खीरी जिले के ओयल कस्बे में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक खीरी ख्याति गर्ग के निर्देशन में और नवागत खीरी थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च और पैदल गश्त की गई। इस दौरान, चौकी प्रभारी ओयल डिंपल सिंह ने भी पुलिस बल के साथ लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन मार्ग और कस्बे के प्रमुख क्षेत्रों में पैदल गश्त की। पुलिस टीम ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत करके शांति बनाए रखने की अपील की। गश्त के दौरान, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखी तथा आवश्यक पूछताछ कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया। थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने इस मौके पर कहा कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
खीरी जिले के ओयल कस्बे में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक खीरी ख्याति गर्ग के निर्देशन में और नवागत खीरी थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च और पैदल गश्त की गई। इस दौरान, चौकी प्रभारी ओयल डिंपल सिंह ने भी पुलिस बल के साथ लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन मार्ग और कस्बे के प्रमुख क्षेत्रों में पैदल गश्त की। पुलिस टीम ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत करके शांति बनाए रखने की अपील की। गश्त के दौरान, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखी तथा आवश्यक पूछताछ कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया। थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने इस मौके पर कहा कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक घटना सामने आई है, जहाँ CO अंजनी चतुर्वेदी ने सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान, बीच-बचाव करने आए एक इंस्पेक्टर को भी CO ने अपनी नसीहतों के लपेटे में ले लिया। यह पूरी घटना उन पुलिसकर्मियों के लिए खास तौर पर देखने लायक बताई जा रही है जो नेताओं की चमचागिरी में लिप्त रहते हैं, एक ऐसा पाठ पढ़ाया गया जिससे पुलिसकर्मियों को सीखने की बात कही गई है।1
- आज दिनांक 21 जून 2026 को सुबह 5:00 बजे बीर बाबा स्थान (मूर्तिया ग्राम पंचायत) में वन विभाग की टीम ने लगातार प्रयासों के बाद एक और तेंदुए को पिंजरे में कैद करने में सफलता हासिल की। इस नवीनतम उपलब्धि के साथ, वन विभाग की टीम ने बीते एक महीने के भीतर कुल चार तेंदुओं को पिंजरे में कैद किया है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की निघासन इकाई ने वन विभाग के सभी अधिकारी गणों और कर्मचारी गणों का इस सफलता के लिए हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने विशेष रूप से वन क्षेत्राधिकार भूपेंद्र चौधरी साहब और S.D.O मनोज तिवारी जी, साथ ही उत्तर रेंज की D.F.O मैडम जी का आभार जताया, जिन्होंने तेंदुओं को पकड़ने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत कर पिंजरे लगवाने में अहम भूमिका निभाई। संगठन ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी स्वस्थ रहें, उन्हें लंबी उम्र मिले और वे जनसेवा में सदैव तत्पर रहें।1
- लखीमपुर खीरी में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, 26 यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में कुल 581 एनसीसी कैडेट्स, एएनओ और स्टाफ सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान, कैडेट्स ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया, जहाँ योग प्रशिक्षकों ने उन्हें योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और नियमित योग को एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की एक प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज संपूर्ण विश्व अपना रहा है। यह कार्यक्रम “योग करें, निरोग रहें” और “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” जैसे महत्वपूर्ण संदेशों के साथ संपन्न हुआ। एनसीसी द्वारा आयोजित यह पहल युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।3
- सीजेपी (CJP) ने पेपर लीक के मुद्दे और धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई नारे लगाए, जिनमें "मेरा लिंग- मेरी मर्जी", "मेरा जेंडर- मेरी मर्जी" और "मेरे कपड़े- मेरी मर्जी" जैसे व्यक्तिगत पसंद और स्वतंत्रता पर जोर देने वाले नारे शामिल थे।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक नशेड़ी मामा ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। वह घर पर सो रही अपनी नौ माह की भांजी को लगभग 500 मीटर दूर जंगल में ले गया, जहाँ उसने मासूम बच्ची के साथ जघन्य हैवानियत को अंजाम दिया। इस दरिंदे मामा ने बच्ची को लहूलुहान हालत में जंगल में ही छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि सगे मामा ने अपनी मात्र नौ माह की भांजी के साथ दुष्कर्म किया था।1
- मोदी सरकार के 'पेपर लीक' मॉडल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि यह हर दिन छात्रों की जान ले रहा है। हालिया जानकारी के अनुसार, इंदौर में अवंतिका मौर्य ने कथित तौर पर पेपर लीक और 'री-नीट' से जुड़े मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है। कहा गया है कि पेपर लीक की वजह से अब तक कुल 15 छात्रों ने अपनी जान गँवा दी है। इस सूची में प्रदीप मेघवाल (राजस्थान), अंशिका पांडे (दिल्ली), ऋतिक मिश्रा (उत्तर प्रदेश), सिद्धार्थ हेगड़े (गोवा), भाग्यश्री (कर्नाटक), आकांक्षा चतुर्वेदी (मध्य प्रदेश), उमेश माली (राजस्थान), रेणु मीणा (राजस्थान), रिया कुमारी थापा (उत्तराखंड), शिवानी यादव (उत्तर प्रदेश), अनुकीर्तना (तमिलनाडु), कहान पटेल (गुजरात), रीमा बेगम (असम), मैथली अशोक सोनवाने (महाराष्ट्र) और अवंतिका मौर्य (मध्य प्रदेश) शामिल हैं। इस स्थिति को केवल आत्महत्या नहीं बल्कि 'हत्या' करार दिया गया है, जिसके लिए सीधे तौर पर धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि सत्ता में बैठे लोगों के चेहरों पर इन मौतों से कोई शिकन तक नहीं आ रही। धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है और उनसे तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के पिहानी स्थित नगर पालिका परिषद परिसर में शनिवार को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हनुमान भक्ति में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस आयोजन में हिंदू-मुस्लिम सहित सभी समुदायों के लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण कर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। भंडारे का विधिवत शुभारंभ विधायक प्रतिनिधि धर्मेश मिश्रा ने पूजा-अर्चना के साथ किया, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने राहगीरों को रोक-रोक कर भोजन कराया। इस दौरान गोपाल अवस्थी, अरुण अग्निहोत्री, अश्वनी बाजपेई, अमित जोशी, अशोक कुमार, विवेक मिश्रा, वैभव अवस्थी और अनुज कुशवाहा सहित कई अन्य लोगों ने भंडारे की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे परिसर में हनुमान भक्तों की भारी भीड़ के बीच लगातार जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारे गूंजते रहे, और नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शित श्रद्धा तथा सेवा भाव की लोगों ने खूब सराहना की। आयोजकों के अनुसार, शनिवार की शाम को एक भव्य भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें कलाकार हनुमान जी की महिमा का गुणगान करेंगे। इस आगामी कार्यक्रम को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। भंडारे और भजन संध्या के आयोजनों से पिहानी नगर का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है और हर ओर हनुमान भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है।1
- उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपद खीरी का पलिया कस्बा और आसपास का इलाका इन दिनों गंभीर नशे के संकट से जूझ रहा है। इस शांत कहे जाने वाले क्षेत्र में नशे का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय कानून व्यवस्था और समाज में चिंता व्याप्त है। नाबालिगों और युवाओं के नशा करते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो पलिया में नशे के जहर के फैलने का सीधा प्रमाण हैं। स्थानीय सूत्रों और प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इस पूरे गोरखधंधे के पीछे बड़े ड्रग्स माफिया सक्रिय हैं। ये सफेदपोश और शातिर अपराधी पर्दे के पीछे से बड़े पैमाने पर ड्रग्स और प्रतिबंधित नशीली दवाओं का सिंडिकेट चला रहे हैं। इनका मुख्य निशाना स्कूल-कॉलेज के छात्र और कम उम्र के युवा हैं, जिनका भविष्य इस जानलेवा लत के कारण अंधकार में धकेला जा रहा है। जनता के बीच यह बड़ा सवाल है कि जब पलिया में ड्रग्स का कोई स्थानीय निर्माण नहीं है, तो इतनी बड़ी मात्रा में यह ज़हर यहाँ कैसे पहुँच रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण तस्करी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों का मानना है कि पुलिस और जांच एजेंसियां यदि संदिग्धों और पहले पकड़े गए अपराधियों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और डायरी की बारीकी से जांच करें, तो इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश हो सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि कई नशे के कारोबारी, जिन पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं, उनके हौसले अब भी बुलंद हैं और वे निडर होकर यह 'मौत का सामान' बेच रहे हैं। इन अपराधियों को कथित तौर पर किसका संरक्षण प्राप्त है, यह एक अहम सवाल है, क्योंकि कई बड़े नाम और मुख्य सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। नशे के इस बढ़ते कारोबार का सीधा असर पलिया के अपराध ग्राफ पर भी दिख रहा है। नशे की तलब पूरी करने के लिए युवा चोरी, छिनैती, आपसी मारपीट और महिलाओं से अभद्रता जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिनमें तेजी से वृद्धि हुई है। पलिया की जनता में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और पलिया पुलिस से यह मांग की है कि छोटे-मोटे पैडलर्स के साथ-साथ इस धंधे के असली 'आकाओं' और ड्रग्स माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और बुलडोजर जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पलिया की युवा पीढ़ी को इस बर्बादी से बचाया जा सके।1