जल संकट गहराया: भालीवाडा जलाशय से मोटर पम्प हटाने की कलेक्टर से मांग मछुआ मांझी समिति ने दी चेतावनी, 130 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट कुरई/भालीवाडा। कुरई थाना क्षेत्र अंतर्गत बदलपार चौकी के ग्राम भालीवाडा स्थित जलाशय में बढ़ते जल संकट को लेकर विवाद गहरा गया है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है, जबकि करीब आधा सैकड़ा विद्युत मोटर पम्प लगातार संचालित हो रहे हैं। मछुआ मांझी समिति के अनुसार जलाशय में अब केवल 1-2 दिन का पानी ही बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत तथा बदलपार चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी संबंध में आज विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण एवं ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच-सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें लगभग 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। जानकारी के अनुसार बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन तथा सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। इधर, मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन जल संकट और बढ़ते विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है।
जल संकट गहराया: भालीवाडा जलाशय से मोटर पम्प हटाने की कलेक्टर से मांग मछुआ मांझी समिति ने दी चेतावनी, 130 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट कुरई/भालीवाडा। कुरई थाना क्षेत्र अंतर्गत बदलपार चौकी के ग्राम भालीवाडा स्थित जलाशय में बढ़ते जल संकट को लेकर विवाद गहरा गया है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है, जबकि करीब आधा सैकड़ा विद्युत मोटर पम्प लगातार संचालित हो रहे हैं। मछुआ मांझी समिति के अनुसार जलाशय में अब केवल 1-2 दिन का पानी ही बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत तथा बदलपार चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी संबंध में आज विद्युत वितरण केंद्र बादलपार,
सिवनी ग्रामीण एवं ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच-सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें लगभग 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। जानकारी के अनुसार बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन तथा सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। इधर, मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन जल संकट और बढ़ते विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है।
- User5314Harrai, Chhindwara🤝14 hrs ago
- *भालीवाडा जलाशय में जल संकट मोटर पम्प हटाने की कलेक्टर से मांग* *मछुआ मांझी समिति ने दी चेतावनी, 130 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट* कुरई/भालीवाडा। कुरई थाना क्षेत्र अंतर्गत बादलपार चौकी के ग्राम भालीवाडा स्थित जलाशय में बढ़ते जल संकट को लेकर विवाद गहरा गया है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है, जबकि करीब आधा सैकड़ा विद्युत मोटर पम्प लगातार संचालित हो रहे हैं। मछुआ मांझी समिति के अनुसार जलाशय में अब केवल 1-2 दिन का पानी ही बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत तथा बदलपार चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी संबंध में आज विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण एवं ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच-सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें लगभग 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। जानकारी के अनुसार बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन तथा सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। इधर, मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन जल संकट और बढ़ते विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है।1
- जल संकट गहराया: भालीवाडा जलाशय से मोटर पम्प हटाने की कलेक्टर से मांग मछुआ मांझी समिति ने दी चेतावनी, 130 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट कुरई/भालीवाडा। कुरई थाना क्षेत्र अंतर्गत बदलपार चौकी के ग्राम भालीवाडा स्थित जलाशय में बढ़ते जल संकट को लेकर विवाद गहरा गया है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है, जबकि करीब आधा सैकड़ा विद्युत मोटर पम्प लगातार संचालित हो रहे हैं। मछुआ मांझी समिति के अनुसार जलाशय में अब केवल 1-2 दिन का पानी ही बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत तथा बदलपार चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी संबंध में आज विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण एवं ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच-सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें लगभग 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। जानकारी के अनुसार बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन तथा सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। इधर, मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन जल संकट और बढ़ते विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है।2
- आस्था की जीत और अधर्म की हार का प्रतीक होली का त्योहार 02 मार्च से होलिका दहन के साथ ही शुरू हो रहा है। रंगों के इस त्योहार होली के चलते रविवार से ही रंग का बाजार सज गया है। नगर के बस स्टेण्ड, गंज चौक में रंग-बिरंगी पिचकारियां, गुलाल के ढेर, पानी वाले गुब्बारे और बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली पिचकारियां दुकानों की शोभा बढ़ा रही हैं। हालांकि रविवार को शाम 05 बजे तक दुकानों में ग्राहकों की भीड़ कम दिखाई दी1
- वारासिवनी । मध्यप्रदेश विधानसभा के 16 फरवरी से 4 मार्च तक चलने वाला विधानसभा सत्र 27 फरवरी को ही स्थगित कर दिया गया। इस विधानसभा सत्र में भाजपा सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 का वित्तीय बजट भी पेश कर पास किया गया। इस बजट में प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों के साथ-साथ वारासिवनी -खैरलाजी विधानसभा क्षेत्र को भी कई सौगाते मिली है। जिनके लिए विधायक विवेक विक्की पटेल द्वारा मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव के साथ ही संबंधित मंत्रियों से मुलाकात की गई थी। विधानसभा सत्र से वापस लौट कर विधायक विवेक पटेल ने एक पे्रस वार्ता आयोजित कर क्षेत्र को मिली सौगातों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बजट सत्र में क्षेत्र को 7 सडक़ों की सौगातें मिली है, बरसात में क्षतिग्रस्त हुए बकेरा, लालपुर व चिखला के तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए राशि स्वीकृत की गई। इसके साथ ही उनके द्वारा विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को लाभ पहुचाने, सामूहिक विवाह में 100 जोड़ों की संख्या की सीमा को समाप्त करने, नहरों की लाईनिंग करवाने, रामपायली में भगवान श्रीराम की 108 फीट ऊॅची प्रतिमा की स्थापना, वारासिवनी व खैरलाजी में स्वीकृत आईटीआई तथा खैरलाजी में 50 बिस्तर के चिकित्सालय का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करवाने की मॉग की गई है। इन कार्यो को शीघ्र प्रारंभ करवाने का आश्वासन भी शासन की ओर से दिया गया है।1
- Post by INDRAJEET SINGH DASHMER1
- होली पर्व से ठीक पहले प्रस्तावित बस हड़ताल टलने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से पूरे मध्यप्रदेश में बसों के पहिए जाम करने की घोषणा की गई थी, जिससे त्योहार के दौरान सफर करने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई थी।1
- ब्याजखोरी से प्रताड़ित युवक ने पीया जहर, मौत* अमरवाड़ा में सामाजिक संगठनों ने ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग1
- बालाघाट विधायक के करीबी ठेकेदार अबूशाह तालिब से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहले से झूठी शिकायतों का आरोप लगाने वाले अबूशाह ने कलेक्टर को दिए आवेदन में न्याय की मांग की थी, वहीं अब हाल ही में एक ऑडियो क्लिप वायरल होने से मामला और गरमा गया है।1