सरकारी दफ़्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है। डबल इंजन पावर्ड सुशासनी गुंडे सरकारी दफ़्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है। 𝟐𝟏 साल से सत्ता में बैठे नकारे निकम्मे 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐧𝐝𝐚𝐫𝐝 के 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐅𝐚𝐜𝐞𝐝 सरकारी गुंडे अपने निजी गुंडों का बचाव करने के लिए अतार्किक गुंडई भाषा का प्रयोग कर 𝟐𝟏 साल के कुकर्मों को ढकने का प्रयास करते है। यही दोहरे चरित्र के सत्ताधारी गुंडे बिहार और बिहारी अस्मिता के सबसे बड़े दुश्मन है। सरकारी अधिकारी की सरकारी कार्यालय में हुई हत्या पर सत्ता में बैठे गुंडे चुप क्यों है? क्या 𝐂𝐌 और दो-दो डिप्टी 𝐂𝐌 सरकारी हत्यारों की जाति खोजने में व्यस्त है या फिर आरोपियों को पाताल से खोजने वाले अपने उसी “घिसे-पिटे-𝐎𝐮𝐭𝐝𝐚𝐭𝐞𝐝-नीरस डायलॉग” की जुगाली करेंगे? #Crime #Bihar
सरकारी दफ़्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है। डबल इंजन पावर्ड सुशासनी गुंडे सरकारी दफ़्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है। 𝟐𝟏 साल से सत्ता में बैठे नकारे निकम्मे 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐧𝐝𝐚𝐫𝐝 के 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐅𝐚𝐜𝐞𝐝 सरकारी गुंडे अपने निजी गुंडों का बचाव करने के लिए अतार्किक गुंडई भाषा का प्रयोग कर 𝟐𝟏 साल के कुकर्मों को ढकने का प्रयास करते है। यही दोहरे चरित्र के सत्ताधारी गुंडे बिहार और बिहारी अस्मिता के सबसे बड़े दुश्मन है। सरकारी अधिकारी की सरकारी कार्यालय में हुई हत्या पर सत्ता में बैठे गुंडे चुप क्यों है? क्या 𝐂𝐌 और दो-दो डिप्टी 𝐂𝐌 सरकारी हत्यारों की जाति खोजने में व्यस्त है या फिर आरोपियों को पाताल से खोजने वाले अपने उसी “घिसे-पिटे-𝐎𝐮𝐭𝐝𝐚𝐭𝐞𝐝-नीरस डायलॉग” की जुगाली करेंगे? #Crime #Bihar
- डबल इंजन पावर्ड सुशासनी गुंडे सरकारी दफ़्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है। 𝟐𝟏 साल से सत्ता में बैठे नकारे निकम्मे 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐧𝐝𝐚𝐫𝐝 के 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐅𝐚𝐜𝐞𝐝 सरकारी गुंडे अपने निजी गुंडों का बचाव करने के लिए अतार्किक गुंडई भाषा का प्रयोग कर 𝟐𝟏 साल के कुकर्मों को ढकने का प्रयास करते है। यही दोहरे चरित्र के सत्ताधारी गुंडे बिहार और बिहारी अस्मिता के सबसे बड़े दुश्मन है। सरकारी अधिकारी की सरकारी कार्यालय में हुई हत्या पर सत्ता में बैठे गुंडे चुप क्यों है? क्या 𝐂𝐌 और दो-दो डिप्टी 𝐂𝐌 सरकारी हत्यारों की जाति खोजने में व्यस्त है या फिर आरोपियों को पाताल से खोजने वाले अपने उसी “घिसे-पिटे-𝐎𝐮𝐭𝐝𝐚𝐭𝐞𝐝-नीरस डायलॉग” की जुगाली करेंगे? #Crime #Bihar1
- अररिया जिला एवं सत्र न्यायालय अररिया परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय में सचिव रोहित श्रीवास्तव की अध्यक्षता में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा करना था। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने पदाधिकारियों से पक्षकारों के साथ व्यक्तिगत काउंसलिंग कर वादों को सुलह-समझौते के जरिए निस्तारित करने का आग्रह किया। श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत की तैयारी जोरों पर है। नोटिसों का तामिला लगातार सुनिश्चित किया जा रहा है और प्रचार-प्रसार के कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। इस बार जिला प्रशासन का लक्ष्य पिछले लोक अदालतों की तुलना में कहीं अधिक मामलों का निस्तारण करना है।1
- नरकटियागंज ₹10001
- Post by Razi Anwar1
- जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट == आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनज़र बुधवार को जोगबनी के इंद्रानगर वार्ड संख्या 04 स्थित एक निजी विद्यालय में भव्य योग अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, योग गुरु एवं स्थानीय लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं संकल्प के साथ की गई, जिसके बाद योग गुरु जितेंद्र पुर्वे ने सभी उपस्थित लोगों को विभिन्न प्रकार के योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने सरल भाषा में योग के महत्व को समझाते हुए बताया कि नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन संतुलित रहता है। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। योग अभ्यास के दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और विभिन्न आसनों को बड़े ही अनुशासन के साथ किया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेते हुए छात्रों का मनोबल बढ़ाया। विद्यालय की प्रधानाचार्य कुमकुम श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और इसे हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर अरुण श्रीवास्तव, कन्हैया कामत सहित अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।2
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- Post by User106091
- जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन के जनता दरबार में प्राप्त एक संवेदनशील मामले का त्वरित समाधान करते हुए मानवता और प्रशासनिक तत्परता की मिसाल पेश की गई। जनता दरबार में आवेदिका दुलारी देवी, पति स्वर्गीय दिनेश पासवान, निवासी ईदगाह, वार्ड संख्या-12, पंचायत ढोलबज्जा, थाना-फारबिसगंज, जिला अररिया द्वारा आवेदन समर्पित कर अनुरोध किया गया था कि उनके पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र तमिलनाडु राज्य के थुथुकुड़ी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से निर्गत नहीं हो पा रहा है। क्योंकि वे असहाय स्थिति में थुथुकुड़ी नहीं जा सकती हैं। आवेदिका ने बताया कि उनके पति दिनेश पासवान (उम्र लगभग 40 वर्ष) तमिलनाडु के तिरुचेंदूर क्षेत्र में कार्यरत थे। दिनांक 16 जुलाई 2025 को कार्य समाप्त कर घर लौटने के दौरान पीछे से आई बस की टक्कर में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें थुथुकुड़ी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान 17 जुलाई 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। आर्थिक एवं अन्य कारणों से आवेदिका का तमिलनाडु जाना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने जिला पदाधिकारी से मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु के थुथुकुड़ी जिला के जिला पदाधिकारी से संपर्क स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी के प्रयासों के फलस्वरूप मृतक दिनेश पासवान का आज मृत्यु प्रमाण-पत्र आवेदिका को उपलब्ध कराया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा स्वयं आवेदिका दुलारी देवी को उनके पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र सौंपा गया। इस दौरान भावुक आवेदिका ने जिला पदाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। मृत्यु प्रमाण-पत्र का निर्गत होना जहाँ आवेदिका के लिए राहत और संतोष का विषय है, वहीं यह जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।1