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बेहतर शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास विश्वास

18 hrs ago
user_Ashutosh Tiwari
Ashutosh Tiwari
Computer Programmer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago

बेहतर शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास विश्वास

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by बागी बलिया
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    Post by बागी बलिया
    user_बागी बलिया
    बागी बलिया
    बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बलिया के सुखपुरा में प्यार में पागल लड़की चढ़ी टावर पर
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    बलिया के सुखपुरा में प्यार में पागल लड़की चढ़ी टावर पर
    user_सुंदर बलिया u p 60
    सुंदर बलिया u p 60
    Ballia, Lucknow•
    4 hrs ago
  • वे एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था। 1857 की क्रांति की एक बड़ी वजह एनफील्ड राइफल के कारतूस थे, जिनमें गाय और सूअर की चर्बी होने की बात कही गई। इससे सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और विद्रोह की स्थिति बन गई। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडेय ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने अधिकारियों पर गोली चलाई और अन्य सैनिकों को भी क्रांति के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ और पूरे देश में क्रांति की चिंगारी फैल गई। मंगल पांडेय आज भी साहस, देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं।सन् 1857 की क्रांति का नाम आते ही जिस वीर सिपाही की छवि सबसे पहले उभरती है, वह हैं मंगल पांडे। उन्हें भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत और पहला शहीद माना जाता है। 8 अप्रैल का दिन उनके बलिदान की याद दिलाता है, जब उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजाकर इतिहास रच दिया। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने साथियों को पुकारते हुए अंग्रेजों के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया और दो अंग्रेज अधिकारियों पर गोली चला दी। यह वह क्षण था जब पहली बार किसी भारतीय सिपाही ने खुलेआम अंग्रेज सत्ता को चुनौती दी। उत्तर प्रदेश के बलिया (तत्कालीन गाजीपुर) जिले के नगवा गांव में 30 जनवरी 1831 को जन्मे मंगल पांडे बचपन से ही साहसी और स्वाभिमानी थे। उनके पिता सुदिष्ट पांडे और माता जानकी देवी थीं। कम उम्र में ही वे ब्रिटिश सेना की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में भर्ती हो गए, जहां उनकी बहादुरी और अनुशासन के लिए पहचान बनी। 1857 के विद्रोह की चिंगारी उस समय भड़की जब नई एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी होने की बात सामने आई। इससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 की मुख्य वजह बनी। हालांकि उनके साथियों ने उस समय खुलकर साथ नहीं दिया, लेकिन उनके साहस ने पूरे देश में विद्रोह की आग फैला दी। अंततः उन्हें गिरफ्तार कर सैन्य अदालत में पेश किया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे। वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था।
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    वे एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था।
1857 की क्रांति की एक बड़ी वजह एनफील्ड राइफल के कारतूस थे, जिनमें गाय और सूअर की चर्बी होने की बात कही गई। इससे सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और विद्रोह की स्थिति बन गई।
29 मार्च 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडेय ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने अधिकारियों पर गोली चलाई और अन्य सैनिकों को भी क्रांति के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ और पूरे देश में क्रांति की चिंगारी फैल गई।
मंगल पांडेय आज भी साहस, देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं।सन् 1857 की क्रांति का नाम आते ही जिस वीर सिपाही की छवि सबसे पहले उभरती है, वह हैं मंगल पांडे। उन्हें भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत और पहला शहीद माना जाता है। 8 अप्रैल का दिन उनके बलिदान की याद दिलाता है, जब उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजाकर इतिहास रच दिया।
29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने साथियों को पुकारते हुए अंग्रेजों के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया और दो अंग्रेज अधिकारियों पर गोली चला दी। यह वह क्षण था जब पहली बार किसी भारतीय सिपाही ने खुलेआम अंग्रेज सत्ता को चुनौती दी।
उत्तर प्रदेश के बलिया (तत्कालीन गाजीपुर) जिले के नगवा गांव में 30 जनवरी 1831 को जन्मे मंगल पांडे बचपन से ही साहसी और स्वाभिमानी थे। उनके पिता सुदिष्ट पांडे और माता जानकी देवी थीं। कम उम्र में ही वे ब्रिटिश सेना की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में भर्ती हो गए, जहां उनकी बहादुरी और अनुशासन के लिए पहचान बनी।
1857 के विद्रोह की चिंगारी उस समय भड़की जब नई एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी होने की बात सामने आई। इससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 की मुख्य वजह बनी।
हालांकि उनके साथियों ने उस समय खुलकर साथ नहीं दिया, लेकिन उनके साहस ने पूरे देश में विद्रोह की आग फैला दी। अंततः उन्हें गिरफ्तार कर सैन्य अदालत में पेश किया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई।
एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे।
वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था।
    user_Ashutosh Tiwari
    Ashutosh Tiwari
    Computer Programmer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बलिया कांग्रेस नेता ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह और विधायक केतकी सिंह पर बोला हमला कांग्रेस नेता ने कहा पूर्व अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻
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    बलिया कांग्रेस नेता ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह और विधायक केतकी सिंह पर बोला हमला
कांग्रेस नेता ने कहा पूर्व 
अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻
    user_F A KHAN (PSO)
    F A KHAN (PSO)
    Police Officer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱
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    इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱
    user_Tatkal News Bihar 24
    Tatkal News Bihar 24
    Local News Reporter बक्सर, बक्सर, बिहार•
    4 hrs ago
  • आरा, जगदेव नगर। आर एस मेमोरियल गर्ल्स स्कूल सह शिशु सदन में माईल्सस्टोन 2026- राईज एण्ड साईन थीम पर फेयरवेल व ग्रेजुएशन डे का आयोजन किया गया जो भावनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की आशाओं का सुंदर संगम बनकर उभरा। इस अवसर पर नर्सरी व केजी के नन्हे बच्चों का ग्रेजुएशन तथा कक्षा 10 के विद्यार्थियों का फेयरवेल एक ही मंच पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें छोटे बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया, वहीं 10वीं के विद्यार्थियों ने विद्यालय जीवन की यादों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। नन्हे ग्रेजुएट्स को कैप और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि 10वीं के छात्रों को सर्टिफिकेट व सौवन्वियर प्रदान करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। विद्यालय प्रबंधन ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। राईज एण्ड साईन थीम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हर बच्चा अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकता है, बशर्ते उसे सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण मिले। अभिभावकों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। विद्यालय ने अभिभावकों से बच्चों की तुलना न करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का आग्रह किया। इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया, जिससे यह संदेश गया कि विद्यालय हर बच्चे की विशेषता को महत्व देता है। समारोह के अंत में यह स्पष्ट हुआ कि यह संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशील, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ शशि कला राय ने अतिथि के रूप में पधारे रामनाथ ठाकुर, डॉ रवि शेखर, डॉ राजेश कुमार राय, डॉ जितेन्द्र शुक्ला, डॉ सुनिल कुमार सिंह, आदी को सम्मानित किया। अंत में विद्यालय के निदेशक श्री सुदर्शन राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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    आरा, जगदेव नगर।
आर एस मेमोरियल गर्ल्स स्कूल सह शिशु सदन में माईल्सस्टोन 2026- राईज एण्ड साईन थीम पर  फेयरवेल व ग्रेजुएशन डे का आयोजन किया गया जो भावनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की आशाओं का सुंदर संगम बनकर उभरा। 
इस अवसर पर नर्सरी व केजी के नन्हे बच्चों का ग्रेजुएशन तथा कक्षा 10 के विद्यार्थियों का फेयरवेल एक ही मंच पर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें छोटे बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया, वहीं 10वीं के विद्यार्थियों ने विद्यालय जीवन की यादों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। नन्हे ग्रेजुएट्स को कैप और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि 10वीं के छात्रों को सर्टिफिकेट व सौवन्वियर प्रदान करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
विद्यालय प्रबंधन ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। राईज एण्ड साईन थीम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हर बच्चा अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकता है, बशर्ते उसे सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण मिले।
अभिभावकों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। विद्यालय ने अभिभावकों से बच्चों की तुलना न करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया, जिससे यह संदेश गया कि विद्यालय हर बच्चे की विशेषता को महत्व देता है।
समारोह के अंत में यह स्पष्ट हुआ कि यह संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशील, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ शशि कला राय ने अतिथि के रूप में पधारे रामनाथ ठाकुर, डॉ रवि शेखर, डॉ राजेश कुमार राय, डॉ जितेन्द्र शुक्ला, डॉ सुनिल कुमार सिंह,   आदी को सम्मानित किया। अंत में विद्यालय के निदेशक श्री सुदर्शन राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
    user_Vijay mehta
    Vijay mehta
    Building society Bhojpur, Bihar•
    1 hr ago
  • बिहार के लोगों का भी जीवन सुधरेगा कभी तो होगा कभी तो ऐसा दिन आएगा, इसी विश्वास के साथ इतनी मेहनत कर रहा हूं,किसी लोभ वश नहीं,अपने लोगो के लिए अपने राज्य के लिए हमेशा खड़े रहेंगे,वधायक मंत्री से कही ज्यादा भगवान् ने दिया है!
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    बिहार के लोगों का भी जीवन सुधरेगा कभी तो होगा कभी तो ऐसा दिन आएगा, इसी विश्वास के साथ इतनी मेहनत कर रहा हूं,किसी लोभ वश नहीं,अपने लोगो के लिए अपने राज्य के लिए हमेशा खड़े रहेंगे,वधायक मंत्री से कही ज्यादा भगवान् ने दिया है!
    user_Saroj kumar
    Saroj kumar
    Local News Reporter जगदीशपुर, भोजपुर, बिहार•
    15 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने नई योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत राज्य के 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाई जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देना है, ताकि गांव के लोगों को शहरों तक आने-जाने में आसानी हो सके। इससे छात्रों, मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस अभियान में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अहम भूमिका रहेगी, जो इन रूट्स पर बसों का संचालन करेगा। नई रूट्स और बसों के जरिए दूर-दराज के गांव भी मुख्य सड़कों और शहरों से जुड़ जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना से न केवल परिवहन व्यवस्था सुधरेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। संभावित असर: गांव-शहर कनेक्टिविटी बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच स्थानीय व्यापार को बढ़ावा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर!
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    उत्तर प्रदेश में परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने नई योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत राज्य के 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाई जाएगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देना है, ताकि गांव के लोगों को शहरों तक आने-जाने में आसानी हो सके। इससे छात्रों, मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस अभियान में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की अहम भूमिका रहेगी, जो इन रूट्स पर बसों का संचालन करेगा। नई रूट्स और बसों के जरिए दूर-दराज के गांव भी मुख्य सड़कों और शहरों से जुड़ जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इस योजना से न केवल परिवहन व्यवस्था सुधरेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
संभावित असर:
गांव-शहर कनेक्टिविटी बेहतर
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
स्थानीय व्यापार को बढ़ावा
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर!
    user_Ashutosh Tiwari
    Ashutosh Tiwari
    Computer Programmer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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