जोधपुर के बोरुंदा क्षेत्र में शुक्रवार अर्धरात्रि को अचानक बदले मौसम ने भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर नुकसान भी पहुँचाया। तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया। हालाँकि, बोरुंदा में एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से एक लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त, दूसरे दिन भी तूफानी और धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप से जनजीवन प्रभावित था। शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और उत्तर-पूर्व दिशा से तेज आंधी चलनी शुरू हो गई, जिसके साथ बारिश और बेर व नीबू के आकार के ओले गिरे। इससे बोरुंदा, पटेल नगर, सोवनिया, गढ़सूरिया, मादलिया, मालावास, लवारी, घोड़ावट, खवासपुरा, पुंदलू, बिटण, महादेव नगर तथा भाकरों की ढाणी सहित कई गाँवों और ढाणियों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बोरुंदा कस्बे के मेड़ता सिटी चौराहे के पास स्थित श्याम कॉलोनी में लालाराम माली के तीन मंजिला मकान पर तेज धमाके के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इससे मकान की तीसरी मंजिल के कमरे की तीन पट्टियाँ टूट गईं और दीवारों में दरारें आ गईं, साथ ही करीब तीन से चार किलो का पट्टी का टुकड़ा टूटकर नीचे गिरा। गनीमत रही कि उस समय वहाँ कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बिजली गिरने से मकान की विद्युतीय वायरिंग जल गई और एलईडी टीवी, फ्रिज, कूलर, मिक्सी सहित कई विद्युत उपकरण खराब हो गए। इस घटना में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर पटवारी नैनाराम खोजा मौके पर पहुँचे और नुकसान का मौका फर्द तैयार किया। यह रिपोर्ट उपखंड अधिकारी नेमाराम चौधरी, पीपाड़ शहर को प्रेषित की गई है।
जोधपुर के बोरुंदा क्षेत्र में शुक्रवार अर्धरात्रि को अचानक बदले मौसम ने भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर नुकसान भी पहुँचाया। तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया। हालाँकि, बोरुंदा में एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से एक लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त, दूसरे दिन भी तूफानी और धूल भरी आंधी ने जनजीवन
को प्रभावित किया। क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप से जनजीवन प्रभावित था। शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और उत्तर-पूर्व दिशा से तेज आंधी चलनी शुरू हो गई, जिसके साथ बारिश और बेर व नीबू के आकार के ओले गिरे। इससे बोरुंदा, पटेल नगर, सोवनिया, गढ़सूरिया, मादलिया, मालावास, लवारी, घोड़ावट, खवासपुरा, पुंदलू, बिटण, महादेव नगर तथा भाकरों की ढाणी सहित कई गाँवों और ढाणियों को गर्मी से राहत मिली। वहीं,
आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बोरुंदा कस्बे के मेड़ता सिटी चौराहे के पास स्थित श्याम कॉलोनी में लालाराम माली के तीन मंजिला मकान पर तेज धमाके के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इससे मकान की तीसरी मंजिल के कमरे की तीन पट्टियाँ टूट गईं और दीवारों में दरारें आ गईं, साथ ही करीब तीन से चार किलो का पट्टी का टुकड़ा टूटकर नीचे गिरा। गनीमत रही कि उस
समय वहाँ कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बिजली गिरने से मकान की विद्युतीय वायरिंग जल गई और एलईडी टीवी, फ्रिज, कूलर, मिक्सी सहित कई विद्युत उपकरण खराब हो गए। इस घटना में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर पटवारी नैनाराम खोजा मौके पर पहुँचे और नुकसान का मौका फर्द तैयार किया। यह रिपोर्ट उपखंड अधिकारी नेमाराम चौधरी, पीपाड़ शहर को प्रेषित की गई है।
- जोधपुर के आदर्श विद्या मंदिर में चल रहे लंदन-पेरिस थीम मेले को आंधी-तूफान के कारण भारी क्षति हुई है। इस घटना में मेले में लगाए गए बड़े-बड़े पंडाल और लंदन-पेरिस थीम पर आधारित सेट नीचे गिर गए। आंधी आने के समय मेले के अंदर काफी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन सभी लोग समय रहते वहां से भागकर बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन द्वारा पहले ही अलर्ट जारी करने के बावजूद आयोजनकर्ताओं ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और मेले को सुचारू रूप से चलने दिया। वहीं, जोधपुरवासी भी इस अलर्ट के बावजूद मेला देखने पहुंचे थे। आयोजनकर्ता की इस घोर लापरवाही के कारण ही एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। इस पोस्ट के माध्यम से सभी से यह निवेदन किया गया है कि प्रशासन की ओर से मिलने वाले किसी भी अलर्ट को गंभीरता से लें, क्योंकि ऐसी लापरवाही कभी भी जान पर भारी पड़ सकती है।1
- जयपुर में चल रहे "भैराणा बचाओ, रीको भगाओ" आंदोलन के दौरान हनुमान बेनीवाल ने अपनी बात खुलकर रखी। इसी आंदोलन में भजनलाल ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि "मेरी दिन में 3 बार माफ़ी मांगने की आदत है"। यह आंदोलन भैराणा क्षेत्र को बचाने और रीको (RIICO) को वहां से हटाने की मांग को लेकर किया जा रहा है।1
- पाली शहर में इस समय अत्यंत दुखद और शोकपूर्ण माहौल व्याप्त है। सर्व हिंदू समाज, पाली द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्टर के अनुसार, क्षेत्र की बेटी कुमकुम के आकस्मिक निधन पर कल, 01 जून 2026, सोमवार को शाम 7:00 बजे सूरजपोल, पाली में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से सर्व हिंदू समाज ने शहरवासियों से इस सभा में जुटने की भावुक अपील की है। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आह्वान सर्व हिंदू समाज पाली, शिव सेना पाली और तखत सिंह सोलंकी सहित विभिन्न स्थानीय संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। आयोजकों ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा है कि 'भगवान शिव पुण्यात्मा कुमकुम जी की आत्मा को शांति प्रदान करें और अपने श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही इस असीम दुख को सहन करने के लिए शोकाकुल परिवार को शक्ति दें।'1
- प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे "वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत रविवार को ब्यावर जिला पुलिस ने जिलेभर में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। जिला मुख्यालय, पुलिस लाइन, सभी थाना परिसरों और अन्य पुलिस कार्यालयों में आयोजित इस विशेष अभियान में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया के सुपरविजन में हुए इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने कार्यालय परिसरों, थाना भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की गहन साफ-सफाई की। अभियान के दौरान प्लास्टिक कचरे, अनुपयोगी सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका उचित निस्तारण किया गया। कई स्थानों पर साफ-सफाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जहाँ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया और इसे जीवन का आधार बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को अपनाने का आह्वान किया। अभियान के तहत यह संदेश भी दिया गया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यह बल दिया गया कि यदि समाज के सभी वर्ग स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर कार्य करें तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर इस जन-अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस प्रशासन 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान की अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता रहेगा, जो जिले में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की एक कड़ी है।2
- पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।1
- राजस्थान के पाली जिले में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदली, जहाँ भीषण गर्मी के बीच 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धूल भरी आंधी ने दस्तक दी। आंधी के तुरंत बाद जिले भर में तेज बारिश का दौर भी शुरू हो गया, जिसने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। पाली शहर के साथ-साथ रोहट और आसपास के अन्य इलाकों से भी भारी आंधी और नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। एहतियात के तौर पर पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, ताकि फॉल्ट या शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसों को टाला जा सके। तेज अंधड़ के कारण शहर के कई स्थानों पर बिजली के पोल, दुकानों के टिन शेड और पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस अचानक हुए मौसमी बदलाव से जहाँ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए क्षेत्र में तेज आंधी का अलर्ट भी जारी किया है।1
- जयपुर में चल रहे "भैराणा बचाओ रीको भगाओ आंदोलन" के दौरान, हनुमान बेनीवाल ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति ने अपने जीवन में जेल यात्रा नहीं की, तो ऐसे जीवन का कोई फायदा नहीं है। यह टिप्पणी आंदोलन के संदर्भ में उनकी प्रतिबद्धता और संघर्ष के लिए तत्परता को दर्शाती है।1
- एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।1
- नेवर के अंदर तेज़ी से तूफान और बारिश का अनुभव किया गया है, जिसकी तीव्रता को 'कलयुग के जैसी आंधी' के समान बताया जा रहा है।1