मैहर में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने देश की परीक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, शिक्षा माफिया पर कठोर कार्रवाई करने तथा छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट मांग की गई है कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और यदि जांच में किसी छात्र की मृत्यु आंदोलन से संबंधित पाई जाती है, तो पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा NEET UG और JEE Main सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी व सुरक्षित प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क पूरी तरह समाप्त करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध भर्ती करने, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने तथा सभी अभ्यर्थियों के प्रांतांक सार्वजनिक करने की बात कही गई है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष एड. विक्रम सूर्यवंशी ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती धांधली ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, इसलिए सरकार को अभ्यर्थियों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक विश्वास को बहाल करने के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए। वहीं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र अहिरवार ने सरकार की नीतियों को छात्र-छात्राओं के हितों के विपरीत बताया। इस दौरान संजीत वर्मा, प्रदीप सूर्यवंशी, दिलीप साकेत, सूरज सूर्यवंशी, विशाल प्रदीप, रामप्रकाश कोल, महेंद्र कोल, रोशनी दीपांकर, दीपक प्रजापति, विजय चौधरी, अजय साकेत, शेखर साकेत और प्रवेश निराला समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मैहर में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने देश की परीक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, शिक्षा माफिया पर कठोर कार्रवाई करने तथा छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट मांग की गई है
कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और यदि जांच में किसी छात्र की मृत्यु आंदोलन से संबंधित पाई जाती है, तो पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा NEET UG और JEE Main सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी व सुरक्षित प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क पूरी तरह समाप्त करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध भर्ती करने, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने तथा सभी अभ्यर्थियों के प्रांतांक सार्वजनिक करने की बात कही गई है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष एड. विक्रम
सूर्यवंशी ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती धांधली ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, इसलिए सरकार को अभ्यर्थियों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक विश्वास को बहाल करने के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए। वहीं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र अहिरवार ने सरकार की नीतियों को छात्र-छात्राओं के हितों के विपरीत बताया। इस दौरान संजीत वर्मा, प्रदीप सूर्यवंशी, दिलीप साकेत, सूरज सूर्यवंशी, विशाल प्रदीप, रामप्रकाश कोल, महेंद्र कोल, रोशनी दीपांकर, दीपक प्रजापति, विजय चौधरी, अजय साकेत, शेखर साकेत और प्रवेश निराला समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- मैहर में कांग्रेस पार्टी की ओर से कैंडल मार्च निकाला गया। इस कैंडल मार्च के माध्यम से जंतर मंतर में शहीद हुए छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई।1
- मैहर जिले की अमरपाटन तहसील अंतर्गत बारी गांव में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग पर बारी लगाकर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, गणेश पटेल और राहुल पटेल द्वारा 22.5 डिसमिल भूमि के अलावा सड़क की लगभग 7 डिसमिल शासकीय जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायत मिली थी। प्रशासन के निर्देश पर तहसीलदार रामदेव साकेत, राजस्व अमले और थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सीमांकन कर संबंधित पक्ष को कब्जा हटाने के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान आपत्ति करने वाले पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई में बाधा डाल रहे लोगों को हिरासत में ले लिया। मामले की जांच जारी है और पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।3
- सतना जिले की उचेहरा थाना पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात अपराध नियंत्रण और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दबिश देकर कुल 17 वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों में 3 से 15 वर्षों से फरार चल रहे 7 स्थायी वारंटी और 10 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। अभियान के दौरान सालों से पुलिस को चकमा दे रहे स्थायी वारंटियों पर शिकंजा कसा गया। इनमें भूरूहुरा निवासी राकेश यादव (15 वर्ष से फरार), मतरी निवासी राजमन सिंह (14 वर्ष से फरार), झुरखुलू निवासी पूरन लाल पटेल (12 वर्ष से फरार), सखौहा खुर्द निवासी महेश कोल (4 वर्ष से फरार), देवार निवासी श्रीराम लोधी (3 वर्ष से फरार) और गढ़ी टोला निवासी मधुसूदन पाण्डेय शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 10 ऐसे आरोपियों को भी दबोचा जिनके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी थे। इनमें दो बार वारंट जारी हो चुके इटहा खोखरा निवासी गोकुल पाल सहित इटहा निवासी रामसजीवन पाल व रामविश्वास पाल, संजय नगर नई बस्ती निवासी अंकित वर्मा, बडखुरा निवासी साजन कछेर, महाराजपुर निवासी लल्लू यादव, खम्हरिया निवासी रामसुजन कोल व सरमन कोल और बसहा मोहल्ला निवासी करन बंशकार शामिल हैं। उचेहरा थाना पुलिस ने रात भर चले इस सघन अभियान के बाद सभी 17 आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की और रविवार को उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया। पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।1
- सतना के चित्रकूट वन परिक्षेत्र अंतर्गत बगदरा घाटी के समीप पिछले करीब एक सप्ताह से एक हिरण का शावक सड़क के आसपास चहलकदमी करता दिखाई दे रहा है। इसकी सूचना मिलने पर चित्रकूट रेंजर ने वन अमले के साथ मौके पर पहुंचकर शावक को जंगल की ओर खदेड़ा। हालांकि, वन विभाग के प्रयासों के बावजूद यह शावक बार-बार जंगल से निकलकर सड़क के आसपास पहुंच जा रहा है। इससे शावक के किसी हादसे का शिकार होने की आशंका बनी हुई है। वन विभाग फिलहाल शावक की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालकों से सावधानी बरतने और वन्यजीव दिखाई देने पर वाहन की गति धीमी रखने की अपील की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- अमरपाटन में संगठन के विरुद्ध सामूहिक रूप से अभद्र भाषा और अनर्गल टिप्पणी किए जाने को लेकर बजरंग दल ने अमरपाटन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुमित मिश्रा को बीती रात जानकारी मिली थी कि एक वाहन ने रास्ते में गाय का एक्सीडेंट कर दिया और इसी दौरान संगठन को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग व गाली-गलौज की गई। इस घटना के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अमरपाटन थाने पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। जिला संयोजक और अमरपाटन प्रखंड अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि टिप्पणी करने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जिला मैहर के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता अमरपाटन थाने के सामने उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।2
- सतना जिले के नादन क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के नाम पर महज छलावा किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इलाके में सफाई को लेकर किए जा रहे दावों पर प्रश्नचिह्न लगाया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में मझगवां वन परिक्षेत्र के अंतर्गत धारकुंडी आश्रम मार्ग पर सोमवार को अचानक एक बाघ दिखाई देने से इलाके में सनसनी फैल गई। जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहे बाघ को वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सड़क पर बाघ की मौजूदगी से इस मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल है, हालांकि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही न करें, बाघ दिखने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें। फिलहाल वायरल वीडियो की पुष्टि करने के साथ ही बाघ की गतिविधियों पर वन विभाग की निगरानी जारी है।1
- माँ शारदा की पवित्र धार्मिक नगरी मैहर में छिपकर मांस पकाने और अवैध रूप से शराब का धंधा चलाने वाले मनोज केसरवानी को रंगे हाथों पकड़ा गया है। पवित्र धरती मैहर, जहाँ माँ शारदा के दर्शन मात्र से पाप कट जाते हैं, वहाँ खुलेआम मर्यादाओं की धज्जियाँ उड़ाई जा रही थीं। धर्म और प्रशासन का कोई खौफ न रखते हुए यह काम छिपकर अंजाम दिया जा रहा था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मैहर जैसी पवित्र धार्मिक नगरी में मांस और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का स्पष्ट आदेश जारी कर रखा है। इसके बावजूद शासन के आदेशों और सनातन धर्म की आस्था को दरकिनार कर इस कलंकित कार्य को अंजाम देने का दुस्साहस किया गया।1