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कटिहार में मौलाना के बयान पर बढ़ा विवाद, भगवान शंकर पर कथित टिप्पणी बिहार के कटिहार में 22 जुलाई को एक तकरीर के दौरान मौलाना जर्जिश अंसारी के कथित बयान को लेकर विवाद गहरा गया है। इससे पहले 29 जून को भी उन्होंने श्रीकृष्ण को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। अब भगवान शंकर पर कथित अभद्र टिप्पणी का आरोप लगने के बाद लखनऊ में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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कटिहार में मौलाना के बयान पर बढ़ा विवाद, भगवान शंकर पर कथित टिप्पणी बिहार के कटिहार में 22 जुलाई को एक तकरीर के दौरान मौलाना जर्जिश अंसारी के कथित बयान को लेकर विवाद गहरा गया है। इससे पहले 29 जून को भी उन्होंने श्रीकृष्ण को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। अब भगवान शंकर पर कथित अभद्र टिप्पणी का आरोप लगने के बाद लखनऊ में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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- सामाजिक न्याय पर प्रहार चिंता का विषय बाबा हरदेव सिंह विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे बदायूं बदायूं ब्रेकिंग न्यूज़ *सामाजिक न्याय पर प्रहार चिंता का विषय *बाबा हरदेव सिंह विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुँचे बदायूं संवाददाता हुकुम सिंह पूर्व कमिश्नर बाबा हरदेव सिंह विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष व समाजवादी पार्टी के संयोजक जितेंद्र प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में चल रहे बत्तीस दिन से भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने में पहुँचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा भारत में नौकरशाही का एक विशिष्ठ स्थान होते हुए भी भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से भ्रष्टाचार का ग्राफ बढ़ता जा रहा है नौकरशाही में पनपा भ्रष्टाचार व गिरती हुई साख भी देश के लिए चिंता का विषय है। एक भ्रष्ट अधिकारी जब खुद भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आता है तब भी उसको भ्रष्टाचार बुरा लगता है। सरकारी योजनाओं को भी जमीनी स्तर पर जाने से पहले ही दलालों व भ्रष्ट अधिकारियों का बना गठजोड़ जनमानस के हक पर भी डाका डाल रहा है। जिसमें बदायूं के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक भी भूमाफियाओं का साथ देकर जनमानस को परेशानी में डाल रहे जिसका खामियाजा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बख्शा नहीं जायेगा राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती सुमनसिंह परिहार ने कहा कि हमारे लोग तैंतीस दिन से धरने पर बैठे हैं इन भ्रष्ट अधिकारियों से एक एक मिनट का हिसाब चुकता कराया जायेगा सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।आज अपर पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने मंच के पदाधिकारियो एवं पीड़ित को परिवारों को भरोसा देते हुए सभी मांगे मान ली और तुवरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया तैंतीस दिन से चल रहे धरने का आज समापन किया जाता है इस मौके पर हरिनंदन सिंह मंडल अध्यक्ष बरेली जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मंडल उपाध्यक्ष बरेली प्रेम साहू जिला उपाध्यक्ष ऋषि नंदन शर्मा नगर अध्यक्ष श्याम सुंदर जिला सचिव राजू कश्यप जिला महासचिव मुकेश कश्यप धरने का नेतृत्व कर रहे किसान प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रोहिताश सिंह पटेल उदयवीर सिंह जिला उपाध्यक्ष किसान प्रकोष्ठ महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष लता पटेल, बनवारी सिंह यादव विधानसभा अध्यक्ष दातागंज, सुशीला देवी कुंवरपाल पाल सिंह विधानसभा अध्यक्ष सहसवानजिला महिला प्रकोष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामबेटी, मंच के सदस्य वीरेंद्र सिंह विनोद साहू, महावीर , विकास, किशन , कुबरपाल लालाराम,वीरपाल एवं धरने पर बैठे पीड़ित परिवारों में कुसुम लता, शशि वाला, सपना, लक्ष्मी देवी ,चन्द्र वती, किसवरी, स्नेह लता, दिलावर हुसैन, विनेश सिंह सैकड़ो लोग उपस्थित रहे ब्यूरो चीफ जितेंद्र राघव की खास रिपोर्ट बदायूं से3
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- लंबित मांगों पर आर-पार के मूड में लेखपाल, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार का ऐलान लंबित मांगों पर आर-पार के मूड में लेखपाल, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार का ऐलान बदायूं। लंबित मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। अपनी छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में लेखपालों ने प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग उठाई। लेखपालों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी को लेकर संघ ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। लेखपालों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो वह अतिरिक्त हल्कों का कार्य बहिष्कार कर देंगे। लेखपाल संघ के इस निर्णय से राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वह अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करते रहेंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।1