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मेष राशि और वृश्चिक राशि वाले व्यक्ती को शनि राहू वृश्चिक राशि के सुख शांति में राहूं का प्रभाव प्रतिकुल वर्ष पर्यन्त, सुख साधन और संग्रह पर दृष्टि।। अष्टम शनि - मृत्यु रुप कष्ट अपमानादि - रोग - मित्रो से दूरी । वहीं मेष राशि वालों का प्रथम शनि - सहयोग - विकास - उन्नति। द्वितीय शनि जिसका होगा - पिछले ३० वर्षों के कर्म के अनुसार नया निर्माण - पदासीन - व्यापार बढ़ाने का अवसर देता है । तीसरा शनि का फल उदाहरण - अमेरिका - लालु यादव आदि । शनि और राहु के प्रकोप की शांति में सूर्य उदय के पूर्व बिस्तर से उठना और मल-मूत्र विसर्जन और स्नान कर एक लोटा जल उसमें दो चार दाना चावल छोड़कर अर्घ्य देना चाहिए। चंदन के इत्र का प्रयोग।
आचार्य उमेशद्विवेदी [ अवधुत ]
मेष राशि और वृश्चिक राशि वाले व्यक्ती को शनि राहू वृश्चिक राशि के सुख शांति में राहूं का प्रभाव प्रतिकुल वर्ष पर्यन्त, सुख साधन और संग्रह पर दृष्टि।। अष्टम शनि - मृत्यु रुप कष्ट अपमानादि - रोग - मित्रो से दूरी । वहीं मेष राशि वालों का प्रथम शनि - सहयोग - विकास - उन्नति। द्वितीय शनि जिसका होगा - पिछले ३० वर्षों के कर्म के अनुसार नया निर्माण - पदासीन - व्यापार बढ़ाने का अवसर देता है । तीसरा शनि का फल उदाहरण - अमेरिका - लालु यादव आदि । शनि और राहु के प्रकोप की शांति में सूर्य उदय के पूर्व बिस्तर से उठना और मल-मूत्र विसर्जन और स्नान कर एक लोटा जल उसमें दो चार दाना चावल छोड़कर अर्घ्य देना चाहिए। चंदन के इत्र का प्रयोग।
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