किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। पीला मोजेक से सोयाबीन फसल बर्बाद, तत्काल सर्वे की मांग भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, किसानों की समस्याओं पर उठाई आवाज कन्नौद। किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, समर्थन मूल्य पर सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की मांग की गई। संघ ने सैटेलाइट पद्धति को हटाकर क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल नुकसान का मूल्यांकन करने की मांग भी रखी। किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने तथा आयात-निर्यात नीति में सुधार की मांग करते हुए कहा गया कि जब किसानों की फसल खलिहान में आने वाली हो, उस समय आयात नहीं किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जंगली जानवरों से फसल बचाने की मांग किसानों ने रोजड़े, हिरण, जंगली सूअर, बंदर सहित अन्य जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। संघ ने इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल बर्बाद न हो। बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी ज्ञापन में नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत करने, बंदोबस्त की त्रुटियों को दूर करने तथा नक्शे एवं खसरा की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित करने की मांग की गई। किसानों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं। ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलने, जले हुए ट्रांसफार्मर 72 घंटे के भीतर बदलने, खराब केबल, झुके हुए विद्युत पोल एवं तारों को दुरुस्त करने की मांग की गई। अब सवाल यह है कि जब खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल पीला मोजेक और अल्पवृष्टि से खराब हो रही है, तो किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कब शुरू होगा? किसान संघ ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत प्रचार प्रमुख गोवर्धन पाटीदार, जिला सदस्य रामनिवास परमार, भीम सिंह सेंधव, तहसील अध्यक्ष हरिओम मंडलोई, मंत्री मुकेश लोवंशी सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। पीला मोजेक से सोयाबीन फसल बर्बाद, तत्काल सर्वे की मांग भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, किसानों की समस्याओं पर उठाई आवाज कन्नौद। किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर
किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, समर्थन मूल्य पर सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की मांग की गई। संघ ने सैटेलाइट पद्धति को हटाकर क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल नुकसान का मूल्यांकन करने की मांग भी रखी। किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने तथा आयात-निर्यात नीति में सुधार की मांग करते हुए कहा गया कि जब किसानों की फसल खलिहान में आने वाली हो, उस समय आयात नहीं किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जंगली जानवरों से फसल बचाने की मांग किसानों ने रोजड़े, हिरण, जंगली सूअर, बंदर सहित अन्य जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। संघ ने इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार
फसल बर्बाद न हो। बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी ज्ञापन में नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत करने, बंदोबस्त की त्रुटियों को दूर करने तथा नक्शे एवं खसरा की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित करने की मांग की गई। किसानों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं। ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलने, जले हुए ट्रांसफार्मर 72 घंटे के भीतर बदलने, खराब केबल, झुके हुए विद्युत पोल एवं तारों को दुरुस्त करने की मांग की गई। अब सवाल यह है कि जब खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल पीला मोजेक और अल्पवृष्टि से खराब हो रही है, तो किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कब शुरू होगा? किसान संघ ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत प्रचार प्रमुख गोवर्धन पाटीदार, जिला सदस्य रामनिवास परमार, भीम सिंह सेंधव, तहसील अध्यक्ष हरिओम मंडलोई, मंत्री मुकेश लोवंशी सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
- किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। पीला मोजेक से सोयाबीन फसल बर्बाद, तत्काल सर्वे की मांग भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, किसानों की समस्याओं पर उठाई आवाज कन्नौद। किसानों की विभिन्न समस्याओं और सोयाबीन की फसल में फैल रहे पीला मोजेक रोग एवं अल्पवृष्टि से हो रहे नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ (भाकिसं) कन्नौद तहसील इकाई ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंगलवार दोपहर 2 बजे ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने मांग की कि खराब हो रही सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को उचित राहत एवं मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, समर्थन मूल्य पर सोयाबीन एवं मक्का की खरीदी सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की मांग की गई। संघ ने सैटेलाइट पद्धति को हटाकर क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल नुकसान का मूल्यांकन करने की मांग भी रखी। किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने तथा आयात-निर्यात नीति में सुधार की मांग करते हुए कहा गया कि जब किसानों की फसल खलिहान में आने वाली हो, उस समय आयात नहीं किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। जंगली जानवरों से फसल बचाने की मांग किसानों ने रोजड़े, हिरण, जंगली सूअर, बंदर सहित अन्य जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। संघ ने इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल बर्बाद न हो। बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी ज्ञापन में नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण समय-सीमा में निराकृत करने, बंदोबस्त की त्रुटियों को दूर करने तथा नक्शे एवं खसरा की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित करने की मांग की गई। किसानों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं। ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदलने, जले हुए ट्रांसफार्मर 72 घंटे के भीतर बदलने, खराब केबल, झुके हुए विद्युत पोल एवं तारों को दुरुस्त करने की मांग की गई। अब सवाल यह है कि जब खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल पीला मोजेक और अल्पवृष्टि से खराब हो रही है, तो किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कब शुरू होगा? किसान संघ ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत प्रचार प्रमुख गोवर्धन पाटीदार, जिला सदस्य रामनिवास परमार, भीम सिंह सेंधव, तहसील अध्यक्ष हरिओम मंडलोई, मंत्री मुकेश लोवंशी सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।3
- जानलेवा सफर प्रशासन क्यों बेखबर।ड्रम वाली नांव पर रस्सी से बांध कर नदी का करना पड़ रहा जानलेवा सफर ड्रम के जुगाड़ वाली नाव, जोखिम वाला सफर। जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण। मंदसौर से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित ,दमदम गांव में आज भी ग्रामीण, मूलभूत सुविधा के अभाव में ,अपनी जान जोखिम में डालकर सोमली नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने नदी पार करने के लिए चार ड्रम ,और लकड़ी की मदद से एक जुगाड़ वाली नाव, तैयार कर रखी है। इसी नाव के सहारे दमदम, आक्या सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण, रोजाना नदी पार कर अपने खेतों तक पहुंचते हैं। किसी भी दिन बड़ी घटना होने की संभावना बनी रहती है।हालात का तत्काल प्रभाव से जायजा लेते हुए जिला प्रशासन को समय रहते ध्यान देना चाहिए ।अब देखना यह है कि, आखिर ग्रामिणो को जोखिम भरे नाव के सफ़र से छुटकारा कब मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। जानलेवा सफर क्या बड़ी घटना का है इंतजार, प्रशासन सुस्त1
- *छिपानेर घाट पर रेड, अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त पनडुब्बी पकड़ी गई* *खनिज विभाग विभाग की मिलीभगत से बगैर रायल्टी चोरी हो रही है नर्मदा नदी से उत्खनन कर रेत चोरी। तीन साल से बंद है खदान *नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन पर पुलिस का शिकंजा* *छिपानेर घाट पर रेड, अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त पनडुब्बी पकड़ी गई* हरदा/करताना- पुलिस अधीक्षक जिला हरदा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला हरदा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), टिमरनी के मार्गदर्शन में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना टिमरनी एवं पुलिस चौकी करताना द्वारा छिपानेर घाट, नर्मदा नदी पर कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त एक पनडुब्बी पकड़ी गई। *छिपानेर घाट पर पुलिस की रेड कार्रवाई* थाना प्रभारी टिमरनी निरीक्षक मुकेश गौड के नेतृत्व में पुलिस चौकी करताना की टीम के साथ छिपानेर घाट, नर्मदा नदी क्षेत्र में कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान नदी में अवैध रेत उत्खनन के लिए प्रयुक्त एक पनडुब्बी पुलिस के हाथ लगी। पुलिस टीम द्वारा मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उक्त पनडुब्बी को जप्त किया कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई । *अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी* नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन करने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं उनके संसाधनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।4
- देवास पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार' : जुए के बड़े ठिकाने पर छापा, 14 आरोपी गिरफ्तार !1
- वेस्ट समाज का महासम्मेलन पांच जिलों से भी आए लोग गूंज उठा नारों से1
- पुनासा/मुंदी अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की दुखद मौत, परिवार में पसरा मातम मुंदी थाना क्षेत्र की बीड़ चौकी अंतर्गत ग्राम भैसावा और सहेजला के बीच बीती रात करीब 8 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार अरुण पिता भगवान सिंह राजपूत (55 वर्ष), निवासी सहेजला, बाइक से गोराडिया से अपने गांव सहेजला लौट रहे थे। इसी दौरान भैसावा और सहेजला के बीच अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में अरुण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल अरुण सिंह को उपचार के लिए मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर आरक्षक नरेंद्र यादव भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि अरुण सिंह हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके निधन की खबर से सहेजला सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर है। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। अरुण सिंह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- सीहोर क़े गणेश मंदिर मे उमड़ा जन सैलाब बारिश भी आस्था को नही डिगा पाई। लोकेशन सीहोर हेमन्त त्रिपाठी सिद्धपुर गणेशोत्सव अपार श्रद्धा और अनोखी परंपरा, विक्रमादित्य कलीम मंदिर में लोगो की अटूट श्रद्धा सिद्धपुर (सीहोर) में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के 10 दिवसीय गणेश उत्सव का भव्य शुभारंभ हो चुका है। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी और मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। विक्रमादित्य कालीन इस अति प्राचीन मंदिर में इस खास अवसर पर भगवान गणेश का आकर्षक रजत (चांदी) श्रृंगार किया गया है। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के इस केंद्र में मंदिर की दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाकर मनोकामना मांगने की अनोखी परंपरा है, जहाँ हर भक्त अपनी मन्नत लेकर पहुँचता है।2
- शहर में गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडाल की विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। पंडाल की लाइट काटे जाने के बाद मामला बढ़ गया और पार्षद शीतल गेहलोत अपनी टीम के साथ देवास कोतवाली पहुंचीं। गणेश पंडाल की लाइट काटने पर विवाद, पार्षद शीतल गेहलोत टीम के साथ कोतवाली पहुंचे देवास। शहर में गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडाल की विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। पंडाल की लाइट काटे जाने के बाद मामला बढ़ गया और पार्षद शीतल गेहलोत अपनी टीम के साथ देवास कोतवाली पहुंचीं। बताया जा रहा है कि गणेश पंडाल में रोशनी के लिए लगी विद्युत व्यवस्था को लेकर विवाद हुआ। लाइट काटे जाने से नाराज पार्षद और समिति से जुड़े लोग कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब सवाल यह उठ रहा है कि गणेश उत्सव के दौरान पंडाल की विद्युत व्यवस्था आखिर किस वजह से काटी गई और इसकी अनुमति या कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई? पुलिस द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।2