उत्तर प्रदेश में नगर निगम की एक गाड़ी से मृत गायों को खुले मैदान में फेंकते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 'नगर निगम' लिखा है, जिससे 4-5 मृत गायों को खुले में फेंका जा रहा है। इस दौरान आवारा कुत्ते और पक्षी आसपास मंडराते दिख रहे हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि ये गायें किसी गौशाला की हैं, जहां लगातार गायों की मौत हो रही है और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है। नियमानुसार, मृत पशुओं को ऐसे खुले में फेंकना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा पैदा करता है और यह नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के किस जिले या किस विशिष्ट गौशाला का है, क्योंकि वीडियो में कोई स्पष्ट बोर्ड या लोकेशन नहीं दिख रही है। लेकिन, प्रदेश की कई गौशालाओं से भीषण गर्मी और चारे-पानी की कमी के कारण गायों की मौत की खबरें पहले भी आती रही हैं। इस शर्मनाक वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। गौ-सेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य को 'गौमाता का अपमान' बताया है। लोगों की मांग है कि यह घटना जहां कहीं की भी हो, प्रशासन और सरकार को दोषी अधिकारियों और संबंधित गौशाला प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। सभी जिलों के सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) और नगर आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं की विस्तृत जांच करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी गौशाला या नगर निगम के कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार, मृत गायों को गहरे गड्ढे में चूना डालकर दफनाना अनिवार्य होता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी के दौरान गौशालाओं में समय पर चारा, पानी, छाया और उचित इलाज न मिलने के कारण गायों की मौतें होती हैं। सरकार ने पहले ही सभी जिलाधिकारियों को गौशालाओं का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दे रखे हैं।
उत्तर प्रदेश में नगर निगम की एक गाड़ी से मृत गायों को खुले मैदान में फेंकते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 'नगर निगम' लिखा है, जिससे 4-5 मृत गायों को खुले में फेंका जा रहा है। इस दौरान आवारा कुत्ते और पक्षी आसपास मंडराते दिख रहे हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि ये गायें किसी गौशाला की हैं, जहां लगातार गायों की मौत हो रही है और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है। नियमानुसार, मृत पशुओं को ऐसे खुले में फेंकना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा पैदा करता है और यह नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के किस जिले या किस विशिष्ट गौशाला का है, क्योंकि वीडियो में कोई स्पष्ट बोर्ड या लोकेशन नहीं दिख रही है। लेकिन, प्रदेश की कई गौशालाओं से भीषण गर्मी और चारे-पानी की कमी के कारण गायों की मौत की खबरें पहले भी आती रही हैं। इस शर्मनाक वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। गौ-सेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य को 'गौमाता का अपमान' बताया है। लोगों की मांग है कि यह घटना जहां कहीं की भी हो, प्रशासन और सरकार को दोषी अधिकारियों और संबंधित गौशाला प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। सभी जिलों के सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) और नगर आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं की विस्तृत जांच करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी गौशाला या नगर निगम के कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार, मृत गायों को गहरे गड्ढे में चूना डालकर दफनाना अनिवार्य होता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी के दौरान गौशालाओं में समय पर चारा, पानी, छाया और उचित इलाज न मिलने के कारण गायों की मौतें होती हैं। सरकार ने पहले ही सभी जिलाधिकारियों को गौशालाओं का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दे रखे हैं।
- विंढमगंज थाना क्षेत्र के सीता मोड़ चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब किसी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने रहे और कई ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाना भी शुरू कर दिया।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाडू में बारहपान मार्ग पर मंगलवार सुबह करीब 8 बजे बारातियों से भरी एक बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बोलेरो में लगभग 6-7 लोग सवार थे। गंभीर रूप से घायल रामधनी (65), पुत्र स्वर्गीय जगदेव, निवासी लांबी बभनी, को सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी दुद्धी के चिकित्सक डॉ. सुनील ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, वाहन के ड्राइवर श्यामलाल (35), पुत्र शीतल प्रसाद, निवासी लांबी बभनी, को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार सीएचसी दुद्धी में चल रहा है। परिजनों ने बताया कि वाहन में सवार अधिकांश लोग शराब के नशे में थे। ये सभी बरहपान से नगवा में एक बारात में शामिल होकर आज सुबह करीब 6 बजे वापस बरहपान जा रहे थे, तभी बघाडू लकड़ी मोड़ के आगे बारहपान रोड पर बोलेरो अनियंत्रित होकर पलट गई। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस की सहायता से घायलों को सीएचसी दुद्धी भेजा गया। बोलेरो में सवार अन्य सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और मामले की छानबीन कर रही है।3
- सोनभद्र जिले के दुद्धी स्थित दिघुल चौराहे के बाद लाल केशरवार की दुकान के बगल में लगा एकमात्र चापाकल खराब पड़ा है। यह चापाकल 20 दुकानों के बीच पानी का इकलौता स्रोत है, जिसके बंद होने से गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर प्रधान और सचिव से शिकायत की है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है, जिससे ग्रामीणों में निराशा है।2
- सोनभद्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। रॉबर्ट्सगंज नगर में सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ अपना रोष जताने के लिए वाहन खींचे और जोरदार नारेबाजी की। यह प्रदर्शन विशेष रूप से पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर किया गया। सपा नेताओं ने इस दौरान युवाओं को रोजगार न मिलने और लगातार बढ़ती गरीबी पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।1
- झारखंड के डंडई स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की भारी कमी के चलते गाड़ियों की लंबी कतारें लग चुकी हैं। स्थानीय पेट्रोल पंप पर ईंधन की किल्लत देखी जा रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।1
- गढ़वा जिले के केतार में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 30/2026 से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। केतार पुलिस ने इस मामले में 'तेज़ एक्शन' दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।1
- गढ़वा प्रखंड के ग्राम चेतना क्षेत्र में चंद्रवंशी समाज की ज़मीन पर कथित तौर पर नज़र गड़ाए बैठे असामाजिक तत्वों को एक व्यक्ति द्वारा कड़ी और स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने यह साफ़ कर दिया है कि वे अपने क्षेत्र की एक इंच भी ज़मीन किसी माफ़िया या असामाजिक तत्व को क़ब्ज़ाने नहीं देंगे। चेतावनी में उन लोगों को भी सख़्त लहजे में कहा गया है जो ग़रीबों और चंद्रवंशी समाज को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि क़ानून अपना काम करेगा और वे स्वयं इस समुदाय की रक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े हैं, ताकि "कोई माई का लाल ज़मीन नहीं लूट पाए।" प्रशासन को भी इस मामले को गंभीरता से लेने के सख़्त निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी देने वाले व्यक्ति ने ज़ोर देकर कहा कि जनहित और समाज की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके साथ खिलवाड़ करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।1
- उत्तर प्रदेश में नगर निगम की एक गाड़ी से मृत गायों को खुले मैदान में फेंकते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 'नगर निगम' लिखा है, जिससे 4-5 मृत गायों को खुले में फेंका जा रहा है। इस दौरान आवारा कुत्ते और पक्षी आसपास मंडराते दिख रहे हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि ये गायें किसी गौशाला की हैं, जहां लगातार गायों की मौत हो रही है और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है। नियमानुसार, मृत पशुओं को ऐसे खुले में फेंकना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा पैदा करता है और यह नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के किस जिले या किस विशिष्ट गौशाला का है, क्योंकि वीडियो में कोई स्पष्ट बोर्ड या लोकेशन नहीं दिख रही है। लेकिन, प्रदेश की कई गौशालाओं से भीषण गर्मी और चारे-पानी की कमी के कारण गायों की मौत की खबरें पहले भी आती रही हैं। इस शर्मनाक वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। गौ-सेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य को 'गौमाता का अपमान' बताया है। लोगों की मांग है कि यह घटना जहां कहीं की भी हो, प्रशासन और सरकार को दोषी अधिकारियों और संबंधित गौशाला प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। सभी जिलों के सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) और नगर आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं की विस्तृत जांच करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी गौशाला या नगर निगम के कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार, मृत गायों को गहरे गड्ढे में चूना डालकर दफनाना अनिवार्य होता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी के दौरान गौशालाओं में समय पर चारा, पानी, छाया और उचित इलाज न मिलने के कारण गायों की मौतें होती हैं। सरकार ने पहले ही सभी जिलाधिकारियों को गौशालाओं का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दे रखे हैं।1