“सहरसा में बिना रास्ते का हाई स्कूल! खेत-जंगल पार कर पहुंचते हैं बच्चे” अनोखा स्कूल—न रास्ता, न सुरक्षा, फिर भी चल रही पढ़ाई” सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बीजलपुर तक पहुंचने के लिए आज तक कोई रास्ता नहीं बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ घना जंगल है, दूसरी ओर नहर, और बीच खेत में यह स्कूल स्थित है। ऐसे में छात्र-छात्राओं, खासकर बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर अंचलाधिकारी को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि विद्यालय के प्रिंसिपल द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस गंभीर समस्या की जानकारी क्यों नहीं दी गई। बिजलपुर के पूर्व मुखिया संजीव कुमार और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल तक जाने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाया जाए। बताया जा रहा है कि यह जमीन राम जानकी ट्रस्ट द्वारा दान में दी गई थी, लेकिन रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई। अब सवाल यह है कि जब स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं था, तो आखिर इस विद्यालय का निर्माण कैसे कर दिया गया? ग्रामीणों और अभिभावकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।
“सहरसा में बिना रास्ते का हाई स्कूल! खेत-जंगल पार कर पहुंचते हैं बच्चे” अनोखा स्कूल—न रास्ता, न सुरक्षा, फिर भी चल रही पढ़ाई” सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बीजलपुर तक पहुंचने के लिए आज तक कोई रास्ता नहीं बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ घना जंगल है, दूसरी ओर नहर, और बीच खेत में यह स्कूल स्थित है। ऐसे में छात्र-छात्राओं, खासकर बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर अंचलाधिकारी को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि विद्यालय के प्रिंसिपल द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस गंभीर समस्या की जानकारी क्यों नहीं दी गई। बिजलपुर के पूर्व मुखिया संजीव कुमार और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल तक जाने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाया जाए। बताया जा रहा है कि यह जमीन राम जानकी ट्रस्ट द्वारा दान में दी गई थी, लेकिन रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई। अब सवाल यह है कि जब स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं था, तो आखिर इस विद्यालय का निर्माण कैसे कर दिया गया? ग्रामीणों और अभिभावकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।
- सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बीजलपुर तक पहुंचने के लिए आज तक कोई रास्ता नहीं बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ घना जंगल है, दूसरी ओर नहर, और बीच खेत में यह स्कूल स्थित है। ऐसे में छात्र-छात्राओं, खासकर बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर अंचलाधिकारी को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि विद्यालय के प्रिंसिपल द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस गंभीर समस्या की जानकारी क्यों नहीं दी गई। बिजलपुर के पूर्व मुखिया संजीव कुमार और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल तक जाने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाया जाए। बताया जा रहा है कि यह जमीन राम जानकी ट्रस्ट द्वारा दान में दी गई थी, लेकिन रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई। अब सवाल यह है कि जब स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं था, तो आखिर इस विद्यालय का निर्माण कैसे कर दिया गया? ग्रामीणों और अभिभावकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो प्रशासन के दावों और गैस एजेंसियों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करती है। यहाँ 'मां भगवती HP ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी' की लापरवाही की वजह से आम जनता त्रस्त है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बावजूद, यहाँ नियमों को ताक पर रखकर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है।"ग्रामीणों का कहना है कि हम सुबह 8 बजे से आए हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। होम डिलीवरी की बात तो छोड़िए, यहाँ खुद से सिलेंडर ले जाने पर भी घंटों इंतजार करना पड़ता है।"इस भीषण गर्मी और व्यस्त समय में, ये लोग अपनी बारी के इंतजार में सुबह से ही लाइन लगाकर खड़े हैं। आरोप है कि 'मां भगवती HP ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी' पर न तो समय से गैस की बुकिंग हो रही है और न ही मोबाइल नंबर अपडेट किए जा रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद भी जब लोगों का काम नहीं होता, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।1
- Post by HTk Today1
- नगर पंचायत सौर बाजार के वार्ड नंबर दो में सड़क मार्ग निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ देने के बाद आवागमन में लोगों को हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। इसको लेकर वार्ड वासियों ने बताया की अन्य वार्ड पार्षद के मदद से सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू किया गया था जो आधा अधूरा काम कर छोड़ दिया जिससे और समस्या बढ़ गई है। जहां ज्यादा गढ्ढा था ऐसे जगह को ही छोड़ दिया है जिससे बच्चे एवं बुजुर्ग को ज्यादा परेशानी होती है। इसको लेकर कई बार नगर पंचायत के अधिकारी को सूचित भी किया गया है मगर अनसुना कर दिया जाता है।1
- सहरसा विधायक Er. I P Gupta Pan ने इंटर टॉपर को किया सम्मानित ,3 छात्राओं को आर्थिक सहायता और हर संभव मदद का किया वादा #intermediate_result #inter_result1
- फारबिसगंज में भव्य रामनवमी रथ यात्रा, झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र1
- Post by Anand jaiswal1
- बिहार के सहरसा से इस वक्त की एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। सहरसा के सदर अस्पताल में गुरुवार को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जहां चार लोग एक महिला को गंभीर हालत में इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके तुरंत बाद महिला को अस्पताल लाने वाले चारों लोग उसे स्ट्रेचर पर लावारिस हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला को अस्पताल लाने वाले लोग कौन थे और वे उसे छोड़कर क्यों फरार हो गए। वहीं अस्पताल प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के असली कारणों और पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।1