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बिहार पूर्णिया अमार
Md Raju
बिहार पूर्णिया अमार
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- Post by Md Raju1
- बहादुरगंज जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि इमरान आलम ने जानकारी दी है कि बहादुरगंज प्रखंड के लौचा से महेशबथना तक जाने वाली सड़क और डोरिया टोली गाँव में कनकई नदी से होने वाले कटाव को रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य में 'हाथी पाँव' नामक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। आलम के अनुसार, इस पहल से सड़क, गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्रों को बाढ़ और कटाव दोनों से सुरक्षा मिल सकेगी।1
- अररिया जिले के फारबिसगंज में सड़क पर हुए एक गंभीर विवाद का बड़ा खुलासा हुआ है। यह पूरा मामला इस सवाल के इर्द-गिर्द घूम रहा है कि क्या विवादित रास्ता निजी जमीन पर निर्मित किया गया है, या फिर यह किसी सरकारी योजना की क्रियान्वयन में हुई चूक का परिणाम है। इस संवेदनशील मुद्दे पर जिम्मेदार पक्षों की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और वे मौन साधे हुए हैं।1
- राबड़ी आवास के खाली होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ता अत्यधिक भावुक हो उठे। इस घटना से व्यथित एक RJD कार्यकर्ता ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि 'हमारे भगवान को निकाल दिया गया है।' कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को लेकर सम्राट चौधरी की जमकर आलोचना की और उन्हें कोसा।1
- Manish Pandey 🫂🫂🙏1
- पूर्णिया के सरसी थाना क्षेत्र में आपातकालीन सेवा 112 की गाड़ी में तैनात जवानों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि जनता की सुरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए बनी यह गाड़ी, बालू से लदे वाहनों को रोककर चालान की मांग कर रही थी। जब एक ड्राइवर ने इस पर सवाल उठाते हुए अपने मोबाइल कैमरे से वीडियो बनाना शुरू किया, तो गाड़ी में सवार 112 के जवान तुरंत मौके से भाग खड़े हुए। इस घटना को '112 का काला खेल' बताते हुए, 'बेलगाम भारत' नामक संगठन ने सवाल उठाया है कि आखिर 112 को वाहनों की चेकिंग का अधिकार किसने दिया। संगठन का स्पष्ट कहना है कि जवानों का इरादा सुरक्षा का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर 'वसूली' का था। 'बेलगाम भारत' ने पूर्णिया के पुलिस कप्तान से इस घटना पर संज्ञान लेने और वर्दी पहनकर सड़कों पर अवैध उगाही करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना सामने आने के बाद एक बार फिर यह प्रश्न उठ खड़ा हुआ है कि क्या जनता ऐसे 'रक्षकों' से सुरक्षित है।1
- सरकारी दफ्तरों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 'सतर्कता शपथ' दिलाई गई। इस शपथ के तहत उन्होंने 'न भ्रष्टाचार करेंगे, न होने देंगे' का दृढ़ संकल्प लिया, साथ ही जनहित को सर्वोपरि रखने का भी संकल्प दोहराया।1
- बिहार पूर्णिया अमार1