भीलवाड़ा शहर के आदर्श नगर गेट स्थित पार्क में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। झूला झूल रही एक करीब 14-15 वर्षीय किशोरी अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़ी, जिससे उसके माथे पर गंभीर चोट आई और चिकित्सकों को तीन टांके लगाने पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस घटना से पार्क में मौजूद कई छोटे बच्चे डर गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इसी बीच, वहां मौजूद सिद्धार्थ नामक एक लड़के ने अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल घायल किशोरी की मदद की। उन्होंने बिना घबराए किशोरी को संभाला और समय रहते उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने सिद्धार्थ के इस साहस और मानवता की जमकर सराहना की, कहते हुए कि संकट की इस घड़ी में उनकी तत्परता ने एक अनमोल जीवन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। घटना के बाद, क्षेत्रवासियों ने पार्क में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झूलों और अन्य उपकरणों की नियमित जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। फिलहाल, घायल किशोरी की हालत सामान्य बताई जा रही है और उसके परिजनों ने समय पर सहायता करने वाले सिद्धार्थ के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
भीलवाड़ा शहर के आदर्श नगर गेट स्थित पार्क में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। झूला झूल रही एक करीब 14-15 वर्षीय किशोरी अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़ी, जिससे उसके माथे पर गंभीर चोट आई और चिकित्सकों को तीन टांके लगाने पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस घटना से पार्क में मौजूद कई छोटे बच्चे डर गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इसी बीच, वहां मौजूद सिद्धार्थ नामक एक लड़के ने अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल घायल किशोरी की मदद की। उन्होंने बिना घबराए किशोरी को संभाला और समय रहते उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने सिद्धार्थ के इस साहस और मानवता की जमकर सराहना की, कहते हुए कि संकट की इस घड़ी में उनकी तत्परता ने एक अनमोल जीवन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। घटना के बाद, क्षेत्रवासियों ने पार्क में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झूलों और अन्य उपकरणों की नियमित जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। फिलहाल, घायल किशोरी की हालत सामान्य बताई जा रही है और उसके परिजनों ने समय पर सहायता करने वाले सिद्धार्थ के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
- केन्द्रीय श्रम संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे भारतीय ट्रेड यूनियन सीटू (CITU) सहित अन्य श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क से एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिसके बाद प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू की हैं, जो मजदूरों के हितों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं। वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंक, बीमा, रेलवे, एयरलाइंस, कोयला और स्टील जैसे सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर उन्हें देशी-विदेशी कॉर्पोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है, जिसका देशभर के मजदूर और कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने कहा कि संगठित संघर्षों के कारण केंद्र सरकार को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है, और वे आगे भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। ज्ञापन में रखी गई 12 प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेना, सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाना तथा नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त करना शामिल है। श्रमिकों ने संयुक्त किसान मोर्चा के छह सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार करने और कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों, जिनमें योजना कर्मी भी शामिल हैं, के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी को रोजगार की गारंटी देने और बेरोजगारों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की अपील की गई। मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहरी बेरोजगारों को भी इस योजना के दायरे में लाने की मांग रखी गई। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण तथा उत्पाद शुल्क में कटौती की भी बात कही गई। ज्ञापन में ठेका एवं योजना कर्मियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, तथा वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। मजदूर आंदोलनों में पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और आठ घंटे कार्य दिवस को सख्ती से लागू कर ओवरटाइम का दोगुना भुगतान व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- चित्तौड़गढ़ में स्थित सांवलियाजी मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं में भारी रोष है। दर्शनार्थियों को मंदिर तक पहुँचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि मंदिर का रास्ता बंद है। लोगों का कहना है कि इस स्थिति के कारण उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, जिससे वे बेहद नाराज़ और परेशान हैं।1
- सुखपुरा में नालियों के पानी के कारण स्थानीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।1
- भीषण गर्मी को देखते हुए, भीलवाड़ा जिला कलेक्टर श्री जसमीत सिंह संधू ने 22 जून, सोमवार को पीएचईडी कार्यालय में एक विशेष समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पीएचईडी, स्वास्थ्य विभाग और एवीवीएनएल के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि आम जनता को पेयजल, बिजली और चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर श्री संधू ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समय पर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और खराब हैंडपंप व ट्यूबवेल की मरम्मत के काम में तेज़ी लाने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि वे अस्पतालों में पेयजल, दवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें, साथ ही विद्युत वायरिंग की जांच और फायर सेफ्टी के उपायों को तुरंत लागू करें। एवीवीएनएल के अधिकारियों को संपर्क पोर्टल पर दर्ज उच्च प्राथमिकता वाली शिकायतों का तुरंत समाधान कर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया। श्री संधू ने सभी विभागों से गर्मी के मौसम में समन्वय बनाकर काम करने और जनता को राहत पहुँचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री धनपत राज सोनी, परियोजना अधीक्षण अभियंता श्री विनोद कुमार गर्ग, अधिशाषी अभियंता श्री मयंक शर्मा, एवीवीएनएल अधीक्षण अभियंता श्री खटोड और सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- हरमैन शरीफैन से लौटे हाजियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर खान परिवार ने शहर क़ाज़ी, पेश इमामों और विभिन्न धार्मिक तंजीमों के साथ मिलकर मोहब्बत व अकीदत की एक विशेष महफिल सजाई।1
- भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयनित होने के बाद अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार अपने पैतृक गांव गेणोली लौटे अग्निवीर जवान दिनेश माली का ग्रामीणों ने बड़े उत्साह और गौरव के साथ भव्य स्वागत किया। भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ स्थित उनके गांव गेणोली में जवान के सम्मान में पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका अभिवादन किया गया। गेणोली निवासी किसान कालूलाल माली के बेटे दिनेश माली का मांडलगढ़ चौराहे पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने 'भारत माता के जयकारों' के साथ अभिनंदन किया। इसके उपरांत गांव में ढोल नगाड़े और डीजे पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें फूल मालाएं पहनाकर और साफ़ बांधकर उनका सम्मान किया गया, जिससे पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। ग्रामीणों ने इस अवसर पर कहा कि दिनेश माली की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी। इस भव्य स्वागत समारोह में युवाओं से लेकर बड़े बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जवान के उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता किशन माली, दुर्गा माली, भूरालाल माली, देव माली, गणपत माली, नाथू माली, लादू माली, जगदीश माली सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।4
- हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक स्टेडियम की खाली सीटें दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो खेल समाचारों से संबंधित है और दर्शकों से इस पर अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है। लोगों को इसी प्रकार की और खेल खबरें जानने तथा प्लेटफॉर्म से जुड़े रहने के लिए सब्सक्राइब करने का निमंत्रण दिया गया है।1
- कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले थाने के भीतर यदि एक युवक भी सुरक्षित नहीं है, तो यह अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी घटनाओं के आरोप सामने आने से स्वाभाविक रूप से यह प्रश्न उठता है कि थाने में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाएगी। जब न्याय और सुरक्षा प्रदान करने वाली संस्थाओं पर ही सवाल उठने लगते हैं, तो जनता का उन पर से भरोसा कमजोर होने लगता है। इसी के मद्देनजर, इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच की तत्काल आवश्यकता है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। जनता को यह विश्वास दिलाना अनिवार्य है कि थाना न्याय और सुरक्षा का केंद्र है, न कि भय और असुरक्षा का।1