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वेस्ट समाज का महासम्मेलन पांच जिलों से भी आए लोग गूंज उठा नारों से
Pipalrawan News
वेस्ट समाज का महासम्मेलन पांच जिलों से भी आए लोग गूंज उठा नारों से
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- जानलेवा सफर प्रशासन क्यों बेखबर।ड्रम वाली नांव पर रस्सी से बांध कर नदी का करना पड़ रहा जानलेवा सफर ड्रम के जुगाड़ वाली नाव, जोखिम वाला सफर। जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण। मंदसौर से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित ,दमदम गांव में आज भी ग्रामीण, मूलभूत सुविधा के अभाव में ,अपनी जान जोखिम में डालकर सोमली नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने नदी पार करने के लिए चार ड्रम ,और लकड़ी की मदद से एक जुगाड़ वाली नाव, तैयार कर रखी है। इसी नाव के सहारे दमदम, आक्या सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण, रोजाना नदी पार कर अपने खेतों तक पहुंचते हैं। किसी भी दिन बड़ी घटना होने की संभावना बनी रहती है।हालात का तत्काल प्रभाव से जायजा लेते हुए जिला प्रशासन को समय रहते ध्यान देना चाहिए ।अब देखना यह है कि, आखिर ग्रामिणो को जोखिम भरे नाव के सफ़र से छुटकारा कब मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। जानलेवा सफर क्या बड़ी घटना का है इंतजार, प्रशासन सुस्त1
- भगवान श्री देवनारायण की कथा मैं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए हाटपिपल्या,ग्राम शादीपुरा में भगवान श्री देवनारायण सप्तम दिवस की कथा का समापन हुआ शोभा यात्रा के साथ झूमते गाते भक्त जन भगवान श्री देवनारायण एवं कथा वाचक श्री धर्मेंद्र सिंह जी भगत का पूरे गांव में घर-घर स्वागत सम्मान कर भगवान देवनारायण की पोथी का पूजन किया तथा भगवान श्री देवनारायण कथा, सेवा समिति ने लगातार 5 वर्ष श्री देवनारायण कथा करवाने का संकल्प लिया4
- अमीर vs गरीब बच्चों की पढ़ाई का सचक्या सबका हक बराबर नहीं 💔 #shorts #rte इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं! Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts1
- डेढ़ करोड़ की सीसी रोड दो साल में बदहाल, गड्ढों और कीचड़ से गुजर रहे स्कूली बच्चे और मरीज डेढ़ करोड़ की सीसी रोड दो साल में बदहाल, गड्ढों और कीचड़ से गुजर रहे स्कूली बच्चे और मरीज हरणगांव, देवास। हरणगांव में बस स्टैंड से हाईस्कूल, शासकीय अस्पताल और आदिवासी बालक छात्रावास तक बनाई गई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की सीसी रोड महज दो साल में बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा हो रहा है, जिससे ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब दो वर्ष पहले इस मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब कई जगह सड़क की गिट्टी उखड़ने लगी है और बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी इसी मार्ग से हाईस्कूल और आदिवासी छात्रावास जाने वाले विद्यार्थी रोजाना गुजरते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि करीब डेढ़ किलोमीटर के इस मार्ग पर बारिश के दौरान कीचड़ और पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। इससे उनके जूते-चप्पल और स्कूल ड्रेस तक खराब हो जाते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति का असर अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों पर भी पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों और पानी से बचकर निकलना पड़ रहा है। घटिया निर्माण का आरोप, जांच की मांग सरपंच प्रतिनिधि रवि अग्रवाल ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क दो साल में ही खराब हो गई, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। ग्राम पंचायत की ओर से पूर्व में सीएम हेल्पलाइन पर भी सड़क निर्माण में लापरवाही को लेकर शिकायत किए जाने की बात कही गई है। अब ग्रामीण सड़क की स्थिति सुधारने के साथ-साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सवाल यह है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क दो साल में ही बदहाल क्यों हो गई? ग्रामीणों को अब प्रशासन की जांच और सड़क की मरम्मत का इंतजार है।1
- इंदौर कमिश्नर से निवेदन करना चाहता हूं लोडिंग वालों के ऊपर सख्त कार्रवाई होना चाहिए पीछे नंबर प्लेट नहीं लोडिंग में तो राइट साइड में गाड़ी ठोक रहे लोडिंग वाले उनके ऊपर कड़ी से कभी कार्रवाई होना चाहिए1
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