मेसकौर के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली, निरीक्षण में कई जगह छात्र नदारद प्रातः आवाज प्रतिनिधि मेसकौर (नवादा):- मेसकौर प्रखंड क्षेत्र के उच्च माध्यमिक विद्यालय बिसिआईत, पवई एवं बडोसर पंचायत अंतर्गत विद्यालयों में सोमवार को किए गए निरीक्षण ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर कर दी। प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष उपेंद्र चौहान सहित सदस्य सुनील कुमार एवं रतेन्द्र कुमार की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान उच्च माध्यमिक विद्यालय बिसिआईत में दशम वर्ग के 98 नामांकित छात्रों में से मात्र 24 छात्र ही उपस्थित पाए गए, जबकि बारहवीं कक्षा के 66 छात्रों में एक भी छात्र मौजूद नहीं था। हैरानी की बात यह रही कि 13 अप्रैल से 20 अप्रैल तक उपस्थिति पंजी में छात्रों की उपस्थिति दर्ज ही नहीं की गई थी, जो स्पष्ट रूप से लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार ने भवन की कमी को कारण बताया, लेकिन विद्यालय परिसर में दो मंजिला भवन उपलब्ध होने तथा 11 अप्रैल तक उपस्थिति दर्ज होने के प्रमाण उनके दावे पर सवाल खड़े करते हैं। वहीं शिक्षकों के लेसन प्लान में 18 अप्रैल तक पढ़ाई का विवरण दर्ज होना स्थिति को और अधिक संदिग्ध बनाता है। उच्च माध्यमिक विद्यालय पवई में भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही। यहां दशम वर्ग के 132 एवं बारहवीं के 79 नामांकित छात्रों में से मात्र 4 छात्र ही उपस्थित मिले। वहीं बडोसर पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय सोनपुरा में सुबह 11 बजे तक एक भी छात्र उपस्थित नहीं पाया गया। इसी परिसर में संचालित मध्य विद्यालय में भी एक भी छात्र मौजूद नहीं था, जबकि तीन शिक्षक विद्यालय में उपस्थित थे। मध्य विद्यालय के शिक्षकों द्वारा समय से पहले छुट्टी देने की बात सामने आई। प्रधानाध्यापक अशोक चौधरी ने बताया कि 11 बजे ही बच्चों को छुट्टी दे दी गई, जबकि निर्धारित समय 12:30 बजे है। वहीं उच्च विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पिंकी कुमारी ने छात्रों के नियमित विद्यालय नहीं आने की बात कही। प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि पूरे मामले की सूचना ई-मेल के माध्यम से जिला प्रशासन को दे दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर वरीय अधिकारियों से मिलकर लिखित शिकायत भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। निरीक्षण से स्पष्ट है कि प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था अत्यंत लचर है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस पर चिंता जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
मेसकौर के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली, निरीक्षण में कई जगह छात्र नदारद प्रातः आवाज प्रतिनिधि मेसकौर (नवादा):- मेसकौर प्रखंड क्षेत्र के उच्च माध्यमिक विद्यालय बिसिआईत, पवई एवं बडोसर पंचायत अंतर्गत विद्यालयों में सोमवार को किए गए निरीक्षण ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर कर दी। प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष उपेंद्र चौहान सहित सदस्य सुनील कुमार एवं रतेन्द्र कुमार की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान उच्च माध्यमिक विद्यालय बिसिआईत में दशम वर्ग के 98 नामांकित छात्रों में से मात्र 24 छात्र ही उपस्थित पाए गए, जबकि बारहवीं कक्षा के 66 छात्रों में एक भी छात्र मौजूद नहीं था। हैरानी की बात यह रही कि 13 अप्रैल से 20 अप्रैल तक उपस्थिति पंजी में छात्रों की उपस्थिति दर्ज ही नहीं की गई थी, जो
स्पष्ट रूप से लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार ने भवन की कमी को कारण बताया, लेकिन विद्यालय परिसर में दो मंजिला भवन उपलब्ध होने तथा 11 अप्रैल तक उपस्थिति दर्ज होने के प्रमाण उनके दावे पर सवाल खड़े करते हैं। वहीं शिक्षकों के लेसन प्लान में 18 अप्रैल तक पढ़ाई का विवरण दर्ज होना स्थिति को और अधिक संदिग्ध बनाता है। उच्च माध्यमिक विद्यालय पवई में भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही। यहां दशम वर्ग के 132 एवं बारहवीं के 79 नामांकित छात्रों में से मात्र 4 छात्र ही उपस्थित मिले। वहीं बडोसर पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय सोनपुरा में सुबह 11 बजे तक एक भी छात्र उपस्थित नहीं पाया गया। इसी परिसर में संचालित मध्य विद्यालय में भी एक भी छात्र मौजूद नहीं था, जबकि तीन शिक्षक विद्यालय में उपस्थित थे। मध्य विद्यालय के शिक्षकों
द्वारा समय से पहले छुट्टी देने की बात सामने आई। प्रधानाध्यापक अशोक चौधरी ने बताया कि 11 बजे ही बच्चों को छुट्टी दे दी गई, जबकि निर्धारित समय 12:30 बजे है। वहीं उच्च विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पिंकी कुमारी ने छात्रों के नियमित विद्यालय नहीं आने की बात कही। प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि पूरे मामले की सूचना ई-मेल के माध्यम से जिला प्रशासन को दे दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर वरीय अधिकारियों से मिलकर लिखित शिकायत भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। निरीक्षण से स्पष्ट है कि प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था अत्यंत लचर है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस पर चिंता जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
- गया–रजौली मार्ग SH-70 पर मुरली बाजार के पास अभी-अभी एक सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक बलेनो कार बराती से लौट रही थी, तभी चालक संतुलन खो बैठा। अनियंत्रित कार पहले बिजली के खंभे से टकराई और फिर एक घर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजली का खंभा टूटकर झूलने लगा और करकट से बना घर का छप्पर भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ी जनहानि की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है क्योंकि घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बावजूद परनदाबर थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर नहीं पहुंची है। #News Of Nawada #Sirdala News #Parnadabar News1
- दखिनगाँव चौक का नाम बदलने पर बवाल, 24 घंटे के भीतर शुरू हुआ विरोध वज़ीरगंज प्रखंड के दखिनगाँव चौक का नाम बदलकर “परशुराम चौक” किए जाने के महज चौबीस घंटे के भीतर ही इलाके में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि उनके गांव की पहचान और इतिहास से जुड़ा मामला है। ग्रामीणों का कहना है कि भगवान परशुराम के प्रति उनकी गहरी आस्था है और उनके नाम पर चौक का नामकरण करने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन “दखिनगाँव” नाम सदियों से चला आ रहा है, जो उनके पूर्वजों की विरासत और पहचान का प्रतीक है। ऐसे में इस नाम को पूरी तरह हटाना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दखिनगाँव नाम सिर्फ एक जगह का नाम नहीं, बल्कि यहां के इतिहास, संस्कृति और सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ है। “हमारे पूर्वजों ने इस गांव को बसाया, तब से यह दखिनगाँव के नाम से जाना जाता है। अगर नाम ही बदल दिया जाएगा, तो आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास से कैसे जुड़ पाएगी,” एक ग्रामीण ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि अगर भगवान परशुराम के नाम पर सम्मान देना है, तो संयुक्त नाम रखा जा सकता है, जैसे “दखिनगाँव परशुराम चौक”, ताकि आस्था और परंपरा दोनों का सम्मान बना रहे। वहीं, इस मुद्दे पर सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं, जिसमें इस नामकरण के फैसले पर पुनर्विचार की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि बिना व्यापक जनमत के इस तरह का फैसला लेना उचित नहीं है। फिलहाल यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है और प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक इस पर प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है। अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विवाद और गहरा सकता है।1
- भीम आर्मी जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी जी के अगुवाई में आज 19 अप्रैल 2026 को बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के 135वां जयंती के सिलसिले और मौका पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें चाहने वालों का उमड़ा जनसैलाब।1
- रब ने बना दी जोड़ी। जुबेद और खदीजा दोनों करते से मोहब्बत। दोनों ने रस्मो रिवाज के साथ कर ली शादी। बैंड बाजा के साथ गई बारात, दूल्हा ने दुल्हन को ले आए अपने साथ।1
- 10 रुपये की. झालमुरी खाते दिखे प्रधानमंत्री, वीडियो वायरल संजय वर्मा " सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री एक साधारण भेलपुरी की दुकान पर पहुंचकर मात्र 10 रुपये की झालमुरी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री बेहद सादगी के साथ आम लोगों के बीच खड़े होकर झालमुरी खाते हैं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की भारी भीड़ जुट जाती है और कई लोग अपने मोबाइल फोन से इस पल को कैद करते दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रधानमंत्री की सादगी और आम जनता से जुड़ाव का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। खासकर पश्चिम बंगाल की राजनीति के संदर्भ में इस वीडियो को जोड़ते हुए चर्चा हो रही है कि इस तरह की छवि का आगामी समय में असर पड़ सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कई बार सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पुराने, संपादित या भ्रामक भी हो सकते हैं। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच करना आवश्यक है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के दृश्य आम जनता के बीच नेताओं की छवि को प्रभावित करते हैं। सादगी और आम लोगों के बीच उपस्थिति लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन इसका वास्तविक राजनीतिक प्रभाव कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। फिलहाल, यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।1
- Post by जन सेवक1
- गया: रात 1:30 बजे मानपुर के भुसुंडा बाजार समिति के पास भीषण आग, लाखों का नुकसान — 13 बकरा, 50 मुर्गी और एक गाय जिंदा जलीगया के मानपुर इलाके से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बीती रात करीब 1:30 बजे भुसुंडा बाजार समिति के पास भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस आगजनी की घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि 13 बकरा, 50 मुर्गी और एक गाय भी आग की चपेट में आकर जिंदा जल गई। इसके अलावा करीब 20 प्लंग (खाट/बेड) समेत घर का सारा सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।1
- Post by News Of Nawada1