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इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱 इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱

2 hrs ago
user_Tatkal News Bihar 24
Tatkal News Bihar 24
Local News Reporter बक्सर, बक्सर, बिहार•
2 hrs ago

इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱 इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱

More news from बिहार and nearby areas
  • इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱
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    इलाज के नाम पर करोड़ों का खेल! आरोपी का काला सच सुन पुलिस भी रह गई दंग 😱
    user_Tatkal News Bihar 24
    Tatkal News Bihar 24
    Local News Reporter बक्सर, बक्सर, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by बागी बलिया
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    Post by बागी बलिया
    user_बागी बलिया
    बागी बलिया
    बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    14 min ago
  • बलिया के सुखपुरा में प्यार में पागल लड़की चढ़ी टावर पर
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    बलिया के सुखपुरा में प्यार में पागल लड़की चढ़ी टावर पर
    user_सुंदर बलिया u p 60
    सुंदर बलिया u p 60
    Ballia, Lucknow•
    2 hrs ago
  • वे एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था। 1857 की क्रांति की एक बड़ी वजह एनफील्ड राइफल के कारतूस थे, जिनमें गाय और सूअर की चर्बी होने की बात कही गई। इससे सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और विद्रोह की स्थिति बन गई। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडेय ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने अधिकारियों पर गोली चलाई और अन्य सैनिकों को भी क्रांति के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ और पूरे देश में क्रांति की चिंगारी फैल गई। मंगल पांडेय आज भी साहस, देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं।सन् 1857 की क्रांति का नाम आते ही जिस वीर सिपाही की छवि सबसे पहले उभरती है, वह हैं मंगल पांडे। उन्हें भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत और पहला शहीद माना जाता है। 8 अप्रैल का दिन उनके बलिदान की याद दिलाता है, जब उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजाकर इतिहास रच दिया। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने साथियों को पुकारते हुए अंग्रेजों के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया और दो अंग्रेज अधिकारियों पर गोली चला दी। यह वह क्षण था जब पहली बार किसी भारतीय सिपाही ने खुलेआम अंग्रेज सत्ता को चुनौती दी। उत्तर प्रदेश के बलिया (तत्कालीन गाजीपुर) जिले के नगवा गांव में 30 जनवरी 1831 को जन्मे मंगल पांडे बचपन से ही साहसी और स्वाभिमानी थे। उनके पिता सुदिष्ट पांडे और माता जानकी देवी थीं। कम उम्र में ही वे ब्रिटिश सेना की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में भर्ती हो गए, जहां उनकी बहादुरी और अनुशासन के लिए पहचान बनी। 1857 के विद्रोह की चिंगारी उस समय भड़की जब नई एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी होने की बात सामने आई। इससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 की मुख्य वजह बनी। हालांकि उनके साथियों ने उस समय खुलकर साथ नहीं दिया, लेकिन उनके साहस ने पूरे देश में विद्रोह की आग फैला दी। अंततः उन्हें गिरफ्तार कर सैन्य अदालत में पेश किया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे। वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था।
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    वे एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था।
1857 की क्रांति की एक बड़ी वजह एनफील्ड राइफल के कारतूस थे, जिनमें गाय और सूअर की चर्बी होने की बात कही गई। इससे सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और विद्रोह की स्थिति बन गई।
29 मार्च 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडेय ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने अधिकारियों पर गोली चलाई और अन्य सैनिकों को भी क्रांति के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ और पूरे देश में क्रांति की चिंगारी फैल गई।
मंगल पांडेय आज भी साहस, देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं।सन् 1857 की क्रांति का नाम आते ही जिस वीर सिपाही की छवि सबसे पहले उभरती है, वह हैं मंगल पांडे। उन्हें भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत और पहला शहीद माना जाता है। 8 अप्रैल का दिन उनके बलिदान की याद दिलाता है, जब उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजाकर इतिहास रच दिया।
29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे ने अंग्रेज अधिकारियों के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने साथियों को पुकारते हुए अंग्रेजों के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया और दो अंग्रेज अधिकारियों पर गोली चला दी। यह वह क्षण था जब पहली बार किसी भारतीय सिपाही ने खुलेआम अंग्रेज सत्ता को चुनौती दी।
उत्तर प्रदेश के बलिया (तत्कालीन गाजीपुर) जिले के नगवा गांव में 30 जनवरी 1831 को जन्मे मंगल पांडे बचपन से ही साहसी और स्वाभिमानी थे। उनके पिता सुदिष्ट पांडे और माता जानकी देवी थीं। कम उम्र में ही वे ब्रिटिश सेना की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में भर्ती हो गए, जहां उनकी बहादुरी और अनुशासन के लिए पहचान बनी।
1857 के विद्रोह की चिंगारी उस समय भड़की जब नई एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी होने की बात सामने आई। इससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 की मुख्य वजह बनी।
हालांकि उनके साथियों ने उस समय खुलकर साथ नहीं दिया, लेकिन उनके साहस ने पूरे देश में विद्रोह की आग फैला दी। अंततः उन्हें गिरफ्तार कर सैन्य अदालत में पेश किया गया और 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई।
एक ब्राह्मण परिवार से थे और बचपन से ही साहसी स्वभाव के थे।
वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही थे। उस समय भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाता था, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा था।
    user_Ashutosh Tiwari
    Ashutosh Tiwari
    Computer Programmer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बलिया कांग्रेस नेता ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह और विधायक केतकी सिंह पर बोला हमला कांग्रेस नेता ने कहा पूर्व अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻
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    बलिया कांग्रेस नेता ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह और विधायक केतकी सिंह पर बोला हमला
कांग्रेस नेता ने कहा पूर्व 
अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻
    user_F A KHAN (PSO)
    F A KHAN (PSO)
    Police Officer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • खबर रोहतास जिला के बिक्रमगंज से है। जहां बिक्रमगंज बाजार के एक मैरिज हॉल में पुलिस ने छापामारी कर 24 लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें से 8 महिलाएं हैं। उनमें एक नाबालिक लड़की भी है। वही एक लाख रुपए कैश तथा आभूषण भी बरामद किया गया है। मामला एक नाबालिक लड़की का मध्य प्रदेश के रतलाम के एक युवक से शादी कराने से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र के गरीब परिवार को लालच देकर उसकी नाबालिक बच्ची का मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से आए एक युवक से शादी कराई जा रही है। इसी सूचना पर बिक्रमगंज के शिव मैरिज हॉल में बिक्रमगंज थाना की पुलिस ने दबिश दी तथा यहां से बक्सर जिला के चकिया की एक नाबालिग लड़की को बरामद किया गया। जिसकी शादी मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पेलादरी का रहने वाला एक युवक से कराई जा रही थी। पुलिस को शक है की दूसरे प्रांतों से लोग यहां गरीब बच्चियों को बहला-फुसला कर शादी कराने वाले गिरोह की यह करतूत तो नहीं है? पुलिस ने लड़का तथा लड़की पक्ष के 16 लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें से आठ महिलाएं हैं। उन सभी से पूछताछ की जा रही है। बता दे की हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि से पहले भी लोग इस इलाके के गरीब परिवार के बच्चियों को शादी के लिए दलालों के माध्यम से खरीद फरोख्त कर ले जाने जैसे करतूत सामने आ चुका है। इसके बाद पुलिस का कान खड़ा है। फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है। मध्य प्रदेश के रतलाम से अपने बेटे की शादी करने पहुंचे शंकर लाल चौहान ने बताया कि वह अपने पुत्र की शादी के लिए बिहार आए हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारी जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ बताने की बात कह रहे हैं।
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    खबर रोहतास जिला के बिक्रमगंज से है। जहां बिक्रमगंज बाजार के एक मैरिज हॉल में पुलिस ने छापामारी कर 24 लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें से 8 महिलाएं हैं। उनमें एक नाबालिक लड़की भी है। वही एक लाख रुपए कैश तथा आभूषण भी बरामद किया गया है। मामला एक नाबालिक लड़की का मध्य प्रदेश के रतलाम के एक युवक से शादी कराने से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र के गरीब परिवार को लालच देकर उसकी नाबालिक बच्ची का मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से आए एक युवक से शादी कराई जा रही है। इसी सूचना पर बिक्रमगंज के शिव मैरिज हॉल में बिक्रमगंज थाना की पुलिस ने दबिश दी तथा यहां से बक्सर जिला के चकिया की एक नाबालिग लड़की को बरामद किया गया। जिसकी शादी मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पेलादरी का रहने वाला एक युवक से कराई जा रही थी। पुलिस को शक है की दूसरे प्रांतों से लोग यहां गरीब बच्चियों को बहला-फुसला कर शादी कराने वाले गिरोह की यह करतूत तो नहीं है? पुलिस ने लड़का तथा लड़की पक्ष के 16 लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें से आठ महिलाएं हैं। उन सभी से पूछताछ की जा रही है। बता दे की हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि से पहले भी लोग इस इलाके के गरीब परिवार के बच्चियों को शादी के लिए दलालों के माध्यम से खरीद फरोख्त कर ले जाने जैसे करतूत सामने आ चुका है। इसके बाद पुलिस का कान खड़ा है। फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है। मध्य प्रदेश के रतलाम से अपने बेटे की शादी करने पहुंचे शंकर लाल चौहान ने बताया कि वह अपने पुत्र की शादी के लिए बिहार आए हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारी जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ बताने की बात कह रहे हैं।
    user_पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    बिक्रमगंज, रोहतास, बिहार•
    3 hrs ago
  • 👉🏻पत्रकारों के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने क्या कुछ कहा आप खुद सुने...
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    👉🏻पत्रकारों के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने क्या कुछ कहा आप खुद सुने...
    user_K TODAY न्यूज, नरेन्द्र राय
    K TODAY न्यूज, नरेन्द्र राय
    Local News Reporter गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी कचहरी में अधिवक्ता पर गोली चलाई गई, यह पुलिस प्रशासन और अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े करते हैं, #fbpost2026シ #facebookpostシ #facebookreelsvideo #fb #up #videoviralシ #videoviralシ #Lakhimpur
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    लखीमपुर खीरी कचहरी में अधिवक्ता पर गोली चलाई गई, यह पुलिस प्रशासन और अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े करते हैं, 
#fbpost2026シ #facebookpostシ #facebookreelsvideo #fb #up #videoviralシ #videoviralシ #Lakhimpur
    user_Tatkal News Bihar 24
    Tatkal News Bihar 24
    Local News Reporter बक्सर, बक्सर, बिहार•
    4 hrs ago
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