देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन अब बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गया है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर हजारों छात्र उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबर है। जंतर-मंतर के बाद अब पटना इस आंदोलन का नया केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार से NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की है।
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन अब बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गया है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर हजारों छात्र उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबर है। जंतर-मंतर के बाद अब पटना इस आंदोलन का नया केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार से NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की है।
- भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र अंतिचक का भवन अत्यंत जर्जर हालत में पहुंच चुका है, जिससे आसपास के इलाकों के ग्रामीणों में हर वक्त हादसे का भय बना हुआ है। बिक्रमशिला विश्वविद्यालय के पास स्थित इस स्वास्थ्य उपकेंद्र में रोजाना लगभग आधा दर्जन महिला प्रसव रोगियों का इलाज किया जाता है, लेकिन भवन की बदहाली के कारण यहां आने वाले मरीज और तैनात कर्मी लगातार खतरे की आशंका के बीच रहने को मजबूर हैं। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों एएनएम सुनीता कुमारी, तनूजा कुमारी, उर्मिला सिन्हा, किरण कुमारी और महिला सुरक्षाकर्मी झूना कुमारी ने बताया कि वे डर-डरकर भगवान भरोसे काम कर रही हैं और यहां कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में अनुमंडल चिकित्सा पदाधिकारी सह प्रभारी डॉ. पवन कुमार गुप्ता जी ने मीडिया को बताया कि स्थिति की पूरी जानकारी जिला स्वास्थ्य समिति भागलपुर को दे दी गई है।1
- सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को अस्पताल में रोक दिया गया है। इस कदम के विरोध में विपक्षी सांसद अस्पताल के गेट पर ही धरने पर बैठ गए हैं।1
- साल 2010 में कांग्रेस सरकार की महंगाई को 'डायन' बताने वाले और 'पंचायत' के जरिये बीजेपी का प्रचार करने वाले रघुबीर यादव की बातें सुनकर पत्थर दिल इंसान भी रो पड़ेगा। इस संदर्भ में तंज कसते हुए कहा गया है कि धीरे-धीरे सभी के भ्रम टूटेंगे। इसके साथ ही यह तीखा सवाल भी उठाया गया है कि क्या अब ED और सीबीआई इनके यहाँ भी जाएगी।1
- सूरत के रियल मैन्युफैक्चरर द्वारा साड़ी का बिज़नेस करने के लिए वायरल और ट्रेंडिंग साड़ियों का कलेक्शन सामने लाया गया है। इसमें सीधे सूरत के असली निर्माताओं से जुड़कर साड़ी व्यापार से संबंधित और ट्रेंडिंग साड़ियों की रेंज पेश की गई है।1
- देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन अब बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गया है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर हजारों छात्र उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबर है। जंतर-मंतर के बाद अब पटना इस आंदोलन का नया केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार से NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की है।1