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शहडोल में यह बताया गया है कि मध्य प्रदेश कुटीर और ग्रामोद्योगों के माध्यम से सशक्त बन रहा है। यह प्रयास 'सशक्त भारत, आत्मनिर्भर भारत' के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान दे रहा है।
Durgesh Kumar Gupta
शहडोल में यह बताया गया है कि मध्य प्रदेश कुटीर और ग्रामोद्योगों के माध्यम से सशक्त बन रहा है। यह प्रयास 'सशक्त भारत, आत्मनिर्भर भारत' के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान दे रहा है।
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- आज उमरिया नगर में 'इंदिरा ज्योति अभियान' और 'चलें रामराज्य की ओर संकल्प यात्रा' का आगमन हुआ, जिसके तहत शहर के सामुदायिक भवन में एक संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे भास्कर राव रोकड़े का कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भास्कर राव ने बताया कि सम्यक अभियान की प्रेरणास्रोत इंदिरा गांधी हैं, जो अपने कार्यों, विचारों और क्रांतिकारी निर्णयों के माध्यम से सदैव अपनी उपस्थिति का अहसास कराती हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा माता के खिलाफ दुष्प्रचार सहन करना उचित नहीं था, इसलिए दिल्ली, मुंबई, भोपाल, नागपुर, जयपुर और लखनऊ में सम्यक अभियान आयोजित कर मीडिया के माध्यम से इंदिरा जी के कार्यों और विचारों को जन-जन तक पहुँचाना शुरू किया गया। 19 नवंबर 2024 को ग्वालियर में इंदिरा जी की 107वीं जयंती को 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाते हुए बड़े परिवर्तन के लिए चार-वर्षीय 'इंदिरा ज्योति अभियान' की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही, महात्मा गांधी की रामराज की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए 'चलें रामराज की ओर' अभियान का भी शुभारंभ किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि महात्मा गांधी ने 6 जनवरी 1921 को छिंदवाड़ा के चिटनिस गंज से असहयोग आंदोलन की शुरुआत की थी, और सम्यक अभियान द्वारा इसी स्थान से 6 जनवरी 2026 से 'इंदिरा ज्योति यात्रा' शुरू की गई है। यह यात्रा महाकौशल, मालवांचल और बुंदेलखंड के सभी जिलों से होकर आज उमरिया जिले में पहुँची है, जहाँ सभी जिला मुख्यालयों में 'इंदिरा ज्योति समारोह' आयोजित किए जा रहे हैं। इस प्रकार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में 'इंदिरा ज्योति यात्रा' संचालित होगी, जिसका लक्ष्य इंदिरा जी के कार्यों, विचारों और क्रांतिकारी निर्णयों को हर घर और हर द्वार तक पहुँचाना है। प्रदेश आयोजन समिति द्वारा सभी जिलों में अभियान संचालित करने हेतु जिला आयोजन समितियाँ गठित की जा रही हैं, और उमरिया जिले के लिए सम्यक अभियान के जिला समन्वयक ओ.पी. द्विवेदी को 'इंदिरा ज्योति अभियान' उमरिया जिला आयोजन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सम्यक अभियान के तहत शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सम्मानजनक अवसरों से जोड़ने, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को शोषण से मुक्ति दिलाकर नियमित नौकरी के अवसर दिलाने, आउटसोर्सिंग प्रणाली से कर्मचारियों की नियुक्ति पर पाबंदी लगाने, श्रम कानूनों को निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए हितकारी बनाने, उपेक्षित वर्ग को न्याय दिलाने, तथा कृषि क्रांति हेतु 'इंडस्ट्रीज सेटिंग कम्युनिटी फार्मिंग सिस्टम' अपनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया है। इस अभियान से बड़ी संख्या में युवा जुड़ने लगे हैं, और मध्य प्रदेश में शिक्षित बेरोजगार युवाओं के अलावा महिलाएँ व प्रगतिशील किसान भी जुड़ चुके हैं। अभियान का उद्देश्य समतामूलक सामाजिक व्यवस्था और सामान्य मूलक शासन व्यवस्था स्थापित करना, सम्यक विकास का मार्ग प्रस्तुत करना, तथा देशवासियों के स्वाभिमान को बनाए रखते हुए देश का सम्मान बढ़ाना है। श्री रोकड़े ने अंत में बताया कि 'इंदिरा ज्योति यात्रा' और 'चलें रामराज्य की ओर अभियान संकल्प यात्रा' के प्रथम चरण का समापन 5 जून को सागर में होगा। इसके बाद, उमरिया जिले में 'इंदिरा ज्योति अभियान' और 'चलें रामराज्य की ओर अभियान' की जिला-स्तरीय यात्रा शुरू की जाएगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक अजय सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजीनियर विजय कोल, पुष्पराज सिंह, ओ.पी. द्विवेदी और संतोष सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिशुपाल यादव द्वारा किया गया।4
- सतना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगहा स्थित एक शराब दुकान को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध में बगहा की जनता सड़क पर उतर आई है, जहाँ उनके साथ पार्षद अंशु तिवारी भी अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर मौजूद है।1
- विंध्य क्षेत्र के मशहूर यूट्यूबर मनीष पटेल, जिनके 4 मिलियन सब्सक्राइबर हैं, की गिरफ्तारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मनीष पटेल के खिलाफ समाज विशेष को लेकर बनाए गए और पैसे को हवा में उड़ाते हुए उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस गिरफ्तारी के माध्यम से प्रशासन ने सभी क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि समाज में माहौल बिगाड़ने और नफ़रत फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।1
- ब्राह्मण समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में महीनों से फरार चल रहे चर्चित यूट्यूबर मनीष पटेल ने रीवा में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। हाई कोर्ट द्वारा उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने और पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव के बाद उसने सिविल लाइन थाने में यह सरेंडर किया। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने आरोपी मनीष पटेल को रिमांड पर ले लिया है। इस विवाद की शुरुआत 29 जनवरी को हुई थी, जब मनीष ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ब्राह्मण समाज को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी। यह पोस्ट वायरल होने के बाद समाज में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस रिकॉर्ड में 'फरार' होने के बावजूद मनीष, जिसके फेसबुक पर करीब 40 लाख फॉलोअर्स हैं, लगातार नए वीडियो पोस्ट कर रहा था और सार्वजनिक समारोहों में बेखौफ शामिल हो रहा था। साइबर सेल की घेराबंदी और उसकी सभी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद आरोपी के पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और रिमांड के दौरान उससे गहन पूछताछ की जा रही है। उसके लैपटॉप और अन्य डिजिटल गैजेट्स की बरामदगी के लिए छापेमारी भी की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस विवादित पोस्ट को तैयार करने और उसे वायरल कराने में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ बघेली कलाकार मनीष पटेल उर्फ पोकभान को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी कोर्ट परिसर से की गई। पोकभान अपनी अभद्र टिप्पणियों और विवादित वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने के कारण सुर्खियों में रहे हैं। पुलिस ने यह कड़ा कदम तब उठाया जब सोशल मीडिया पर आरोपी द्वारा एक बेहद आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के बाद पिछले 48 घंटों से जिले में भारी सामाजिक तनाव और आक्रोश व्याप्त था। इस पोस्ट के खिलाफ पूरा प्रबुद्ध वर्ग और ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतर आया था। रीवा न्यूज़ मीडिया और वकीलों द्वारा चलाई गई मुहिम के बाद आखिरकार पुलिस को यह सफलता मिली है।1
- रीवा के पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह ने जिले के डभौरा थाना क्षेत्र में एक जन चौपाल का आयोजन किया। यह जन चौपाल स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें पुलिस और समुदाय के बीच सीधा जुड़ाव स्थापित करने पर ज़ोर दिया गया।1
- आगामी त्योहारों के मद्देनजर, मैहर पुलिस ने बुधवार शाम शहर में एक फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च कोतवाली थाना से शुरू होकर घंटाघर, स्टेशन रोड, पुरानी बस्ती, कटनी रोड और ईदगाह क्षेत्र से गुजरा, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना था। इस फ्लैग मार्च में सीएसपी महेंद्र सिंह और थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी सहित अन्य थानों के थाना प्रभारी तथा भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने आम जनता से त्योहारों को शांति और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है, साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- रीवा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गुढ़ पुलिस पर खुलेआम 'लोकतंत्र की हत्या' करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पत्रकार निखिल पाठक ने आरोप लगाया है कि गुढ़ पुलिस ने उनका मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिया और उन्हें घसीटकर गाड़ी में बैठाया। इसे गुढ़ पुलिस का एक 'शर्मशार कृत्य' बताया गया है। पत्रकार निखिल पाठक ने इस घटना के बाद रीवा के पुलिस अधीक्षक को अपनी आपबीती सुनाई और दिखाई। उन्होंने इस दौरान आबकारी, ठेकेदार और पुलिस की 'मनगढ़ंत कहानी' और सच्चाई का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की जाँच कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। यह एक 'बहुत गंभीर विषय' है, जो अब तूल पकड़ता जा रहा है। पोस्ट में चिंता व्यक्त की गई है कि जब 'देश का चौथा स्तंभ ही खतरे में' है, तो आम जनता का क्या होगा और आगे क्या स्थिति बनेगी। यह सवाल भी उठाया गया है कि कप्तान साहब द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद 'यह कार्यवाही कागज तक सीमित रहेगी या न्याय की सलाखों तक पहुँचेगी'।1
- केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर लाठी-पत्थरों से हमला किया गया। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों को घेरा, इस दौरान उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और एक गाड़ी को भी नुकसान पहुँचाया गया। हालांकि, इस हमले के बावजूद ED के अधिकारी सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। यह घटना ED द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के घर और कुल 12 अन्य स्थानों पर की जा रही छापेमारी के दौरान हुई। ED की यह कार्रवाई उनकी बेटी से जुड़े कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मामले से संबंधित है। केरल में 10 जगहों पर तलाशी अभियान के दौरान, CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों के वाहन पर हमला किया।1