विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट व मुसहर समुदाय ने संपूर्ण समाधान दिवस में रखीं समस्याएं, प्रशासन ने दिया आश्वासन विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट व मुसहर समुदाय ने संपूर्ण समाधान दिवस में रखीं समस्याएं, प्रशासन ने दिया आश्वासन वाराणसी | 21 फरवरी 2026 पिंडरा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर थाना रामपुर, दल्लीपुर, प्रतापपुर, बेलवा, गजेंद्र, जगदीशपुर, औराव, फत्तूपुर तथा पूरे रघुनाथपुर सहित विभिन्न गांवों से आए लगभग 90 से अधिक विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट एवं मुसहर समुदाय के महिला-पुरुषों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम), पिंडरा को ज्ञापन सौंपा। समुदाय की प्रमुख मांगों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास सुविधा, बस्तियों में नाला निर्माण, घरौनी प्रमाण पत्र जारी करना, भूमि आवंटन तथा शौचालय निर्माण शामिल रहे। विशेष रूप से पूरे रघुनाथपुर (मुसहर बस्ती) के लोगों ने अपनी आबादी की भूमि पर घरौनी प्रमाण पत्र जारी करने की मांग प्रमुखता से रखी। उनका कहना है कि वे कई पीढ़ियों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं और वहां उनके आवास स्थापित हैं। इस पर उपजिलाधिकारी, पिंडरा ने संबंधित भूमि की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि यह भूमि केवल निवास प्रयोजन के लिए दी गई है, जिस पर वर्तमान नियमों के तहत न तो घरौनी प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है और न ही किसी प्रकार का पट्टा दिया जा सकता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि समुदाय की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे तथा मामलों की विधिसम्मत जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस पक्ष के बाद भी पूरे रघुनाथपुर के निवासियों में असंतोष देखा गया। समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से संवेदनशीलता बरतते हुए पुनर्विचार करने और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को स्थायी आवासीय सुरक्षा देने की मांग की। नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट ने बताया कि पूर्व में भी कई बार तहसील स्तर पर आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कुछ स्थानों पर ग्रामीण स्तर पर दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी आवेदनों को गंभीरता से लिया गया है और नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, समुदाय ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र और न्यायसंगत समाधान किया जाएगा।
विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट व मुसहर समुदाय ने संपूर्ण समाधान दिवस में रखीं समस्याएं, प्रशासन ने दिया आश्वासन विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट व मुसहर समुदाय ने संपूर्ण समाधान दिवस में रखीं समस्याएं, प्रशासन ने दिया आश्वासन वाराणसी | 21 फरवरी 2026 पिंडरा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर थाना रामपुर, दल्लीपुर, प्रतापपुर, बेलवा, गजेंद्र, जगदीशपुर, औराव, फत्तूपुर तथा पूरे रघुनाथपुर सहित विभिन्न गांवों से आए लगभग 90 से अधिक विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट एवं मुसहर समुदाय के महिला-पुरुषों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम), पिंडरा को ज्ञापन सौंपा। समुदाय की प्रमुख मांगों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास सुविधा, बस्तियों में नाला निर्माण, घरौनी प्रमाण पत्र जारी करना, भूमि आवंटन तथा शौचालय निर्माण शामिल रहे। विशेष रूप से
पूरे रघुनाथपुर (मुसहर बस्ती) के लोगों ने अपनी आबादी की भूमि पर घरौनी प्रमाण पत्र जारी करने की मांग प्रमुखता से रखी। उनका कहना है कि वे कई पीढ़ियों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं और वहां उनके आवास स्थापित हैं। इस पर उपजिलाधिकारी, पिंडरा ने संबंधित भूमि की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि यह भूमि केवल निवास प्रयोजन के लिए दी गई है, जिस पर वर्तमान नियमों के तहत न तो घरौनी प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है और न ही किसी प्रकार का पट्टा दिया जा सकता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि समुदाय की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे तथा मामलों की विधिसम्मत जांच कर आगे की
कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस पक्ष के बाद भी पूरे रघुनाथपुर के निवासियों में असंतोष देखा गया। समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से संवेदनशीलता बरतते हुए पुनर्विचार करने और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को स्थायी आवासीय सुरक्षा देने की मांग की। नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट ने बताया कि पूर्व में भी कई बार तहसील स्तर पर आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कुछ स्थानों पर ग्रामीण स्तर पर दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी आवेदनों को गंभीरता से लिया गया है और नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, समुदाय ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र और न्यायसंगत समाधान किया जाएगा।
- विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट व मुसहर समुदाय ने संपूर्ण समाधान दिवस में रखीं समस्याएं, प्रशासन ने दिया आश्वासन वाराणसी | 21 फरवरी 2026 पिंडरा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर थाना रामपुर, दल्लीपुर, प्रतापपुर, बेलवा, गजेंद्र, जगदीशपुर, औराव, फत्तूपुर तथा पूरे रघुनाथपुर सहित विभिन्न गांवों से आए लगभग 90 से अधिक विमुक्त, घुमंतू, अर्धघुमंतू (DNT), नट एवं मुसहर समुदाय के महिला-पुरुषों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम), पिंडरा को ज्ञापन सौंपा। समुदाय की प्रमुख मांगों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास सुविधा, बस्तियों में नाला निर्माण, घरौनी प्रमाण पत्र जारी करना, भूमि आवंटन तथा शौचालय निर्माण शामिल रहे। विशेष रूप से पूरे रघुनाथपुर (मुसहर बस्ती) के लोगों ने अपनी आबादी की भूमि पर घरौनी प्रमाण पत्र जारी करने की मांग प्रमुखता से रखी। उनका कहना है कि वे कई पीढ़ियों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं और वहां उनके आवास स्थापित हैं। इस पर उपजिलाधिकारी, पिंडरा ने संबंधित भूमि की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि यह भूमि केवल निवास प्रयोजन के लिए दी गई है, जिस पर वर्तमान नियमों के तहत न तो घरौनी प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है और न ही किसी प्रकार का पट्टा दिया जा सकता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि समुदाय की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे तथा मामलों की विधिसम्मत जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस पक्ष के बाद भी पूरे रघुनाथपुर के निवासियों में असंतोष देखा गया। समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से संवेदनशीलता बरतते हुए पुनर्विचार करने और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को स्थायी आवासीय सुरक्षा देने की मांग की। नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट ने बताया कि पूर्व में भी कई बार तहसील स्तर पर आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कुछ स्थानों पर ग्रामीण स्तर पर दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी आवेदनों को गंभीरता से लिया गया है और नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, समुदाय ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र और न्यायसंगत समाधान किया जाएगा।3
- जौनपुर ब्रेकिंग उपचार के दौरान बंदी की मौत सरपतहा थाना क्षेत्र के मसूदपुर गांव निवासी अजीत गौतम 24 वर्ष पुत्र बनवारी गौतम बृहस्पतिवार को चोरी के जुल्म में पुलिस ने पकड़ा और चालान कर जेल भेज दिया। शुक्रवार की दोपहर लगभग 1:00 बजे जेल में ही अचानक इसकी तबीयत बिगड़ी जिसे जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां पर उपचार के दौरान रात 9:00 बजे मौत हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।1
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- Post by Jitendra Kumar2
- वाराणसी कचहरी के बाहर बने सामुदायिक शौचालय में अव्यवस्था, आमजन से गाली-गलौज और अवैध वसूली का आरोप वाराणसी। जिला कचहरी परिसर के बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय को लेकर आम नागरिकों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। लोगों का कहना है कि यहां शौचालय कर्मियों द्वारा रोज़ाना आने-जाने वालों से दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और मनमानी वसूली की जा रही है, जिससे आमजन को असुविधा के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार ऐसा देखा गया है कि दो लोगों के उपयोग पर भी तीन लोगों का शुल्क वसूला जाता है। जब इस अतिरिक्त पैसे के बारे में सवाल किया जाता है, तो कर्मचारियों द्वारा अभद्र भाषा और गाली-गलौज शुरू कर दी जाती है। पीड़ितों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं, बल्कि लगभग रोज़ होने वाली आम समस्या बन चुकी है। अजीब स्थिति यह है कि शहर की न्याय व्यवस्था के केंद्र कचहरी के बाहर ही आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। लोग बताते हैं कि न्याय की तलाश में आने वाले फरियादी पहले ही तनाव में रहते हैं, ऊपर से शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा में इस तरह का व्यवहार उन्हें और परेशान कर देता है। कई नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि शौचालय के संचालन की नियमित निगरानी, रेट लिस्ट का स्पष्ट प्रदर्शन और कर्मचारियों के व्यवहार पर सख्त नियंत्रण किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बुनियादी सुविधाओं में भी आम आदमी को सम्मानपूर्वक सेवा मिल पाना मुश्किल होता जा रहा है? अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस ओर कब तक ठोस कदम उठाता है।1