंगा का रौद्र रूप देखा तो उनके होश उड़ गए। मोबाइल फोन से परिवार व आसपास के खेतिहरों को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही लोग छोटी नाव से भागकर आए। डूबी फसल देखकर लोगों के होश उड़ गए। किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। सैकड़ों किसानों ने अक्तूबर-नवंबर 2025 से ही गंगा किनारे गड्ढे खोदकर, खाद-पानी की व्यवस्था कर और महीनों मेहनत के बाद तरबूज की खेती तैयार की थी। फसल तैयार थी और कुछ ही दिनों में बाजार में तरबूज की बिक्री शुरू होने वाली थी। लेकिन इसी दौरान गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो गई। देखते ही देखते पानी कछार में फैल गया और सैकड़ों बीघे में लगी तरबूज की फसल जलमग्न हो गई। सुबह जब किसान खेतों की ओर पहुंचे तो डूबी हुई फसल देखकर उनकी आंखें भर आई।किसानों का कहना है कि अचानक गंगा नदी में पानी आने से नकदी खेती पूरी तरह से चौपट हो गई है। आढ़तियों से फसल के उत्पादन को लेकर बातचीत चल रही थी। वाहन आने भी लगे थे। उपज की सप्लाई चालू हो गई थी। यही एक मौका था जब किसान अपनी लागत के बाद उपज का लाभ लेता, लेकिन ऐन वक्त पर गंगा में छोड़े गए पानी से सब बर्बाद हो गया। फसल डूबने से किसानों की मेहनत के साथ लागत भी डूब चुकी है। अब किसान कर्जदार हो गए हैं।गंगा का कछार जनवरी से खाली होने लगता है। खाली मैदान में फरवरी के आखिर से खेती शुरू कर दी जाती है। अचानक गंगा में पानी आ जाने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्हें इसका मुआवजा मिलना चाहिए।कड़ी मेहनत के बाद फसल तैयार हई थी, जो पानी में डूब चुकी है। अब इसकी भरपाई कौन करेगा।।1
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- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
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