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आंवलीघाट नर्मदा तट पर निकला मगरमच्छ, ग्रामीणों की सूझबूझ से सुरक्षित रेस्क्यू सिवनी मालवा।आंवलीघाट नर्मदा नदी के प्रसिद्ध आंवलीघाट तट पर सोमवार सुबह एक मगरमच्छ के निकल आने से हड़कंप मच गया। स्थानीय युवक की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीहोर जिले की तरफ से यह मगरमच्छ नर्मदा के गहरे पानी से निकलकर तट के पास सूखी जमीन पर आ गया था। सुबह के समय घाट पर पहुंचे एक युवक की नजर जब इस पर पड़ी तो उसने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई। युवक ने तुरंत अन्य ग्रामीणों को बुलाया और रस्सियों की सहायता से मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से बांधकर एक जगह रोक लिया, जिससे कोई जन-हानि नहीं हुई। मगरमच्छ निकलने की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते आंवलीघाट पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में कौतूहल के साथ-साथ दहशत का माहौल भी बना रहा। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से बंधे हुए मगरमच्छ को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर वाहन से रवाना हो गई।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जल्द ही सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। विभाग ने नर्मदा तट पर आने-जाने वाले लोगों से अपील की है कि नदी किनारे किसी भी वन्यजीव को देखने पर छेड़छाड़ न करें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

14 hrs ago
user_Pramod patel
Pramod patel
Photographer सिवनी-मालवा, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago
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आंवलीघाट नर्मदा तट पर निकला मगरमच्छ, ग्रामीणों की सूझबूझ से सुरक्षित रेस्क्यू सिवनी मालवा।आंवलीघाट नर्मदा नदी के प्रसिद्ध आंवलीघाट तट पर सोमवार सुबह एक मगरमच्छ के निकल आने से हड़कंप मच गया। स्थानीय युवक की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीहोर जिले की तरफ से यह मगरमच्छ नर्मदा के गहरे पानी से निकलकर तट के पास सूखी जमीन पर आ गया था। सुबह के समय घाट पर पहुंचे एक युवक की नजर जब इस पर पड़ी तो उसने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई। युवक ने तुरंत अन्य ग्रामीणों को बुलाया और रस्सियों की सहायता से मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से बांधकर एक जगह रोक लिया, जिससे कोई जन-हानि नहीं हुई। मगरमच्छ निकलने की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते आंवलीघाट पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में कौतूहल के साथ-साथ दहशत का माहौल भी बना रहा। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से बंधे हुए मगरमच्छ को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर वाहन से रवाना हो गई।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जल्द ही सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। विभाग ने नर्मदा तट पर आने-जाने वाले लोगों से अपील की है कि नदी किनारे किसी भी वन्यजीव को देखने पर छेड़छाड़ न करें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

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  • भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधि-विधान से विराजे भगवान गणेश भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधि-विधान से विराजे भगवान गणेश भोपाल, 14 सितंबर 2026। गणेश चतुर्थी के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापित की गई। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया। प्रतिमा स्थापना के साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ। पूजन, आरती और जयघोष के दौरान पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता श्रद्धा और भक्तिभाव में नजर आए। सभी ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। भक्ति संगीत से गूंजा प्रदेश कार्यालय गणेश प्रतिमा स्थापना के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय का वातावरण भक्तिमय हो गया। पंडाल में ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’ की मधुर धुन गूंजती रही। भजन और भगवान गणेश की स्तुति के बीच पदाधिकारी और कार्यकर्ता भक्ति में भावविभोर नजर आए। पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से सराबोर रहा। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश मंत्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, संभाग प्रभारी डॉ. अभय यादव, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, लघु उद्योग निगम अध्यक्ष सत्येन्द्र भूषण सिंह, महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड अध्यक्ष केशव सिंह भदौरिया, योग आयोग अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा सहित पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
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    भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधि-विधान से विराजे भगवान गणेश
भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधि-विधान से विराजे भगवान गणेश
भोपाल, 14 सितंबर 2026। गणेश चतुर्थी के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापित की गई। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।
प्रतिमा स्थापना के साथ ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ। पूजन, आरती और जयघोष के दौरान पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता श्रद्धा और भक्तिभाव में नजर आए। सभी ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की।
भक्ति संगीत से गूंजा प्रदेश कार्यालय
गणेश प्रतिमा स्थापना के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय का वातावरण भक्तिमय हो गया। पंडाल में ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’ की मधुर धुन गूंजती रही। भजन और भगवान गणेश की स्तुति के बीच पदाधिकारी और कार्यकर्ता भक्ति में भावविभोर नजर आए। पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश मंत्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, संभाग प्रभारी डॉ. अभय यादव, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, लघु उद्योग निगम अध्यक्ष सत्येन्द्र भूषण सिंह, महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड अध्यक्ष केशव सिंह भदौरिया, योग आयोग अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा सहित पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
    user_APN News Chainal Hbd
    APN News Chainal Hbd
    होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • थाना सुल्तानपुर पुलिस ने अवैध एवं जहरीली कच्ची शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम कामका में दबिश दी। पुलिस को सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मयूरी गौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की
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    थाना सुल्तानपुर पुलिस ने अवैध एवं जहरीली कच्ची शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम कामका में दबिश दी। पुलिस को सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मयूरी गौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की
    user_PS24NEWS
    PS24NEWS
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    39 min ago
  • किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। पीला मोजेक से सोयाबीन फसल बर्बाद, तत्काल सर्वे की मांग भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, किसानों की समस्याओं पर उठाई आवाज कन्नौद। किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, समर्थन मूल्य पर सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की मांग की गई। संघ ने सैटेलाइट पद्धति को हटाकर क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल नुकसान का मूल्यांकन करने की मांग भी रखी। किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने तथा आयात-निर्यात नीति में सुधार की मांग करते हुए कहा गया कि जब किसानों की फसल खलिहान में आने वाली हो, उस समय आयात नहीं किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जंगली जानवरों से फसल बचाने की मांग किसानों ने रोजड़े, हिरण, जंगली सूअर, बंदर सहित अन्य जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। संघ ने इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल बर्बाद न हो। बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी ज्ञापन में नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत करने, बंदोबस्त की त्रुटियों को दूर करने तथा नक्शे एवं खसरा की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित करने की मांग की गई। किसानों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं। ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलने, जले हुए ट्रांसफार्मर 72 घंटे के भीतर बदलने, खराब केबल, झुके हुए विद्युत पोल एवं तारों को दुरुस्त करने की मांग की गई। अब सवाल यह है कि जब खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल पीला मोजेक और अल्पवृष्टि से खराब हो रही है, तो किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कब शुरू होगा? किसान संघ ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत प्रचार प्रमुख गोवर्धन पाटीदार, जिला सदस्य रामनिवास परमार, भीम सिंह सेंधव, तहसील अध्यक्ष हरिओम मंडलोई, मंत्री मुकेश लोवंशी सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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    किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए।
पीला मोजेक से सोयाबीन फसल बर्बाद, तत्काल सर्वे की मांग
भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, किसानों की समस्याओं पर उठाई आवाज
कन्नौद। किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए।
ज्ञापन में किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, समर्थन मूल्य पर सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की मांग की गई। संघ ने सैटेलाइट पद्धति को हटाकर क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल नुकसान का मूल्यांकन करने की मांग भी रखी।
किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने तथा आयात-निर्यात नीति में सुधार की मांग करते हुए कहा गया कि जब किसानों की फसल खलिहान में आने वाली हो, उस समय आयात नहीं किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
जंगली जानवरों से फसल बचाने की मांग
किसानों ने रोजड़े, हिरण, जंगली सूअर, बंदर सहित अन्य जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। संघ ने इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल बर्बाद न हो।
बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी
ज्ञापन में नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत करने, बंदोबस्त की त्रुटियों को दूर करने तथा नक्शे एवं खसरा की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित करने की मांग की गई।
किसानों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं। ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलने, जले हुए ट्रांसफार्मर 72 घंटे के भीतर बदलने, खराब केबल, झुके हुए विद्युत पोल एवं तारों को दुरुस्त करने की मांग की गई।
अब सवाल यह है कि जब खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल पीला मोजेक और अल्पवृष्टि से खराब हो रही है, तो किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कब शुरू होगा? किसान संघ ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत प्रचार प्रमुख गोवर्धन पाटीदार, जिला सदस्य रामनिवास परमार, भीम सिंह सेंधव, तहसील अध्यक्ष हरिओम मंडलोई, मंत्री मुकेश लोवंशी सहित अनेक  किसान उपस्थित रहे।
    user_Rajendra shreevas
    Rajendra shreevas
    Local News Reporter कन्नौद, देवास, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गंगाजली पूजन श्रद्धा एवं शांति के साथ संपन्न होने के पश्चात जरूरतमंदों को भी कराए गए भोजन- सोहागपुर (नर्मदापुरम) रामगंज वार्ड, सोहागपुर निवासी हमारे प्रिय अजय कुमार कोरी "अज्जू भाई" (प्रॉपर्टी डीलर), सुपुत्र स्वर्गीय श्री सुरेश कोरी जी (टेलर मास्टर) एवं प्रॉपर्टी डीलर श्री अभिषेक कोरी जी के लघु भ्राता का अल्पायु में हृदय गति रुक जाने से असामयिक देह परिवर्तन हो गया था। ईश्वर की ऐसी लीला के समक्ष हम सब निशब्द हैं। हँसमुख, मिलनसार और सबके सुख-दुख में खड़े रहने वाले अज्जू भाई का इस तरह चले जाना पूरे वार्ड के लिए अपूरणीय क्षति है। आज उनकी गंगा जली पूजन "तेरहवीं" का कार्यक्रम श्रद्धा एवं शांति के साथ संपन्न हुआ। इस पुण्य अवसर पर कोरी परिवार द्वारा पुण्य आत्मा की शांति हेतु राम रहीम रोटी बैंक, सोहागपुर के माध्यम से जरूरतमंद भाई-बहनों एवं माँ नर्मदा के परिक्रमावासियों के लिए भोजन प्रसादी भिजवाई गई। राम रहीम रोटी बैंक परिवार दिवंगत पुण्य आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करता है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति 🙏
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    गंगाजली पूजन श्रद्धा एवं शांति के साथ संपन्न होने के पश्चात जरूरतमंदों को भी कराए गए भोजन- 
सोहागपुर (नर्मदापुरम)
रामगंज वार्ड, सोहागपुर निवासी हमारे प्रिय अजय कुमार कोरी "अज्जू भाई" (प्रॉपर्टी डीलर),
सुपुत्र स्वर्गीय श्री सुरेश कोरी जी (टेलर मास्टर) एवं प्रॉपर्टी डीलर श्री अभिषेक कोरी जी के लघु भ्राता का अल्पायु में हृदय गति रुक जाने से असामयिक देह परिवर्तन हो गया था।
ईश्वर की ऐसी लीला के समक्ष हम सब निशब्द हैं। हँसमुख, मिलनसार और सबके सुख-दुख में खड़े रहने वाले अज्जू भाई का इस तरह चले जाना पूरे वार्ड के लिए अपूरणीय क्षति है।
आज उनकी गंगा जली पूजन "तेरहवीं" का कार्यक्रम श्रद्धा एवं शांति के साथ संपन्न हुआ। इस पुण्य अवसर पर कोरी परिवार द्वारा पुण्य आत्मा की शांति हेतु राम रहीम रोटी बैंक, सोहागपुर के माध्यम से जरूरतमंद भाई-बहनों एवं माँ नर्मदा के परिक्रमावासियों के लिए भोजन प्रसादी भिजवाई गई।
राम रहीम रोटी बैंक परिवार दिवंगत पुण्य आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करता है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति 🙏
    user_जमील खान  "राम रहीम रोटी बैंक
    जमील खान "राम रहीम रोटी बैंक
    Voice of people सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सीमांकन हुआ, लेकिन पूर्वजों का मकान कहां गया?आंदोलनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पथराव की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। बोरदेही। ग्राम करोपानी में जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन अब तक मौके पर पहुंचकर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। तीन दिन से ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठे हैं और इसी बीच रात में आंदोलन स्थल पर कथित पथराव की घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। आंदोलनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पथराव की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। सीमांकन हुआ, लेकिन पूर्वजों का मकान कहां गया? ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल विवादित भूमि के सीमांकन को लेकर है। आंदोलनकारियों का दावा है कि मौके पर वर्षों से मौजूद पूर्वजों का बना मकान और पुराने कब्जे की वास्तविक स्थिति सीमांकन दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब मौके पर मकान मौजूद है तो सीमांकन रिपोर्ट में उसका उल्लेख क्यों नहीं है? आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पंचनामा तैयार करते समय भी मौके की पूरी वास्तविक स्थिति दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि वर्षों पुराने कब्जे, मकान और खेती-किसानी से जुड़े तथ्यों को यदि रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया, तो उसी आधार पर आगे की राजस्व कार्रवाई कितनी सही मानी जाए—यह बड़ा सवाल है। फील्ड बुक और सीमांकन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग ग्रामीणों ने सीमांकन रिपोर्ट में कथित काटछांट की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि यदि सीमांकन पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार हुआ है तो फील्ड बुक, सीमांकन नक्शा, पंचनामा और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड सामने रखने में क्या आपत्ति है? आंदोलनकारियों की मांग है कि विवादित जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौके की स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड में कोई अंतर है या नहीं। मामला न्यायालय में विचाराधीन, फिर कार्रवाई की जल्दबाजी क्यों? ग्रामीणों के अनुसार जमीन और कब्जे से जुड़ा विवाद एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। परिवारों की ओर से जमीन पर तीन पीढ़ियों से कब्जे और पैतृक संपत्ति का दावा किया जा रहा है। ऐसे में आंदोलनकारियों का सवाल है कि जब मामला न्यायिक प्रक्रिया में है, तो कब्जा दिलाने अथवा बेदखली से जुड़ी कार्रवाई को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है? ग्रामीणों ने मांग की है कि न्यायालयीन स्थिति स्पष्ट होने तक किसी भी पक्ष के अधिकार प्रभावित न हों और पूरे राजस्व रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पथराव ने बढ़ाई चिंता, आंदोलन स्थल की सुरक्षा पर सवाल भूख हड़ताल के तीसरे दिन रात में कथित पथराव की घटना ने आंदोलनकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने घटना की जांच कर दोषियों का पता लगाने और आंदोलन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। ढाई लाख के कथित लेनदेन की चर्चा भी जांच के घेरे में आंदोलनकारियों के बीच राजनीतिक दबाव और करीब ढाई लाख रुपए के कथित लेनदेन को लेकर भी चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस कथित लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह महज अफवाह है तो जांच से स्थिति साफ हो जाएगी और यदि इसमें कोई तथ्य है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच जरूरी है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी बात रखने गए करोपानी के किसानों पर गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। आंदोलनकारियों ने इन मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब सवाल सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता का भी है। भूख हड़ताल तीसरे दिन में पहुंच चुकी है, पथराव की घटना सामने आ चुकी है और ग्रामीण दस्तावेजों की जांच की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि मौके की वास्तविक स्थिति, सीमांकन रिपोर्ट, फील्ड बुक, पंचनामा और न्यायालयीन रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाए।
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    सीमांकन हुआ, लेकिन पूर्वजों का मकान कहां गया?आंदोलनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पथराव की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

बोरदेही। ग्राम करोपानी में जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन अब तक मौके पर पहुंचकर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। तीन दिन से ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठे हैं और इसी बीच रात में आंदोलन स्थल पर कथित पथराव की घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। आंदोलनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पथराव की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
सीमांकन हुआ, लेकिन पूर्वजों का मकान कहां गया?
ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल विवादित भूमि के सीमांकन को लेकर है। आंदोलनकारियों का दावा है कि मौके पर वर्षों से मौजूद पूर्वजों का बना मकान और पुराने कब्जे की वास्तविक स्थिति सीमांकन दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब मौके पर मकान मौजूद है तो सीमांकन रिपोर्ट में उसका उल्लेख क्यों नहीं है?
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पंचनामा तैयार करते समय भी मौके की पूरी वास्तविक स्थिति दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि वर्षों पुराने कब्जे, मकान और खेती-किसानी से जुड़े तथ्यों को यदि रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया, तो उसी आधार पर आगे की राजस्व कार्रवाई कितनी सही मानी जाए—यह बड़ा सवाल है।
फील्ड बुक और सीमांकन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
ग्रामीणों ने सीमांकन रिपोर्ट में कथित काटछांट की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि यदि सीमांकन पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार हुआ है तो फील्ड बुक, सीमांकन नक्शा, पंचनामा और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड सामने रखने में क्या आपत्ति है?
आंदोलनकारियों की मांग है कि विवादित जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौके की स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड में कोई अंतर है या नहीं।
मामला न्यायालय में विचाराधीन, फिर कार्रवाई की जल्दबाजी क्यों?
ग्रामीणों के अनुसार जमीन और कब्जे से जुड़ा विवाद एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। परिवारों की ओर से जमीन पर तीन पीढ़ियों से कब्जे और पैतृक संपत्ति का दावा किया जा रहा है। ऐसे में आंदोलनकारियों का सवाल है कि जब मामला न्यायिक प्रक्रिया में है, तो कब्जा दिलाने अथवा बेदखली से जुड़ी कार्रवाई को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि न्यायालयीन स्थिति स्पष्ट होने तक किसी भी पक्ष के अधिकार प्रभावित न हों और पूरे राजस्व रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
पथराव ने बढ़ाई चिंता, आंदोलन स्थल की सुरक्षा पर सवाल
भूख हड़ताल के तीसरे दिन रात में कथित पथराव की घटना ने आंदोलनकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने घटना की जांच कर दोषियों का पता लगाने और आंदोलन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
ढाई लाख के कथित लेनदेन की चर्चा भी जांच के घेरे में
आंदोलनकारियों के बीच राजनीतिक दबाव और करीब ढाई लाख रुपए के कथित लेनदेन को लेकर भी चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस कथित लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह महज अफवाह है तो जांच से स्थिति साफ हो जाएगी और यदि इसमें कोई तथ्य है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी बात रखने गए करोपानी के किसानों पर गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। आंदोलनकारियों ने इन मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब सवाल सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता का भी है। भूख हड़ताल तीसरे दिन में पहुंच चुकी है, पथराव की घटना सामने आ चुकी है और ग्रामीण दस्तावेजों की जांच की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि मौके की वास्तविक स्थिति, सीमांकन रिपोर्ट, फील्ड बुक, पंचनामा और न्यायालयीन रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाए।
    user_जिला ब्यूरो बैतूल
    जिला ब्यूरो बैतूल
    Salesperson बैतूल नगर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • न्यूज़ कोलार की धड़कन भोपाल ऋषि पंचमी की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं आज पूरे भारतवर्ष में सप्त ऋषियों की पूजा की जाती है एवं ऋषि पंचमी का उत्सव मनाया जाता है सभी को ऋषि पंचमी की पावन पर्व पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएं
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    न्यूज़ कोलार की धड़कन भोपाल 
ऋषि पंचमी की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं
आज पूरे भारतवर्ष में सप्त ऋषियों की पूजा की जाती है एवं ऋषि पंचमी का उत्सव मनाया जाता है सभी को ऋषि पंचमी की पावन पर्व पर हार्दिक बधाई शुभकामनाएं
    user_कोलार की धड़कन
    कोलार की धड़कन
    Voice of people कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • शहर में गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडाल की विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। पंडाल की लाइट काटे जाने के बाद मामला बढ़ गया और पार्षद शीतल गेहलोत अपनी टीम के साथ देवास कोतवाली पहुंचीं। गणेश पंडाल की लाइट काटने पर विवाद, पार्षद शीतल गेहलोत टीम के साथ कोतवाली पहुंचे देवास। शहर में गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडाल की विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। पंडाल की लाइट काटे जाने के बाद मामला बढ़ गया और पार्षद शीतल गेहलोत अपनी टीम के साथ देवास कोतवाली पहुंचीं। बताया जा रहा है कि गणेश पंडाल में रोशनी के लिए लगी विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद हुआ। लाइट काटे जाने से नाराज पार्षद और समिति से जुड़े लोग कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब सवाल यह उठ रहा है कि गणेश उत्सव के दौरान पंडाल की विद्युत व्यवस्था आखिर किस वजह से काटी गई और इसकी अनुमति या कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई? पुलिस द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
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    शहर में गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडाल की विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। पंडाल की लाइट काटे जाने के बाद मामला बढ़ गया और पार्षद शीतल गेहलोत अपनी टीम के साथ देवास कोतवाली पहुंचीं।

गणेश पंडाल की लाइट काटने पर विवाद, पार्षद शीतल गेहलोत टीम के साथ कोतवाली पहुंचे
देवास। शहर में गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडाल की विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। पंडाल की लाइट काटे जाने के बाद मामला बढ़ गया और पार्षद शीतल गेहलोत अपनी टीम के साथ देवास कोतवाली पहुंचीं।
बताया जा रहा है कि गणेश पंडाल में रोशनी के लिए लगी विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद हुआ। लाइट काटे जाने से नाराज पार्षद और समिति से जुड़े लोग कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब सवाल यह उठ रहा है कि गणेश उत्सव के दौरान पंडाल की विद्युत व्यवस्था आखिर किस वजह से काटी गई और इसकी अनुमति या कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई? पुलिस द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
    user_Rajendra shreevas
    Rajendra shreevas
    Local News Reporter कन्नौद, देवास, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • भोपाल में शिवराज सिंह चौहान ने देखी फिल्म हनुमान अंश, बड़ी संख्या में रामधुन गाते साधु संत भी पहुंचे थिएटर नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश को देखने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पत्नी साधना सिंह तमाम कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म देखने पहुंचे फिल्म देखने के बाद जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा बहुत दिन बाद आए, लेकिन आत्मा तृप्त हो गई...हनुमान जी की कृपा बरसी भगवान राम की भी कृपा बरसी... बाबा नीमकरोली की कृपा तो है ही जो भगवान के भक्त और अंश हैं....करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा के केंद्र है..जो भगवान हनुमान के भक्त और उनसे हैं बहुत दिनों बाद अपनी संस्कृति और आस्थाओं पर आधारित पिक्चर देखी बहुत अच्छा लगा। वही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद शहर भर के साधु संत भी फिल्म देखने पहुंचे। उससे पहले सभी संत बोर्ड ऑफिस चौराहे पर एकत्रित हुए जहां से रैली की शक्ल में राम धुन गाते हुए वह थिएटर पहुंचे उनके जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। बाईट - शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय कृषि मंत्री
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    भोपाल में शिवराज सिंह चौहान ने देखी फिल्म हनुमान अंश, बड़ी संख्या में रामधुन गाते साधु संत भी पहुंचे थिएटर

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश को देखने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पत्नी साधना सिंह तमाम कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म देखने पहुंचे फिल्म देखने के बाद जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा
बहुत दिन बाद आए, लेकिन आत्मा तृप्त हो गई...हनुमान जी की कृपा  बरसी भगवान राम की भी कृपा बरसी... बाबा नीमकरोली की कृपा तो है ही जो भगवान  के भक्त और अंश हैं....करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा के केंद्र है..जो भगवान हनुमान के भक्त और उनसे हैं बहुत दिनों बाद अपनी संस्कृति और आस्थाओं पर आधारित पिक्चर देखी बहुत अच्छा लगा। वही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद शहर भर के साधु संत भी फिल्म देखने पहुंचे। उससे पहले सभी संत बोर्ड ऑफिस चौराहे पर एकत्रित हुए जहां से रैली की शक्ल में राम धुन गाते हुए वह थिएटर पहुंचे उनके जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। 
बाईट - शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय कृषि मंत्री
    user_Madeeha khan
    Madeeha khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    26 min ago
  • बरसाली स्टेशन के पास जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस में एक्सल ओवरहीटिंग से निकला धुआं, यात्रियों में मचा हड़कंप
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    बरसाली स्टेशन के पास जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस में एक्सल ओवरहीटिंग से निकला धुआं, यात्रियों में मचा हड़कंप
    user_AMLA NEWS
    AMLA NEWS
    आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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