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भारतीय संविधान खारिज करके नया भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान लागू करता हूं कोर्ट रिर्पोटर आत्मा गांधी गॉव वस्थना थाना बरखेड़ा जनपद पीलीभीत
Atma Gandhi
भारतीय संविधान खारिज करके नया भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान लागू करता हूं कोर्ट रिर्पोटर आत्मा गांधी गॉव वस्थना थाना बरखेड़ा जनपद पीलीभीत
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- Post by संदीप निडर1
- पीलीभीत जिले में पुलिसिया रौब और बदसलूकी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (SP) सुकीर्ति माधव ने कड़ा रुख अपनाया है। 'खाकी' की मर्यादा भूलकर जनता पर हाथ उठाने वाले आसाम चौकी इंचार्ज रविंद्र बालियान को एसपी ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। क्या है पूरा घटनाक्रम? मिली जानकारी के अनुसार, आसाम चौकी इंचार्ज रविंद्र बालियान पर आरोप है कि उन्होंने आम जनता के साथ न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि एक व्यक्ति को थप्पड़ भी जड़ दिया। सरेराह की गई इस बदसलूकी का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। जांच में सही पाए गए आरोप मामला पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के संज्ञान में आते ही उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। एसपी ने अनुशासनहीनता के इस मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में दरोगा द्वारा की गई मारपीट और अभद्र व्यवहार की पुष्टि होने के बाद, एसपी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए निलंबन की कार्रवाई की। "जनता के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का काम नागरिकों की सुरक्षा करना है, उन्हें प्रताड़ित करना नहीं। अनुशासनहीनता बरतने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।" > — सुकीर्ति माधव, एसपी पीलीभीत पुलिस विभाग में हड़कंप एसपी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई उन पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो वर्दी की हनक में आम नागरिकों के साथ गलत व्यवहार करते हैं। स्थानीय लोगों ने एसपी के इस फैसले का स्वागत किया है। मुख्य बिंदु: दरोगा का नाम: रविंद्र बालियान (चौकी इंचार्ज, आसाम) कार्रवाई: तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबन) वजह: जनता से मारपीट और अनुशासनहीनता आदेशकर्ता: एसपी सुकीर्ति माधव2
- भीमपुर नौगजा में जबरन निर्माण से किसानों में आक्रोश, एसडीएम से काम रुकवाने की गुहार1
- कोर्ट रिर्पोटर आत्मा गांधी गॉव वस्थना थाना बरखेड़ा जनपद पीलीभीत1
- पीलीभीत जनता से मारपीट पर दरोगा निलंबित। एसपी सुकीर्ति माधव ने आसाम चौकी इंचार्ज रविंद्र बालियान को किया निलंबित1
- हजारा,पीलीभीत।थाना हजारा क्षेत्र में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब नशे की हालत में एक ग्रामीण शारदा नदी में गिरकर डूबने लगा। मौके पर तैनात मुंशी और उनके सहयोगी की तत्परता से युवक की जान बच गई। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की जमकर सराहना हो रही है।जानकारी के अनुसार, गांव शास्त्री नगर निवासी बिल्लू उर्फ बलविंदर सिंह बुधवार रात करीब 11 बजे धनाराघाट पहुंचे थे।जानकारी के मुताबिक, वह नशे में थे और इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से अचानक शारदा नदी में जा गिरे। तेज बहाव के चलते वह कुछ ही पलों में डूबने लगे और मदद के लिए चीखने लगे।घटना की सूचना मिलते ही पेंटून पुल पर तैनात मुंशी बबलू माझी और उनके सहयोगी तुरंत हरकत में आए। बिना समय गंवाए दोनों नदी किनारे पहुंचे और जोखिम उठाते हुए पानी में उतर गए। कड़ी मशक्कत और साहस का परिचय देते हुए उन्होंने डूब रहे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।इस दौरान आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए और बचाव कार्य में सहयोग किया। सूचना मिलते ही युवक के परिजन भी धनाराघाट पहुंच गए, जहां उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुंशी बबलू माझी पहले भी कई बार अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद कर चुके हैं। उनकी तत्परता और बहादुरी के चलते एक और परिवार उजड़ने से बच गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर की गई कार्रवाई और सतर्कता से बड़ी से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि नशे की हालत में नदी या खतरनाक स्थानों के पास जाने से बचें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।1
- Post by बबलू2
- पीलीभीत।नगर पंचायत कलीनगर की गौशाला में अव्यवस्थाओं को उजागर करना एक कर्मचारी को भारी पड़ गया। शिकायत से नाराज आरोपियों ने कर्मचारी को कमरे में बंद कर बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने थाना माधोटांडा में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित रामनाथ का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से कलीनगर स्थित गौशाला में पशुओं की देखभाल का कार्य कर रहा था। बीते डेढ़-दो वर्षों से गौशाला की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। पशुओं को पर्याप्त चारा और देखभाल नहीं मिल पा रही थी, जिससे कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है। इसको लेकर उसने कई बार नगर पंचायत के जिम्मेदार लोगों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।आरोप है कि एक अप्रैल की सुबह उसने गौशाला की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इससे नाराज होकर चेयरमैन प्रतिनिधि व उनके साथियों ने उसे पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर लात-घूंसों से जमकर पीटा। इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया या पुलिस में शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा।पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे नौकरी से निकाल दिया। इतना ही नहीं, उसके एक अन्य साथी कर्मचारी के साथ भी मारपीट कर उसे भी काम से हटा दिया गया। घटना के बाद से पीड़ित दहशत में है। उसने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।क्षेत्र में इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि गौशाला जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करती है।1