सावरनी बैल बाजार से फिर तस्करी की आशंका, साप्ताहिक जांच की उठी मांग पांढुर्णा:-वयोवृद्ध और अशक्त बैलों की खरीद बढ़ी, नागपुर की ओर ले जाने पर सवाल सौसर क्षेत्र के ग्राम सावरनी में हर गुरुवार को लगने वाला बैल बाजार एक बार फिर तस्करी की आशंकाओं को लेकर चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, बाजार से बैलों को पिकअप वाहनों में भरकर तथा पैदल नागपुर की ओर ले जाया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि जहां किसान खेती-किसानी के लिए स्वस्थ और मजबूत बैलों की खरीद करते हैं, वहीं इस बाजार में बड़ी संख्या में वयोवृद्ध और अशक्त बैलों की खरीदी भी हो रही है। ऐसे बैल, जो कृषि कार्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं, उन्हें तस्करों द्वारा कम दामों में खरीदकर बाहर ले जाया जा रहा है। इस मामले को लेकर युवा अनुसूचित जाति विभाग पांढुर्णा के जिला अध्यक्ष गुलशन गजभिए ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रत्येक गुरुवार को लगने वाले इस बाजार में पुलिस द्वारा साप्ताहिक जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार से बाहर जाने वाले प्रत्येक खरीदार के दस्तावेजों की जांच की जाए, साथ ही खरीदे गए बैलों की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व की पुष्टि भी की जाए। इससे अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है। गुलशन गजभिए ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि यदि नियमित निगरानी और सख्ती बरती जाए, तो इस प्रकार की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
सावरनी बैल बाजार से फिर तस्करी की आशंका, साप्ताहिक जांच की उठी मांग पांढुर्णा:-वयोवृद्ध और अशक्त बैलों की खरीद बढ़ी, नागपुर की ओर ले जाने पर सवाल सौसर क्षेत्र के ग्राम सावरनी में हर गुरुवार को लगने वाला बैल बाजार एक बार फिर तस्करी की आशंकाओं को लेकर चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, बाजार से बैलों को पिकअप वाहनों में भरकर तथा पैदल नागपुर
की ओर ले जाया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि जहां किसान खेती-किसानी के लिए स्वस्थ और मजबूत बैलों की खरीद करते हैं, वहीं इस बाजार में बड़ी संख्या में वयोवृद्ध और अशक्त बैलों की खरीदी भी हो रही है। ऐसे बैल, जो कृषि कार्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं, उन्हें तस्करों द्वारा कम
दामों में खरीदकर बाहर ले जाया जा रहा है। इस मामले को लेकर युवा अनुसूचित जाति विभाग पांढुर्णा के जिला अध्यक्ष गुलशन गजभिए ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रत्येक गुरुवार को लगने वाले इस बाजार में पुलिस द्वारा साप्ताहिक जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार से बाहर जाने वाले प्रत्येक खरीदार के दस्तावेजों
की जांच की जाए, साथ ही खरीदे गए बैलों की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व की पुष्टि भी की जाए। इससे अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है। गुलशन गजभिए ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि यदि नियमित निगरानी और सख्ती बरती जाए, तो इस प्रकार की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
- पांढुर्णा:-वयोवृद्ध और अशक्त बैलों की खरीद बढ़ी, नागपुर की ओर ले जाने पर सवाल सौसर क्षेत्र के ग्राम सावरनी में हर गुरुवार को लगने वाला बैल बाजार एक बार फिर तस्करी की आशंकाओं को लेकर चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, बाजार से बैलों को पिकअप वाहनों में भरकर तथा पैदल नागपुर की ओर ले जाया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि जहां किसान खेती-किसानी के लिए स्वस्थ और मजबूत बैलों की खरीद करते हैं, वहीं इस बाजार में बड़ी संख्या में वयोवृद्ध और अशक्त बैलों की खरीदी भी हो रही है। ऐसे बैल, जो कृषि कार्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं, उन्हें तस्करों द्वारा कम दामों में खरीदकर बाहर ले जाया जा रहा है। इस मामले को लेकर युवा अनुसूचित जाति विभाग पांढुर्णा के जिला अध्यक्ष गुलशन गजभिए ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रत्येक गुरुवार को लगने वाले इस बाजार में पुलिस द्वारा साप्ताहिक जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार से बाहर जाने वाले प्रत्येक खरीदार के दस्तावेजों की जांच की जाए, साथ ही खरीदे गए बैलों की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व की पुष्टि भी की जाए। इससे अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है। गुलशन गजभिए ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि यदि नियमित निगरानी और सख्ती बरती जाए, तो इस प्रकार की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।4
- Brahm Kamal1
- मोदी जी ने ऐसी रैली गुजरात में भी नहीं की, हमारे परिवार को बेवजह बदनाम किया जा रहा है बोले तेजस्वी, हिमांता पहुंचे खाटू श्याम की शरण में, चुनाव आयोग बीजेपी की पार्टी बोले अखिलेश, शांति वार्ता में पाकिस्तान गदगद और ईरान ने किया राहत सामग्री के लिए भारत का धन्यवाद.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- 🔹*“किराये की मशीन हड़पने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, थ्रेसर बरामद” 🔹पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के कुशल ने .तृत्व एवं मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भैंसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य के निर्देशन में आपराधिक विश्वासघात के प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। 🔹 *घटना का विवरण:* दिनांक 10.04.2026 को प्रार्थी नागोराव धोटे द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके पास किसान एग्रो की डबल फेन हडंबा थ्रेसर मशीन थी, जिसे उसने दिनांक 15.01.2025 को आरोपी कुंजीलाल पिता काशीराम जामुनकर (उम्र 32 वर्ष), निवासी दहेन्द्री, चौकी काटकुंभ, थाना चिखलदरा, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) को परिचितों के माध्यम से 70,000/- रुपये में किराये पर दिया था। आरोपी द्वारा 60,000/- रुपये अग्रिम दिए गए, शेष राशि 10,000/- रुपये बकाया थी। निर्धारित अवधि पूर्ण होने के पश्चात आरोपी ने न तो मशीन वापस की और न ही शेष राशि का भुगतान किया, जिससे प्रार्थी को संदेह हुआ कि मशीन का दुरुपयोग अथवा विक्रय कर दिया गया है। 🔹प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना में *अपराध क्रमांक 43/26 धारा 316(2) बीएनएस के* तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 🔹 *विवेचना एवं कार्यवाही:* विवेचना के दौरान प्रार्थी के कथन लिए गए तथा 500 रुपये के ई-स्टांप पर तैयार किरायेनामा प्रस्तुत किया गया, जिसमें मशीन को दिनांक 15.01.2025 से 15.04.2025 तक किराये पर देने का उल्लेख था। 🔹पुलिस द्वारा आरोपी कुंजीलाल जामुनकर को विधिवत गिरफ्तार कर मेमोरेण्डम कथन लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर उसके चाचा परसराम के घर ग्राम बुटीदा से प्रार्थी की हडंबा थ्रेसर मशीन बरामद कर जप्त की गई। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। 🔹 *सराहनीय भूमिका:* उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक वहीद खान, सहायक उपनिरीक्षक जगदीश नावरे, प्रधान आरक्षक 260 आशीष कवडकर, आरक्षक 669 हर्षवर्धन, सैनिक 97 विनोद एवं सैनिक 195 अमित की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- आमला (बैतूल)। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा आमला के बैनर तले आमला विकासखंड के शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के खिलाफ जोरदार आवाज उठाते हुए प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने इस प्रावधान को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा संबंधित नियमों में संशोधन करने की मांग की है। शिक्षकों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू किए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने अस्थिरता और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षक अपने अनुभव, प्रशिक्षण एवं समर्पण के आधार पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, ऐसे में अचानक इस प्रकार की अनिवार्यता थोपना न्यायसंगत नहीं है। मोर्चा ने कहा कि वर्ष 2010 में लागू शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत टीईटी की अनिवार्यता जोड़ी गई थी, लेकिन इसे पूर्व से कार्यरत शिक्षकों पर लागू करना न केवल अनुचित है, बल्कि उनके अधिकारों का हनन भी है। शिक्षकों का वर्षों का अनुभव, स्थानीय भाषा एवं सामाजिक परिस्थितियों की समझ ही शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक मजबूती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में टीईटी की अनिवार्यता लागू होने से हजारों शिक्षकों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। यदि समय रहते इस विषय में निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और स्थिरता पर पड़ेगा। शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि आरटीई एक्ट के संबंधित प्रावधानों में आवश्यक संशोधन कर कार्यरत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए। साथ ही, यदि आवश्यक हो तो केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश (Ordinance) लाकर इस विषय में तत्काल राहत प्रदान की जाए, ताकि शिक्षकों के हितों की रक्षा हो सके। इसके अतिरिक्त ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि मध्यप्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए तथा उन्हें सेवानिवृत्ति (टर्मिनल) लाभों का पूर्ण अधिकार दिया जाए। शिक्षकों ने अपने ज्ञापन के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार इस गंभीर एवं संवेदनशील विषय पर सकारात्मक पहल करेगी, जिससे हजारों शिक्षकों को न्याय मिलेगा और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।2
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम रजौला पहुची जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोशनी इवने ने ग्रामीणों की चौपाल लगाकर जन समस्याएं सुनी और निराकरण का आश्वासन दिया वहीं ग्रामीणों ने भीषण गर्मी में आ रही पेयजल समस्या से अवगत कराया जिसपर जनपद पंचायत अध्यक्ष ने तत्काल पीएचई विभाग के अधिकारी से चर्चा कर दो दिनों में गांव में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए।1
- छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले की पारस विधानसभा के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित *गांव चलो,बस्ती चलो अभियान के तहत आज परासिया वार्ड नंबर 7 में स्थित महाकाल मोक्ष धाम में समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत सफाई कार्य किया आज अभियान में विधानसभा प्रभारी ज्योति डेहरिया जी मंडल अध्यक्ष बल्लू नागी, प्रभारी नरेंद्र विश्वकर्मा संतोष डेहरिया पार्षद सुखनंदन जावरे, राजू माहोरे,गणेश देशमुख रिंकू घोरके, मनोज खेलवाड़ी, आकाश माहौर राज वन्देवार संजय सूर्यवंशी ,नीलेश यादव पुष्पेंद्र कुशवाह सहित भाजपा के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मुलताई क्षेत्र के ग्राम बम्हनी में आज दोपहर लगभग 12:30 बजे अचानक आग लगने की घटना सामने आई। आग सजन सिंह रघुवंशी, अमीर सिंह रघुवंशी एवं मोटू साहू के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 7 से 8 एकड़ में खड़ी फसल जलकर राख हो गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। फायर ड्राइवर भूपेंद्र राठौर और गिरीश पिपले की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास किया और आसपास के खेतों को सुरक्षित बचाया। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, हालांकि प्राथमिक रूप से तेज गर्मी और सूखी फसल को इसकी वजह माना जा रहा है। इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।1