अम्बेडकरनगर के आलापुर से जुड़े एक मामले में लघु सिंचाई विभाग पर राज्य सूचना आयोग के समक्ष भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। आवेदक अमित मौर्य ने इस संबंध में विभाग के लोक सूचना अधिकारी/सहायक अभियंता को एक विधिक नोटिस भेजा है, जिसमें निर्धारित अवधि के भीतर जवाब और संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की गई है। विधिक नोटिस के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों की सुनवाई के दौरान विभाग ने यह दावा किया था कि आवेदक द्वारा मांगी गई सभी सूचनाएं विभागीय वेबसाइट पर पहले से ही उपलब्ध हैं और वह उन्हें वहां से प्राप्त कर सकता है। इसी आधार पर राज्य सूचना आयोग ने इन अपीलों का निस्तारण कर दिया था। हालांकि, आवेदक का आरोप है कि वास्तविक स्थिति विभाग के दावे से बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि विभागीय वेबसाइट पर मांगी गई संबंधित सूचनाएं उपलब्ध नहीं हैं, और न ही उनका कोई स्पष्ट लिंक या डाउनलोड प्रक्रिया बताई गई है। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि 27 मई 2026 को विभागीय कार्यालय में स्वयं उपस्थित होने के बावजूद उन्हें आवश्यक सूचना प्रदान नहीं की गई। इसके बजाय, मौखिक रूप से उन्हें बताया गया कि संबंधित सूचनाएं आम जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं। इस विधिक नोटिस में विभाग से मांग की गई है कि वह आरटीआई आवेदन में मांगी गई सभी सूचनाएं प्रमाणित प्रतियों सहित उपलब्ध कराए। साथ ही, यदि सूचनाएं वास्तव में वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, तो उनका सटीक वेब लिंक, अनुभाग, पृष्ठ संख्या और डाउनलोड प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताई जाए। नोटिस में आयोग के समक्ष दिए गए विभाग के कथन का आधार स्पष्ट करने और इसमें शामिल संबंधित अधिकारियों की भूमिका व उत्तरदायित्व तय करने को भी कहा गया है। नोटिस में विभाग को चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आवेदक द्वारा राज्य सूचना आयोग के साथ-साथ अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष आवश्यक वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अम्बेडकरनगर के आलापुर से जुड़े एक मामले में लघु सिंचाई विभाग पर राज्य सूचना आयोग के समक्ष भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। आवेदक अमित मौर्य ने इस संबंध में विभाग के लोक सूचना अधिकारी/सहायक अभियंता को एक विधिक नोटिस भेजा है, जिसमें निर्धारित अवधि के भीतर जवाब और संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की गई है। विधिक नोटिस के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों की सुनवाई के दौरान विभाग ने यह दावा किया था कि आवेदक द्वारा मांगी गई सभी सूचनाएं विभागीय वेबसाइट पर पहले से ही उपलब्ध हैं और वह उन्हें वहां से प्राप्त कर सकता है। इसी आधार पर राज्य सूचना आयोग ने इन अपीलों का निस्तारण कर दिया था। हालांकि, आवेदक का आरोप है कि वास्तविक स्थिति विभाग के दावे से बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि विभागीय वेबसाइट पर मांगी गई संबंधित सूचनाएं उपलब्ध नहीं हैं, और न ही उनका कोई स्पष्ट लिंक या डाउनलोड प्रक्रिया बताई गई है। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि 27 मई 2026 को विभागीय कार्यालय में स्वयं उपस्थित होने के बावजूद उन्हें आवश्यक सूचना प्रदान नहीं की गई। इसके बजाय, मौखिक रूप से उन्हें बताया गया कि संबंधित सूचनाएं आम जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं। इस विधिक नोटिस में विभाग से मांग की गई है कि वह आरटीआई आवेदन में मांगी गई सभी सूचनाएं प्रमाणित प्रतियों सहित उपलब्ध कराए। साथ ही, यदि सूचनाएं वास्तव में वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, तो उनका सटीक वेब लिंक, अनुभाग, पृष्ठ संख्या और डाउनलोड प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताई जाए। नोटिस में आयोग के समक्ष दिए गए विभाग के कथन का आधार स्पष्ट करने और इसमें शामिल संबंधित अधिकारियों की भूमिका व उत्तरदायित्व तय करने को भी कहा गया है। नोटिस में विभाग को चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आवेदक द्वारा राज्य सूचना आयोग के साथ-साथ अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष आवश्यक वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- आज अम्बेडकरनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम के अवसर पर शांति एवं सौहार्द के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने इस जुलूस में हिस्सा लिया और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। यह जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र, प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और लोगों से शांति एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की।1
- अम्बेडकरनगर के आलापुर से जुड़े एक मामले में लघु सिंचाई विभाग पर राज्य सूचना आयोग के समक्ष भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। आवेदक अमित मौर्य ने इस संबंध में विभाग के लोक सूचना अधिकारी/सहायक अभियंता को एक विधिक नोटिस भेजा है, जिसमें निर्धारित अवधि के भीतर जवाब और संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की गई है। विधिक नोटिस के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपीलों की सुनवाई के दौरान विभाग ने यह दावा किया था कि आवेदक द्वारा मांगी गई सभी सूचनाएं विभागीय वेबसाइट पर पहले से ही उपलब्ध हैं और वह उन्हें वहां से प्राप्त कर सकता है। इसी आधार पर राज्य सूचना आयोग ने इन अपीलों का निस्तारण कर दिया था। हालांकि, आवेदक का आरोप है कि वास्तविक स्थिति विभाग के दावे से बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि विभागीय वेबसाइट पर मांगी गई संबंधित सूचनाएं उपलब्ध नहीं हैं, और न ही उनका कोई स्पष्ट लिंक या डाउनलोड प्रक्रिया बताई गई है। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि 27 मई 2026 को विभागीय कार्यालय में स्वयं उपस्थित होने के बावजूद उन्हें आवश्यक सूचना प्रदान नहीं की गई। इसके बजाय, मौखिक रूप से उन्हें बताया गया कि संबंधित सूचनाएं आम जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं। इस विधिक नोटिस में विभाग से मांग की गई है कि वह आरटीआई आवेदन में मांगी गई सभी सूचनाएं प्रमाणित प्रतियों सहित उपलब्ध कराए। साथ ही, यदि सूचनाएं वास्तव में वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, तो उनका सटीक वेब लिंक, अनुभाग, पृष्ठ संख्या और डाउनलोड प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताई जाए। नोटिस में आयोग के समक्ष दिए गए विभाग के कथन का आधार स्पष्ट करने और इसमें शामिल संबंधित अधिकारियों की भूमिका व उत्तरदायित्व तय करने को भी कहा गया है। नोटिस में विभाग को चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आवेदक द्वारा राज्य सूचना आयोग के साथ-साथ अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष आवश्यक वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।1
- जनपद संत कबीर नगर की धनघटा तहसील क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो गया। तहसील के विभिन्न गांवों और कस्बों में परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए ताजिया जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिन्होंने निर्धारित मार्गों से होकर ताजियों को कर्बला तक पहुंचाया। मोहर्रम के इस अवसर पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। जुलूस मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। प्रशासन की इस सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे तहसील क्षेत्र में मोहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या की कोई सूचना नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने भी आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का परिचय देते हुए प्रशासन को पूरा सहयोग दिया। आयोजन की समाप्ति पर, प्रशासन ने सभी नागरिकों, आयोजन समितियों और स्वयंसेवकों का शांतिपूर्ण पर्व संपन्न कराने में उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, भविष्य में भी इसी प्रकार शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई।1
- आगामी मोहर्रम पर्व के दृष्टिगत थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी धनघटा के पर्यवेक्षण में थाना महुली के सभी अधिकारी व कर्मचारी पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से अपने-अपने ड्यूटी स्थलों पर पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। सुरक्षा उपायों के तहत, थाना क्षेत्र के सभी ताजिया मार्गों, संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार पैदल और वाहन गश्त की जा रही है। पुलिसकर्मी ताजियादारों, आयोजकों, धर्मगुरुओं और स्थानीय नागरिकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर आपसी भाईचारा, सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी के दौरान जुलूस मार्गों का पुनः निरीक्षण कर बिजली के तारों, अवरोधों एवं अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी सतर्कता, संयम और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं और किसी भी सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। थाना महुली पुलिस सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी लगातार निगरानी रख रही है, और अफवाह फैलाने वाले या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का संकल्प व्यक्त किया है। थाना महुली पुलिस जनपदवासियों से अपील करती है कि वे मोहर्रम पर्व को पारंपरिक श्रद्धा, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं। साथ ही, किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर विश्वास न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा समस्या की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। "सुरक्षा, सेवा एवं विश्वास" के संकल्प के साथ, थाना महुली पुलिस जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।1
- अंबेडकर नगर ज़िले में लगातार दो हत्याओं की खबरों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। पहले जलालपुर थाना क्षेत्र में एक युवक का शव मिला, जिसके तुरंत बाद भीटी थाना क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर एक वृद्ध मुंशी की निर्मम हत्या कर दी गई। इन हत्याओं के बाद से अंबेडकर नगर में हड़कंप मचा हुआ है। मुंशी की हत्या के सभी आरोपी मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जगह-जगह ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चला रही है।1
- अम्बेडकरनगर जिले में एक मुंशी का शव मिलने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना के बाद परिजनों ने भट्ठा मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1