एआई और अडवान्स्ड एनालिटिक्स में ग्लोबल लीडर टाइगर एनालिटिक्स ने पटना में एआई कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया। इस सम्मेलन में बिहार के एआई रोडमैप पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ सरकारी नीतिनिर्माता, अकादमिक और तकनीकी जगत के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा हुए, जिन्होंने डिजिटल प्रशासन एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव के दौरान, टाइगर एनालिटिक्स ने बिहार के लिए अपना दीर्घकालिक विज़न प्रस्तुत किया, जो चार मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है। इनमें पटना में देश के सबसे बड़े एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना, बिहार में 200 लोगों के डिलीवरी एआई हब का विकास, राज्य में टॉप टेक प्रतिभा को बनाए रखने के लिए उच्च मूल्य के रोज़गार के अवसरों का सृजन करना और एआई-उन्मुख प्रशासन को बढ़ावा देना शामिल है। चर्चा में इस बात पर भी विचार किया गया कि कैसे ज़िम्मेदाराना एआई कृषि, हेल्थकेयर एवं नागरिक सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निर्णय निर्धारण और सार्वजनिक सेवा डिलीवरी को सुनिश्चित करते हुए बिहार को एआई इनोवेशन के अग्रणी हब के रूप में मजबूती से स्थापित कर सकता है। इस अवसर पर, टाइगर एनालिटिक्स के संस्थापक एवं सीईओ डॉ महेश कुमार ने कहा कि बिहार एआई-उन्मुख विकास के अगले चरण की नींव रख रहा है, और उनकी कंपनी बिहार सरकार तथा आईआईटी पटना के साथ साझेदारी में ऐसा एआई इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो स्थानीय प्रतिभा को सशक्त करे, उच्च मूल्य के रोजगार के अवसर उत्पन्न करे और इनोवेशन को बढ़ावा दे। बिहार के मुख्य सचिव, श्री प्रत्यय अमृत ने जोर देकर कहा कि बिहार एआई मिशन सुशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने की राज्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल एआई के माध्यम से कुशल रोजगार के अवसरों और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और टाइगर एनालिटिक्स के सहयोग से वैश्विक एआई विशेषज्ञता बिहार तक पहुंच रही है।
एआई और अडवान्स्ड एनालिटिक्स में ग्लोबल लीडर टाइगर एनालिटिक्स ने पटना में एआई कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया। इस सम्मेलन में बिहार के एआई रोडमैप पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ सरकारी नीतिनिर्माता, अकादमिक और तकनीकी जगत के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा हुए, जिन्होंने डिजिटल प्रशासन एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव के दौरान, टाइगर एनालिटिक्स ने बिहार के लिए अपना दीर्घकालिक विज़न प्रस्तुत किया, जो चार मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है। इनमें पटना में देश के सबसे बड़े एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना, बिहार में 200 लोगों के डिलीवरी एआई हब का विकास, राज्य में टॉप टेक प्रतिभा को बनाए रखने के लिए उच्च मूल्य के रोज़गार के अवसरों का सृजन करना और एआई-उन्मुख प्रशासन को बढ़ावा देना शामिल है। चर्चा में इस बात पर भी विचार किया गया कि कैसे ज़िम्मेदाराना एआई कृषि, हेल्थकेयर एवं नागरिक सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निर्णय निर्धारण और सार्वजनिक सेवा डिलीवरी को सुनिश्चित करते हुए बिहार को एआई इनोवेशन के अग्रणी हब के रूप में मजबूती से स्थापित कर सकता है। इस अवसर पर, टाइगर एनालिटिक्स के संस्थापक एवं सीईओ डॉ महेश कुमार ने कहा कि बिहार एआई-उन्मुख विकास के अगले चरण की नींव रख रहा है, और उनकी कंपनी बिहार सरकार तथा आईआईटी पटना के साथ साझेदारी में ऐसा एआई इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो स्थानीय प्रतिभा को सशक्त करे, उच्च मूल्य के रोजगार के अवसर उत्पन्न करे और इनोवेशन को बढ़ावा दे। बिहार के मुख्य सचिव, श्री प्रत्यय अमृत ने जोर देकर कहा कि बिहार एआई मिशन सुशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने की राज्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल एआई के माध्यम से कुशल रोजगार के अवसरों और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और टाइगर एनालिटिक्स के सहयोग से वैश्विक एआई विशेषज्ञता बिहार तक पहुंच रही है।
- डॉ. पीयूष कुमार को ग्रामीण क्षेत्रों में उनके कार्यों के लिए एक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाण पत्र जन जिबक कल्याण संगम परिवार की ओर से दिया गया, जिसके वैशाली जिलाध्यक्ष उदय कुमार हैं। उदय कुमार स्वयं कई वर्षों पूर्व से चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।1
- एआई और अडवान्स्ड एनालिटिक्स में ग्लोबल लीडर टाइगर एनालिटिक्स ने पटना में एआई कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया। इस सम्मेलन में बिहार के एआई रोडमैप पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ सरकारी नीतिनिर्माता, अकादमिक और तकनीकी जगत के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा हुए, जिन्होंने डिजिटल प्रशासन एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव के दौरान, टाइगर एनालिटिक्स ने बिहार के लिए अपना दीर्घकालिक विज़न प्रस्तुत किया, जो चार मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है। इनमें पटना में देश के सबसे बड़े एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना, बिहार में 200 लोगों के डिलीवरी एआई हब का विकास, राज्य में टॉप टेक प्रतिभा को बनाए रखने के लिए उच्च मूल्य के रोज़गार के अवसरों का सृजन करना और एआई-उन्मुख प्रशासन को बढ़ावा देना शामिल है। चर्चा में इस बात पर भी विचार किया गया कि कैसे ज़िम्मेदाराना एआई कृषि, हेल्थकेयर एवं नागरिक सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निर्णय निर्धारण और सार्वजनिक सेवा डिलीवरी को सुनिश्चित करते हुए बिहार को एआई इनोवेशन के अग्रणी हब के रूप में मजबूती से स्थापित कर सकता है। इस अवसर पर, टाइगर एनालिटिक्स के संस्थापक एवं सीईओ डॉ महेश कुमार ने कहा कि बिहार एआई-उन्मुख विकास के अगले चरण की नींव रख रहा है, और उनकी कंपनी बिहार सरकार तथा आईआईटी पटना के साथ साझेदारी में ऐसा एआई इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो स्थानीय प्रतिभा को सशक्त करे, उच्च मूल्य के रोजगार के अवसर उत्पन्न करे और इनोवेशन को बढ़ावा दे। बिहार के मुख्य सचिव, श्री प्रत्यय अमृत ने जोर देकर कहा कि बिहार एआई मिशन सुशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने की राज्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल एआई के माध्यम से कुशल रोजगार के अवसरों और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और टाइगर एनालिटिक्स के सहयोग से वैश्विक एआई विशेषज्ञता बिहार तक पहुंच रही है।1
- बहुजन महापंचायत के संबंध में एक टिप्पणी की गई है। इसके साथ ही, मगध सम्राट को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखने का आह्वान किया गया है।1
- महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पटना से मिली अवनीश कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, ठाणे पुलिस, महाराष्ट्र ने अगमकुआं थाना अंतर्गत गांधी नगर के कांटी फैक्ट्री आर एन सिंह पार्क के पास किराए के मकान में रह रहे विजेंद्र कुमार गुप्ता के फ्लैट में छापेमारी कर उनकी पत्नी सुमन कुमारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ठाणे, महाराष्ट्र ले गई है। जांच में इस मामले का बिहार कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, समस्तीपुर निवासी विजेंद्र कुमार गुप्ता इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, हालांकि वह अभी भी फरार है। इस मामले का एक और मुख्य आरोपी हरियाणा का है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने इससे पहले खुफिया जानकारी के आधार पर भिवंडी में छापेमारी की थी, जहां से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। उनके पास से प्रश्नपत्रों के कई सेट बरामद हुए, जिनकी जांच करने पर पेपर लीक होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था। सुमन कुमारी की गिरफ्तारी उस समय की गई जब उनकी पुत्री की शादी के हल्दी की रस्म चल रही थी, जिसके कारण यह रस्म संपन्न नहीं हो पाई। उनके फ्लैट के सामने लगे टेंट, समियाना और बिजली के कनेक्शन आज मिस्त्री द्वारा खोले जा रहे हैं। टेंट और बिजली का काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें विवाह के लिए बुक किया गया था, लेकिन अब न कोई फोन उठा रहा है और न ही कोई कुछ बोल रहा है। उन्हें बताया गया है कि इस फ्लैट में काम नहीं होगा और विवाह की रस्मों का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है, इसलिए वे अपना सारा सामान वापस ले जा रहे हैं।1
- अयोध्या मंदिर में हुई चोरी के मामले में संलिप्त आरोपी का केस लड़ने से वकीलों ने साफ इनकार कर दिया है।1
- पटना जिले के बाढ़ कोर्ट हॉल्ट पर एक दुखद रेल हादसे में 42 वर्षीय मनीष कुमार की अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बाढ़ प्रखंड के भटगांव निवासी मनीष कुमार रेलवे लाइन के किनारे-किनारे कोर्ट हॉल्ट की ओर जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और बाढ़ रेलवे स्टेशन ले आई, जिसके बाद परिजनों को सूचित किया गया। हालांकि, शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने में गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया। आरोप है कि बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में सरकारी शव वाहन या एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद रेल पुलिस ने उसका उपयोग नहीं किया। इसके चलते मजबूरन परिजनों को एक ठेला किराए पर लेना पड़ा और 800 रुपये देकर उसी पर शव रखकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। सार्वजनिक सड़क पर खुले ठेले पर शव ले जाते देख स्थानीय लोग हैरान रह गए और उन्होंने इसे आधुनिक सुविधाओं के दौर में प्रशासनिक संवेदनहीनता का प्रतीक बताया। इस घटना से रेल पुलिस की कार्यप्रणाली और सरकारी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले पर रेल थाना अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के समय मृतक के परिजन मौजूद थे। उन्होंने जांच पदाधिकारी बिसंबर सिंह को शव वाहन से शव भेजने का निर्देश दिया था, लेकिन उनके निर्देश का पालन नहीं किया गया। जानकारी मिलने पर संबंधित जांच पदाधिकारी को फटकार लगाई गई है। वहीं, स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।1