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जनपद ललितपुर के लिए यह एक गर्व का विषय है कि तहसील मड़ावरा के ग्राम सोंरई निवासी डॉ. अंकित नामदेव का उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा में राजपत्रित अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। अपने चयन के बाद जब डॉ. अंकित नामदेव पहली बार अपने पैतृक गांव सोंरई पहुंचे, तो ग्रामवासियों और परिवारजनों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे गांव में खुशी का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने उनकी इस सफलता को पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया, यह कहते हुए कि यह उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष का ही परिणाम है। डॉ. नामदेव की उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई प्रेरणा दी है।
पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
जनपद ललितपुर के लिए यह एक गर्व का विषय है कि तहसील मड़ावरा के ग्राम सोंरई निवासी डॉ. अंकित नामदेव का उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा में राजपत्रित अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। अपने चयन के बाद जब डॉ. अंकित नामदेव पहली बार अपने पैतृक गांव सोंरई पहुंचे, तो ग्रामवासियों और परिवारजनों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे गांव में खुशी का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने उनकी इस सफलता को पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया, यह कहते हुए कि यह उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष का ही परिणाम है। डॉ. नामदेव की उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई प्रेरणा दी है।
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- जनपद ललितपुर के लिए यह एक गर्व का विषय है कि तहसील मड़ावरा के ग्राम सोंरई निवासी डॉ. अंकित नामदेव का उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा में राजपत्रित अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। अपने चयन के बाद जब डॉ. अंकित नामदेव पहली बार अपने पैतृक गांव सोंरई पहुंचे, तो ग्रामवासियों और परिवारजनों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे गांव में खुशी का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने उनकी इस सफलता को पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया, यह कहते हुए कि यह उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष का ही परिणाम है। डॉ. नामदेव की उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई प्रेरणा दी है।1
- टीकमगढ़ जिले में किसानों के लिए विशेष रूप से बनाए गए टीन शेडों पर अब व्यापारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इस स्थिति के चलते, आगामी बरसात के मौसम में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इन शेडों का मुख्य उद्देश्य ही उन्हें और उनकी उपज को बारिश से बचाना था।1
- टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत अस्तौन में आवास योजना के नाम पर खुलेआम पैसे की मांग किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों से आवास के लिए 1000, 2 और 1500 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच और सेक्रेटरी के साथ-साथ गांव के ही कुछ दलालों पर भी संलिप्तता का आरोप है, जिन पर कथित तौर पर इन अवैध मांगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवधाम कुंडेश्वर मंदिर में दान राशि के बंटवारे को लेकर दो पुजारियों के बीच विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने कोतवाली थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, प्रधान पुजारी जमुना तिवारी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, अवधेश लिटोरिया ने आरोप लगाया है कि उन्हें दान राशि में उनका हिस्सा नहीं दिया गया और जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो उनके साथ मारपीट की गई। अवधेश लिटोरिया की इस शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवधाम कुंडेश्वर मंदिर में दान राशि के बंटवारे को लेकर दो पुजारियों के बीच गंभीर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों को शिकायत दर्ज कराने के लिए कोतवाली थाने पहुँचना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने एक पुजारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर जांच की जा रही है। कोतवाली पुलिस के अनुसार, शनिवार को कुंडेश्वर मंदिर के प्रधान पुजारी जमुना तिवारी ने सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के साथ उनके हाथ में चोट के निशान भी पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण कराकर अवधेश लिटोरिया के खिलाफ मारपीट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। वहीं, रविवार को सहायक पुजारी अवधेश लिटोरिया ने भी कोतवाली थाने में प्रधान पुजारी जमुना तिवारी पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। लिटोरिया का आरोप है कि उन्हें मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि में से उनका हिस्सा नहीं दिया गया और जब उन्होंने इस संबंध में जमुना तिवारी से शिकायत की, तो उनके साथ मारपीट की गई। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि अवधेश लिटोरिया द्वारा दिए गए आवेदन की जांच की जा रही है और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद श्रद्धालुओं से मिलने वाली दान राशि के बंटवारे को लेकर हुआ है। बताया जाता है कि कुंडेश्वर मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और वाहनों के पूजन के लिए पहुंचते हैं, और इस दौरान प्राप्त होने वाली दान राशि को मंदिर से जुड़े पुजारियों के बीच बराबर बांटा जाता है। इसी बंटवारे को लेकर दोनों पुजारियों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में मंदिर परिसर में ही हाथापाई तक पहुँच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से धार्मिक स्थल की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से मामले में उचित कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।2
- बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध बुंदेली कवि राजेंद्र बिदुआ ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर अपनी विशिष्ट बुंदेली शैली में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कवि ने अपनी रचना के माध्यम से इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधे सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने व्यवस्था और जवाबदेही पर करारा कटाक्ष किया है। उनकी यह कविता सोशल मीडिया पर गहरी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ लोग इसे बड़ी संख्या में सुन और साझा कर रहे हैं।1
- राजस्थान के बाड़मेर में गरीब भील आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं, जिसके चलते महिलाएं और बच्चे बेघर होकर सड़कों पर आ गए हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इस गंभीर स्थिति को उजागर किया गया है। इस वायरल पोस्ट में देश के राजनेताओं पर तीखा आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि यह उनका एक 'अटूट कानून' बन गया है कि यदि आदिवासी जंगल में रहें, तो जंगल को उनके अरबपति दोस्तों के बीच बंदरबांट कर दिया जाए और उनकी ज़मीनें हड़प ली जाएं। वहीं, यदि आदिवासी गांवों या शहरों में रहें, तो उनके घरों पर बुलडोज़र चलाकर उन्हें बेघर कर दिया जाए। इस हृदयविदारक स्थिति पर मुख्यमंत्री से सीधा जवाब मांगा गया है कि उजाड़े गए ये परिवार अब कहां जाएं, कहां रहें, कहां खाना पकाएं और कहां सोएं।1